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  • हरियाणा सीएम नायब सैनी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए संभाली कमान, किसानों को मिलेगा फसल का पूरा मुआवजा!

    हरियाणा सीएम नायब सैनी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए संभाली कमान, किसानों को मिलेगा फसल का पूरा मुआवजा!

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश के बाढ़ ग्रस्त इलाकों में मोर्चा संभाल लिया है। हालांकि मुख्यमंत्री पहले ही साफ कह चुके हैं कि किसानों को उनकी बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बाढ़ और बारिश के कारण मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने, भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई करने का भी आश्वासन दिया है। भाजपा ने अपने विधायकों और चुनाव में हार गए उम्मीदवारों को पहले ही मैदान में उतार दिया था। भाजपा के कार्यकर्ता भी बाढ़ से प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री ने खुद मोर्चा संभालते हुए बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया।

    हरियाणा सीएम नायब सैनी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए संभाली कमान, किसानों को मिलेगा फसल का पूरा मुआवजा!

    ‌मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि वर्तमान प्राकृतिक आपदा की घड़ी में राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है। प्रदेश के जिन भी इलाकों भारी बरसात की वजह से फसलों इत्यादि का नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाएगी। इसके लिए प्रभावित इलाकों में गांव स्तर पर ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है, जिस पर किसान बरसात की वजह से हुए फसलों के नुकसान का ब्योरा अपलोड करवा रहे हैं। किसान, गरीब मजदूर तथा प्रभावित प्रदेशवासियों के हित पूर्णतया सुरक्षित हैं और वे स्वयं बरसात से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नरवाना से टोहाना जाते हुए विभिन्न गांवों के ग्रामीणों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री गांव धरोदी में बाबा जमीन नाथ गउशाला पर रूके और ग्रामीणों से वर्तमान बरसाती सीजन के हालात के बारे जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों विशेषकर किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री गांव लोन, धमतान साहिब तथा कालवन में भी ग्रामीणों से मिले। सभी गांवों के लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और सरकार व प्रशासन द्वारा बरसाती मौसम के दौरान किए गए राहत कार्यों की सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने बारिश को देखते हुए पहले से काफी व्यवस्था की थी लेकिन इस बार पूरे हरियाणा में हो सकते डेढ़ गुना बारिश हुई है और इस कारण व्यवस्थाएं कम पड़ गई। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सभी पीड़ित लोगों के साथ है और किसी को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

  • GST रिफॉर्म के बीच राहुल गांधी ने पुराने ट्वीट्स किए रिपोस्ट, कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना

    GST रिफॉर्म के बीच राहुल गांधी ने पुराने ट्वीट्स किए रिपोस्ट, कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपने पुराने ट्वीट्स साझा किए हैं, जिसमें उन्होंने भारत सरकार द्वारा जीएसटी में किए गए हालिया बदलावों पर प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस का कहना है कि आठ साल बाद भाजपा ने अपनी गलती को समझा है, जबकि कांग्रेस पहले से ही इस मुद्दे पर विरोध करती रही है। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट्स में लिखा था कि कांग्रेस 18% कैप वाले दर को लेकर संघर्ष जारी रखेगी और अगर भाजपा यह काम नहीं करती है, तो कांग्रेस इसे करके दिखाएगी।

    सरकार ने किए महत्वपूर्ण बदलाव, आम जनता को मिलेगा फायदा

    दरअसल, केंद्र सरकार ने जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जो 22 सितंबर से पूरे देश में लागू होंगे। नए नियमों के तहत अब जीएसटी की दरें केवल 5% और 18% होंगी। इसके साथ ही 12% और 28% की स्लैब्स को समाप्त कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों में भी सुगमता आएगी।

    राहुल गांधी के पुराने ट्वीट्स की प्रतिक्रिया

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर दो पुराने ट्वीट्स साझा किए हैं। इनमें से एक ट्वीट आठ साल पुराना है और दूसरा नौ साल पुराना। 2017 में किए गए ट्वीट में लिखा था कि भारत को सरल जीएसटी की जरूरत है, न कि ‘गब्बर सिंह टैक्स’ की। कांग्रेस और देश के लोगों ने कई वस्तुओं पर 28% टैक्स समाप्त कराने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने लिखा कि 18% कैप वाले एकल दर के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। 2016 में किए गए ट्वीट में भी राहुल गांधी ने लिखा था कि 18% की सीमा सभी के हित में है।

