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  • बिहार में मतदाता सूची विवाद, अमित मालवीय ने राहुल गांधी की वोटर यात्रा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

    बिहार में मतदाता सूची विवाद, अमित मालवीय ने राहुल गांधी की वोटर यात्रा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

    बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की। वरिष्ठ भाजपा नेता और IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के संबंध में एक भी शिकायत या आपत्ति नहीं दर्ज की। उन्होंने राहुल गांधी की ‘Voter Rights Yatra’ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया और इसे “वोट चोरी” का झूठा प्रचार करार दिया।

    अमित मालवीय का आरोप

    अमित मालवीय ने X पर लिखा कि चुनाव आयोग ने बिहार में SIR प्रक्रिया पूरी की और अंतिम मतदाता सूची जारी की। यह ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस ने एक भी शिकायत या आपत्ति नहीं की। उन्होंने राहुल गांधी के दौरे को अवैध प्रवासियों की रक्षा और जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया। मालवीय ने कहा कि यह रणनीति सीधे जॉर्ज सोरोस की किताब से ली गई है, जिससे कांग्रेस की हार को छुपाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों के विश्वास को कमजोर करने की साजिश की जा रही है।

    बिहार में मतदाता सूची विवाद, अमित मालवीय ने राहुल गांधी की वोटर यात्रा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

    कांग्रेस का विरोध

    बिहार कांग्रेस प्रमुख राजेश राम ने SIR प्रक्रिया को शुरू से ही धोखाधड़ी बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया न तो जनता की मांग पर हुई थी और न ही राजनीतिक पार्टियों की। इसके बावजूद इसे लापरवाही और अस्पष्टता के साथ किया गया। उन्होंने कहा कि इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं और उनके कार्यकर्ता पूरे राज्य में जांच करेंगे कि कितने नाम हटाए या जोड़े गए। राजेश राम ने स्पष्ट किया कि यह मामला यहीं खत्म नहीं होगा।

    4.7 लाख मतदाताओं की हटाई गई सूची

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त ग्यानेश कुमार ने अंतिम मतदाता सूची जारी होने पर मतदाताओं, राजनीतिक पार्टियों और अन्य हितधारकों का धन्यवाद किया। अंतिम सूची में कुल 7.42 करोड़ मतदाता हैं, जबकि 24 जून को यह संख्या 7.89 करोड़ थी। इसका मतलब है कि लगभग 47 लाख मतदाता सूची से हटाए गए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने इस पर सवाल उठाते हुए लिखा कि ये 47 लाख मतदाता कौन हैं। चुनाव आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि इनमें से कितने अन्य राज्यों में चले गए, कितने मृत हैं और कितने नकली मतदाता हैं।

    पारदर्शिता और लोकतंत्र का मुद्दा

    इस विवाद ने बिहार में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा ने कांग्रेस की आलोचना की तो कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र में धांधली बताया। मतदाता सूची में बदलाव, लाखों मतदाताओं के हटाए जाने और आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। अब जनता और मीडिया इस पर ध्यान दे रहे हैं कि चुनाव आयोग इस मुद्दे को किस तरह संभालेगा और अपनी विश्वसनीयता को कैसे बनाए रखेगा।

  • राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी, लोकतंत्र पर हमला, कुमारी शैलजा ने कड़ी निंदा कर जांच की मांग की

    राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी, लोकतंत्र पर हमला, कुमारी शैलजा ने कड़ी निंदा कर जांच की मांग की

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के एक प्रवक्ता द्वारा एक न्यूज चैनल पर लाइव कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दी गई मौत की धमकी अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है। यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि हमारे संविधान, लोकतांत्रिक परंपराओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है।

    राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी, लोकतंत्र पर हमला, कुमारी शैलजा ने कड़ी निंदा कर जांच की मांग की

    मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी और देश की जनता यह सवाल पूछ रही है कि क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है जो राहुल गांधी जैसे जननेता के खिलाफ रची जा रही है? क्या भाजपा अब खुलेआम हिंसा और डराने-धमकाने की राजनीति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रही है? क्या प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी इस घृणित कृत्य की मौन स्वीकृति नहीं है? कुमारी शैलजा ने कहा कि अगर राहुल गांधी ने सरकार के समक्ष कुछ सवाल उठाए है तो सरकार को उनका जवाब देना चाहिए, केंद्र सरकार जनहित में उठाए गए सवालों से पल्ला नहीं झाड़ सकती। जब केंद्र सरकार राहुल गांधी के सवालों के जवाब नहीं दे रही है तो राहुल गांधी ने ये सवाल जनता की अदालत में रख दिए है। इसी से भाजपा बौखलाई हुई है।

    सासंद कुमारी शैलजा ने कहा है कि वे केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन से मांग करती है कि राहुल गांधी को मौत की धमकी देने वाले भाजपा प्रवक्ता के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई हो। भाजपा नेतृत्व को इस कुकृत्य के लिए देश से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। कुमारी शैलजा ने कहा कि यह याद रखना होगा कि राहुल गांधी का परिवार पहले ही राष्ट्र की एकता और लोकतंत्र की रक्षा में दो प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को शहादत के रूप में खो चुका है। ऐसे में इस प्रकार की धमकियां केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। कुमारी शैलजा ने कहा कि राहुल गांधी निडर होकर आरएसएस-भाजपा की विचारधारा के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं और जनता की आवाज़ को उठा रहे हैं। उन्हें डराने या धमकाने से उनका संकल्प और मज़बूत ही होगा। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। जितना भाजपा वाले हमें डराएंगे उतना ही हमारा हौसला और मज़बूत होगा।

  • राहुल गांधी को टीवी डिबेट में मौत की धमकी, कांग्रेस ने अमित शाह को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की

    राहुल गांधी को टीवी डिबेट में मौत की धमकी, कांग्रेस ने अमित शाह को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की

    कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने भाजपा के प्रवक्ता द्वारा किए गए विवादास्पद बयान का उल्लेख किया, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मौत की धमकी देने का आरोप लगाया गया। कांग्रेस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

    पत्र में लगाए गए आरोप

    वेणुगोपाल ने पत्र में कहा कि भाजपा प्रवक्ता और पूर्व एबीवीपी नेता प्रिंटु महादेव ने एक मलयालम टीवी चैनल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी को लक्षित किया। उन्होंने कहा कि महादेव ने स्पष्ट रूप से कहा, “राहुल गांधी को सीने में गोली मार दी जाएगी।” कांग्रेस नेता का कहना है कि यह न केवल एक भाषण की गलती या अनजाने में कहा गया बयान नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया भयावह और घातक धमकी है।

    राहुल गांधी को टीवी डिबेट में मौत की धमकी, कांग्रेस ने अमित शाह को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की

    सुरक्षा और संवैधानिक चिंता

    कांग्रेस महासचिव ने कहा कि भाजपा के आधिकारिक प्रवक्ता के ऐसे जहरिले शब्द राहुल गांधी के जीवन के लिए खतरा हैं। साथ ही, ऐसे बयान संविधान, कानून और हर नागरिक की सुरक्षा की बुनियादी गारंटी के खिलाफ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष के नेता के खिलाफ यह खुला और घातक बयान पूरी तरह अस्वीकार्य है।

    सीआरपीएफ को भी लिखे पत्र

    वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) को पहले भी कई पत्र लिखे गए हैं। इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखा गया एक समान पत्र मीडिया में लीक हुआ था, जो गंभीर सवाल खड़े करता है कि इसकी गुप्त भूमिका क्या है। कांग्रेस नेताओं ने इसे गंभीर और चिंताजनक बताया।

