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  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बेंगलुरु के एमएस रमैया अस्पताल में भर्ती, तेज बुखार के बाद हालत पर डॉक्टर कर रहे निगरानी

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बेंगलुरु के एमएस रमैया अस्पताल में भर्ती, तेज बुखार के बाद हालत पर डॉक्टर कर रहे निगरानी

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी (AICC) के प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे को तेज बुखार के कारण बेंगलुरु के एमएस रामैया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि फिलहाल कोई गंभीर चिंता का कारण नहीं है, लेकिन उन्हें निगरानी में रखा जाएगा।

    बुखार की शिकायत पर तुरंत इलाज

    सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात को खड़गे को लगातार बुखार की शिकायत के बाद एमएस रामैया अस्पताल लाया गया। अस्पताल में तुरंत कई परीक्षण किए गए। डॉक्टरों का कहना है कि यह प्रक्रिया उनकी स्थिति को स्थिर रखने और बुखार के कारण का पता लगाने के लिए जरूरी है। चिकित्सक लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बेंगलुरु के एमएस रमैया अस्पताल में भर्ती, तेज बुखार के बाद हालत पर डॉक्टर कर रहे निगरानी

    अस्पताल में चल रही जांच

    अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि बुखार के कारणों का पता लगाने के लिए विभिन्न जांचें चल रही हैं। डॉक्टर मरीज की स्थिति को देखते हुए उपचार कर रहे हैं। मेडिकल टीम का कहना है कि खड़गे की हालत फिलहाल स्थिर है। जैसे ही जांच पूरी होगी, अस्पताल से और जानकारी साझा की जाएगी।

    कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की चिंता

    खड़गे के अस्पताल में भर्ती होने की खबर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चिंता की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं दी हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की तरफ़ से भी स्वास्थ्य लाभ की कामनाएं आ रही हैं।

    जनता और पार्टी में सहानुभूति की लहर

    मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वास्थ्य स्थिति ने पार्टी और जनता में सहानुभूति की लहर पैदा कर दी है। कार्यकर्ताओं ने उनकी जल्दी से जल्दी स्वस्थ होने की कामना की है। सभी यह उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही खड़गे अस्पताल से स्वस्थ होकर पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

  • बिहार में मतदाता सूची विवाद, अमित मालवीय ने राहुल गांधी की वोटर यात्रा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

    बिहार में मतदाता सूची विवाद, अमित मालवीय ने राहुल गांधी की वोटर यात्रा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

    बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की। वरिष्ठ भाजपा नेता और IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के संबंध में एक भी शिकायत या आपत्ति नहीं दर्ज की। उन्होंने राहुल गांधी की ‘Voter Rights Yatra’ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया और इसे “वोट चोरी” का झूठा प्रचार करार दिया।

    अमित मालवीय का आरोप

    अमित मालवीय ने X पर लिखा कि चुनाव आयोग ने बिहार में SIR प्रक्रिया पूरी की और अंतिम मतदाता सूची जारी की। यह ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस ने एक भी शिकायत या आपत्ति नहीं की। उन्होंने राहुल गांधी के दौरे को अवैध प्रवासियों की रक्षा और जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया। मालवीय ने कहा कि यह रणनीति सीधे जॉर्ज सोरोस की किताब से ली गई है, जिससे कांग्रेस की हार को छुपाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों के विश्वास को कमजोर करने की साजिश की जा रही है।

    बिहार में मतदाता सूची विवाद, अमित मालवीय ने राहुल गांधी की वोटर यात्रा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

    कांग्रेस का विरोध

    बिहार कांग्रेस प्रमुख राजेश राम ने SIR प्रक्रिया को शुरू से ही धोखाधड़ी बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया न तो जनता की मांग पर हुई थी और न ही राजनीतिक पार्टियों की। इसके बावजूद इसे लापरवाही और अस्पष्टता के साथ किया गया। उन्होंने कहा कि इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं और उनके कार्यकर्ता पूरे राज्य में जांच करेंगे कि कितने नाम हटाए या जोड़े गए। राजेश राम ने स्पष्ट किया कि यह मामला यहीं खत्म नहीं होगा।