    GST रिफॉर्म के बीच राहुल गांधी ने पुराने ट्वीट्स किए रिपोस्ट, कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना

    पी. चिदंबरम ने BJP पर साधा निशाना

    कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि आठ साल बाद सरकार ने अपनी गलती को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि पिछले आठ सालों में भाजपा ने मध्यम वर्ग और गरीबों को भारी झटका दिया। चिदंबरम ने कहा कि उस समय हमने सुझाव दिया था कि इस तरह का टैक्स लागू नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन प्रधानमंत्री और अन्य मंत्री हमारी बात नहीं सुन पाए। उन्होंने संसद में भी आवाज उठाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

    नई दरों से आम जनता और व्यापारियों को मिलेगी राहत

    पी. चिदंबरम ने यह भी कहा कि 12% और 18% की दर को घटाकर 5% किया जाना एक स्वागत योग्य कदम है। इस फैसले से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए भी व्यापारिक प्रक्रिया सरल होगी। राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यह बदलाव उनके पुराने संघर्ष का परिणाम है। इस कदम से जीएसटी प्रणाली में सरलता आएगी और देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंचेगा।

  • ABVP vs Yogi Govt: राजभर के बयान से भड़के कार्यकर्ता, सड़कों पर प्रदर्शन से लेकर लाठीचार्ज तक मचा बवाल!

    ABVP vs Yogi Govt: राजभर के बयान से भड़के कार्यकर्ता, सड़कों पर प्रदर्शन से लेकर लाठीचार्ज तक मचा बवाल!

    ABVP vs Yogi Govt:  उत्तर प्रदेश में इन दिनों छात्र राजनीति और सत्ता के गलियारों में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), जो भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा छात्र संगठन है, अपनी ही सरकार पर भड़क उठा है। मामला बाराबंकी की श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ और लखनऊ तक आ पहुंचा। यहां छात्रों ने योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। विवाद की जड़ लॉ कोर्स की मान्यता और छात्रों के निलंबन से जुड़ी है।

    लॉ कोर्स की मान्यता पर विवाद और पुलिस लाठीचार्ज

    सोमवार (1 सितंबर) को एलएलबी कोर्स की मान्यता और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के निलंबन के खिलाफ छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि 2022 से यूनिवर्सिटी बिना बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की मान्यता के लॉ कोर्स चला रही है, जिससे उनके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। भारी बारिश के बावजूद छात्र सड़कों पर उतरे, लेकिन भीड़ बढ़ने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस बुला ली। इसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई और पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें 25 से ज्यादा छात्र और पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन के इशारे पर बाहरी लोगों ने भी छात्रों पर हमला किया।

    ABVP vs Yogi Govt: राजभर के बयान से भड़के कार्यकर्ता, सड़कों पर प्रदर्शन से लेकर लाठीचार्ज तक मचा बवाल!

    ओपी राजभर के बयान से भड़की आग

    घटनाक्रम यहीं खत्म नहीं हुआ। योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर छात्र गुंडागर्दी करेंगे तो पुलिस कार्रवाई करेगी और एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हुई लाठियां सही थीं। उन्होंने यहां तक कहा कि देश कानून से चलता है और कानून तोड़ने पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक को जेल जाना पड़ सकता है। इस बयान के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा और भड़क गया और उन्होंने मंगलवार देर रात लखनऊ में ओपी राजभर के आवास के बाहर पुतला फूंका और जोरदार प्रदर्शन किया।

    सीएम योगी का एक्शन और बढ़ती मांगें

    मामले ने तूल पकड़ते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने घटना की जांच के आदेश दिए और तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। बाराबंकी के सीओ सिटी हर्षित चौहान को हटा दिया गया और कोतवाली प्रभारी समेत अन्य पर भी कार्रवाई की गई। सरकार ने अयोध्या रेंज के आईजी और बाराबंकी मंडलायुक्त को जांच सौंपी है। दूसरी ओर, एबीवीपी ने स्पष्ट मांग रखी है कि यूनिवर्सिटी के कुलपति को बर्खास्त किया जाए, निष्कासित छात्रों को बहाल किया जाए और लॉ कोर्स की मान्यता पर स्थिति साफ की जाए।

