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  • बिहार में मतदाता सूची विवाद, अमित मालवीय ने राहुल गांधी की वोटर यात्रा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

    बिहार में मतदाता सूची विवाद, अमित मालवीय ने राहुल गांधी की वोटर यात्रा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

    बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की। वरिष्ठ भाजपा नेता और IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के संबंध में एक भी शिकायत या आपत्ति नहीं दर्ज की। उन्होंने राहुल गांधी की ‘Voter Rights Yatra’ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया और इसे “वोट चोरी” का झूठा प्रचार करार दिया।

    अमित मालवीय का आरोप

    अमित मालवीय ने X पर लिखा कि चुनाव आयोग ने बिहार में SIR प्रक्रिया पूरी की और अंतिम मतदाता सूची जारी की। यह ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस ने एक भी शिकायत या आपत्ति नहीं की। उन्होंने राहुल गांधी के दौरे को अवैध प्रवासियों की रक्षा और जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया। मालवीय ने कहा कि यह रणनीति सीधे जॉर्ज सोरोस की किताब से ली गई है, जिससे कांग्रेस की हार को छुपाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों के विश्वास को कमजोर करने की साजिश की जा रही है।

    बिहार में मतदाता सूची विवाद, अमित मालवीय ने राहुल गांधी की वोटर यात्रा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

    कांग्रेस का विरोध

    बिहार कांग्रेस प्रमुख राजेश राम ने SIR प्रक्रिया को शुरू से ही धोखाधड़ी बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया न तो जनता की मांग पर हुई थी और न ही राजनीतिक पार्टियों की। इसके बावजूद इसे लापरवाही और अस्पष्टता के साथ किया गया। उन्होंने कहा कि इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं और उनके कार्यकर्ता पूरे राज्य में जांच करेंगे कि कितने नाम हटाए या जोड़े गए। राजेश राम ने स्पष्ट किया कि यह मामला यहीं खत्म नहीं होगा।

    4.7 लाख मतदाताओं की हटाई गई सूची

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त ग्यानेश कुमार ने अंतिम मतदाता सूची जारी होने पर मतदाताओं, राजनीतिक पार्टियों और अन्य हितधारकों का धन्यवाद किया। अंतिम सूची में कुल 7.42 करोड़ मतदाता हैं, जबकि 24 जून को यह संख्या 7.89 करोड़ थी। इसका मतलब है कि लगभग 47 लाख मतदाता सूची से हटाए गए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने इस पर सवाल उठाते हुए लिखा कि ये 47 लाख मतदाता कौन हैं। चुनाव आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि इनमें से कितने अन्य राज्यों में चले गए, कितने मृत हैं और कितने नकली मतदाता हैं।

    पारदर्शिता और लोकतंत्र का मुद्दा

    इस विवाद ने बिहार में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा ने कांग्रेस की आलोचना की तो कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र में धांधली बताया। मतदाता सूची में बदलाव, लाखों मतदाताओं के हटाए जाने और आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। अब जनता और मीडिया इस पर ध्यान दे रहे हैं कि चुनाव आयोग इस मुद्दे को किस तरह संभालेगा और अपनी विश्वसनीयता को कैसे बनाए रखेगा।

  • दीपेंद्र हुड्डा ने कहा MSP पर किसानों को बोनस चाहिए, चुनावी वादे और सरकारी खरीद में बड़ा फासला नजर आया

    दीपेंद्र हुड्डा ने कहा MSP पर किसानों को बोनस चाहिए, चुनावी वादे और सरकारी खरीद में बड़ा फासला नजर आया

    पानीपत, 28 सितंबर। सांसद दीपेंद्र हुड्डा आज समालखा के कई सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हरियाणा का किसान बाढ़ की मार से उबर भी नहीं पाया कि अब उसे सरकारी मार ने अपनी चपेट में ले लिया। सरकार ने बड़े-बड़े वादे तो किए लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह नाकाम रही। सरकारी खरीद बंद रहने से किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार किसान और मंडी तंत्र को बर्बाद करने पर तुली हुई है। मंडियों में सरकारी खरीद न होने के कारण किसानों को अपनी धान 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल कम रेट पर बेचनी पड़ रही है। नमी का बहाना बनाकर सरकारी एजेंसियाँ खरीद से इनकार कर रही हैं, जिससे किसानों को कई दिन-रात इंतज़ार करना पड़ रहा है। दीपेन्द्र हुड्डा ने मांग करी कि किसानों से MSP पर खरीद के साथ उन्हें बोनस दिया जाए।