    बड़ी साजिश की आशंका

    वेणुगोपाल ने कहा कि भाजपा प्रवक्ता की यह घोर और खुली धमकी सिर्फ व्यक्तिगत हमला नहीं बल्कि व्यापक और कुटिल साजिश की झलक देती है। उनका कहना है कि इस तरह की धमकियां हिंसा को जायज ठहराने की कोशिश जैसी लगती हैं। कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री से तत्काल कार्रवाई करने और प्रवक्ता के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की मांग की है, ताकि लोकतंत्र और विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • राहुल गांधी ने शुरू किया दक्षिण अमेरिका दौरा, राजनीतिक नेताओं और छात्रों से मुलाकात के लिए कांग्रेस के बयान का खुलासा

    राहुल गांधी ने शुरू किया दक्षिण अमेरिका दौरा, राजनीतिक नेताओं और छात्रों से मुलाकात के लिए कांग्रेस के बयान का खुलासा

    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी दक्षिण अमेरिका के दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को सोशल मीडिया पर इस जानकारी को साझा किया। उन्होंने बताया कि इस दौरे के दौरान राहुल गांधी विभिन्न राजनीतिक नेताओं और छात्रों से मुलाकात करेंगे। यह दौरा राहुल गांधी के राजनीतिक और शैक्षिक संवाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

    विदेश यात्रा में राजनीतिक और शैक्षिक मुलाकातें

    पवन खेड़ा के अनुसार, राहुल गांधी दक्षिण अमेरिका के चार देशों के राजनीतिक नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे विश्वविद्यालय के छात्रों और व्यावसायिक समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि यह दौरा भारत और विदेश के बीच संबंध मजबूत करने में सहायक होगा। इस दौरे के माध्यम से राहुल गांधी अपने दृष्टिकोण और राजनीतिक विचारों को साझा करेंगे।

    राहुल गांधी ने शुरू किया दक्षिण अमेरिका दौरा, राजनीतिक नेताओं और छात्रों से मुलाकात के लिए कांग्रेस के बयान का खुलासा

    मलेशिया दौरे की पृष्ठभूमि

    इस महीने की शुरुआत में राहुल गांधी मलेशिया भी गए थे। इस यात्रा पर भाजपा ने सवाल उठाए थे। कांग्रेस ने इस यात्रा पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया था। मलेशिया यात्रा बिहार के मतदाता अधिकार यात्रा के तुरंत बाद हुई थी। इस यात्रा को लेकर राजनीतिक हलचल और आलोचना भी देखने को मिली थी।

    भाजपा की आलोचना और प्रतिक्रिया

    भाजपा ने राहुल गांधी की मलेशिया यात्रा को लेकर तीखी आलोचना की थी। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी की एक तस्वीर साझा करते हुए कहा था कि वह मलेशिया में छुट्टियाँ मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति की गर्मी और धूल कांग्रेस के राजकुमार के लिए असहनीय थी इसलिए उन्हें विदेश जाना पड़ा। इस टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया।

    सुरक्षा टीम की चिंता

    राहुल गांधी की सुरक्षा टीम ने भी इन विदेश यात्राओं पर आपत्ति जताई थी। टीम ने शिकायत दर्ज कराई कि राहुल गांधी बिना किसी सूचना के विदेश यात्रा करते हैं और सुरक्षा व्यवस्थाओं को गंभीरता से नहीं लेते। सुरक्षा टीम का कहना है कि इस तरह की यात्राएँ उनके लिए जोखिम भरी हो सकती हैं। इसके बावजूद राहुल गांधी विदेश यात्राओं के माध्यम से अपने राजनीतिक और शैक्षिक संवाद को जारी रख रहे हैं।

  • सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी की पेशी पर वकील ने जताई आपत्ति, अगली सुनवाई 3 अक्टूबर तय

    सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी की पेशी पर वकील ने जताई आपत्ति, अगली सुनवाई 3 अक्टूबर तय

    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ पुणे की अदालत में एक नया विवाद सामने आया है। मामला उस कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा है जो राहुल गांधी ने वी.डी. सावकर के बारे में एक भाषण में कही थी। सावकर के पोते, सत्यकी सावकर ने एक याचिका दाखिल कर अदालत से अनुरोध किया कि राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के दौरान उपस्थित होना चाहिए।