    4.7 लाख मतदाताओं की हटाई गई सूची

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त ग्यानेश कुमार ने अंतिम मतदाता सूची जारी होने पर मतदाताओं, राजनीतिक पार्टियों और अन्य हितधारकों का धन्यवाद किया। अंतिम सूची में कुल 7.42 करोड़ मतदाता हैं, जबकि 24 जून को यह संख्या 7.89 करोड़ थी। इसका मतलब है कि लगभग 47 लाख मतदाता सूची से हटाए गए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने इस पर सवाल उठाते हुए लिखा कि ये 47 लाख मतदाता कौन हैं। चुनाव आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि इनमें से कितने अन्य राज्यों में चले गए, कितने मृत हैं और कितने नकली मतदाता हैं।

    पारदर्शिता और लोकतंत्र का मुद्दा

    इस विवाद ने बिहार में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा ने कांग्रेस की आलोचना की तो कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र में धांधली बताया। मतदाता सूची में बदलाव, लाखों मतदाताओं के हटाए जाने और आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। अब जनता और मीडिया इस पर ध्यान दे रहे हैं कि चुनाव आयोग इस मुद्दे को किस तरह संभालेगा और अपनी विश्वसनीयता को कैसे बनाए रखेगा।

  • राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी, लोकतंत्र पर हमला, कुमारी शैलजा ने कड़ी निंदा कर जांच की मांग की

    राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी, लोकतंत्र पर हमला, कुमारी शैलजा ने कड़ी निंदा कर जांच की मांग की

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के एक प्रवक्ता द्वारा एक न्यूज चैनल पर लाइव कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दी गई मौत की धमकी अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है। यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि हमारे संविधान, लोकतांत्रिक परंपराओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है।

    राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी, लोकतंत्र पर हमला, कुमारी शैलजा ने कड़ी निंदा कर जांच की मांग की

    मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी और देश की जनता यह सवाल पूछ रही है कि क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है जो राहुल गांधी जैसे जननेता के खिलाफ रची जा रही है? क्या भाजपा अब खुलेआम हिंसा और डराने-धमकाने की राजनीति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रही है? क्या प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी इस घृणित कृत्य की मौन स्वीकृति नहीं है? कुमारी शैलजा ने कहा कि अगर राहुल गांधी ने सरकार के समक्ष कुछ सवाल उठाए है तो सरकार को उनका जवाब देना चाहिए, केंद्र सरकार जनहित में उठाए गए सवालों से पल्ला नहीं झाड़ सकती। जब केंद्र सरकार राहुल गांधी के सवालों के जवाब नहीं दे रही है तो राहुल गांधी ने ये सवाल जनता की अदालत में रख दिए है। इसी से भाजपा बौखलाई हुई है।

    सासंद कुमारी शैलजा ने कहा है कि वे केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन से मांग करती है कि राहुल गांधी को मौत की धमकी देने वाले भाजपा प्रवक्ता के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई हो। भाजपा नेतृत्व को इस कुकृत्य के लिए देश से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। कुमारी शैलजा ने कहा कि यह याद रखना होगा कि राहुल गांधी का परिवार पहले ही राष्ट्र की एकता और लोकतंत्र की रक्षा में दो प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को शहादत के रूप में खो चुका है। ऐसे में इस प्रकार की धमकियां केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। कुमारी शैलजा ने कहा कि राहुल गांधी निडर होकर आरएसएस-भाजपा की विचारधारा के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं और जनता की आवाज़ को उठा रहे हैं। उन्हें डराने या धमकाने से उनका संकल्प और मज़बूत ही होगा। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। जितना भाजपा वाले हमें डराएंगे उतना ही हमारा हौसला और मज़बूत होगा।

  • सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह मानसा से लड़ेंगे 2027 विधानसभा चुनाव, बेटे का अधूरा सपना करेंगे पूरा

    सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह मानसा से लड़ेंगे 2027 विधानसभा चुनाव, बेटे का अधूरा सपना करेंगे पूरा

    सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह बलकौर सिंह पंजाब विधानसभा का अगला चुनाव लड़ते नजर आएंगे। बलकौर सिंह ने चुनावी अखाड़े में उतरने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। वह एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि उनके बेटे सिद्धू मूसेवाला का सपना विधानसभा की सीढ़ियां चढ़ने का था। वह उसे पूरा नहीं कर सका। अब वह अपने बेटे का सपना साकार करेंगे।

    दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव मानसा से लड़ने की घोषणा की है। सिद्धू मूसेवाला ने 2022 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था, लेकिन आप उम्मीदवार से हार गए थे। अब अगले विधानसभा चुनाव में उनके पिता चुनाव लड़ेंगे।

