Tag: BJP

  • हरियाणा में चावल वितरण की अवधि बढ़ी, CM सैनी ने मिल मालिकों को 50 करोड़ रुपये की राहत का किया ऐलान

    हरियाणा में चावल वितरण की अवधि बढ़ी, CM सैनी ने मिल मालिकों को 50 करोड़ रुपये की राहत का किया ऐलान

    हरियाणा सरकार ने शनिवार, 20 सितंबर को चावल वितरण अवधि को 15 मार्च से बढ़ाकर 30 जून कर दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस कदम से राज्य में लगभग 1,000 चावल मिलों को सीधे लाभ होगा। उन्होंने बताया कि मिल मालिकों को होल्डिंग फीस में लगभग 50 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।

    मिल मालिकों की मांगों को मिला मान्यता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन ने सरकार को सूचित किया था कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने चावल की आपूर्ति में लगभग 45 दिन की देरी की। इससे मिल मालिक समय पर अपना कार्य पूरा नहीं कर पाए। उनकी मांग को मान्यता देते हुए सरकार ने बोनस पात्रता अवधि को 15 मार्च से 30 जून तक बढ़ा दिया। इसके अलावा, मिल मालिकों के लिए चावल वितरण अवधि को भी 30 जून तक विस्तारित किया गया।

    हरियाणा में चावल वितरण की अवधि बढ़ी, CM सैनी ने मिल मालिकों को 50 करोड़ रुपये की राहत का किया ऐलान

    किसानों के हित में सरकार का निर्णय

    सैनी ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। इसी उद्देश्य से इस साल धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर की बजाय 22 सितंबर से शुरू होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है और दावा कर रही है कि भाजपा सरकार MSP प्रणाली को समाप्त कर देगी।

    MSP में निरंतर वृद्धि

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने फसलों के लिए MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लगातार बढ़ाया है। 2014 में सामान्य धान का MSP 1,360 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इसी तरह, ग्रेड-ए धान का MSP 1,400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2,389 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इससे किसानों को उनकी उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।

    किसानों और मिल मालिकों के लिए सरकार का संदेश

    सैनी ने किसानों से अपील की कि वे सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को समझें और अफवाहों में न आएं। उन्होंने कहा कि मिलों को समय पर चावल वितरण सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। इस निर्णय से न केवल मिल मालिकों को राहत मिलेगी बल्कि किसानों को भी उनकी उपज के लिए बेहतर मूल्य और सुरक्षित वितरण प्रणाली सुनिश्चित होगी।

  • अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    भारतीय राष्ट्रीय लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार बनने के पीछे कांग्रेस पार्टी का हाथ है। उनका कहना है कि कांग्रेस ने हमेशा भाजपा का समर्थन किया है, लेकिन आज राज्य के किसान भाजपा की नीतियों से नाराज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यवासियों के सामने असली सच्चाई 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली विशाल रैली में सामने आएगी।

    लैडपुर में रैली का आमंत्रण

    अभय चौटाला झज्जर के लैडपुर गांव पहुंचे और वहां रैली में शामिल होने के लिए लोगों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह रैली पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती के अवसर पर आयोजित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर तीखे हमले किए और कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने किसानों के अधिकारों का हनन किया है और उनकी जमीन और संसाधनों पर कब्जा किया।

    अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    कांग्रेस और भाजपा पर निशाना

    अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से भाजपा के साथ रही है और अब भी इसका असर हरियाणा की राजनीति में देखने को मिलता है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता में आते ही किसानों की अनदेखी की और उनकी समस्याओं को हल करने में कोई कदम नहीं उठाया। चौटाला ने कहा कि यह रैली किसानों के लिए एक मजबूत संदेश होगी और उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक करेगी।

    किसानों और ग्रामीणों से अपील

    उन्होंने ग्रामीणों और किसानों से अपील की कि वे रैली में ऐतिहासिक संख्या में पहुंचें। चौटाला ने कहा कि यह रैली हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित होगी। उनका कहना है कि रैली के माध्यम से जनता को यह संदेश मिलेगा कि सत्ता में बैठे लोग उनके हितों के प्रति कितने गंभीर हैं। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

