Haryana News: भूपेंद्र हुड्डा के बुरे दिन शुरू! ईडी का शिकंजा और 400 गुना पीनल रेंट का खतरा

Haryana News: भूपेंद्र हुड्डा के बुरे दिन शुरू! ईडी का शिकंजा और 400 गुना पीनल रेंट का खतरा

Haryana News: यमुनानगर 16 सितम्बर लगता है कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की किस्मत उनका साथ नही दे रही है। चुनाव हारे तो सी एम की कुर्सी भी हाथ से फिसल गई।अब नेता प्रतिपक्ष का ठाट बाट भी उनसे कोसो दूर होता दिखाई दे रहा है।विधायको का शक्ति प्रदर्शन दिखाने के बाद भी कांग्रेस उनके सामने झुकने को तैयार नही ।

वंही अब दो और मुसीबते उनका इंतजार कर रही है। एक तरफ ई डी ने शिकंजा टाइट कर दिया है तो वहीं दूसरी और हरियाणा सरकार ने भी उन पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। तो चलिए आगे आपको बताते हैं कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा आगे आने वाले दिनों में किन मुश्किलों से गिरने वाले हैं। हरियाणा में कांग्रेस की सरकार न बनने को लेकर पहले से ही भूपेंद्र हुड्डा अपनी पार्टी के निशाने पर है न केवल राहुल गांधी बल्कि राज्य के अनेक कांग्रेसी नेता सरकार न बनने पर हुड्डा परिवार को दोषी ठहरा रहे है।

Haryana News: भूपेंद्र हुड्डा के बुरे दिन शुरू! ईडी का शिकंजा और 400 गुना पीनल रेंट का खतरा

हरियाणा में गुटबाजी और धड़ेबाजी के चलते राज्य की सत्ता कांग्रेस के हाथ आते-आते चली गई। इसके बाद से ही हुड्डा परिवार के बुरे दिन शुरू होने लगे हैं। सी एम की कुर्सी ना मिलने के बाद भूपेंद्र हुड्डा को उम्मीद थी कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष का रुतबा तो मिला जाएगा इसके बाद वह कैबिनेट मंत्री का लुत्फ उठा पाएंगे ना केवल सरकारी सुविधाये बल्कि चंडीगढ़ में कोठी भी उनके पास रहेगी, लेकिन कांग्रेस हाई कमान ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया वहीं अब दूसरी ओर हरियाणा सरकार ने हुड्डा साहब को सरकारी कोठी खाली करने का फरमान भी सुना दिया।

ये कोठी कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल को पसंद थी परंतु हुड्डा ने सरकार के आदेशों पर अमल नही किया ओर कोठी कब्जाए रखी रही, हालांकि नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट मंत्री की तर्ज पर सुविधाएं मिलती है मगर कांग्रेस ने उनके नाम पर मोहर नहीं लगाई जिसके बाद पूर्व सी एम होते हुए भी एक साधारण विधायक होकर रह गए। इसलिए सरकार ने उनसे कोठी खाली करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके चलते ही हुड्डा पर सरकार ने पिनल रेंट लगाने की भी घोषणा कर दी है। हुड्डा के पास चंडीगढ़ में कोठी नंबर 70 का कब्जा है।

यह कोठी उन्हें सरकार गठन के 15 दिन के अंदर खाली करनी थी परंतु करीब 12 महीने बाद भी यह कोठी खाली नही की गई। इसलिए अब हुड्डा से पीनल रेंट वसूला जाएगा। आपको बता दे नियम अनुसार पीनल रेंट किस तरह से वसूला जाता है। एक महीना होने पर पीनल रेंट 50 गुना दूसरे महीने में यह रकम 100 गुना तीसरे महीने में यह राशि 200 गुना हो जाती है और तब भी कोठी खाली नहीं होती तो वसूली का यह आंकड़ा 400 गुना हो जाता है।

अब हुड्डा साहब के पास यह कोठी लगभग तीन महीने से भी ऊपर होने के बाद 400 गुना के दायरे में आ गए है। इस तरह से न केवल अब उन्हें यह कोठी खाली करनी होगी बल्कि 400 गुना का भुगतान भी करना होगा जो की लाखों रुपए बनेगा। ये तो हुई सरकार की बात। रही ई डी की बात है तो वह भी हुड्डा साहब के पीछे हाथ धोकर पड़ गई है जबकि उनकी अपनी ही पार्टी कांग्रेस भी अब उनसे अपना पिंड छुड़ाने को तैयार है ऐसे में देखना भी है कि भविष्य में हुड्डा परिवार की राजनीतिक दिशा किस ओर जाएगी।

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