    दीपेंद्र हुड्डा ने कहा MSP पर किसानों को बोनस चाहिए, चुनावी वादे और सरकारी खरीद में बड़ा फासला नजर आया

    दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी ने चुनाव से पहले धान के किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल का रेट देने का वादा किया था, लेकिन न पिछले सीजन में और न ही इस सीजन में यह वादा पूरा हुआ। आज प्रदेश की मंडियों में धान की आवक तेज़ है, लेकिन खरीद न होने से किसान भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। धान, बाजरा, कपास और अन्य फसलों की सरकारी खरीद समय पर न होने से किसान मंडियों में भटक रहे हैं। उपज बिकने की जगह खुले आसमान के नीचे खराब हो रही है। कई जगह पोर्टल पर वेरिफिकेशन न होने के कारण गेट पास नहीं बन पा रहे हैं। कहीं राइस मिलर्स के रजिस्ट्रेशन न होने की वजह से दिक्कत आ रही है। इस सारी व्यवस्था का बिचौलिये उठा रहे हैं। 2,369 रुपये MSP की धान को 1,900 से 2,000 रुपये प्रति क्विंटल के रेट पर खरीदा जा रहा है।

    दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि भारतीय उत्पादों पर 50% अमेरिकी टैरिफ का जवाब देने की बजाय बीजेपी सरकार ने विदेशी कपास पर 11% आयात शुल्क को ख़त्म करके अमेरिका और विदेशी कंपनियों को खुश तो कर दिया लेकिन भारतीय किसानों की पीठ में छुरा मार दिया है। स्वदेशी का नारा लगाने वाली बीजेपी सरकार किसानों की नहीं, बल्कि बड़े पूंजीपतियों और विदेशी कंपनियों की जेब भरने के लिए काम कर रही है। उन्होंने मांग करी कि विदेशी कपास पर 11% इम्पोर्ट ड्यूटी वापस बहाल की जाए। टेक्सटाइल इंडस्ट्री को घरेलू कपास खरीदने के लिए बाध्यकारी नीति बनाई जाए। हरियाणा, पंजाब समेत सभी राज्यों के कपास किसानों को MSP गारंटी मिले, सरकारी खरीद हो।

  • अंबाला जेल से दिनदहाड़े बंदी फरार, हेड वार्डन दिलीप और वार्डन गौरव सस्पेंड, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

    अंबाला जेल से दिनदहाड़े बंदी फरार, हेड वार्डन दिलीप और वार्डन गौरव सस्पेंड, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

    अंबाला सेंट्रल जेल से शनिवार दोपहर एक बंदी दिनदहाड़े फरार हो गया। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और लापरवाही बरतने पर हेड वार्डन दिलीप व वार्डन गौरव को निलंबित कर दिया गया है। मामले की आगे जांच की जा रही है।

    फरार हुए बंदी की पहचान बिहार के जिला किशनगंज निवासी अजय कुमार के रूप में हुई है। वह पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में बंद था। यह घटना पिछले 45 दिनों में दूसरी बार हुई है जब अंबाला सेंट्रल जेल से कोई आरोपी भागने में सफल हुआ। इससे पहले अगस्त में भी एक कैदी इस जेल से फरार हो चुका है।

    जानकारी के अनुसार शनिवार करीब 3 बजे जेल परिसर में चल रहे कारखाने को बंद करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान गिनती में पता चला कि अजय गायब है। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि उसने पहले कारखाने की छोटी दीवार फांदी, फिर 18 फुट ऊंचे बिजली के खंभे पर चढ़ा और तारों के सहारे मुख्य दीवार लांघकर बाहर निकल गया।

    अंबाला जेल से दिनदहाड़े बंदी फरार, हेड वार्डन दिलीप और वार्डन गौरव सस्पेंड, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

    पावर कट की वजह हुआ भागने में कामयाब

    जेल प्रशासन ने तुरंत सभी गेट बंद कर तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन बंदी हाथ नहीं आया। जेल पर लगातार हो रही बिजली कटौती का फायदा उठाकर कैदी अजय फरार हो गया। अधिकारियों ने माना कि यह सुरक्षा में गंभीर चूक है और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    पहला पकड़ नहीं गया दूसरा भाग गया