    हरियाणा की राजनीति में संभावित बदलाव

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस रैली के बाद हरियाणा की राजनीति में बदलाव की संभावना है। किसान और ग्रामीण जनता अपनी असंतोषजनक भावनाओं को सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर सकते हैं। अभय सिंह चौटाला की अपील और रैली का व्यापक प्रभाव राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है। यह रैली न केवल किसानों की समस्याओं को उजागर करेगी बल्कि हरियाणा की राजनीति में नई बहस और विमर्श को भी जन्म देगी।

  • कुलदीप बिश्नोई ने राजनीति से एक साल के विराम के बाद जनहित दिवस पर दिखाई अपनी ताकत, लोगों की उम्मीदें बढ़ीं

    कुलदीप बिश्नोई ने राजनीति से एक साल के विराम के बाद जनहित दिवस पर दिखाई अपनी ताकत, लोगों की उम्मीदें बढ़ीं

    भिवानी एवं हिसार से सांसद रहे वरिष्ठ भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई अपने अभेद किले को खोने और करीब 1 साल राजनीति से दूर रहने के बाद एक बार फिर राजनीति में सक्रिय हो रहे हैं। ‌कुलदीप बिश्नोई के जन्मदिन के अवसर पर 22 सितंबर को सुबह आदमपुर मंडी में ‘जनहित दिवस समारोह’ आयोजित किया जाएगा। इस समारोह से बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री वितरित की जाएगी और रवाना की जाएगी। यह कार्य कुलदीप बिश्नोई के समर्थकों और ‘भजन ग्लोबल इंपेक्ट फाउंडेशन’ की तरफ से किया जाएगा।

    हरियाणा में करीब एक साल बाद बिश्नोई परिवार फिर राजनीतिक सक्रियता बढ़ा रहा है। ताकत दिखाने के लिए इस बार पूर्व सीएम भजनलाल की जयंती (6 अक्टूबर) की बजाय कुलदीप बिश्नोई के जन्मदिन 22 सितंबर का मौका चुना है। इस दिन हिसार के आदमपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल की पुरानी आढ़त की दुकान के सामने जनहित दिवस समारोह रखा गया है। कांग्रेस से नाराज होने के बाद भजनलाल ने ‘जनहित’ शब्द को लेकर ही साल 2007 में हरियाणा जनहित कांग्रेस बनाई थी, जिसका बाद में कांग्रेस में विलय कर दिया गया था। कुलदीप बिश्नोई 2022 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। हालांकि, लोकसभा चुनाव के बाद से भाजपा की कुछ बैठकों से उनकी दूरी की खबरें भी आईं। यह कार्यक्रम पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल की विरासत को याद करने और परिवार की राजनीतिक पकड़ को फिर से मजबूत करने की एक कोशिश मानी जा रही है।

    कुलदीप बिश्नोई ने राजनीति से एक साल के विराम के बाद जनहित दिवस पर दिखाई अपनी ताकत, लोगों की उम्मीदें बढ़ीं

    2024 के विधानसभा चुनाव में भव्य बिश्नोई की हार के बाद, भजनलाल परिवार की आदमपुर सीट पर लगातार 16 जीत का सिलसिला टूट गया था। यह कार्यक्रम शक्ति प्रदर्शन का जरिया हो सकता है, जहां कुलदीप बिश्नोई के राजनीतिक भविष्य पर चर्चा हो सकती है।

    कुलदीप बिश्नोई ने हमेशा जनता के हितों की लड़ाई लड़ी इसलिए जनहित दिवस

    आदमपुर के पूर्व विधायक एवं भाजपा के युवा नेता भव्य बिश्नोई ने बताया कि चौधरी कुलदीप बिश्नोई ने सदैव जनता के हितों की राजनीति की है। उनकी राजनीति बेदाग, साफ-सुथरी और संघर्षपूर्ण रही है। इसलिए कार्यकर्ताओं ने उनके जन्मदिन को ‘जनहित दिवस समारोह’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सहित राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में कुलदीप बिश्नोई के जन्मदिन पर साथी सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करेंगे। भव्य बिश्नोई ने बताया कि राज्य में भारी बारिश से जलभराव होने के चलते किसानों एवं आम जानमानस को परेशानी का सामना करना पड़ा है। कुलदीप बिश्नोई के जन्मदिवस समारोह को सादगीपूर्ण ढंग से आयोजित किया जाएगा। समारोह को सादगीपूर्ण ढंग से आयोजित किया जाएगा।