    याचिका का विरोध

    राहुल गांधी के वकील, मिलिंद पवार ने सत्यकी सावकर की याचिका का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को अदालत में उपस्थित होने की कोई आवश्यकता नहीं है। वकील का कहना था कि इस अपील का कोई कानूनी आधार नहीं है और शिकायतकर्ता ने गांधी की उपस्थिति को न्यायसंगत ठहराने के लिए कोई ठोस कारण भी नहीं दिया।

    सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी की पेशी पर वकील ने जताई आपत्ति, अगली सुनवाई 3 अक्टूबर तय

    पहले की याचिका पर विवाद

    सत्यकी सावकर ने यह भी सवाल उठाया कि क्या पहले दाखिल की गई याचिका, जिसमें उनके जीवन को खतरे की बात कही गई थी, राहुल गांधी की अनुमति से ही दाखिल की गई थी। राहुल गांधी के वकील ने पहले यह याचिका वापस ले ली थी और अदालत को बताया कि यह बिना उनके मुवक्किल की सहमति के दाखिल की गई थी।

    मामला क्या है

    सत्यकी सावकर ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि राहुल गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में दिए गए भाषण में कहा कि वी.डी. सावकर ने अपनी किताब में लिखा कि उन्होंने और उनके कुछ दोस्तों ने एक मुस्लिम व्यक्ति को पीटा था, जिसे सावकर ने बहुत सराहा। सत्यकी सावकर का कहना है कि ऐसा कोई भी घटना कभी नहीं हुई और सावकर ने किसी किताब में ऐसा कुछ भी लिखा ही नहीं।

    अगली सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया

    मिलिंद पवार ने अदालत में यह भी कहा कि याचिका एकतरफा है और इसका कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया कि शिकायतकर्ता को यह स्पष्ट करने के लिए कहा जाए कि यह याचिका किस कानूनी धाराओं के तहत दाखिल की गई है। अदालत ने अगली सुनवाई 3 अक्टूबर के लिए निर्धारित की है। इस मामले में कानूनी बहस और राजनीतिक बयानबाजी दोनों ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

  • हरियाणा मंत्री अनिल विज का राहुल गांधी पर तंज, कहा- मानसिक स्वास्थ्य के लिए साइकोलॉजिस्ट से इलाज कराएं

    हरियाणा मंत्री अनिल विज का राहुल गांधी पर तंज, कहा- मानसिक स्वास्थ्य के लिए साइकोलॉजिस्ट से इलाज कराएं

    हरियाणा कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर राहुल गांधी पर हमला बोला। अंबाला में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नेगेटिव सोच के शिकार हैं और उन्हें मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता का दृष्टिकोण देश के हित में नहीं है और हमेशा आलोचनात्मक दृष्टिकोण अपनाते हैं।

    विश्व भारत के साथ हाथ मिलाना चाहता है

    अनिल विज ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के साथ जुड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि 2011 में भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी, लेकिन आज यह तीसरे स्थान पर पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आत्मविश्वास और सम्मान दिलाया है। आज भारत विश्व स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक रूप से सम्मानित है।

    हरियाणा मंत्री अनिल विज का राहुल गांधी पर तंज, कहा- मानसिक स्वास्थ्य के लिए साइकोलॉजिस्ट से इलाज कराएं

    राहुल गांधी ने मोदी को बताया कमजोर प्रधानमंत्री

    राहुल गांधी ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के H-1B वीजा फीस बढ़ाने के फैसले पर पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “भारत का प्रधानमंत्री कमजोर है।” इसके साथ ही राहुल ने 2017 का पुराना पोस्ट भी साझा किया, जिसमें उन्होंने मोदी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अमेरिका के साथ H-1B वीजा मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं की। यही कारण है कि अनिल विज ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।

    अमेरिका ने H-1B वीजा फीस बढ़ाई

    पिछले शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा फीस में बड़ी वृद्धि की घोषणा की। नए आदेश के तहत H-1B वीजा की वार्षिक फीस $100,000 (लगभग 88 लाख रुपये) कर दी गई है। इस फैसले का भारतीय पेशेवरों पर बड़ा असर पड़ सकता है। अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय H-1B वीजा पर काम करते हैं, और इस नए शुल्क से उनकी नौकरी और कर खर्च पर असर पड़ेगा।