    बलकौर सिंह ने पहले राजनीति में आने के संकेत दिए थे, लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह मानसा विधानसभा क्षेत्र से अगला विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि अपने बेटे की तस्वीर लेकर विधानसभा जाएं, क्योंकि उनका बेटा 2022 में विधानसभा नहीं जा सका।

    सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह मानसा से लड़ेंगे 2027 विधानसभा चुनाव, बेटे का अधूरा सपना करेंगे पूरा

    कांग्रेस पार्टी के एक पर्यवेक्षक मानसा जिला अध्यक्ष पद के साथ-साथ चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने मानसा पहुंचे थे। अन्य पदाधिकारियों के अलावा, बलकौर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुझे लग रहा था कि अपने बेटे को खोने के बाद लोग मुझसे दूर हो जाएंगे, लेकिन मुझे लगता है कि मानसा के लोग अभी भी हमारे साथ खड़े हैं, जिससे मुझे राजनीतिक लड़ाई लड़ने की बहुत ताकत मिलती है। चूंकि लड़ाई कठिन है और मेरे पास ज़्यादा जनशक्ति नहीं है, मुझे उम्मीद है कि लोग मेरे साथ खड़े रहेंगे और हमारी जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।

    मानसा से चुनाव हारने के तुरंत बाद, मूसेवाला की 29 मई, 2022 को मानसा के पास जवाहरके गांव में हत्या कर दी गई। बलकौर सिंह के भाई चमकौर सिंह ने बताया कि परिवार को उम्मीद थी कि कांग्रेस उन्हें टिकट देगी। उन्होंने आगे कहा कि हमने बड़ी लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है।

    मूसेवाला गांव स्थित बलकौर सिंह के आवास पर कई लोग इकट्ठा हुए थे। कुछ मौकों पर बलकौर ने राजनीति में आने के संकेत दिए और बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गए। फ़िलहाल, वे अपने बेटे के मुकदमे में शामिल हैं। 26 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के दौरान बलकौर सिंह की मुख्य परीक्षा पूरी होनी थी, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के कारण यह पूरी नहीं हो सकी। 12 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के दौरान, इसे आंशिक रूप से रिकॉर्ड किया गया था। अब मामले की सुनवाई 17 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

  • राहुल गांधी को टीवी डिबेट में मौत की धमकी, कांग्रेस ने अमित शाह को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की

    राहुल गांधी को टीवी डिबेट में मौत की धमकी, कांग्रेस ने अमित शाह को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की

    कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने भाजपा के प्रवक्ता द्वारा किए गए विवादास्पद बयान का उल्लेख किया, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मौत की धमकी देने का आरोप लगाया गया। कांग्रेस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

    पत्र में लगाए गए आरोप

    वेणुगोपाल ने पत्र में कहा कि भाजपा प्रवक्ता और पूर्व एबीवीपी नेता प्रिंटु महादेव ने एक मलयालम टीवी चैनल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी को लक्षित किया। उन्होंने कहा कि महादेव ने स्पष्ट रूप से कहा, “राहुल गांधी को सीने में गोली मार दी जाएगी।” कांग्रेस नेता का कहना है कि यह न केवल एक भाषण की गलती या अनजाने में कहा गया बयान नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया भयावह और घातक धमकी है।

    राहुल गांधी को टीवी डिबेट में मौत की धमकी, कांग्रेस ने अमित शाह को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की

    सुरक्षा और संवैधानिक चिंता

    कांग्रेस महासचिव ने कहा कि भाजपा के आधिकारिक प्रवक्ता के ऐसे जहरिले शब्द राहुल गांधी के जीवन के लिए खतरा हैं। साथ ही, ऐसे बयान संविधान, कानून और हर नागरिक की सुरक्षा की बुनियादी गारंटी के खिलाफ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष के नेता के खिलाफ यह खुला और घातक बयान पूरी तरह अस्वीकार्य है।

    सीआरपीएफ को भी लिखे पत्र

    वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) को पहले भी कई पत्र लिखे गए हैं। इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखा गया एक समान पत्र मीडिया में लीक हुआ था, जो गंभीर सवाल खड़े करता है कि इसकी गुप्त भूमिका क्या है। कांग्रेस नेताओं ने इसे गंभीर और चिंताजनक बताया।

