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  • बिहार में मतदाता सूची विवाद, अमित मालवीय ने राहुल गांधी की वोटर यात्रा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

    बिहार में मतदाता सूची विवाद, अमित मालवीय ने राहुल गांधी की वोटर यात्रा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

    बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की। वरिष्ठ भाजपा नेता और IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के संबंध में एक भी शिकायत या आपत्ति नहीं दर्ज की। उन्होंने राहुल गांधी की ‘Voter Rights Yatra’ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया और इसे “वोट चोरी” का झूठा प्रचार करार दिया।

    अमित मालवीय का आरोप

    अमित मालवीय ने X पर लिखा कि चुनाव आयोग ने बिहार में SIR प्रक्रिया पूरी की और अंतिम मतदाता सूची जारी की। यह ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस ने एक भी शिकायत या आपत्ति नहीं की। उन्होंने राहुल गांधी के दौरे को अवैध प्रवासियों की रक्षा और जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया। मालवीय ने कहा कि यह रणनीति सीधे जॉर्ज सोरोस की किताब से ली गई है, जिससे कांग्रेस की हार को छुपाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों के विश्वास को कमजोर करने की साजिश की जा रही है।

    बिहार में मतदाता सूची विवाद, अमित मालवीय ने राहुल गांधी की वोटर यात्रा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

    कांग्रेस का विरोध

    बिहार कांग्रेस प्रमुख राजेश राम ने SIR प्रक्रिया को शुरू से ही धोखाधड़ी बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया न तो जनता की मांग पर हुई थी और न ही राजनीतिक पार्टियों की। इसके बावजूद इसे लापरवाही और अस्पष्टता के साथ किया गया। उन्होंने कहा कि इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं और उनके कार्यकर्ता पूरे राज्य में जांच करेंगे कि कितने नाम हटाए या जोड़े गए। राजेश राम ने स्पष्ट किया कि यह मामला यहीं खत्म नहीं होगा।

    4.7 लाख मतदाताओं की हटाई गई सूची

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त ग्यानेश कुमार ने अंतिम मतदाता सूची जारी होने पर मतदाताओं, राजनीतिक पार्टियों और अन्य हितधारकों का धन्यवाद किया। अंतिम सूची में कुल 7.42 करोड़ मतदाता हैं, जबकि 24 जून को यह संख्या 7.89 करोड़ थी। इसका मतलब है कि लगभग 47 लाख मतदाता सूची से हटाए गए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने इस पर सवाल उठाते हुए लिखा कि ये 47 लाख मतदाता कौन हैं। चुनाव आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि इनमें से कितने अन्य राज्यों में चले गए, कितने मृत हैं और कितने नकली मतदाता हैं।

    पारदर्शिता और लोकतंत्र का मुद्दा

    इस विवाद ने बिहार में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा ने कांग्रेस की आलोचना की तो कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र में धांधली बताया। मतदाता सूची में बदलाव, लाखों मतदाताओं के हटाए जाने और आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। अब जनता और मीडिया इस पर ध्यान दे रहे हैं कि चुनाव आयोग इस मुद्दे को किस तरह संभालेगा और अपनी विश्वसनीयता को कैसे बनाए रखेगा।

  • Bihar Elections 2025: चुनाव आयोग ने अधिकारियों के तबादलों की समय सीमा तय की, 6 अक्टूबर के बाद तारीखों का ऐलान

    Bihar Elections 2025: चुनाव आयोग ने अधिकारियों के तबादलों की समय सीमा तय की, 6 अक्टूबर के बाद तारीखों का ऐलान

    Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी उत्साह चरम पर है। इस बीच चुनाव आयोग ने एक बड़ी अपडेट जारी की है। आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनाव की तारीखों की घोषणा 6 अक्टूबर के बाद ही की जा सकती है। वहीं, आयोग ने यह भी कहा है कि तीन साल से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को स्थानांतरित किया जाएगा और कोई भी अधिकारी अपने गृह जिले में नहीं रहेगा। वहीं, अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर तक जारी की जा सकती है।