    13 अगस्त को सेंट्रल जेल से पंचकूला का ही एक आरोपित जिस पर धार्मिक स्थल पर अश्लील हरकत करने का आरोप था वह फरार हुआ था। अभी तक जिला पुलिस सुखबीर कालिया का पता नहीं लगा पाई थी कि अब दूसरी वारदात हो गई। सुखबीर कालिया को 12 अगस्त को सेंट्रल जेल भेजा गया था। लेकिन अगली ही शाम, 13 अगस्त को गिनती के वक्त पता चला कि बंदी जेल से गायब है।

    सुखबीर कालिया प्रकरण में दो कर्मियों को सस्पेंड भी किया गया था और डीएसपी का तबादला भी कर दिया गया था लेकिन सुरक्षा इसके बाद भी पुख्ता नहीं हुई।

  • अनिल विज और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की बैठक, राज्य की प्रमुख परियोजनाओं और नई योजनाओं पर चर्चा

    अनिल विज और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की बैठक, राज्य की प्रमुख परियोजनाओं और नई योजनाओं पर चर्चा

    हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने रविवार को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनके निवास पर शिष्टाचार भेंट की।

    यह मुलाकात पार्टी और सरकार के बीच तालमेल को और मजबूत करने के साथ-साथ हरियाणा में विकास योजनाओं पर विचार-विमर्श के तौर पर देखी जा रही है। इस मुलाकात को हरियाणा के राजनीतिक गलियारों में प्रमुखता से देखा जा रहा है क्योंकि अनिल विज पिछले कुछ समय से कुछ मामलों को लेकर प्रदेश भाजपा और प्रदेश सरकार से खफा बताए जाते हैं।

    अनिल विज और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की बैठक, राज्य की प्रमुख परियोजनाओं और नई योजनाओं पर चर्चा

    मुलाकात में हरियाणा में ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं, औद्योगिक निवेश और श्रम सुधारों पर भी चर्चा हुई। विज ने नड्डा को राज्य में चल रही प्रमुख परियोजनाओं और हालिया उपलब्धियों से अवगत कराया। पार्टी संगठन को मज़बूत करने और आने वाले समय में नई योजनाओं को धरातल पर उतारने के विषय में भी विचार-विमर्श हुआ।

    राजनीतिक गलियारों में इस भेंट को अहम माना जा रहा है क्योंकि विज पिछले कुछ दिनों से चर्चाओं में हैं। अंबाला में समानांतर भाजपा चलने के आरोपों के साथ-साथ वे सोशल मीडिया पर अपने नाम के आगे से ‘मिनिस्टर’ शब्द को हटा चुके हैं।

    ऐसे में जेपी नड्डा से उनकी यह मुलाकात पार्टी की भविष्य की रूपरेखा तय करने में महत्वपूर्ण संकेत देती है। भेंट के बाद विज ने कहा कि यह पूरी तरह सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक चर्चा रही। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा नेतृत्व के मार्गदर्शन में हरियाणा में विकास की रफ्तार और तेज होगी।

  • Haryana News: खट्टर का गन्नौर MLA पर बड़ा खुलासा टिकट कटने पर कादियान ने धन्यवाद किया और रोकर छोड़ी भाजपा

    Haryana News: खट्टर का गन्नौर MLA पर बड़ा खुलासा टिकट कटने पर कादियान ने धन्यवाद किया और रोकर छोड़ी भाजपा

    Haryana News: हरियाणा के पूर्व सीएम एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर अपनी बात को सीधे सपाट रखने के लिए जाने जाते हैं। जो उनके दिल में होता है वहीं उनकी जुबान पर भी होता है। खट्टर ने विधानसभा चुनाव के 11 महीने बाद गन्नौर हलके से टिकट का राज खोला है। बोले- जिन दिनों टिकटों के निर्णय हो रहे थे, किसकी क्या राय थी? यह अंदर की बात तो बताना ठीक नहीं, लेकिन देवेंद्र कादियान को भाजपा का टिकट नहीं दे पाए। इनका मुझे फोन आया। मुझे लगा, उल्टा-सीधा बोलेगा, लेकिन इन्होंने कहा-धन्यवाद। मैंने कहा टिकट तो तुझे मिली तो नहीं धन्यवाद किस बात का। इस पर कादियान ने कहा, नहीं इसमें न आपका कसूर है, न मेरा कसूर है या न किसी और का कसूर है। ये तो किस्मत का ताना-बाना ही ऐसा है। शायद किस्मत में ही लिखा है कि मैं भाजपा की बजाय निर्दलीय खड़ा होकर लड़ जाऊं, लेकिन विश्वास दिलाता हूं कि जनता का प्यार अगर मिल गया तो मैं भाजपा से दूर नहीं जाऊंगा।