    यूनिवर्सिटी प्रशासन का बचाव

    यूनिवर्सिटी के कुलपति विकास मिश्रा ने छात्रों और एबीवीपी पर ही आरोप मढ़े हैं। उन्होंने कहा कि यह विवाद बाहरी लोगों की वजह से भड़का और इसमें यूनिवर्सिटी के छात्रों की भूमिका नहीं थी। कुलपति का दावा है कि यूनिवर्सिटी के पास पहले से 2023 तक बीसीआई की मान्यता है और 2027 तक नवीनीकरण के लिए आवेदन किया जा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट बंद कर दिया था, जिससे अंदर मौजूद हजारों छात्र डर गए और उनके अभिभावक कैंपस पहुंच गए। मिश्रा का कहना है कि प्रशासन और लॉ विभाग के छात्र हिंसा में शामिल नहीं थे।

  • Jind: विवादों में फंसे भाजपा के जिला अध्यक्ष, पार्टी कार्यकर्ता को बोले मैं तुझे उजाड़ने को तैयार

    Jind: विवादों में फंसे भाजपा के जिला अध्यक्ष, पार्टी कार्यकर्ता को बोले मैं तुझे उजाड़ने को तैयार

    जींद। जिला भाजपा अध्यक्ष तेजेंद्र ढूल विवादों के घेरे में फंस गए हैं। भाजपा के ही एक कार्यकर्ता ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में कहा है कि 26 अगस्त को भाजपा के जिला अध्यक्ष तेजेंद्र ढूल अपने गनमैन और 15-20 आदमियों को लेकर उसके घर पहुंचा और गाली गलोज करते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए कहने लगा कि “अगर तुझे उजड़ने का शौक है तो एक बार अपने घर वालों से भी पूछ ले मैं तो तुझे उजाड़ने के लिए तैयार हूं, तेरा सौदा क्या है मेरे सामने। मैं भाजपा का जिला अध्यक्ष हूं मेरे से माफी मांग ले।”

    जुलाना निवासी मुकेश खटकड़ ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में कहा है कि जिला अध्यक्ष तेजेंद्र ढूल ने 17 अगस्त को फेसबुक पर एक पोस्ट की थी जिसमें नरवाना में माननीय मुख्यमंत्री नायब सैनी जी की रैली में संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष ने वीडियो में कहा था कि उन्होंने जींद में पांच में से चार सीट पार्टी की झोली में डालने का काम किया है। इस पर मुकेश ने कमेंट किया था कि पांचो की पांचो विधानसभा सीट नायब सैनी की झोली में होती अगर अध्यक्ष ने अच्छी तरह ध्यान दिया होता। अपने कमेंट में मुकेश ने लिखा की अध्यक्ष के गांव से भाजपा को सिर्फ 27 वोट मिली थी।

    Jind: विवादों में फंसे भाजपा के जिला अध्यक्ष, पार्टी कार्यकर्ता को बोले मैं तुझे उजाड़ने को तैयार

    मुकेश खटकड़ का कहना है कि उसने अपने कमेंट में कोई ऐप भद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया और न ही कोई इस प्रकार की बात करी कि किसी के सम्मान को ठेस पहुंचे लेकिन इसके बावजूद पार्टी के जिला अध्यक्ष ने उसके घर आकर उसे डराया और धमकाया। तेजेंद्र ढूल द्वारा धमकी देने की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है।

    मुकेश खटकड़ ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में कहा है कि तेजेंद्र ढूल ताकतवर व्यक्ति है और पार्टी का जिला अध्यक्ष है, जिसका फायदा उठाकर यह उसके साथ कुछ भी गलत घटना को अंजाम दे सकता है। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान है और उसे अपने जान माल का खतरा बना हुआ है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से तेजेंद्र ढूल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

  • अंबाला कैंट में BJP नेता के घर लगी आग, मंत्री अनिल विज ने किया मौके पर हौसला अफजाई, प्रशासन को दिए तुरंत निर्देश

    अंबाला कैंट में BJP नेता के घर लगी आग, मंत्री अनिल विज ने किया मौके पर हौसला अफजाई, प्रशासन को दिए तुरंत निर्देश

    अंबाला कैंट, हरियाणा में रविवार शाम अचानक भाजपा मंडल सदर के अध्यक्ष रवि बुद्धिराजा के घर में आग लग गई। परिवार उस समय घर पर मौजूद नहीं था, जिससे किसी की जान जाने का खतरा टल गया। हालांकि, आग की लपटों ने उनके कई सामानों को राख कर दिया। पड़ोसियों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार का हौसला बढ़ाया और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि प्रशासन को सभी संभव मदद सुनिश्चित करनी चाहिए। इस दौरान SDM और थाना कैंट के SHO भी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।