    अधिकारियों के तबादले अनिवार्य, गृह जिले में नहीं होगी तैनाती

    चुनाव आयोग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला प्रक्रिया 6 अक्टूबर तक पूरी होनी चाहिए। इसके बाद आयोग को पूरी रिपोर्ट सौंपनी अनिवार्य है। अधिकारियों के तबादले का उद्देश्य चुनाव में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। आयोग ने विशेष रूप से कहा कि लंबे समय तक किसी एक स्थान पर तैनात अधिकारी को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा और कोई भी अधिकारी अपने गृह जिले में नहीं रहेगा।

    Bihar Elections 2025: चुनाव आयोग ने अधिकारियों के तबादलों की समय सीमा तय की, 6 अक्टूबर के बाद तारीखों का ऐलान

    निष्पक्ष चुनाव की तैयारी में आयोग सक्रिय

    चुनाव आयोग बिहार में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए भी दौरा कर सकता है। अधिकारियों के तबादले और रिपोर्टिंग प्रक्रिया से साफ है कि आयोग चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए पूरी तैयारी में है। यह कदम इसलिए भी जरूरी है ताकि चुनाव में किसी प्रकार के दबाव या पक्षपात की संभावना न रहे। चुनाव से पहले अधिकारियों का स्थानांतरण चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।

    चुनाव दो या तीन चरणों में होने की संभावना

    बिहार में वर्तमान सरकार का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। इसी कारण आगामी चुनावों की तारीखों की घोषणा जल्द हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव संभवतः नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू होंगे। पिछली विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के आधार पर माना जा रहा है कि इस बार भी चुनाव दो या तीन चरणों में संपन्न होंगे।

    पिछली बार हुआ था तीन चरणों में मतदान

    पिछली विधानसभा चुनाव प्रक्रिया में पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को हुआ था। दूसरा चरण 3 नवंबर को और तीसरा चरण 7 नवंबर को संपन्न हुआ था। इसी तर्ज पर इस बार भी चुनाव संभवतः चरणबद्ध तरीके से होंगे। चुनाव आयोग की तैयारियों और अधिकारियों के तबादले को देखते हुए कहा जा सकता है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होंगे।

  • चुनाव आयोग ने किया विशेष गहन सूची (SIR) की तैयारी का आदेश, 30 सितंबर तक सभी राज्य रहें तैयार

    चुनाव आयोग ने किया विशेष गहन सूची (SIR) की तैयारी का आदेश, 30 सितंबर तक सभी राज्य रहें तैयार

    चुनाव आयोग ने सभी राज्य निर्वाचन अधिकारियों को विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) के लिए 30 सितंबर तक तैयार रहने का निर्देश दिया है। इस निर्देश का मतलब है कि आगामी महीनों में देशभर में मतदाता सत्यापन और मतदाता सूची सुधार की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर या नवंबर से ही यह मतदाता सूची की सफाई का काम शुरू किया जा सकता है।

    राज्य CEO को मिले सख्त निर्देश

    अधिकारियों ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) की एक बैठक में उच्च चुनाव आयोग अधिकारियों ने उन्हें अगले 10 से 15 दिनों में SIR के लिए तैयार रहने के लिए कहा था। स्पष्टता के लिए 30 सितंबर की अंतिम तारीख तय की गई। सभी CEOs को अपने-अपने राज्यों की मतदाता सूचियों को तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

    चुनाव आयोग ने किया विशेष गहन सूची (SIR) की तैयारी का आदेश, 30 सितंबर तक सभी राज्य रहें तैयार

    वेबसाइट पर उपलब्ध मतदाता सूचियाँ

    राज्य CEOs ने पहले के SIR के बाद प्रकाशित मतदाता सूचियों को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है। दिल्ली CEO की वेबसाइट पर 2008 की मतदाता सूची उपलब्ध है, जब राष्ट्रीय राजधानी में आखिरी बार व्यापक संशोधन हुआ था। वहीं उत्तराखंड में अंतिम SIR 2006 में हुआ था और उस वर्ष की मतदाता सूची अब राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।

