हरियाणा की राजनीति में बंसीलाल परिवार की अंदरूनी खटपट फिर से सामने आई, किरण और अनिरुध चौधरी के बीच तंज और जवाब का दौर

हरियाणा की राजनीति में बंसीलाल परिवार की अंदरूनी खटपट फिर से सामने आई, किरण और अनिरुध चौधरी के बीच तंज और जवाब का दौर

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के परिवार में एक बार फिर तीखी बहस सामने आई है। राज्यमंत्री और राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने अपने भांजे अनिरुध चौधरी को जिला ग्रामीण अध्यक्ष बनाए जाने पर तंज कसा और कहा कि किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में बात करने का क्या फायदा जो शून्य पर है। यह बयान परिवार में राजनीति और सत्ता को लेकर पुराने विवाद को फिर से उजागर करता है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में की गई बातों का जिक्र

भीवानी के भीम स्टेडियम में जिला स्तर पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में तिरंगा फहराने के बाद किरण चौधरी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हम लाखों शहीदों के बलिदान के कारण स्वतंत्र देश में सांस ले रहे हैं। उन्होंने देशहित को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मजबूत नेतृत्व क्षमता और भारतीय सेना की बहादुरी से पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए करारा जवाब मिला।

हरियाणा की राजनीति में बंसीलाल परिवार की अंदरूनी खटपट फिर से सामने आई, किरण और अनिरुध चौधरी के बीच तंज और जवाब का दौर

कांग्रेस पर तंज और पार्टी की आलोचना

किरण चौधरी ने हरियाणा कांग्रेस के नए संगठन पर भी तंज कसा और कहा कि कांग्रेस पहले ही शून्य पर थी और अब परिवारवाद की वजह से और नीचे जा रही है। उन्होंने पार्टी के हालात पर निराशा जताते हुए कहा कि ऐसी पार्टी जो 10 महीने में विपक्ष के नेता और राज्य अध्यक्ष तक नहीं चुन सकी, उसकी स्थिति और स्पष्ट है। उन्होंने मजबूत विपक्ष की जरूरत पर बल दिया।

अनिरुध चौधरी का जवाब और परिवारिक विवाद की कहानी

कांग्रेस जिला ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुध चौधरी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी संगठन को गांव और बूथ स्तर पर मजबूत किया जाएगा। उन्होंने किरण चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों की वजह से कांग्रेस कार्यकर्ता घुटन महसूस करते थे, वे अब बीजेपी में चले गए हैं, जिससे कार्यकर्ताओं को स्वतंत्रता मिली है। उन्होंने किरण की “कांग्रेस शून्य पर” वाली टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि उनकी अंकगणना कमजोर है।

बंसीलाल परिवार की पुरानी खटपट और चुनावी परिदृश्य

यह विवाद बंसीलाल परिवार की पुरानी राजनीति को उजागर करता है। किरण चौधरी और उनकी बेटी श्रुति चौधरी जून 2024 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई थीं। इसके बाद, चुनावी मुकाबला भी देखा गया, जिसमें श्रुति चौधरी और अनिरुध चौधरी टोसहम विधानसभा सीट पर आमने-सामने थे। इस परिवारिक विवाद ने हरियाणा की राजनीतिक फिजा को और भी गर्म कर दिया है।

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