    अनिल विज का संदेश और भारत की उपलब्धियां

    अनिल विज ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व स्तर पर सम्मान और आर्थिक मजबूती हासिल की है। उन्होंने लोगों से कहा कि राहुल गांधी जैसी नेगेटिव सोच से प्रभावित न हों और देश के विकास और अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर ध्यान दें। विज ने यह भी कहा कि भारत आज विश्व समुदाय में एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभरा है।

  • CM नायब सिंह सैनी ने राहुल के वोट चोरी आरोपों पर दिया जोरदार जवाब, हरियाणा के उदाहरण से कांग्रेस की पोल खोली

    CM नायब सिंह सैनी ने राहुल के वोट चोरी आरोपों पर दिया जोरदार जवाब, हरियाणा के उदाहरण से कांग्रेस की पोल खोली

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस को ही वोट कर बताया है। राहुल गांधी के आरोपी के खिलाफ मुख्यमंत्री ने मोर्चा संभालते हुए हरियाणा के कई उदाहरण देकर कहा कि वोट चोरी करने का काम कांग्रेस का रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र पूरी तरह सुरक्षित, कुछ असफल लोग अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए अराजकता फैलाकर इसे खतरे में डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर कैसा लोकतंत्र है, यह सब लोग देख रहे हैं। हरियाणा में विधानसभा चुनावों को लगभग 1 साल होने को है, इसके बावजूद भी ये नेता प्रतिपक्ष का चुनाव नहीं कर पाए हैं।

    हरियाणा में कांग्रेस के वोट चोरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2009 के विधानसभा चुनावों में सुखबीर कटारिया बोगस वोटिंग मामला खूब चर्चा में रहा था। आरोप मुख्य रूप से फर्जी वोटर आई.डी. कार्ड और झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल करके मतदाता सूची में हेरफेर करने पर आधारित थे। मतदाता जागरूक मंच नाम के एनजीओ ने मतदान में हेरफेर के आरोप लगाए। इसी मामले में, 2013 में एक जिला अदालत के निर्देश पर कटारिया के खिलाफ दो FIR दर्ज हुई।

    CM नायब सैनी ने राहुल के वोट चोरी आरोपों पर दिया जोरदार जवाब, हरियाणा के उदाहरण से कांग्रेस की पोल खोली

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2014 में नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना में फर्जी मतदान और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगे थे। इस क्षेत्र में मतदान 78 प्रतिशत दर्ज किया गया। विशेषकर जिला मुख्यालय नूंह में, जिसमें रैना गांव जैसे इलाके शामिल थे। जब लोगों से उनकी अंगुलियों पर इंक मार्क दिखाने को कहा गया, तो बहुत कम मतदाताओं की अंगुलियों पर इंक मार्क थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कैथल के पारस मित्तल ने 6 मई, 2014 को 10 हजार फर्जी वोटरों की लिस्ट भी निर्वाचन अधिकारी को सौंपी। कई लोगों की लिस्ट उच्च न्यायालय को सौंपी जिनके वोट कैथल और नरवाना दोनों विधानसभा में थे। जांच के बाद 7447 मतदाताओं को फर्जी मानते हुए मतदाता सूची से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से पूछा कि हरियाणा में जब यह सब हुआ उस समय प्रदेश में किसकी सरकार थी?