    बिहार के बाद पूरे देश में SIR

    अधिकांश राज्यों में अंतिम SIR 2002 से 2004 के बीच हुई थी। वर्तमान मतदाताओं का मिलान पिछली व्यापक संशोधन सूचियों के आधार पर लगभग पूरा हो चुका है। चुनाव आयोग ने कहा है कि बिहार के बाद पूरे देश में SIR आयोजित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों को पहचान कर उनकी पहचान सूची से हटाना है।

    अगले साल इन राज्यों में चुनाव

    2026 में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस गहन संशोधन का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों को बाहर करना है और उनके जन्मस्थान की पुष्टि करना है। यह कदम विभिन्न राज्यों में विदेशी अवैध प्रवासियों पर सख्ती के प्रयासों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर बांग्लादेश और म्यांमार से जुड़े मामलों में।

  • CM नायब सिंह सैनी ने राहुल के वोट चोरी आरोपों पर दिया जोरदार जवाब, हरियाणा के उदाहरण से कांग्रेस की पोल खोली

    CM नायब सिंह सैनी ने राहुल के वोट चोरी आरोपों पर दिया जोरदार जवाब, हरियाणा के उदाहरण से कांग्रेस की पोल खोली

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस को ही वोट कर बताया है। राहुल गांधी के आरोपी के खिलाफ मुख्यमंत्री ने मोर्चा संभालते हुए हरियाणा के कई उदाहरण देकर कहा कि वोट चोरी करने का काम कांग्रेस का रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र पूरी तरह सुरक्षित, कुछ असफल लोग अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए अराजकता फैलाकर इसे खतरे में डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर कैसा लोकतंत्र है, यह सब लोग देख रहे हैं। हरियाणा में विधानसभा चुनावों को लगभग 1 साल होने को है, इसके बावजूद भी ये नेता प्रतिपक्ष का चुनाव नहीं कर पाए हैं।

    हरियाणा में कांग्रेस के वोट चोरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2009 के विधानसभा चुनावों में सुखबीर कटारिया बोगस वोटिंग मामला खूब चर्चा में रहा था। आरोप मुख्य रूप से फर्जी वोटर आई.डी. कार्ड और झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल करके मतदाता सूची में हेरफेर करने पर आधारित थे। मतदाता जागरूक मंच नाम के एनजीओ ने मतदान में हेरफेर के आरोप लगाए। इसी मामले में, 2013 में एक जिला अदालत के निर्देश पर कटारिया के खिलाफ दो FIR दर्ज हुई।

    CM नायब सैनी ने राहुल के वोट चोरी आरोपों पर दिया जोरदार जवाब, हरियाणा के उदाहरण से कांग्रेस की पोल खोली

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2014 में नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना में फर्जी मतदान और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगे थे। इस क्षेत्र में मतदान 78 प्रतिशत दर्ज किया गया। विशेषकर जिला मुख्यालय नूंह में, जिसमें रैना गांव जैसे इलाके शामिल थे। जब लोगों से उनकी अंगुलियों पर इंक मार्क दिखाने को कहा गया, तो बहुत कम मतदाताओं की अंगुलियों पर इंक मार्क थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कैथल के पारस मित्तल ने 6 मई, 2014 को 10 हजार फर्जी वोटरों की लिस्ट भी निर्वाचन अधिकारी को सौंपी। कई लोगों की लिस्ट उच्च न्यायालय को सौंपी जिनके वोट कैथल और नरवाना दोनों विधानसभा में थे। जांच के बाद 7447 मतदाताओं को फर्जी मानते हुए मतदाता सूची से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से पूछा कि हरियाणा में जब यह सब हुआ उस समय प्रदेश में किसकी सरकार थी?