    बड़ी साजिश की आशंका

    वेणुगोपाल ने कहा कि भाजपा प्रवक्ता की यह घोर और खुली धमकी सिर्फ व्यक्तिगत हमला नहीं बल्कि व्यापक और कुटिल साजिश की झलक देती है। उनका कहना है कि इस तरह की धमकियां हिंसा को जायज ठहराने की कोशिश जैसी लगती हैं। कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री से तत्काल कार्रवाई करने और प्रवक्ता के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की मांग की है, ताकि लोकतंत्र और विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • कुमारी शैलजा का आरोप, भाजपा की 2100 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला, महिलाओं के साथ छलावा

    कुमारी शैलजा का आरोप, भाजपा की 2100 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला, महिलाओं के साथ छलावा

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि हरियाणा सहित देशभर की करोड़ों महिलाओं के साथ भाजपा सरकार बार-बार छलावा कर रही है। अब लाड़ो लक्ष्मी योजना और 2100 रुपये देने का जो शोर मचाया जा रहा है, वह भी जनता को गुमराह करने का एक और चुनावी हथकंडा है। योजना में आय सीमा रखकर अधिकतर गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को बाहर कर दिया गया है।

    मीडिया को जारी बयान में कुमारी शैलजा ने कहा कि भाजपा का संकल्प पत्र सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने की बात करता है, लेकिन हकीकत में योजना इतनी शर्तों से बंधी है कि अधिकांश महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। योजना में आय सीमा रखकर अधिकांश गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को बाहर कर दिया गया है।

    कुमारी शैलजा का आरोप, भाजपा की 2100 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला, महिलाओं के साथ छलावा

    केवल कुछ गिनी-चुनी महिलाएं ही इसका लाभ ले पाएंगी, जबकि संकल्प पत्र में सभी महिलाओं को लाभ देने की बात कही गई थी। महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण और सम्मान की जगह मात्र चुनावी लालच देकर गुमराह किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए ठोस और दीर्घकालीन योजनाएं बनाई जाएं, न कि केवल चुनाव के समय वोट बटोरने के लिए ऐसी घोषणाएं की जाए।

    कुमारी शैलजा ने कहा है कि इस योजना लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके परिवार की आय एक लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आय का निर्धारण परिवार पहचान पत्र के आधार पर किया जाएगा। कुमारी शैलजा ने कहा कि इस योजना के तहत आयु सीमा दूसरे राज्यों की अपेक्षा हरियाणा में कम रखी है। दूसरे राज्य में यह आय सीमा 1.20 लाख रुपपे से 2.50 रुपये तक रखी गई है। सांसद कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार से पूछा है कि जब उनका संकल्प पत्र सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने का था, तो फिर आय सीमा की शर्त क्यों लगाई गई? क्या भाजपा महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है या केवल चुनावी राजनीति करना चाहती है? क्या महिलाओं की गरिमा और अधिकार महज 2100 रुपये से खरीदे जा सकते हैं? सांसद ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए नीतियां बनाईं और जमीन पर उतारी हैं। आने वाले समय में कांग्रेस महिलाओं को उनका वास्तविक हक और सम्मान दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है। 

  • प्रदीप गिल ने INLD में की घर वापसी, रोहतक-जींद में पार्टी की स्थिति मजबूत बनाने की तैयारी शुरू

    प्रदीप गिल ने INLD में की घर वापसी, रोहतक-जींद में पार्टी की स्थिति मजबूत बनाने की तैयारी शुरू

    हरियाणा की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। कांग्रेस के पूर्व नेता और जींद विधानसभा से निर्दलीय उम्मीदवार रह चुके प्रदीप गिल, जो लंबे समय तक INLD में युवा प्रदेशाध्यक्ष के रूप में सक्रिय रहे, आज अपनी मूल पार्टी में वापसी कर रहे हैं। यह “घर वापसी” रोहतक की नई अनाज मंडी में ताऊ देवीलाल की 112वीं जयंती समारोह के दौरान हुई।

    प्रदीप गिल की वापसी से इनैलो को जींद और रोहतक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। हरियाणा में 2029 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर यह आयोजन एक सियासी शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। रोहतक, जो हमेशा से जाट और किसान वोट बैंक का गढ़ रहा है, में इनैलो का यह कदम कांग्रेस और बीजेपी के लिए चुनौती पेश कर सकता है।

    प्रदीप गिल ने INLD में की घर वापसी, रोहतक-जींद में पार्टी की स्थिति मजबूत बनाने की तैयारी शुरू