    अंबाला कैंट में BJP नेता के घर लगी आग, मंत्री अनिल विज ने किया मौके पर हौसला अफजाई, प्रशासन को दिए तुरंत निर्देश

    आग कैसे लगी, अभी जांच जारी

    नॉमिनेटेड काउंसलर बी.एस. बिंद्रा ने बताया कि रवि बुद्धिराजा को इस आग से काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि आग कैसे लगी इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह शॉर्ट सर्किट के कारण हो सकती है। वहीं फायरमैन राजेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही वह तुरंत मौके पर पहुंचे। कुछ लोग पहले से ही आग बुझा रहे थे, जिससे स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।

    फायर ब्रिगेड और पड़ोसियों की तत्परता

    घटना के दौरान पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में मदद की। फायर ब्रिगेड की सक्रियता की वजह से बड़ा हादसा टल गया। मंत्री अनिल विज ने प्रशासन को निर्देश दिए और परिवार को सभी संभव मदद का आश्वासन दिया। SHO थाना सदर सुरेंद्र सिंह ने कहा कि आग में किसी की जान नहीं गई और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रण में लिया।

    भविष्य में सुरक्षा और सतर्कता

    हालांकि आग लगने के कारण की जांच अभी जारी है, प्रारंभिक रिपोर्ट में शॉर्ट सर्किट सबसे संभावित वजह माना जा रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा और अग्नि-रोकथाम के उपायों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोग इस आग की घटना से सकते में हैं और प्रशासन की तत्परता से राहत महसूस की जा रही है।

  • अधिक प्रो एक्टिव होकर कर सकती थी काम, कुमारी सैलजा बोली- मौसम विभाग ने इस बार ज्यादा बारिश की पहले ही दे दे थी चेतावनी पर नहीं जागी भाजपा सरकार

    अधिक प्रो एक्टिव होकर कर सकती थी काम, कुमारी सैलजा बोली- मौसम विभाग ने इस बार ज्यादा बारिश की पहले ही दे दे थी चेतावनी पर नहीं जागी भाजपा सरकार

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ को लेकर जो भी हालात बिगड़े है उसके लिए कही न कही सरकार जिम्मेदार है क्योंकि वह दावे करती है, अधिकारियों की कोई जवाब देही तय नहीं है, अधिकारियों ने जो कह दिया वहीं सही है। इस बार मौसम विभाग ने पहले चेतावनी दे दी थी और दे रहा है कि ज्यादा बारिश होगी। सरकार ने पहले से ही कोई प्रबंध नहीं किए और न ही मानसून आने से पहले नहरों, नालों और नदियों की सफाई कराई, आज प्रदेश की जनता उसी लापरवाही का दंश झेल रही है।

    मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार और जनता सबको मालूम है कि जब बारिश अधिक होती है तो कौन कौन सा क्षेत्र प्रभावित होता है। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि पहले से उचित प्रबंध करे और चौकन्ना रहे। पहाड़ी क्षेत्रों से पानी आता है और यहां तक पहुंचने में समय भी लगता है, इसलिए सरकार को और अधिक प्रोएक्टिव होकर काम करना चाहिए। लेकिन सच यह है कि भाजपा सरकार केवल दावे करती है। सवाल यह है कि ये दावे कब पूरे होंगे अगले साल, बारिश के बाद या तब, जब सारा नुकसान हो चुका होगा? जलस्तर बढ़ने पर जितना पानी बाहर आना चाहिए था उससे क ई गुना पानी बाहर आया और फसलें जलमग्न हो गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि नहरों, नालों और नदियों की न तो सफाई कराई गई औप ही तटबंध मजबूत किए गए, जो भी काम हुआ कागजों में ही हुआ। सरकार सब कुछ जानते हुए भी अनजान बनी रही। किसानों की कोई बात तक नहीं सुनी गई।

    अधिक प्रो एक्टिव होकर कर सकती थी काम, कुमारी सैलजा बोली- मौसम विभाग ने इस बार ज्यादा बारिश की पहले ही दे दे थी चेतावनी पर नहीं जागी भाजपा सरकार

    सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि शनिवार को उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्थिति देखकर साफ है कि भाजपा सरकार सिर्फ आश्वासन तक सीमित है, जबकि जनता राहत की प्रतीक्षा कर रही है। ऐलनाबाद के गांव गुड़ियाखेड़ा में हिसार घग्घर मल्टीपर्पज़ ड्रेन का जायजा लिया। ग्रामवासियों ने बताया कि पानी का स्तर बढ़ने से उन्हें अपनी फसलों और घरों को लेकर गहरी चिंता है। भाजपा सरकार समय रहते कदम क्यों नहीं उठा रही? इंतज़ार किस बात का है क्या हालात बिगड़ने और नुकसान होने के बाद ही प्रबंध किए जाएंगे? जनता को आश्वासन नहीं, समय पर राहत चाहिए। प्रशासन से मांग है कि तुरंत ठोस प्रबंध किए जाएं ताकि किसी भी अनहोनी से गांव और किसानों को बचाया जा सके।

    सासंद ने प्रदेश की भाजपा सरकार से मांग की है कि बाढ़ से फसलों को जो भी नुकसान हुआ है उसकी विशेष गिरदावरी करवाई जाए और फसलों को जो भी नुकसान हुआ है उसका मृुआवजा जल्द से जल्द दिया जाए, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किए जाए, मानसून से पहले नहरों, नालों और नदियों की साफ सफाई और तटबंधों को मजबूत न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और जिन्होंने यह कार्य केवज कागजों में ही दिखाया हुआ है उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया जाए क्योंकि किसी भी अधिकारी को जनता की जान से खिलवाड़ करने का कोई हक नहीं है। किसान चीख चीख कर कह रहे कि इस बार नहरों, नालों और घग्घर नदी की सफाई नहीं हुई, लोगों प्रशासनिक अधिकारियों को फोटो और वीडियो तक दिखा रहे थे पर कोई कार्रवाई करने के लिए तैयार तक नहीं हुआ।

    नेता प्रतिपक्ष के सवालों का जवाब तो भाजपा सरकार को देना चाहिए

    सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जो भी सवाल उठाए वे तथ्यों के आधार पर ही उठाए थे और मीडिया के सामने उठाए थे, जिसका जवाब केंद्र सरकार को भी देना चाहिए, जवाब तो चुनाव आयोग को भी देना होगा, केंद्र सरकार अभी तक कुछ भी नहीं कह रही है। सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग स्वयं को संवैधानिक संस्था से ऊपर उठकर देखे, चुनाव आयोग को स्थिति साफ करनी चाहिए क्योंकि सब उसकी ओर देख रहे हैं। सच तो ये है कि बिहार चुनाव से ठीक पहले बीजेपी चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट देने का अधिकार छीन रही है।

  • हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष में सरकार को घेरने का एजेंडा किया तैयार! विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों की सूची आई बाहर

    हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष में सरकार को घेरने का एजेंडा किया तैयार! विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों की सूची आई बाहर

    हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 22 अगस्त से शुरू हो रहा है और इसकी शुरुआत से पहले ही विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। विपक्ष ने साफ संकेत दिए हैं कि पुलिस भर्ती में देरी, विधायकों और जनप्रतिनिधियों को धमकियां, बारिश से जलभराव और जर्जर सड़कों जैसे मुद्दे सदन में गूंजेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की डेडलाइन और वादे विपक्ष के सीधे निशाने पर रहेंगे।

    वहीं दूसरी ओर, सरकार ने विपक्ष के संभावित हमलों से निपटने की पूरी प्लानिंग की हुई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सरकार के मंत्री, विपक्ष के हर सवाल और आरोप का जवाब देते नजर आएंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में भाजपा विधायक दल की बैठक भी होगी। इस बैठक में मानसून सत्र की पूरी रणनीति तय की जाएगी। भिवानी की शिक्षिका की संदिग्ध हत्या/मौत का मुद्दा भी सदन में गूंजेगा। इस मामले में सरकार ने पहले ही सीबीआई जांच के आदेश देकर विपक्ष के हमले को कमजोर करने की रणनीति तैयार कर ली है।

    हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष में सरकार को घेरने का एजेंडा किया तैयार! विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों की सूची आई बाहर

    बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने सवाल किया है कि अगस्त 2024 में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा निकाली गई 5600 पुलिस पदों की भर्ती अब तक शुरू क्यों नहीं हुई? विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने युवाओं को रोजगार का भरोसा दिलाया, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। यहां बता दें कि इस भर्ती को सरकार ने वापस ले लिया था। अभी तक नये सिरे से प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।