  • CM नायब सिंह सैनी ने राहुल के वोट चोरी आरोपों पर दिया जोरदार जवाब, हरियाणा के उदाहरण से कांग्रेस की पोल खोली

    CM नायब सिंह सैनी ने राहुल के वोट चोरी आरोपों पर दिया जोरदार जवाब, हरियाणा के उदाहरण से कांग्रेस की पोल खोली

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस को ही वोट कर बताया है। राहुल गांधी के आरोपी के खिलाफ मुख्यमंत्री ने मोर्चा संभालते हुए हरियाणा के कई उदाहरण देकर कहा कि वोट चोरी करने का काम कांग्रेस का रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र पूरी तरह सुरक्षित, कुछ असफल लोग अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए अराजकता फैलाकर इसे खतरे में डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर कैसा लोकतंत्र है, यह सब लोग देख रहे हैं। हरियाणा में विधानसभा चुनावों को लगभग 1 साल होने को है, इसके बावजूद भी ये नेता प्रतिपक्ष का चुनाव नहीं कर पाए हैं।

    हरियाणा में कांग्रेस के वोट चोरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2009 के विधानसभा चुनावों में सुखबीर कटारिया बोगस वोटिंग मामला खूब चर्चा में रहा था। आरोप मुख्य रूप से फर्जी वोटर आई.डी. कार्ड और झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल करके मतदाता सूची में हेरफेर करने पर आधारित थे। मतदाता जागरूक मंच नाम के एनजीओ ने मतदान में हेरफेर के आरोप लगाए। इसी मामले में, 2013 में एक जिला अदालत के निर्देश पर कटारिया के खिलाफ दो FIR दर्ज हुई।

    CM नायब सैनी ने राहुल के वोट चोरी आरोपों पर दिया जोरदार जवाब, हरियाणा के उदाहरण से कांग्रेस की पोल खोली

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2014 में नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना में फर्जी मतदान और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगे थे। इस क्षेत्र में मतदान 78 प्रतिशत दर्ज किया गया। विशेषकर जिला मुख्यालय नूंह में, जिसमें रैना गांव जैसे इलाके शामिल थे। जब लोगों से उनकी अंगुलियों पर इंक मार्क दिखाने को कहा गया, तो बहुत कम मतदाताओं की अंगुलियों पर इंक मार्क थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कैथल के पारस मित्तल ने 6 मई, 2014 को 10 हजार फर्जी वोटरों की लिस्ट भी निर्वाचन अधिकारी को सौंपी। कई लोगों की लिस्ट उच्च न्यायालय को सौंपी जिनके वोट कैथल और नरवाना दोनों विधानसभा में थे। जांच के बाद 7447 मतदाताओं को फर्जी मानते हुए मतदाता सूची से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से पूछा कि हरियाणा में जब यह सब हुआ उस समय प्रदेश में किसकी सरकार थी?

    नायब सैनी ने कहा कि जिस एजेंसी ‘सेंटर फॉर दा स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज’ की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने आरोप लगाए, उस एजेंसी ने 17 अगस्त को अपनी रिपोर्ट ही वापिस ले ली। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि न तो संविधान खतरे में है, न ही लोकतंत्र खतरे में है, अगर खतरे में है तो कांग्रेस की राजनीति खतरे में है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक के अलंद विधानसभा का हवाला राहुल गांधी दे रहे हैं, वहां से 2023 में कांग्रेस जीती थी और भाजपा हार गई थी। उन्होंने राहुल गांधी पर सच को तोड़-मरोड़ कर पेश कर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा इस मामले में पहले ही एफ.आई.आर. दर्ज हो चुकी है। चुनाव आयोग ने उपयोग किए गए मोबाइल नंबर और आई.पी. पते भी उपलब्ध कराए थे। इसकी जांच कर्नाटक में सी.आई.डी. कर रही है, जहां कांग्रेस की ही सरकार है। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि क्या उन्हें अपनी ही पार्टी की सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है।