    प्रदीप गिल ने इनैलो में युवा प्रदेशाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक काम किया और किसान-केंद्रित मुद्दों को युवाओं तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में जींद सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोकी। हालांकि, वे जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी सक्रियता ने उन्हें चर्चा में रखा। अब उनकी INLD में वापसी को पार्टी की रणनीति के तहत एक अहम कदम माना जा रहा है।

    प्रदीप गिल को राजनीति में ऐसे व्यक्ति के रूप में जाना जाता है जो राजनीतिक लाभ के लिए पार्टी नहीं बदलता है। जब हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार थी तब प्रदीप गिल की पत्नी अनीता गिल जिला परिषद की सदस्य बनी थी। हरियाणा में कांग्रेस सरकार ने जिला परिषद में अपना अध्यक्ष बनने के लिए पार्षदों को अपने पक्ष में कर रही थी। तब प्रदीप गिल को प्रदेश सरकार ने बड़े राजनीतिक पद का ऑफर भी किया था लेकिन प्रदीप गिल ने उसे स्वीकार नहीं किया था। जब तक उनकी पत्नी जिला पार्षद रही तब तक वह इनेलो में ही बने रहे। बाद में वह कांग्रेस में गए और टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और 8000 वोट हासिल किए।

    हाल ही में रोहतक से बलवान सिंह सुहाग (पूर्व जजपा उपाध्यक्ष) और उनके परिवार की इनैलो में वापसी के बाद प्रदीप गिल का यह कदम पार्टी के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। जिस रास्ते पर इस समय इनेलो चल रही है, उसे हरियाणा की राजनीति में आने वाले समय में बड़ी हलचल देखने को मिलेगी।

  • सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी की पेशी पर वकील ने जताई आपत्ति, अगली सुनवाई 3 अक्टूबर तय

    सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी की पेशी पर वकील ने जताई आपत्ति, अगली सुनवाई 3 अक्टूबर तय

    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ पुणे की अदालत में एक नया विवाद सामने आया है। मामला उस कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा है जो राहुल गांधी ने वी.डी. सावकर के बारे में एक भाषण में कही थी। सावकर के पोते, सत्यकी सावकर ने एक याचिका दाखिल कर अदालत से अनुरोध किया कि राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के दौरान उपस्थित होना चाहिए।

    याचिका का विरोध

    राहुल गांधी के वकील, मिलिंद पवार ने सत्यकी सावकर की याचिका का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को अदालत में उपस्थित होने की कोई आवश्यकता नहीं है। वकील का कहना था कि इस अपील का कोई कानूनी आधार नहीं है और शिकायतकर्ता ने गांधी की उपस्थिति को न्यायसंगत ठहराने के लिए कोई ठोस कारण भी नहीं दिया।

    सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी की पेशी पर वकील ने जताई आपत्ति, अगली सुनवाई 3 अक्टूबर तय

    पहले की याचिका पर विवाद

    सत्यकी सावकर ने यह भी सवाल उठाया कि क्या पहले दाखिल की गई याचिका, जिसमें उनके जीवन को खतरे की बात कही गई थी, राहुल गांधी की अनुमति से ही दाखिल की गई थी। राहुल गांधी के वकील ने पहले यह याचिका वापस ले ली थी और अदालत को बताया कि यह बिना उनके मुवक्किल की सहमति के दाखिल की गई थी।

    मामला क्या है

    सत्यकी सावकर ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि राहुल गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में दिए गए भाषण में कहा कि वी.डी. सावकर ने अपनी किताब में लिखा कि उन्होंने और उनके कुछ दोस्तों ने एक मुस्लिम व्यक्ति को पीटा था, जिसे सावकर ने बहुत सराहा। सत्यकी सावकर का कहना है कि ऐसा कोई भी घटना कभी नहीं हुई और सावकर ने किसी किताब में ऐसा कुछ भी लिखा ही नहीं।

    अगली सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया

    मिलिंद पवार ने अदालत में यह भी कहा कि याचिका एकतरफा है और इसका कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया कि शिकायतकर्ता को यह स्पष्ट करने के लिए कहा जाए कि यह याचिका किस कानूनी धाराओं के तहत दाखिल की गई है। अदालत ने अगली सुनवाई 3 अक्टूबर के लिए निर्धारित की है। इस मामले में कानूनी बहस और राजनीतिक बयानबाजी दोनों ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

  • हरियाणा में चावल वितरण की अवधि बढ़ी, CM सैनी ने मिल मालिकों को 50 करोड़ रुपये की राहत का किया ऐलान