    डबवाली से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने विधानसभा में मुद्दा उठाएंगे कि फोन कॉल द्वारा धमकी और वसूली के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि जब खुद जनप्रतिनिधि असुरक्षित महसूस कर रहे हैं तो आम आदमी की सुरक्षा की कल्पना करना मुश्किल है। यहां बता दें कि इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला को लगातार दूसरी बार फोन पर धमकी मिल चुकी है। इससे पहले इनेलो प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी का बहादुरगढ़ में मर्डर भी हो चुका है।

    कई विधायक इस बार जलभराव का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाने की तैयारी में हैं। बल्लभगढ़ के सेक्टर-22 और 23 में हर बारिश पर एक फुट तक पानी भर जाने की शिकायत विधानसभा में गूंजेगी। जगाधरी के विधायक ने सीवरेज ढांचे के अपग्रेड न होने पर सवाल खड़े करते दिखेंगे।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सत्र में विधानसभा में ऐलान किया था कि 15 जुलाई, 2025 तक प्रदेश की सभी टूटी सड़कों की कॉरपेटिंग और मरम्मत के काम पूरे कर लिए जाएंगे। मुलाना विधायक पूजा चौधरी इस डेडलाइन पर सवाल खड़ा करती दिखेंगी। उनका कहना है कि यह दावा खोखला साबित हुआ। सड़कों की जर्जर हालत पर सरकार के भी कुछ विधायक सवाल दाग सकते हैं।

    बाढड़ा से भाजपा विधायक उमेद सिंह पातूवास सवाल उठाएंगे कि आईआईटी स्थापित करने का सरकार का क्या इरादा है। इस सदंर्भ में प्रस्ताव मंजूर हुआ या नहीं, इस पर वे सवाल पूछेंगे। यह मुद्दा बेहद अहम है क्योंकि दादरी क्षेत्र अब तक किसी भी उच्च शिक्षा संस्थान से वंचित रहा है। विपक्ष इसे सरकार की शिक्षा नीति की नाकामी बताकर बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है।

    फतेहाबाद से विधायक बलवान सिंह जिला पुस्तकालय निर्माण का मुद्दा उठाएंगे। उनका कहना है कि सरकार की घोषणा के बाद भी इस पर काम नहीं हुआ। वहीं यमुनानगर से भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल को 200 बेड का दर्जा मिलने के बाद भी स्टॉफ के संकट पर स्वास्थ्य मंत्री को घेरेंगे।

    सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ऑटो मार्केट की दुर्दशा का मामला सदन में उठाएंगे। उनका कहना है कि आटो मार्केट में सड़कों की हालत खराब है। बारिश में जलभराव होता है और कूड़ा खुले में फेंका जाता है। वहीं फरीदाबाद एनआईटी से भाजपा विधायक सतीश फागना अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का मुद्दा उठाएंगे। वे निकाय मंत्री विपुल गोयल ने जवाब मांगेंगे।

  • हरियाणा के किसानों की जमीन पर भाजपा की नई नीति, AAP ने लगाया बड़ा आरोप, दलालों और नेताओं को फायदा

    हरियाणा के किसानों की जमीन पर भाजपा की नई नीति, AAP ने लगाया बड़ा आरोप, दलालों और नेताओं को फायदा

    आम आदमी पार्टी (AAP) ने हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार सिर्फ किसानों की जमीन ही नहीं ले रही, बल्कि उनकी पहचान, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के अधिकार भी छीने जा रहे हैं। AAP ने कहा कि ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से चल रही पेपर डेवलपमेंट योजना असल में दलालों और बिल्डर लॉबी के लिए लूट का खुला रास्ता बन चुकी है।

    जमीन अधिग्रहण और कम कीमत का खेल

    AAP ने हरियाणा की भूमि पूलिंग नीति पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि भाजपा सरकार किसानों की जमीन सर्किल रेट से कम कीमत पर खरीदने की साजिश कर रही है। इस नीति में 10 एकड़ से कम जमीन वाले 90 प्रतिशत किसान जानबूझकर शामिल नहीं किए गए। सरकार द्वारा दी जा रही मुआवजा दरें बाजार की तुलना में बहुत कम हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है और दलालों को फायदा हो रहा है।

    हरियाणा के किसानों की जमीन पर भाजपा की नई नीति, AAP ने लगाया बड़ा आरोप, दलालों और नेताओं को फायदा

    नेताओं की जमीन खरीद का शक

    जहां यह नीति ई-भूमि पोर्टल के जरिए लागू की जा रही है, वहां बड़े नेता और मंत्री पहले ही कई हेक्टेयर जमीन खरीद चुके हैं। AAP ने इस पर सवाल उठाया है कि क्या यह महज संयोग है या सत्ता का दुरुपयोग? जब किसान अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर होंगे, तो सबसे पहले यह नेता अपने खरीदे हुए भूखंड से लाभ कमाएंगे। AAP ने इसे किसानों के खून और मेहनत पर आधारित व्यावसायिक मॉडल बताया।