  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी और Gen Z पोस्ट ने राजनीति का बढ़ाया तापमान, BJP ने राहुल गांधी को बताया देश विरोधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी और Gen Z पोस्ट ने राजनीति का बढ़ाया तापमान, BJP ने राहुल गांधी को बताया देश विरोधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के Gen Z प्लान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि देश के युवा, छात्र और Gen Z संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे। उन्होंने लिखा कि वे इस प्रयास में युवाओं के साथ खड़े हैं। साथ ही उन्होंने एक फोटो पोस्ट करते हुए कहा कि लोकतंत्र कभी मिटाया नहीं जा सकता।

    बीजेपी का तीखा आरोप

    राहुल गांधी के इस पोस्ट ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। भाजपा ने कहा कि राहुल गांधी का मकसद देश में अराजकता फैलाना है। कांग्रेस चाहती है कि भारत में वही स्थिति बने जो श्रीलंका और बांग्लादेश में हुई। भाजपा ने राहुल गांधी के Gen Z प्लान को नेपाल की Gen Z क्रांति से जोड़ा। नेपाल में हाल ही में युवा और छात्र सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने संसद और सुप्रीम कोर्ट की इमारतें जलाई, मंत्रियों और राष्ट्रपति के आवासों पर हमला किया। भाजपा अब पूछ रही है कि क्या राहुल गांधी भारत को नेपाल जैसा बनाना चाहते हैं।

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी और Gen Z पोस्ट ने राजनीति का बढ़ाया तापमान, BJP ने राहुल गांधी को बताया देश विरोधी

    प्रदीप भंडारी का बयान

    भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी को भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उनका कहना है कि राहुल गांधी “Save Infiltrators” अभियान को बढ़ावा देने के लिए ऐसा कर रहे हैं। भाजपा ने राहुल गांधी को देश विरोधी ताकतों का पोस्टर बॉय भी बताया। प्रदीप भंडारी ने साफ किया कि राहुल गांधी का Gen Z प्लान नेपाल में हुई हिंसा की तरह भारत में भी स्थिति पैदा कर सकता है।

    अमित शाह का जवाब

    गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि भाजपा देश से घुसपैठियों को हटाए बिना नहीं रुकेगी। उन्होंने कहा कि इन दिनों राहुल गांधी “वोट चोरी, वोट चोरी” का नारा दे रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने बिहार में “वोट अधिकार यात्रा” की, लेकिन अमित शाह ने कहा कि असल में यह यात्रा बांग्लादेशी घुसपैठियों की रक्षा के लिए थी क्योंकि वे कांग्रेस के वोट बैंक का हिस्सा हैं। अमित शाह ने राहुल गांधी और उनके साथियों को चेतावनी दी कि भाजपा किसी भी हालत में लोगों के अधिकारों को छीने जाने नहीं देगी।

    तेजस्वी यादव और लालू यादव पर निशाना

    अमित शाह ने सिर्फ राहुल गांधी पर हमला नहीं किया, बल्कि तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव को भी निशाने पर लिया। गृह मंत्री ने कहा कि जब वोटर लिस्ट से घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं तो लालू यादव की परेशानी बढ़ रही है, लेकिन इसका कोई इलाज नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बिहार से घुसपैठियों को बाहर करना है तो एनडीए को इतनी बड़ी बहुमत के साथ फिर से सरकार बनानी होगी कि तेजस्वी यादव अगली बार चुनाव लड़ने की हिम्मत भी न कर सकें।

  • Haryana News: हाईकोर्ट में सुरक्षित रखा गया उचाना फैसला, जनता और पार्टियों में उत्सुकता चरम पर