    हरियाणा में चावल वितरण की अवधि बढ़ी, CM सैनी ने मिल मालिकों को 50 करोड़ रुपये की राहत का किया ऐलान

    हरियाणा सरकार ने शनिवार, 20 सितंबर को चावल वितरण अवधि को 15 मार्च से बढ़ाकर 30 जून कर दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस कदम से राज्य में लगभग 1,000 चावल मिलों को सीधे लाभ होगा। उन्होंने बताया कि मिल मालिकों को होल्डिंग फीस में लगभग 50 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।

    मिल मालिकों की मांगों को मिला मान्यता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन ने सरकार को सूचित किया था कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने चावल की आपूर्ति में लगभग 45 दिन की देरी की। इससे मिल मालिक समय पर अपना कार्य पूरा नहीं कर पाए। उनकी मांग को मान्यता देते हुए सरकार ने बोनस पात्रता अवधि को 15 मार्च से 30 जून तक बढ़ा दिया। इसके अलावा, मिल मालिकों के लिए चावल वितरण अवधि को भी 30 जून तक विस्तारित किया गया।

    हरियाणा में चावल वितरण की अवधि बढ़ी, CM सैनी ने मिल मालिकों को 50 करोड़ रुपये की राहत का किया ऐलान

    किसानों के हित में सरकार का निर्णय

    सैनी ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। इसी उद्देश्य से इस साल धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर की बजाय 22 सितंबर से शुरू होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है और दावा कर रही है कि भाजपा सरकार MSP प्रणाली को समाप्त कर देगी।

    MSP में निरंतर वृद्धि

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने फसलों के लिए MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लगातार बढ़ाया है। 2014 में सामान्य धान का MSP 1,360 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इसी तरह, ग्रेड-ए धान का MSP 1,400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2,389 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इससे किसानों को उनकी उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।

    किसानों और मिल मालिकों के लिए सरकार का संदेश

    सैनी ने किसानों से अपील की कि वे सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को समझें और अफवाहों में न आएं। उन्होंने कहा कि मिलों को समय पर चावल वितरण सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। इस निर्णय से न केवल मिल मालिकों को राहत मिलेगी बल्कि किसानों को भी उनकी उपज के लिए बेहतर मूल्य और सुरक्षित वितरण प्रणाली सुनिश्चित होगी।

  • अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    भारतीय राष्ट्रीय लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार बनने के पीछे कांग्रेस पार्टी का हाथ है। उनका कहना है कि कांग्रेस ने हमेशा भाजपा का समर्थन किया है, लेकिन आज राज्य के किसान भाजपा की नीतियों से नाराज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यवासियों के सामने असली सच्चाई 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली विशाल रैली में सामने आएगी।

    लैडपुर में रैली का आमंत्रण

    अभय चौटाला झज्जर के लैडपुर गांव पहुंचे और वहां रैली में शामिल होने के लिए लोगों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह रैली पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती के अवसर पर आयोजित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर तीखे हमले किए और कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने किसानों के अधिकारों का हनन किया है और उनकी जमीन और संसाधनों पर कब्जा किया।

    अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    कांग्रेस और भाजपा पर निशाना

    अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से भाजपा के साथ रही है और अब भी इसका असर हरियाणा की राजनीति में देखने को मिलता है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता में आते ही किसानों की अनदेखी की और उनकी समस्याओं को हल करने में कोई कदम नहीं उठाया। चौटाला ने कहा कि यह रैली किसानों के लिए एक मजबूत संदेश होगी और उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक करेगी।

    किसानों और ग्रामीणों से अपील

    उन्होंने ग्रामीणों और किसानों से अपील की कि वे रैली में ऐतिहासिक संख्या में पहुंचें। चौटाला ने कहा कि यह रैली हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित होगी। उनका कहना है कि रैली के माध्यम से जनता को यह संदेश मिलेगा कि सत्ता में बैठे लोग उनके हितों के प्रति कितने गंभीर हैं। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

    हरियाणा की राजनीति में संभावित बदलाव

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस रैली के बाद हरियाणा की राजनीति में बदलाव की संभावना है। किसान और ग्रामीण जनता अपनी असंतोषजनक भावनाओं को सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर सकते हैं। अभय सिंह चौटाला की अपील और रैली का व्यापक प्रभाव राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है। यह रैली न केवल किसानों की समस्याओं को उजागर करेगी बल्कि हरियाणा की राजनीति में नई बहस और विमर्श को भी जन्म देगी।