    देवेंद्र कादियान को खट्टर का करीबी माना जाता था, और आज भी वह खट्टर के करीबी हैं। ऐसे में उम्मीद थी कि खट्टर उन्हें भाजपा का टिकट दिलाएंगे। खट्टर शनिवार को गन्नौर के निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादियान की ओर से आयोजित सातवें युवा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि थे। विधायक की ओर से युवाओं को स्कूटी व साइकिलें वितरित की गईं।

    Haryana News: खट्टर का गन्नौर MLA पर बड़ा खुलासा टिकट कटने पर कादियान ने धन्यवाद किया और रोकर छोड़ी भाजपा

    देवेंद्र कादयान ने टिकट नहीं मिलने के बाद फेसबुक पर लाइव आकर कहा था कि मेरे से काम करवाया, मजदूरी नहीं दी। अक्टूबर 2024 में भाजपा की लिस्ट में नाम न आने पर देवेंद्र कादियान फेसबुक पर लाइव हुए थे। उन्होंने कहा था-पार्टी ने मेरे से काम करवाया, लेकिन मजदूरी नहीं दी। ये गलत बात है। मेरे बीमार पिता अस्पताल में हाथ में टीवी का रिमोट लेकर लेटे रहे कि बेटे की टिकट एनाउंस होगी। बच्चे होस्टल से फोन करके पूछ रहे हैं कि पापा आपको टिकट मिली। मैं साल 2019 से तैयारी कर रहा था। इसलिए कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आया था। आज पार्टी छोड़ रहा हूं। यह कहते हुए कादियान रोने लगे थे।

    देवेंद्र कादियान ने निर्दलीय पर्चा भरा। वह मंचों पर फूट-फूटकर रोए। बोले-मेरे साथ धोखा हुआ है। इससे सहानुभूति लहर उनके पक्ष में बनती रही और आखिर में करीब 35 हजार से ज्यादा वोट से चुनाव जीत गए थे। कादियान को जहां 77 हजार से ज्यादा वोट मिले थे, कांग्रेस के कुलदीप शर्मा को 42000 वोट मिले थे।भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ 17,605 वोट मिले थे।

    भाजपा को हालांकि अपने बूते 48 सीटें मिलने से पूर्ण बहुमत मिल गया था। नतीजे आने के बाद सबसे पहले गन्नौर से निर्दलीय जीते देवेंद्र कादियान ने भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की थी।

    केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने इस बात को स्वीकार किया कि टिकट न मिलने के कारण उस वक्त उत्पन्न हुए ‘ताजा घटनाक्रम’ की वजह से ही सम्मान समारोह के आयोजन में देरी हुई थी। यह असल में सातवां नहीं बल्कि छठा व सातवां संयुक्त कार्यक्रम है। देवेंद्र कादियान ने उन्हें एक साल पहले से बुलाना शुरू कर दिया था कि छठा सम्मान समारोह कर लिया जाए।विधानसभा चुनाव के बाद एक ऐसा ‘मोड़’ आ गया था, जिसमें देवेंद्र सीधे चलने की बजाय एक मोड़ पर चले गए थे। उस वक्त ताजा-ताजा घटनाक्रम था। अगर मैं तुरंत छठे सम्मान समारोह में चला आता तो इसके संदेश पता नहीं कौन क्या लेकर जाता? देवेंद्र कादियान ने संकल्प लिया हुआ था कि आपके (खट्टर) आने के बाद ही कार्यक्रम किया जाएगा, अन्यथा कार्यक्रम नहीं होगा।

    मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मुझे कोई अंतर नहीं लगता है कि देवेंद्र निर्दलीय या भारतीय जनता पार्टी से चुने गए हैं। खट्टर ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि कभी-कभी जब देवेंद्र कादियान के दिनों को याद करता हूं तो मैं भी अपनी यौवन अवस्था में चला जाता हूं। देवेंद्र ने अपने जीवन की शुरुआत सब्जी बेचकर की है और साल 1968 में उन्होंने (मनोहर लाल) भी सब्जी बेचकर शुरुआत की थी।