    मुख्यमंत्री की नीतियों पर सवाल

    AAP ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह पूरे राज्य को कॉरपोरेट प्रोजेक्ट में बदलने की जल्दी में हैं। वह न गांवों की चिंता कर रहे हैं और न किसानों की आवाज सुन रहे हैं। AAP ने यह भी कहा कि भाजपा ने पहले दिल्ली की सड़कों पर किसानों को मारने में संकोच नहीं किया था और अब हरियाणा में उनकी जमीन और अधिकार छीने जा रहे हैं।

    किसान और विपक्ष की भूमिका

    AAP ने विपक्षी कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि पूरे राज्य में विपक्ष मौन है। नेता विपक्ष का चुनाव तक नहीं हुआ है। किसानों को अब तय करना होगा कि वह सत्ता पक्ष के खिलाफ खड़े होंगे या उसके साथ मिलकर अपनी जमीन गंवाएंगे। AAP ने सरकार से सवाल किया कि 2014 से अब तक कितनी जमीन छीनी गई, किस-किस कॉरपोरेट को बेची गई और कितने भाजपा नेता ने पहले से जमीन खरीदी। यह सवाल सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि हर किसान और मजदूर के जीवन से जुड़े हैं।

  • Jind: प्रदेश सरकार ने एसीबी को दे रखी है पूरी छूट, जुलाना नगर पालिका की गेंद अब पूरी तरह से सरकार के पाले में

    Jind: प्रदेश सरकार ने एसीबी को दे रखी है पूरी छूट, जुलाना नगर पालिका की गेंद अब पूरी तरह से सरकार के पाले में

    Jind। जुलाना नगर पालिका प्रधान डॉ संजय जांगड़ा की 2 लाख 27 हजार रुपए रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी के बाद दो बातें बहुत साफ हो गई है पहली यह कि सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो को स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि वह किसी भी भ्रष्ट व्यक्ति को बचाने का काम न करे भले ही वह कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों नहीं हो। दूसरा यह है कि जुलाना नगर पालिका की गेंद अब पूरी तरह से सरकार के पाले में चली गई है।

    जन प्रतिनिधित्व कानून और हरियाणा निकाय कानून में साफ है कि किसी भी जनप्रतिनिधि को मामला दर्ज होने या उसके जेल जाने पर स्वत: सस्पेंड या डिसक्वालीफाई नहीं किया जाएगा। इन मामलों में कहा गया है कि सरकार आरोपों की गंभीरता और उनकी प्रकृति को देखते हुए सस्पेंड कर सकती है।

    एक ओर जहां किसी भी कर्मचारी के रिश्वत के मामले में गिरफ्तार होने पर वह ऑटोमेटिक सस्पेंड हो जाता है लेकिन जन प्रतिनिधि के मामले में नियम अलग हैं।

    Jind: प्रदेश सरकार ने एसीबी को दे रखी है पूरी छूट, जुलाना नगर पालिका की गेंद अब पूरी तरह से सरकार के पाले में

    जींद के अधिवक्ता विनोद बंसल बताते हैं कि सरकार 6 महीने या केस के अंडर ट्रायल रहने के दौरान जनप्रतिनिधियों को सस्पेंड कर सकती है। उनका कहना है कि इस प्रकार से संजय जांगड़ा रिश्वत के मामले में पकड़े गए हैं ऐसे में सरकार नहीं चाहेगी कि बिल्ली को दूध की रखवाली बैठाया जाए। उनका कहना है कि यह सीधे-सीधे कमीशन खोरी का मामला है और इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि अगर उन्हें चार्ज दिया जाए तो वह भविष्य में इस प्रकार के मामलों में शामिल नहीं होंगे या वह इस केस को प्रभावित नहीं करेंगे।

    इस मामले में भाजपा भी कदम उठा सकती है। संजय जांगड़ा की जमानत के बाद पार्टी उनसे इस्तीफा लेकर यहां नगर पालिका प्रधान का चुनाव दोबारा करवाए जाने की बात भी हो सकती है।