    नायब सैनी ने कहा कि जिस एजेंसी ‘सेंटर फॉर दा स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज’ की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने आरोप लगाए, उस एजेंसी ने 17 अगस्त को अपनी रिपोर्ट ही वापिस ले ली। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि न तो संविधान खतरे में है, न ही लोकतंत्र खतरे में है, अगर खतरे में है तो कांग्रेस की राजनीति खतरे में है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक के अलंद विधानसभा का हवाला राहुल गांधी दे रहे हैं, वहां से 2023 में कांग्रेस जीती थी और भाजपा हार गई थी। उन्होंने राहुल गांधी पर सच को तोड़-मरोड़ कर पेश कर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा इस मामले में पहले ही एफ.आई.आर. दर्ज हो चुकी है। चुनाव आयोग ने उपयोग किए गए मोबाइल नंबर और आई.पी. पते भी उपलब्ध कराए थे। इसकी जांच कर्नाटक में सी.आई.डी. कर रही है, जहां कांग्रेस की ही सरकार है। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि क्या उन्हें अपनी ही पार्टी की सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है।

  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी और Gen Z पोस्ट ने राजनीति का बढ़ाया तापमान, BJP ने राहुल गांधी को बताया देश विरोधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी और Gen Z पोस्ट ने राजनीति का बढ़ाया तापमान, BJP ने राहुल गांधी को बताया देश विरोधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के Gen Z प्लान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि देश के युवा, छात्र और Gen Z संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे। उन्होंने लिखा कि वे इस प्रयास में युवाओं के साथ खड़े हैं। साथ ही उन्होंने एक फोटो पोस्ट करते हुए कहा कि लोकतंत्र कभी मिटाया नहीं जा सकता।

    बीजेपी का तीखा आरोप

    राहुल गांधी के इस पोस्ट ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। भाजपा ने कहा कि राहुल गांधी का मकसद देश में अराजकता फैलाना है। कांग्रेस चाहती है कि भारत में वही स्थिति बने जो श्रीलंका और बांग्लादेश में हुई। भाजपा ने राहुल गांधी के Gen Z प्लान को नेपाल की Gen Z क्रांति से जोड़ा। नेपाल में हाल ही में युवा और छात्र सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने संसद और सुप्रीम कोर्ट की इमारतें जलाई, मंत्रियों और राष्ट्रपति के आवासों पर हमला किया। भाजपा अब पूछ रही है कि क्या राहुल गांधी भारत को नेपाल जैसा बनाना चाहते हैं।

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी और Gen Z पोस्ट ने राजनीति का बढ़ाया तापमान, BJP ने राहुल गांधी को बताया देश विरोधी

    प्रदीप भंडारी का बयान

    भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी को भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उनका कहना है कि राहुल गांधी “Save Infiltrators” अभियान को बढ़ावा देने के लिए ऐसा कर रहे हैं। भाजपा ने राहुल गांधी को देश विरोधी ताकतों का पोस्टर बॉय भी बताया। प्रदीप भंडारी ने साफ किया कि राहुल गांधी का Gen Z प्लान नेपाल में हुई हिंसा की तरह भारत में भी स्थिति पैदा कर सकता है।

    अमित शाह का जवाब

    गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि भाजपा देश से घुसपैठियों को हटाए बिना नहीं रुकेगी। उन्होंने कहा कि इन दिनों राहुल गांधी “वोट चोरी, वोट चोरी” का नारा दे रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने बिहार में “वोट अधिकार यात्रा” की, लेकिन अमित शाह ने कहा कि असल में यह यात्रा बांग्लादेशी घुसपैठियों की रक्षा के लिए थी क्योंकि वे कांग्रेस के वोट बैंक का हिस्सा हैं। अमित शाह ने राहुल गांधी और उनके साथियों को चेतावनी दी कि भाजपा किसी भी हालत में लोगों के अधिकारों को छीने जाने नहीं देगी।

