Tag: June 2024

  • फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर बड़ी कार्रवाई! पानीपत जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

    फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर बड़ी कार्रवाई! पानीपत जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

    पानीपत जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेजी गई शिकायत के बाद की गई। शिकायत में कहा गया कि काजल देशवाल ने वार्ड-13 से चुनाव लड़ने के लिए बीसी-ए जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनाया था।

    BJP नेता की शिकायत पर जांच शुरू

    BJP नेता प्रदीप कुमार शर्मा ने शिकायत की थी कि काजल देशवाल ने वार्ड-13 से चुनाव जीतने के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया और ज्योति शर्मा को हटाकर अध्यक्ष बनी। इस वार्ड को पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षित किया गया था। जांच में प्रमाण पत्र फर्जी साबित होने के बाद जून 2025 में उन्हें पद से हटाया गया।

    फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर बड़ी कार्रवाई! पानीपत जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

    जांच अधिकारियों ने दी जानकारी

    ADC पंकज यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ACS से पत्र मिला जिसमें काजल की जाति पर संदेह जताया गया। इसके बाद DC ने जांच अधिकारी नियुक्त किया और DM से रिकॉर्ड प्राप्त कर पूरी रिपोर्ट ACS को सौंपी। DSP सतीश वत्स ने बताया कि मामले की जांच पहले से चल रही थी और अब आरोप साबित होने के बाद FIR दर्ज की गई है।

    अध्यक्ष पद पर अस्थिरता

    पिछले तीन सालों में पानीपत जिला परिषद के अध्यक्ष पद पर दो बार बदलाव हुआ। पहली बार ज्योति शर्मा को BJP के समर्थन से अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन विरोध शुरू होने के बाद उन्हें मार्च 2024 में पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद जून 2024 में काजल देशवाल ने अध्यक्ष पद संभाला। हालांकि, उनका पद एक साल बाद फर्जी जाति प्रमाण पत्र साबित होने पर खाली हो गया।

    BJP सदस्य बनने के बाद विवाद

    काजल देशवाल ने अध्यक्ष बनने के बाद BJP का दामन थामा और राज्य अध्यक्ष मोहन लाल बरोली के निर्देशों पर काम करने की बात कही। उनके फर्जी प्रमाण पत्र का खुलासा होने के बाद अब अध्यक्ष पद रिक्त है और जिला परिषद में राजनीतिक हलचल जारी है।

  • हरियाणा की राजनीति में बंसीलाल परिवार की अंदरूनी खटपट फिर से सामने आई, किरण और अनिरुध चौधरी के बीच तंज और जवाब का दौर

    हरियाणा की राजनीति में बंसीलाल परिवार की अंदरूनी खटपट फिर से सामने आई, किरण और अनिरुध चौधरी के बीच तंज और जवाब का दौर

    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के परिवार में एक बार फिर तीखी बहस सामने आई है। राज्यमंत्री और राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने अपने भांजे अनिरुध चौधरी को जिला ग्रामीण अध्यक्ष बनाए जाने पर तंज कसा और कहा कि किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में बात करने का क्या फायदा जो शून्य पर है। यह बयान परिवार में राजनीति और सत्ता को लेकर पुराने विवाद को फिर से उजागर करता है।

    स्वतंत्रता दिवस समारोह में की गई बातों का जिक्र

    भीवानी के भीम स्टेडियम में जिला स्तर पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में तिरंगा फहराने के बाद किरण चौधरी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हम लाखों शहीदों के बलिदान के कारण स्वतंत्र देश में सांस ले रहे हैं। उन्होंने देशहित को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मजबूत नेतृत्व क्षमता और भारतीय सेना की बहादुरी से पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए करारा जवाब मिला।

    हरियाणा की राजनीति में बंसीलाल परिवार की अंदरूनी खटपट फिर से सामने आई, किरण और अनिरुध चौधरी के बीच तंज और जवाब का दौर

    कांग्रेस पर तंज और पार्टी की आलोचना

    किरण चौधरी ने हरियाणा कांग्रेस के नए संगठन पर भी तंज कसा और कहा कि कांग्रेस पहले ही शून्य पर थी और अब परिवारवाद की वजह से और नीचे जा रही है। उन्होंने पार्टी के हालात पर निराशा जताते हुए कहा कि ऐसी पार्टी जो 10 महीने में विपक्ष के नेता और राज्य अध्यक्ष तक नहीं चुन सकी, उसकी स्थिति और स्पष्ट है। उन्होंने मजबूत विपक्ष की जरूरत पर बल दिया।

    अनिरुध चौधरी का जवाब और परिवारिक विवाद की कहानी

    कांग्रेस जिला ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुध चौधरी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी संगठन को गांव और बूथ स्तर पर मजबूत किया जाएगा। उन्होंने किरण चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों की वजह से कांग्रेस कार्यकर्ता घुटन महसूस करते थे, वे अब बीजेपी में चले गए हैं, जिससे कार्यकर्ताओं को स्वतंत्रता मिली है। उन्होंने किरण की “कांग्रेस शून्य पर” वाली टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि उनकी अंकगणना कमजोर है।

    बंसीलाल परिवार की पुरानी खटपट और चुनावी परिदृश्य

    यह विवाद बंसीलाल परिवार की पुरानी राजनीति को उजागर करता है। किरण चौधरी और उनकी बेटी श्रुति चौधरी जून 2024 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई थीं। इसके बाद, चुनावी मुकाबला भी देखा गया, जिसमें श्रुति चौधरी और अनिरुध चौधरी टोसहम विधानसभा सीट पर आमने-सामने थे। इस परिवारिक विवाद ने हरियाणा की राजनीतिक फिजा को और भी गर्म कर दिया है।