  • Bihar Assembly Election 2025: बीजेपी ने उतारे 45 खिलाड़ी, बूथ से विधानसभा तक जीत की जिम्मेदारी सौंपकर बनाई रणनीति

    Bihar Assembly Election 2025: बीजेपी ने उतारे 45 खिलाड़ी, बूथ से विधानसभा तक जीत की जिम्मेदारी सौंपकर बनाई रणनीति

    Bihar Assembly Election 2025 नजदीक आते ही भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को और तेज कर दिया है। पार्टी ने इस बार खास 45 नेताओं की फौज मैदान में उतारी है। इन नेताओं का मकसद बूथ स्तर से लेकर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों तक मज़बूत नेटवर्क खड़ा करना है।

    45 नेताओं को मिली खास जिम्मेदारी

    इन 45 नेताओं को अलग-अलग राज्यों से बुलाकर बिहार भेजा गया है और हर एक को छह विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। आने वाले दिनों में इन्हें विधानसभा स्तर पर भी तैनात किया जाएगा। इन नेताओं का उद्देश्य केवल प्रचार तक सीमित नहीं है बल्कि स्थानीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना भी है।

    Bihar Assembly Election 2025: बीजेपी ने उतारे 45 खिलाड़ी, बूथ से विधानसभा तक जीत की जिम्मेदारी सौंपकर बनाई रणनीति

    अमित शाह और वरिष्ठ नेताओं की बैठक

    पार्टी की इस रणनीति को लेकर पटना में अहम बैठक हुई जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, सह प्रभारी सी.आर. पाटिल और केशव प्रसाद मौर्य समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में नेताओं को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया और मिशन बिहार फतह करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में रवाना किया गया।

    विशेष 45 की सूची में कौन-कौन

    इस सूची में छत्तीसगढ़ से सांसद संतोष पांडेय और विजय बघेल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, दिल्ली से सांसद रमेश बिधूड़ी और कमलजीत शाहराबत, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, गुजरात से सांसद देवुसिंह चौहान और मितेश पटेल, मध्य प्रदेश से प्रह्लाद पटेल और विश्वास सारंग जैसे बड़े नाम शामिल हैं। वहीं उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड और ओडिशा से भी कई दिग्गज नेताओं को जोड़ा गया है।

    चुनावी जंग में नया समीकरण

    बीजेपी का मानना है कि इन प्रवासी नेताओं की ज़मीनी उपस्थिति और संगठनात्मक अनुभव बिहार के चुनावी समीकरण को पूरी तरह बदल देगा। ये नेता न केवल प्रचार करेंगे बल्कि स्थानीय कार्यकर्ताओं को जोश से भरने और NDA गठबंधन को हर सीट पर जीत दिलाने का काम करेंगे। मिशन बिहार के तहत यह रणनीति पार्टी के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।

  • देशभर में ‘I Love Muhammad’ और ‘I Love Mahadev’ पोस्टर पर भड़का विवाद, मस्जिदों और मंदिरों के बाहर प्रदर्शन जारी

    देशभर में ‘I Love Muhammad’ और ‘I Love Mahadev’ पोस्टर पर भड़का विवाद, मस्जिदों और मंदिरों के बाहर प्रदर्शन जारी

    देश में “I Love Muhammad” और “I Love Mahadev” पोस्टरों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार की नमाज़ के बाद मस्जिदों के बाहर प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। वहीं हिंदू संगठनों ने “I Love Mahadev” अभियान शुरू कर दिया है। कई शहरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि शांति बनी रहे। दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर भारी संख्या में लोग “I Love Muhammad” पोस्टर के साथ प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।

    मुस्लिम संगठनों की आपत्ति और कानूनी कार्रवाई

    मुस्लिम संगठन कहते हैं कि कानपुर में “I Love Muhammad” पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई गलत है। उनका आरोप है कि यह कदम सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा रहा है और निर्दोष नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। बरेली में मौलाना तौकीर रज़ा ने शुक्रवार के बाद इस्लामिया ग्राउंड पर इकट्ठा होकर कलेक्टर ऑफिस तक मार्च करने की घोषणा की। प्रशासन ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और धारा 163 लागू कर दी।

    देशभर में ‘I Love Muhammad’ और ‘I Love Mahadev’ पोस्टर पर भड़का विवाद, मस्जिदों और मंदिरों के बाहर प्रदर्शन जारी