    नायब सैनी ने कहा कि जिस एजेंसी ‘सेंटर फॉर दा स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज’ की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने आरोप लगाए, उस एजेंसी ने 17 अगस्त को अपनी रिपोर्ट ही वापिस ले ली। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि न तो संविधान खतरे में है, न ही लोकतंत्र खतरे में है, अगर खतरे में है तो कांग्रेस की राजनीति खतरे में है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक के अलंद विधानसभा का हवाला राहुल गांधी दे रहे हैं, वहां से 2023 में कांग्रेस जीती थी और भाजपा हार गई थी। उन्होंने राहुल गांधी पर सच को तोड़-मरोड़ कर पेश कर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा इस मामले में पहले ही एफ.आई.आर. दर्ज हो चुकी है। चुनाव आयोग ने उपयोग किए गए मोबाइल नंबर और आई.पी. पते भी उपलब्ध कराए थे। इसकी जांच कर्नाटक में सी.आई.डी. कर रही है, जहां कांग्रेस की ही सरकार है। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि क्या उन्हें अपनी ही पार्टी की सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है।

  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी और Gen Z पोस्ट ने राजनीति का बढ़ाया तापमान, BJP ने राहुल गांधी को बताया देश विरोधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी और Gen Z पोस्ट ने राजनीति का बढ़ाया तापमान, BJP ने राहुल गांधी को बताया देश विरोधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के Gen Z प्लान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि देश के युवा, छात्र और Gen Z संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे। उन्होंने लिखा कि वे इस प्रयास में युवाओं के साथ खड़े हैं। साथ ही उन्होंने एक फोटो पोस्ट करते हुए कहा कि लोकतंत्र कभी मिटाया नहीं जा सकता।

    बीजेपी का तीखा आरोप

    राहुल गांधी के इस पोस्ट ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। भाजपा ने कहा कि राहुल गांधी का मकसद देश में अराजकता फैलाना है। कांग्रेस चाहती है कि भारत में वही स्थिति बने जो श्रीलंका और बांग्लादेश में हुई। भाजपा ने राहुल गांधी के Gen Z प्लान को नेपाल की Gen Z क्रांति से जोड़ा। नेपाल में हाल ही में युवा और छात्र सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने संसद और सुप्रीम कोर्ट की इमारतें जलाई, मंत्रियों और राष्ट्रपति के आवासों पर हमला किया। भाजपा अब पूछ रही है कि क्या राहुल गांधी भारत को नेपाल जैसा बनाना चाहते हैं।

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी और Gen Z पोस्ट ने राजनीति का बढ़ाया तापमान, BJP ने राहुल गांधी को बताया देश विरोधी

    प्रदीप भंडारी का बयान

    भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी को भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उनका कहना है कि राहुल गांधी “Save Infiltrators” अभियान को बढ़ावा देने के लिए ऐसा कर रहे हैं। भाजपा ने राहुल गांधी को देश विरोधी ताकतों का पोस्टर बॉय भी बताया। प्रदीप भंडारी ने साफ किया कि राहुल गांधी का Gen Z प्लान नेपाल में हुई हिंसा की तरह भारत में भी स्थिति पैदा कर सकता है।

    अमित शाह का जवाब

    गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि भाजपा देश से घुसपैठियों को हटाए बिना नहीं रुकेगी। उन्होंने कहा कि इन दिनों राहुल गांधी “वोट चोरी, वोट चोरी” का नारा दे रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने बिहार में “वोट अधिकार यात्रा” की, लेकिन अमित शाह ने कहा कि असल में यह यात्रा बांग्लादेशी घुसपैठियों की रक्षा के लिए थी क्योंकि वे कांग्रेस के वोट बैंक का हिस्सा हैं। अमित शाह ने राहुल गांधी और उनके साथियों को चेतावनी दी कि भाजपा किसी भी हालत में लोगों के अधिकारों को छीने जाने नहीं देगी।

    तेजस्वी यादव और लालू यादव पर निशाना

    अमित शाह ने सिर्फ राहुल गांधी पर हमला नहीं किया, बल्कि तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव को भी निशाने पर लिया। गृह मंत्री ने कहा कि जब वोटर लिस्ट से घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं तो लालू यादव की परेशानी बढ़ रही है, लेकिन इसका कोई इलाज नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बिहार से घुसपैठियों को बाहर करना है तो एनडीए को इतनी बड़ी बहुमत के साथ फिर से सरकार बनानी होगी कि तेजस्वी यादव अगली बार चुनाव लड़ने की हिम्मत भी न कर सकें।