    Haryana News: हाईकोर्ट में सुरक्षित रखा गया उचाना फैसला, जनता और पार्टियों में उत्सुकता चरम पर

    Haryana News: उचाना विधानसभा सीट को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चल रही जंग देश की राजनीति पर भी गहरा असर छोड़ेगी। इस मामले में न्यायमूर्ति अनूप चिटकारा की अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है और अभी यह फैसला कब आएगा? इसके बारे में कोई घोषणा नहीं की गई है।

    इस फैसले को लेकर उचाना में तो लोगों में उत्सुकता होना लाजिमी है लेकिन इस फैसले को लेकर उन लोगों में भी काफी उत्सुकता है, जिनका इस फैसले से सीधा कोई सरोकार नहीं है। फैसले को लेकर हरियाणा की कांग्रेस और भाजपा के साथ-साथ इनेलो और जजपा भी अपनी नजरें टिकाए हुए हैं।

    असल में बृजेंद्र सिंह 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में 32 वोटों से चुनाव हार गए थे। उसे समय 258 वोट रद्द घोषित किए गए थे। बृजेंद्र सिंह ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल अपनी चुनाव याचिका में कहा था कि अगर रद्द घोषित किए गए वोटों की संख्या हार जीत के अंतर से ज्यादा होती है तो एक निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत वीडियोग्राफी करवाते हुए उन वोटों को खोला जाना चाहिए। बृजेंद्र सिंह का कहना था कि निर्वाचन अधिकारियों ने इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया।

    Haryana News: हाईकोर्ट में सुरक्षित रखा गया उचाना फैसला, जनता और पार्टियों में उत्सुकता चरम पर

    इसी मामले को लेकर वह पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचे थे और अदालत इस मामले में सुनवाई कर रही है। अदालत ने कम से कम तीन अलग-अलग मौकों पर इस बात का संकेत दिया है कि वह इस मामले का निपटारा जल्द करने के मूड में है।

    इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें और बहस का काम पूरा हो चुका है और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। गुरुवार को अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। अभी तक इस मामले में अदालत की ओर से फैसले की डेट नहीं दी गई है लेकिन माना जाता है कि इस पर फैसला बहुत जल्द आ सकता है। अदालत के फैसले को लेकर हर व्यक्ति के मन में उत्सुकता बनी हुई है।

    उचाना पर फैसला देश की राजनीति पर भी डालेगा असर

    वर्तमान में जो राजनीतिक माहौल देश में चल रहा है उसमें सबसे बड़ी बात यह है कि कांग्रेस वोट चोर गद्दी छोड़ का नारा आगे बढ़ा रही है। इस बात को लेकर कांग्रेस पूरे देश में अभियान चला रही है। अगर यह फैसला कांग्रेस के पक्ष में आता है तो कांग्रेस के इस अभियान को और गति मिलने की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में कांग्रेस का यह अभियान जनता के बीच अपने असर को कम करेगा। उस स्थिति में भाजपा को भी कांग्रेस के खिलाफ अभियान चलाने का एक बड़ा मौका मिलेगा।

  • Haryana: रोहतक में अभय चौटाला की शक्ति परीक्षा, क्या दोबारा जगेगा देवीलाल परिवार का दबदबा?

    Haryana: रोहतक में अभय चौटाला की शक्ति परीक्षा, क्या दोबारा जगेगा देवीलाल परिवार का दबदबा?

    Haryana की राजनीति में देवीलाल परिवार का दखल अच्छा खासा रहा है यह एक अलग बात है कि पिछले दिनों परिवार के टूटने के बाद इस परिवार का दखल काम हो गया। JJP ने एक बार अपनी ताकत भी दिखाई लेकिन उसके बाद से वह लगातार सिकुड़ती नजर आ रही है।

    इस बीच INLD प्रमुख अभय चौटाला अब अपने पैर जमाने की कोशिश में जुट गए हैं। इसके लिए वह 25 सितंबर को रोहतक में एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं। यह तारीख चौटाला परिवार के बुजुर्ग नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती भी है। यह रैली खास इसलिए भी है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री और अभय चौटाला कि पिता ओमप्रकाश चौटाला के दिसंबर 2024 में निधन के बाद यह चौटाला परिवार का पहला बड़ा आयोजन होगा।