    प्रशासन के सुरक्षा इंतजाम

    बरेली में डीएम और एसएसपी के नेतृत्व में 1,000 से अधिक पुलिस कर्मियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया। तौकीर रज़ा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया बल्कि केवल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने का इरादा था। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की आवाज़ देश में सुनी नहीं जा रही है। प्रशासन ने देशभर के अन्य शहरों में भी सुरक्षा बल तैनात किए हैं ताकि तनाव को नियंत्रित किया जा सके।

    हिंदू संगठनों का ‘I Love Mahadev’ अभियान

    मुस्लिम पोस्टर के जवाब में हिंदू संगठनों ने ‘I Love Mahadev’ अभियान शुरू किया। मुंबई, वाराणसी, गुजरात और असम जैसे राज्यों में सड़क, पोल और घरों पर पोस्टर लगाए जा रहे हैं। हिंदू संगठनों ने शुक्रवार को गरबा पंडालों में भव्य आरती आयोजित करने की भी योजना बनाई है। मुंबई में गरबा नाइट में आए लोगों को ‘I Love Mahadev’ पोस्टर वितरित किए जा रहे हैं। काशी के साधु और संत भी “I Love Mahadev” के नारों के साथ सड़कों पर उतरे।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया और शांति का आह्वान

    बीजेपी के विधायक नितीश राणे ने कहा कि इस विवाद के माध्यम से मुंबई का माहौल खराब करने का कोई प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी ने कानपुर में पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की आलोचना की और कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। बढ़ते तनाव के बीच प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

  • प्रदीप गिल ने INLD में की घर वापसी, रोहतक-जींद में पार्टी की स्थिति मजबूत बनाने की तैयारी शुरू

    प्रदीप गिल ने INLD में की घर वापसी, रोहतक-जींद में पार्टी की स्थिति मजबूत बनाने की तैयारी शुरू

    हरियाणा की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। कांग्रेस के पूर्व नेता और जींद विधानसभा से निर्दलीय उम्मीदवार रह चुके प्रदीप गिल, जो लंबे समय तक INLD में युवा प्रदेशाध्यक्ष के रूप में सक्रिय रहे, आज अपनी मूल पार्टी में वापसी कर रहे हैं। यह “घर वापसी” रोहतक की नई अनाज मंडी में ताऊ देवीलाल की 112वीं जयंती समारोह के दौरान हुई।

    प्रदीप गिल की वापसी से इनैलो को जींद और रोहतक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। हरियाणा में 2029 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर यह आयोजन एक सियासी शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। रोहतक, जो हमेशा से जाट और किसान वोट बैंक का गढ़ रहा है, में इनैलो का यह कदम कांग्रेस और बीजेपी के लिए चुनौती पेश कर सकता है।

    प्रदीप गिल ने INLD में की घर वापसी, रोहतक-जींद में पार्टी की स्थिति मजबूत बनाने की तैयारी शुरू

    प्रदीप गिल ने इनैलो में युवा प्रदेशाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक काम किया और किसान-केंद्रित मुद्दों को युवाओं तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में जींद सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोकी। हालांकि, वे जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी सक्रियता ने उन्हें चर्चा में रखा। अब उनकी INLD में वापसी को पार्टी की रणनीति के तहत एक अहम कदम माना जा रहा है।

    प्रदीप गिल को राजनीति में ऐसे व्यक्ति के रूप में जाना जाता है जो राजनीतिक लाभ के लिए पार्टी नहीं बदलता है। जब हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार थी तब प्रदीप गिल की पत्नी अनीता गिल जिला परिषद की सदस्य बनी थी। हरियाणा में कांग्रेस सरकार ने जिला परिषद में अपना अध्यक्ष बनने के लिए पार्षदों को अपने पक्ष में कर रही थी। तब प्रदीप गिल को प्रदेश सरकार ने बड़े राजनीतिक पद का ऑफर भी किया था लेकिन प्रदीप गिल ने उसे स्वीकार नहीं किया था। जब तक उनकी पत्नी जिला पार्षद रही तब तक वह इनेलो में ही बने रहे। बाद में वह कांग्रेस में गए और टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और 8000 वोट हासिल किए।