    तेजस्वी यादव और लालू यादव पर निशाना

    अमित शाह ने सिर्फ राहुल गांधी पर हमला नहीं किया, बल्कि तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव को भी निशाने पर लिया। गृह मंत्री ने कहा कि जब वोटर लिस्ट से घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं तो लालू यादव की परेशानी बढ़ रही है, लेकिन इसका कोई इलाज नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बिहार से घुसपैठियों को बाहर करना है तो एनडीए को इतनी बड़ी बहुमत के साथ फिर से सरकार बनानी होगी कि तेजस्वी यादव अगली बार चुनाव लड़ने की हिम्मत भी न कर सकें।

  • Haryana News: हरियाणा में शुरू होने जा रहा SIR का बड़ा अभियान – मतदाता सूची होगी पूरी तरह अपडेट

    Haryana News: हरियाणा में शुरू होने जा रहा SIR का बड़ा अभियान – मतदाता सूची होगी पूरी तरह अपडेट

    Haryana News: बिहार में मतदाता सूचियों के SIR पर मचे घमासान के बीच अब हरियाणा में भी SIR का काम शुरू होने जा रहा है। वर्ष 2002 के बाद मतदाता बने सभी लोगों को अपनी पहचान के सबूत देने होंगे। नई मतदाता सूची के लिए वर्तमान मतदाता सूची का वर्ष 2002 की मतदाता सूची से मिलान किया जाएगा।अगर मतदाता का नाम दोनों मतदाता सूचियों में पंजीकृत हुआ तो उसे कोई दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। जो लोग अपने दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे उन्हें फर्जी मतदाता करार देकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे।

    हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने SIR के संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है। SIR से संबंधित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। श्रीनिवास ने बताया कि भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा 10 सितंबर को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें पूरे देश में विशेष विस्तृत पुनरीक्षण SIR को लागू करने के निर्देश दिए गए थे।

    Haryana News: हरियाणा में शुरू होने जा रहा SIR का बड़ा अभियान – मतदाता सूची होगी पूरी तरह अपडेट

    इसी क्रम में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन व निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों के साथ बैठक की। जहां बीएलओ के पद खाली हैं, वहां जल्द नियुक्ति कर उनके पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। नए सिरे से बनने वाली मतदाता सूची के कार्य में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। सभी बीएलओ 20 अक्टूबर तक हरियाणा की वर्तमान मतदाता सूची का वर्ष 2002 वाली मतदाता सूची से मिलान करेंगे। यदि मतदाता का नाम दोनों सूचियों में पंजीकृत होगा तो उन्हें कोई भी दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। बीएलओ नई मतदाता सूची के लिए गणना फार्म हर मतदाता के घर जाकर भरवाएगा। मतदाता को फार्म की दो कापी दी जाएगी। इसमें से एक कापी मतदाता और दूसरी कापी बीएलओ नई मतदाता सूची बनाने के लिए साथ ले जाएगा। मतदान केंद्र पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1200 के आधार पर रेशनलाइजेशन किया जायेगा। यदि 1200 से ज्यादा मतदाता हैं तो नया मतदान केंद्र बनाया जाएगा।

    सीईओ ने कहा कि जिला स्तर पर सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाएं तथा सभी से बूथ लेवल एजेंट की सूची प्राप्त की जाए। गणना प्रपत्र की प्रिंटिंग कर बीएलओ को समय पर उपलब्ध करवाना है।

    वर्ष 2002 तथा वर्ष 2024 की अंतिम रूप में प्रकाशित मतदाता सूचियां विभाग की वेबसाइट पर आम जनता की सुविधा के लिए उपलब्ध हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य के सभी पंजीकृत मतदाताओं और युवाओं, जोकि मतदाता बनने के पात्र हैं तथा सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की है कि राज्य की त्रुटि रहित मतदाता सूची तैयार करने के लिए किए जा रहे विशेष विस्तृत पुनरीक्षण में सहयोग दें।