    रैली का स्थल रोहतक चुना गया है, जो कांग्रेस के दिग्गज और जाट नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है। अभय चौटाला ने साफ शब्दों में आरोप लगाया है कि हुड्डा का यहां कोई आधार नहीं है। वह खुद भाजपा के साथ मिले हुए हैं। इसीलिए उन्होंने इस स्थान को चुना है।

    Haryana: रोहतक में अभय चौटाला की शक्ति परीक्षा, क्या दोबारा जगेगा देवीलाल परिवार का दबदबा?

    देवीलाल परिवार के पास हमेशा से जाट वोट बैंक बड़ी संख्या में रहा है और वर्तमान में भी इनेलो इस बड़े वोट बैंक को अपनी तरफ करने में लगी हुई है।

    अभय चौटाला ने इस मौके पर कई अन्य क्षेत्रीय नेताओं को भी आमंत्रित किया है। जिनमें शिरोमणि अकाली दल प्रमुख और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) और जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी को बुलाया है। अभय का कहना है कि यह किसी तीसरे मोर्चे का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उन नेताओं को एक साथ लाने का प्रयास है जो भाजपा और कांग्रेस दोनों से अलग हैं।

    2018 में परिवारिक विवाद के बाद अभय के भतीजे दुष्यंत चौटाला ने JJP बनाई थी, जिसने 2019 में 10 सीटें जीतकर भाजपा सरकार में साझेदारी की। लेकिन किसानों के आंदोलन (2020) के समय भाजपा के साथ बने रहने की वजह से JJP का ग्राफ गिरा और 2024 विधानसभा चुनाव में उसका वोट शेयर 14.8% से गिरकर 0.90% तक पहुंच गया। इसके उलट INLD ने 2024 में दो सीटें (डबवाली और रानियां) जीतीं और 4.14% वोट शेयर हासिल किया। अभय का दावा है, “JJP खत्म हो चुकी है। उनके कार्यकर्ता और पदाधिकारी अब हमारे साथ हैं।”

    रोहतक पहले से ही देवीलाल आंदोलन का पारंपरिक गढ़ रहा है, लेकिन 1990 के दशक से हुड्डा परिवार ने इसे अपने नियंत्रण में लिया। अब अभय उसी जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। फिलहाल, भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अभय की रैली को महत्वहीन बताया है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू होगा ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’, देशभर में 75,000 स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू होगा ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’, देशभर में 75,000 स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को इस बार भी बेहद खास तरीके से मनाने की तैयारी चल रही है। भाजपा ने इस मौके पर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी श्रृंखला में प्रधानमंत्री मोदी अपने जन्मदिन (17 सितंबर) के अवसर पर ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ का शुभारंभ करेंगे। यह अभियान देशभर में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है।

    स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान की जानकारी

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2025 को ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ का शुभारंभ करेंगे। इस पहल का उद्देश्य भारत में महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, बेहतर पहुंच और गुणवत्ता वाली देखभाल सुनिश्चित करना और जागरूकता बढ़ाना है। यह अभियान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू होगा 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान', देशभर में 75,000 स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे

    75,000 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे

    जेपी नड्डा ने बताया कि इस अभियान के तहत देशभर में 75,000 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं में लगेंगे। इन शिविरों में महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी सभी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेवाएं प्रदान की जाएंगी। यह पहल सरकार की समावेशी स्वास्थ्य सेवा की दृष्टि को साकार करने में सहायक होगी।

    आंगनवाड़ियों में पोषण माह मनाया जाएगा

    इसके अलावा, मंत्री ने बताया कि आंगनवाड़ियों में पोषण माह भी मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है। इन उपायों का लक्ष्य स्वस्थ परिवार और सशक्त समुदाय बनाना है। बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान देने के साथ यह अभियान देश में सामाजिक विकास को भी मजबूती देगा।