    हाल ही में रोहतक से बलवान सिंह सुहाग (पूर्व जजपा उपाध्यक्ष) और उनके परिवार की इनैलो में वापसी के बाद प्रदीप गिल का यह कदम पार्टी के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। जिस रास्ते पर इस समय इनेलो चल रही है, उसे हरियाणा की राजनीति में आने वाले समय में बड़ी हलचल देखने को मिलेगी।

  • हरियाणा की योजना के सहारे भाजपा की पंजाब और बिहार की चुनाव वैतरणी पार करने की योजना  ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना लांच

    हरियाणा की योजना के सहारे भाजपा की पंजाब और बिहार की चुनाव वैतरणी पार करने की योजना ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना लांच

    हरियाणा की महत्वाकांक्षी ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना को प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय स्वरूप देने और इसका बिहार से पंजाब तक राजनीतिक लाभ लेने की तैयारी शुरू कर दी है। अब यह योजना भाजपा की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इस योजना की पहली किस्त उनके हाथों से दिलाने का अनुरोध करेंगे। भाजपा की मंशा साफ है कि इस योजना को हरियाणा तक सीमित न रखकर बिहार और पंजाब जैसे राज्यों जहां निकट भविष्य में चुनाव होने वाले हैं, वहां इसको प्रचारित कर इसका राजनीतिक लाभ लेना भी है।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री ने आज पंचकूला में राज्य स्तरीय समारोह में लाडो लक्ष्मी योजना का रजिस्ट्रेशन ऐप लॉन्च कर दिया। इस दिन सभी जिलों में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के जरिए भी यही ऐप लॉन्च कराया गया। ताकि इसे एक बड़े सामूहिक कार्यक्रम का रूप दिया जा सके। सरकार ने इस लॉन्च को लेकर इतनी गंभीरता दिखाई है कि 22 और 23 सितंबर की सार्वजनिक छुट्टियों के बावजूद समाज कल्याण, स्वास्थ्य और नागरिक संसाधन सूचना विभाग के अफसरों की ड्यूटी लगी रही। पोर्टल का काम पूरा हो चुका है और लॉन्चिंग से पहले हर स्तर पर इसकी टेस्टिंग करवाई गई है।

    हरियाणा की योजना के सहारे भाजपा की पंजाब और बिहार की चुनाव वैतरणी पार करने की योजना  ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना लांच

    भाजपा सूत्रों का कहना है कि पहले सरकार इसे एक साथ एक लाख 80 हजार रुपए तक की पारिवारिक आय वाली महिलाओं के लिए लागू करने वाली थी लेकिन इसमें दिक्कत आ सकती थी इसलिए सरकार ने इसे तीन चरणों में लागू करने का फैसला किया है। पहले चरण में यह योजना एक लाख रुपए वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए है और दूसरे चरण में यह योजना एक लाख 80 हजार रुपए वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए आ जाएगी। इसके बाद 3 लाख रुपए सालाना आय वाले परिवार भी इसमें शामिल होंगे। पहले चरण में यह योजना 20 लाख महिलाओं को लाभान्वित करेगी लेकिन जब इसके तीनों चरण पूरे हो जाएंगे तो इसे 50 लाख महिलाओं को लाभ मिलने लगेगा।

    मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए यह योजना उनकी राजनीतिक साख से भी जुड़ी हुई है। भाजपा नेतृत्व उन्हें एक जनहितकारी और ठोस फैसले लेने वाले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करना चाहता है। यही वजह है कि सैनी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं कर रहे। इस योजना के साथ ही हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी देवीलाल और बंसीलाल की श्रेणी में आकर खड़े हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि अगर यह योजना बिना अड़चनों के लागू हो जाती है तो सैनी न सिर्फ राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व की नजरों में भी भरोसेमंद चेहरे के रूप में उभरेंगे।

    बता दें कि 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने महिलाओं को 2100 रुपए प्रति माह देने का वादा किया था। बजट में इस मद के लिए 5000 करोड़ रुपए का प्रावधान भी कर दिया गया था। सरकार ने इस योजना को ऐसे हिसाब से जारी किया है कि जो सरकार ने अपने बजट में 5000 करोड रुपए का प्रावधान किया है फिलहाल उसे 5000 करोड रुपए में काम चल जाएगा। नए बजट में इसकी राशि बढ़ाकर सिर्फ 8000 करोड़ से 10 हजार करोड़ रुपए किए जाने का प्रावधान की बात सामने आ रही है।