  • Rahul Gandhi ने ECI को दी 1 हफ्ते की चेतावनी, वोट चोरी और डिलीट होने वाले वोटों का किया खुलासा

    Rahul Gandhi ने ECI को दी 1 हफ्ते की चेतावनी, वोट चोरी और डिलीट होने वाले वोटों का किया खुलासा

    कांग्रेस नेता Rahul Gandhi लंबे समय से वोट चोरी के आरोप लगाते आ रहे हैं। 7 अगस्त को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से बताया कि किस तरह से चुनाव आयोग वोटों की हेराफेरी कर रहा है। इसी क्रम में 18 सितंबर को उन्होंने एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हाइड्रोजन बम नहीं है, वह जल्द आएगा। उन्होंने वोट डिलीट होने के सबूत पेश किए और समझाया कि चुनाव आयोग किस तरह वोटों को हटा रहा है।

    कर्नाटक CID ने भेजे 18 पत्र

    राहुल गांधी ने बताया कि कर्नाटक CID ने इस वोट डिलीशन मामले को लेकर चुनाव आयोग को 18 पत्र लिखे हैं। इन पत्रों में CID ने चुनाव आयोग से तीन सवाल पूछे। बावजूद इसके, इतने पत्रों के बाद भी चुनाव आयोग की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। राहुल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाने वालों की रक्षा कर रहे हैं। यही कारण है कि इतने पत्रों के बाद भी कोई उत्तर नहीं मिल पाया।

    Rahul Gandhi ने ECI को दी 1 हफ्ते की चेतावनी, वोट चोरी और डिलीट होने वाले वोटों का किया खुलासा

    वोट चोरी के सबूत और आरोप

    राहुल गांधी ने वोट चोरी के सबूत पेश करते हुए कहा कि हाइड्रोजन बम आने वाला है। उन्होंने बताया कि पिछली बार उन्होंने वोटों के जोड़ने की जानकारी दी थी, आज उन्होंने वोटों के हटाने की प्रक्रिया के बारे में बताया। यह सब केंद्रीकरण और कॉल सेंटर के माध्यम से किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी जानकारी ठोस सबूतों के साथ प्रस्तुत की जा रही है। उनका कहना था कि ECI के प्रमुख ज्ञानेश कुमार वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं।

    राज्यवार वोट हेराफेरी

    राहुल ने कहा कि कर्नाटक CID ने वोट डिलीट मामले की जांच शुरू की थी। CID ने चुनाव आयोग को कई सवालों के साथ पत्र भेजे, जिसमें OTP और मोबाइल नंबरों की जानकारी मांगी गई। फरवरी 2023 में जांच शुरू हुई। मार्च में पहला पत्र भेजा गया, जिसमें कई सवालों के जवाब मांगे गए। अगस्त में अधूरी जानकारी दी गई, जबकि आवश्यक जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कर्नाटक में नहीं हुआ, महाराष्ट्र के राजुरा में नाम जोड़े गए और कर्नाटक में नाम हटाए गए।

    चुनाव आयोग को एक सप्ताह का अल्टीमेटम

    राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। उनका कहना था कि जनता को पूरी जानकारी एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करनी होगी। तभी चुनाव आयोग पर विश्वास कायम रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो लोकतंत्र की प्रक्रिया पर सवाल उठेंगे। राहुल गांधी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक बार फिर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • Haryana News: भूपेंद्र हुड्डा के बुरे दिन शुरू!  ईडी का शिकंजा और 400 गुना पीनल रेंट का खतरा

    Haryana News: भूपेंद्र हुड्डा के बुरे दिन शुरू! ईडी का शिकंजा और 400 गुना पीनल रेंट का खतरा

    Haryana News: यमुनानगर 16 सितम्बर लगता है कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की किस्मत उनका साथ नही दे रही है। चुनाव हारे तो सी एम की कुर्सी भी हाथ से फिसल गई।अब नेता प्रतिपक्ष का ठाट बाट भी उनसे कोसो दूर होता दिखाई दे रहा है।विधायको का शक्ति प्रदर्शन दिखाने के बाद भी कांग्रेस उनके सामने झुकने को तैयार नही ।