    इस मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि यहां उप प्रधान का चुनाव हो चुका है और बहुत हद तक संभावना यह है कि डॉक्टर संजय जांगड़ा को सस्पेंड करके उप प्रधान को प्रधान का अतिरिक्त चार्ज दिया जाएगा। उन्हें कार्यवाहक अध्यक्ष बनाकर फिलहाल जुलाना नगर पालिका के विकास कार्यों को गति देने का काम किया जाएगा।

    जहां तक सवाल एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई का है तो सरकार की ओर से उसे ऐसे मामलों में पहले ही पूरी छूट दी गई है लेकिन फिर भी जब मामला सत्ताधारी दल के प्रभावशाली नेता का आता है तो उसने विभागीय आला अधिकारियों से इस बारे में चर्चा जरूर की होगी। इसके बाद नेताओं से भी चर्चा के बाद यह कार्रवाई की गई है।

    हालांकि देश भर में नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम के मुखियाओं के रिश्वत मामले में पकड़े जाने के कोई बहुत ज्यादा मामले नहीं हैं, लेकिन जींद जिले में ही यह दूसरा मामला है। इससे पहले उचाना नगर पालिका की प्रधान ऐसे ही मामले में फंस चुकी है। उनका मामला भी अभी अंडर ट्रायल है।

  • हरियाणा की राजनीति में बंसीलाल परिवार की अंदरूनी खटपट फिर से सामने आई, किरण और अनिरुध चौधरी के बीच तंज और जवाब का दौर

    हरियाणा की राजनीति में बंसीलाल परिवार की अंदरूनी खटपट फिर से सामने आई, किरण और अनिरुध चौधरी के बीच तंज और जवाब का दौर

    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के परिवार में एक बार फिर तीखी बहस सामने आई है। राज्यमंत्री और राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने अपने भांजे अनिरुध चौधरी को जिला ग्रामीण अध्यक्ष बनाए जाने पर तंज कसा और कहा कि किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में बात करने का क्या फायदा जो शून्य पर है। यह बयान परिवार में राजनीति और सत्ता को लेकर पुराने विवाद को फिर से उजागर करता है।

    स्वतंत्रता दिवस समारोह में की गई बातों का जिक्र

    भीवानी के भीम स्टेडियम में जिला स्तर पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में तिरंगा फहराने के बाद किरण चौधरी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हम लाखों शहीदों के बलिदान के कारण स्वतंत्र देश में सांस ले रहे हैं। उन्होंने देशहित को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मजबूत नेतृत्व क्षमता और भारतीय सेना की बहादुरी से पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए करारा जवाब मिला।

    हरियाणा की राजनीति में बंसीलाल परिवार की अंदरूनी खटपट फिर से सामने आई, किरण और अनिरुध चौधरी के बीच तंज और जवाब का दौर

    कांग्रेस पर तंज और पार्टी की आलोचना

    किरण चौधरी ने हरियाणा कांग्रेस के नए संगठन पर भी तंज कसा और कहा कि कांग्रेस पहले ही शून्य पर थी और अब परिवारवाद की वजह से और नीचे जा रही है। उन्होंने पार्टी के हालात पर निराशा जताते हुए कहा कि ऐसी पार्टी जो 10 महीने में विपक्ष के नेता और राज्य अध्यक्ष तक नहीं चुन सकी, उसकी स्थिति और स्पष्ट है। उन्होंने मजबूत विपक्ष की जरूरत पर बल दिया।

    अनिरुध चौधरी का जवाब और परिवारिक विवाद की कहानी

    कांग्रेस जिला ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुध चौधरी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी संगठन को गांव और बूथ स्तर पर मजबूत किया जाएगा। उन्होंने किरण चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों की वजह से कांग्रेस कार्यकर्ता घुटन महसूस करते थे, वे अब बीजेपी में चले गए हैं, जिससे कार्यकर्ताओं को स्वतंत्रता मिली है। उन्होंने किरण की “कांग्रेस शून्य पर” वाली टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि उनकी अंकगणना कमजोर है।

    बंसीलाल परिवार की पुरानी खटपट और चुनावी परिदृश्य

    यह विवाद बंसीलाल परिवार की पुरानी राजनीति को उजागर करता है। किरण चौधरी और उनकी बेटी श्रुति चौधरी जून 2024 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई थीं। इसके बाद, चुनावी मुकाबला भी देखा गया, जिसमें श्रुति चौधरी और अनिरुध चौधरी टोसहम विधानसभा सीट पर आमने-सामने थे। इस परिवारिक विवाद ने हरियाणा की राजनीतिक फिजा को और भी गर्म कर दिया है।