    जेपी नड्डा की अपील और राजनीतिक संदेश

    भाजपा अध्यक्ष ने निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य संबंधी हितधारकों से अपील की है कि वे इस जन सहभागिता अभियान का हिस्सा बनें। नड्डा ने कहा, ‘भारत फर्स्ट को अपनी प्रेरणा मानते हुए, आइए हम एक विकसित भारत के लिए अपने प्रयासों को और मजबूत करें।’ पीएम मोदी के जन्मदिन पर आयोजित यह सेवा पखवाड़ा सिर्फ स्वास्थ्य और विकास योजनाओं के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह एक राजनीतिक संदेश भी देता है। यह कार्यक्रम दर्शाता है कि सरकार विकास और जन कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

  • सोशल मीडिया परफॉर्मेंस के आधार पर BJP सांसदों को मिला रिपोर्ट कार्ड, इनएक्टिव वालों को लाल निशान

    सोशल मीडिया परफॉर्मेंस के आधार पर BJP सांसदों को मिला रिपोर्ट कार्ड, इनएक्टिव वालों को लाल निशान

    बीजेपी ने रविवार को आयोजित कार्यशाला में अपने सांसदों की सोशल मीडिया गतिविधियों का विवरण पेश किया। इस बैठक में सांसदों को पिछले छह वर्षों की सोशल मीडिया पर उनके प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड दिया गया। रिपोर्ट कार्ड में सांसदों को उनकी फेसबुक, ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर गतिविधियों के आधार पर रैंकिंग दी गई। इस रिपोर्ट का उद्देश्य सांसदों की डिजिटल उपस्थिति को मापना और सुधार की दिशा में सुझाव देना था।

    तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया प्रदर्शन

    रिपोर्ट में सांसदों के प्रदर्शन को तीन श्रेणियों में बांटा गया – इनएक्टिव (Inactive), बरेल्ली एक्टिव (Barely Active) और एक्टिव (Active)। इन श्रेणियों को प्रत्येक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए अलग-अलग बनाया गया। जनवरी से अगस्त 2025 तक की गतिविधियों के आधार पर सांसदों की रैंकिंग तैयार की गई। सांसदों की पोस्टिंग की संख्या के अनुसार उन्हें विभिन्न रंगों से चिह्नित किया गया – इनएक्टिव के लिए लाल, बरेल्ली एक्टिव के लिए पीला और एक्टिव के लिए हरा।

    सोशल मीडिया परफॉर्मेंस के आधार पर BJP सांसदों को मिला रिपोर्ट कार्ड, इनएक्टिव वालों को लाल निशान

    रिपोर्ट कार्ड तैयार करने का तरीका

    रिपोर्ट में किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अगर किसी सांसद ने महीने में एक भी पोस्ट नहीं की, तो उन्हें इनएक्टिव श्रेणी में रखा गया। वहीं, यदि किसी सांसद ने महीने में 1 से 60 पोस्ट की, तो उन्हें बरेल्ली एक्टिव श्रेणी में रखा गया। और जो सांसद महीने में 60 से अधिक पोस्ट करते थे, उन्हें एक्टिव श्रेणी में रखा गया। इस तरह यह रिपोर्ट कार्ड सांसदों की नियमितता और सोशल मीडिया पर उनकी उपस्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

    पीएम मोदी ने बढ़ाने की दी सलाह

    कार्यशाला में पीएम मोदी ने सांसदों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी गतिविधियों को बढ़ाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और X जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहने से मतदाताओं और खासकर युवाओं से संवाद करना आसान होता है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि केवल विकास कार्यों से चुनाव नहीं जीते जा सकते, इसके लिए लोगों से संवाद और जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

    सोशल मीडिया की भूमिका पर चर्चा

    कार्यशाला में बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सुर्या ने भी सोशल मीडिया की भूमिका पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया केवल प्रचार का साधन नहीं है, बल्कि यह मतदाताओं के साथ जुड़ने और उनकी राय जानने का एक प्रभावी माध्यम है। सांसदों को नियमित रूप से सक्रिय रहने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संवाद बनाए रखने की सलाह दी गई। इस पहल से बीजेपी सांसदों की डिजिटल उपस्थिति मजबूत होगी और वे मतदाताओं के करीब रह सकेंगे।