    अब सरकार ने नई सरकार की गठन के 1 साल पूरा होने से पहले ही इस योजना की शुरुआत कर जनता के बीच यह संदेश देना चाहा है कि भाजपा अपने वादों को निभाती है। माना जा रहा है कि यह कदम विपक्ष की उस आलोचना को कमजोर कर देगा जिसमें सरकार पर चुनावी घोषणाएं भूल जाने का आरोप लगाया जाता रहा है।

    बिहार में इसी साल और पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और भाजपा हरियाणा की इस योजना को पंजाब और बिहार में प्रचारित करने का काम करेगी ताकि उसे इन राज्यों में राजनीतिक लाभ मिल सके और वहां की महिलाओं को पार्टी के साथ जोड़ना आसान हो सके।

    21 लाख महिलाओं तक पहुंचेगा लाभ

    योजना के पहले फेज में राज्य की करीब 21 लाख महिलाओं को शामिल किया गया है। इनमें उन परिवारों की महिलाएं हैं जिनकी सालाना आय एक लाख रुपए से कम है। 23 से 45 साल की 2 लाख 82 हजार 635 अविवाहित महिलाएं हैं, जो इसमें कवर होंगी। इसी तरह 18 लाख 16 हजार 621 विवाहित लाभार्थी महिलाएं हैं, जिनकी उम्र 23 से 60 साल है। 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद वृद्धावस्था पेंशन का लाभ आटोमेटिक तरीके से मिलना शुरू हो जाएगा। इस योजना में आने वाली महिलाओं को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि 2 महीने में कम से कम एक बार वह अपने इस पैसे को निकाल लें। यह पैसा नहीं निकाले जाने की सूरत में यह राशि बंद हो जाएगी।

  • Namo Yuva Run: CM नायब सैनी ने युवाओं के साथ लगाई दौड़, कुशल और जिम्मेदार नागरिक बनाने का दिया संदेश

    Namo Yuva Run: CM नायब सैनी ने युवाओं के साथ लगाई दौड़, कुशल और जिम्मेदार नागरिक बनाने का दिया संदेश

    Namo Yuva Run: कुरुक्षेत्र के पवित्र शहर में आयोजित नामा युवा रन का उद्घाटन हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वयं दौड़ लगाई और युवाओं के साथ भाग लिया। भाजपा राज्य अध्यक्ष मोहन लाल कौशिक, सांसद नवीन जिंदल, और पूर्व मंत्री सुभाष सुधा भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, क्योंकि युवा ही राष्ट्र की असली ताकत और धन हैं।

    युवाओं की सक्रिय भूमिका राजनीति में

    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने युवाओं से राजनीति और लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि युवा भागीदारी से सिंहासन परिवारवाद और वंशवाद राजनीति समाप्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि आज तकनीकी प्रगति ने हमारी जिंदगी को आसान बना दिया है और राज्य तेजी से विकास की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने यह भी कहा कि युवा ही एक स्वच्छ और सशक्त राष्ट्र की नींव हैं।

    Namo Yuva Run: CM नायब सैनी ने युवाओं के साथ लगाई दौड़, कुशल और जिम्मेदार नागरिक बनाने का दिया संदेश

    कौशल विकास और सरकार की पहल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। सरकार इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसके अलावा युवाओं को व्यस्त और प्रेरित रखने के लिए मैराथन, साइक्लोथॉन और अन्य खेल आयोजन आयोजित किए जा रहे हैं। यह पहल न केवल युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि उनके सामूहिक विकास में भी मदद करती है।

    लोकतंत्र में युवाओं का महत्व

    सैनी ने जोर देकर कहा कि जितना अधिक युवा लोकतंत्र में सक्रिय होंगे, उतना ही देश और राज्य का भविष्य उज्जवल होगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सकारात्मक भूमिका निभाएं और भ्रष्टाचार व परिवारवाद राजनीति को समाप्त करें। उनका कहना था कि युवा ही समाज में बदलाव की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाने चाहिए।

    सरकार की प्रतिबद्धता और भविष्य की दिशा

    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस अवसर पर यह भी स्पष्ट किया कि सरकार युवाओं की भलाई और उनके विकास के लिए समग्र नीतियां और योजनाएं बना रही है। नशे से मुक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद और कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी और सक्रियता ही हरियाणा और भारत के उज्जवल भविष्य की कुंजी है।