    वंही अब दो और मुसीबते उनका इंतजार कर रही है। एक तरफ ई डी ने शिकंजा टाइट कर दिया है तो वहीं दूसरी और हरियाणा सरकार ने भी उन पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। तो चलिए आगे आपको बताते हैं कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा आगे आने वाले दिनों में किन मुश्किलों से गिरने वाले हैं। हरियाणा में कांग्रेस की सरकार न बनने को लेकर पहले से ही भूपेंद्र हुड्डा अपनी पार्टी के निशाने पर है न केवल राहुल गांधी बल्कि राज्य के अनेक कांग्रेसी नेता सरकार न बनने पर हुड्डा परिवार को दोषी ठहरा रहे है।

    Haryana News: भूपेंद्र हुड्डा के बुरे दिन शुरू! ईडी का शिकंजा और 400 गुना पीनल रेंट का खतरा

    हरियाणा में गुटबाजी और धड़ेबाजी के चलते राज्य की सत्ता कांग्रेस के हाथ आते-आते चली गई। इसके बाद से ही हुड्डा परिवार के बुरे दिन शुरू होने लगे हैं। सी एम की कुर्सी ना मिलने के बाद भूपेंद्र हुड्डा को उम्मीद थी कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष का रुतबा तो मिला जाएगा इसके बाद वह कैबिनेट मंत्री का लुत्फ उठा पाएंगे ना केवल सरकारी सुविधाये बल्कि चंडीगढ़ में कोठी भी उनके पास रहेगी, लेकिन कांग्रेस हाई कमान ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया वहीं अब दूसरी ओर हरियाणा सरकार ने हुड्डा साहब को सरकारी कोठी खाली करने का फरमान भी सुना दिया।

    ये कोठी कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल को पसंद थी परंतु हुड्डा ने सरकार के आदेशों पर अमल नही किया ओर कोठी कब्जाए रखी रही, हालांकि नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट मंत्री की तर्ज पर सुविधाएं मिलती है मगर कांग्रेस ने उनके नाम पर मोहर नहीं लगाई जिसके बाद पूर्व सी एम होते हुए भी एक साधारण विधायक होकर रह गए। इसलिए सरकार ने उनसे कोठी खाली करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके चलते ही हुड्डा पर सरकार ने पिनल रेंट लगाने की भी घोषणा कर दी है। हुड्डा के पास चंडीगढ़ में कोठी नंबर 70 का कब्जा है।

    यह कोठी उन्हें सरकार गठन के 15 दिन के अंदर खाली करनी थी परंतु करीब 12 महीने बाद भी यह कोठी खाली नही की गई। इसलिए अब हुड्डा से पीनल रेंट वसूला जाएगा। आपको बता दे नियम अनुसार पीनल रेंट किस तरह से वसूला जाता है। एक महीना होने पर पीनल रेंट 50 गुना दूसरे महीने में यह रकम 100 गुना तीसरे महीने में यह राशि 200 गुना हो जाती है और तब भी कोठी खाली नहीं होती तो वसूली का यह आंकड़ा 400 गुना हो जाता है।

    अब हुड्डा साहब के पास यह कोठी लगभग तीन महीने से भी ऊपर होने के बाद 400 गुना के दायरे में आ गए है। इस तरह से न केवल अब उन्हें यह कोठी खाली करनी होगी बल्कि 400 गुना का भुगतान भी करना होगा जो की लाखों रुपए बनेगा। ये तो हुई सरकार की बात। रही ई डी की बात है तो वह भी हुड्डा साहब के पीछे हाथ धोकर पड़ गई है जबकि उनकी अपनी ही पार्टी कांग्रेस भी अब उनसे अपना पिंड छुड़ाने को तैयार है ऐसे में देखना भी है कि भविष्य में हुड्डा परिवार की राजनीतिक दिशा किस ओर जाएगी।