  • फरीदाबाद में मनाया गया विभाजन शोक स्मृति दिवस, सीएम नायब सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर रहे मुख्य अतिथि

    फरीदाबाद में मनाया गया विभाजन शोक स्मृति दिवस, सीएम नायब सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर रहे मुख्य अतिथि

    फरीदाबाद के HSVP ग्राउंड सेक्टर-12 में गुरुवार को विभाजन शोक स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने समारोह को संबोधित करते हुए विभाजन की त्रासदी और उससे जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने देश की आज़ादी को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने लोकतंत्र में समान अवसर और नवजात लोकतांत्रिक शक्तियों की अहमियत पर जोर दिया।

    नेतृत्व और सादगी का उदाहरण

    मंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि वे एक छोटे किसान के परिवार से आते हैं और कभी नहीं सोचा था कि वे मंत्री बनेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और सीएम नायब सैनी भी सामान्य परिवार से हैं और लोकतंत्र की यही खूबसूरती है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए पक्षपात और भाई-भतीजावाद खत्म करना आवश्यक है।

    फरीदाबाद में मनाया गया विभाजन शोक स्मृति दिवस, सीएम नायब सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर रहे मुख्य अतिथि

    वोटर लिस्ट और लोकतंत्र की मजबूती

    मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि विपक्ष को लोकतंत्र में बने रहना चाहिए। उन्होंने विदेशी और असत्यापित वोटरों की जांच की आवश्यकता बताई और कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले वोट चोरी करती थी। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को भारत में शामिल किया जाएगा और देश मजबूत होगा।

    सीनियर नेताओं की उपस्थिति और समर्थन

    इस अवसर पर कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णा पाल गुर्जर, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्रुति चौधरी, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, पंचायत मंत्री कृष्णा लाल पंवार, विधानसभा उपाध्यक्ष कृष्णा लाल मिड़हा सहित अन्य नेता मंच पर मौजूद रहे। सभी नेताओं ने कार्यक्रम की गरिमा और संदेश को बनाए रखा।

    शरणार्थियों का सम्मान और संदेश

    समारोह में विभाजन के समय पाकिस्तान से आए शरणार्थियों और उनके परिवारों का सम्मान किया गया। नेताओं ने विभाजन की पीड़ा और संघर्ष को याद किया और देश की एकता, अखंडता और भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम में सभी ने मिलकर देशभक्ति और एकता की भावना को उजागर किया।

  • मतदाता पहचान पत्र बनवाने के लिए अब साल में मिलेंगे चार अवसर

    मतदाता पहचान पत्र बनवाने के लिए अब साल में मिलेंगे चार अवसर

    जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अशोक कुमार गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष के युवाओं को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अब एक जनवरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए वर्ष में चार मौके प्रदान कर दिए हैं।

    उन्होंने बताया कि अब तक एक जनवरी को 18 साल की आयु पूरी करने पर ही कोई नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का आवेदन कर सकता था। उन्होंने बताया कि एक जनवरी के बाद 18 वर्ष की आयु पूरी करने वालों को पूरे एक साल तक इंतजार करना पड़ता था। अब मतदाता सूची के रिवीजन फोटो इलेक्टोरल रोल में अपडेशन के लिए भी नए अपडेट फॉर्म का उपयोग किया जाएगा।

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वोटर आर्डडी आधार नंबर से लिंक कराने के लिए फार्म नंबर 6-बी भरकर संबंधित अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाताओं द्वारा आधार उपलब्ध कराना स्वैच्छिक है।मतदाता आनलाइन माध्यम से भी अपना आधार नंबर फार्म 6-बी में भर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने के लिए फार्म नंबर 6, मतदाता सूची में शामिल नाम को डिलीट कराने के लिए फार्म नंबर 7 तथा नाम में संशोधन, निवास परिवर्तन आदि के लिए फार्म नंबर 8 भरा जाता है।