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  • Haryana News: राहुल गांधी के बयान पर मनोहर लाल खट्टर का पलटवार! सिर्फ चर्चा में बने रहने की कोशिश

    Haryana News: राहुल गांधी के बयान पर मनोहर लाल खट्टर का पलटवार! सिर्फ चर्चा में बने रहने की कोशिश

    Haryana News: दिल्ली में आयोजित ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी केवल दिखावा करते हैं और उनके पास कोई ताकत नहीं है। राहुल गांधी का यह बयान सियासी हलकों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

    मनोहर लाल खट्टर ने दिया करारा जवाब

    राहुल गांधी के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कड़ा पलटवार किया। करनाल में मीडिया से बात करते हुए खट्टर ने कहा कि राहुल गांधी का मकसद सिर्फ अखबारों की सुर्खियों में बने रहना है। इसलिए वे इस तरह के बयान देते रहते हैं। खट्टर ने यह भी कहा कि इस तरह की बातों का कोई महत्व नहीं है।

    Haryana News: राहुल गांधी के बयान पर मनोहर लाल खट्टर का पलटवार! सिर्फ चर्चा में बने रहने की कोशिश

    राजनीति में बयानबाज़ी का दौर तेज़

    चुनाव नजदीक आते ही नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो जाता है। राहुल गांधी और भाजपा नेताओं के बीच जुबानी जंग कोई नई बात नहीं है। इस बार भी राहुल गांधी के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले भी राहुल गांधी कई बार पीएम मोदी को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं।

    क्या है इसके पीछे की रणनीति

    राजनीतिक जानकार मानते हैं कि राहुल गांधी का यह बयान कांग्रेस के नए सियासी अभियान का हिस्सा हो सकता है जिसमें वे खुद को जनता का सच्चा प्रतिनिधि और बीजेपी को सत्ता का प्रतीक बताने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं भाजपा इसे केवल एक नकारात्मक राजनीति की रणनीति मान रही है। खट्टर जैसे वरिष्ठ नेताओं के बयान यही दर्शाते हैं कि भाजपा इस तरह की बातों को तवज्जो नहीं देना चाहती।

    जनता पर कितना असर डालेंगे ऐसे बयान

    अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी के इस बयान का जनता पर क्या असर होता है। क्या यह कांग्रेस के लिए कोई सियासी फायदा लाएगा या फिर भाजपा इसे एक और अवसर में बदल देगी। फिलहाल तो खट्टर जैसे नेताओं के जवाब से यह साफ है कि भाजपा इन बयानों को गंभीरता से नहीं ले रही लेकिन जवाब देने से भी नहीं चूक रही।

  • Bihar Assembly में मानसून सत्र का अंतिम दिन बना सियासी संग्राम! नीतिश बोले- काले कपड़े वाले करते थे काले काम

    Bihar Assembly में मानसून सत्र का अंतिम दिन बना सियासी संग्राम! नीतिश बोले- काले कपड़े वाले करते थे काले काम

     Bihar Assembly के मानसून सत्र का आज अंतिम दिन था लेकिन सत्र का समापन भी शांति से नहीं हो सका। पिछले चार दिनों से विपक्ष मतदाता पुनरीक्षण कार्य को लेकर काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन कर रहा था। गुरुवार को इस मुद्दे पर सदन में चर्चा हुई और कई तीखे शब्दों का भी इस्तेमाल हुआ। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने खुलकर अपनी बात रखी और सत्ता पक्ष पर जमकर हमला बोला।

    तेजस्वी और सम्राट चौधरी में तीखी बहस

    चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव और मंत्री सम्राट चौधरी के बीच जमकर बहस हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। इस बहस के बाद मंत्री विजय चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के कार्यकाल में हुए मतदाता पुनरीक्षण की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पहले भी इस प्रक्रिया में खामियां रही हैं और उस समय भी इसे लेकर कई सवाल उठे थे।

     Bihar Assembly में मानसून सत्र का अंतिम दिन बना सियासी संग्राम! नीतिश बोले- काले कपड़े वाले करते थे काले काम

    एसआईआर पर विपक्ष का सत्तापक्ष को घेरना

    आज विपक्षी विधायक फिर से काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे और पोर्टिको में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस और राजद के नेताओं ने एनडीए के मंत्रियों पर लोकतंत्र का अपमान करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि विधानसभा में सत्ता पक्ष के विधायक गुंडागर्दी कर रहे हैं और विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है।

    नीतीश कुमार ने उठाए विपक्ष के पहनावे पर सवाल

    सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खड़े हो गए। उन्होंने विपक्ष के काले लिबास पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह लोग उल्टा पुल्टा काम कर रहे हैं। नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि जनता को पता है कि हमने कितना काम किया है और पहले क्या हालत थी।

    कैग रिपोर्ट और लोकतंत्र का आईना

    इस राजनीतिक तू-तू मैं-मैं के बीच विधानसभा में कैग की रिपोर्ट भी पेश की गई लेकिन विपक्ष और सत्तापक्ष की बहस में वह पूरी तरह दबकर रह गई। विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर जैसे संवेदनशील मामले को सरकार नजरअंदाज कर रही है जबकि सत्ता पक्ष इसे सिर्फ राजनीति मानता है। ऐसे में लोकतंत्र के इस मंदिर में संवाद के बजाय आरोपों का शोर गूंजता रहा।