  • Vice President election India: सुदर्शन रेड्डी का लालू यादव से मुलाकात, BJP ने कहा- देश की आत्मा बचाने का दिखावा कर रहे

    Vice President election India: सुदर्शन रेड्डी का लालू यादव से मुलाकात, BJP ने कहा- देश की आत्मा बचाने का दिखावा कर रहे

    Vice President election India: देश में उपराष्ट्रपति के चुनाव का महत्व हमेशा ही हाई प्रोफाइल रहता है। इस बार यह चुनाव मंगलवार, 9 सितंबर को होने वाला है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी पर हमला किया है। बीजेपी नेता रवि शंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बी. सुदर्शन रेड्डी विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी न्यायाधीशों का सम्मान करते हैं, लेकिन जब कोई न्यायाधीश चुनावी मैदान में आकर बड़े-बड़े बयान देता है तो सवाल उठते हैं। उन्होंने बताया कि रेड्डी देश की आत्मा बचाने के लिए वोट की बात कर रहे हैं, जबकि वे लालू यादव से मुलाकात कर रहे हैं।

    लालू यादव से मुलाकात को लेकर बीजेपी का सवाल

    रवि शंकर प्रसाद ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ चल रहे मामलों का जिक्र करते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आप किस तरह के न्यायाधीश हैं, जो भ्रष्टाचार में दोषी पाए गए व्यक्ति से मुलाकात कर रहे हैं। लालू यादव फोडर घोटाले में सजा पाए हैं और रेल संपत्ति बेचने के मामले में भी उनके खिलाफ चार्जशीट है। ऐसे में किसी भी न्यायाधीश का लालू यादव से मिलकर देश की आत्मा की बात करना पूरी तरह दिखावा है। रवि शंकर प्रसाद ने बी. सुदर्शन रेड्डी और उनके समर्थन करने वाले न्यायाधीशों को भी आड़े हाथों लिया।

    सुदर्शन रेड्डी का लालू यादव से मुलाकात, BJP ने कहा- देश की आत्मा बचाने का दिखावा कर रहे

    देश की आत्मा बचाने की बात पर बीजेपी का हमला

    बीजेपी नेता ने कहा कि हम पार्टी के मंच से यह दिखाने आए हैं कि यह केवल दिखावा है। किसी भी न्यायाधीश को देश की आत्मा बचाने या किसी की अंतरात्मा की बात करने का अधिकार नहीं बनता। उन्होंने कहा कि बी. सुदर्शन रेड्डी के बयान पूरी तरह से नकली हैं और यह पद की गरिमा को ठेस पहुंचा सकता है। रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि ऐसे बयान देने वाले न्यायाधीश देश के लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था की गरिमा के लिए सही उदाहरण नहीं हैं।

    उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया और तारीख

    देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की शाम को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी अवधि 10 अगस्त 2027 तक थी। इस कारण से उपराष्ट्रपति चुनाव करवाया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया मंगलवार, 9 सितंबर को सुबह 10 बजे शुरू होगी और परिणाम शाम 6 बजे घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य वोट डालते हैं। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए एनडीए के उम्मीदवार की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है क्योंकि उनके पास संसद में बहुमत है।

    एनडीए की जीत की संभावना और राजनीतिक माहौल

    भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, उनका उम्मीदवार आसानी से चुनाव जीत सकता है। विपक्ष के उम्मीदवार पर बीजेपी के हमले और लालू यादव से मुलाकात को लेकर उठाए गए सवालों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। चुनाव से पहले यह बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा बन गए हैं। देश की जनता और संसद सदस्य इस चुनाव में संविधान और लोकतंत्र की गरिमा को ध्यान में रखकर मतदान करेंगे। उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 का यह मुकाबला न सिर्फ पद के लिए, बल्कि राजनीतिक संदेश देने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।