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  • हरियाणा के नूह में फिर हिंसा! पुलिस छापे के दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी, 13 गिरफ्तार, गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई

    हरियाणा के नूह में फिर हिंसा! पुलिस छापे के दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी, 13 गिरफ्तार, गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई

    हरियाणा के नूह जिले के इंडाना गाँव में शनिवार (27 सितंबर) को पुलिस की छापेमारी के दौरान हिंसा की घटना हुई। पंजाब से लाई गई संदिग्ध गाड़ी के मामले में जब पुलिस टीम गाँव में पहुंची, तो लोगों ने पुलिस पर पथराव किया और हवा में गोलियां चलाईं। इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई।

    पुलिस के आने पर स्थिति बिगड़ी

    पुलिस टीम सुबह लगभग 11:30 बजे आरोपी आज़ाद के घर पहुंची। आरोपी आज़ाद, शाहिद और शाहरुख बताए जा रहे हैं। पुलिस को देखते ही आरोपी फरार हो गए। घर में मौजूद महिलाओं ने पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस पर महिला पुलिसकर्मियों की मदद से एक महिला को हिरासत में लिया गया। इस दौरान अन्य गाँववासी इकट्ठा हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

    हरियाणा के नूह में फिर हिंसा! पुलिस छापे के दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी, 13 गिरफ्तार, गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई

    पत्थरबाजी और फायरिंग ने बढ़ाया तनाव

    पुलिस के अनुसार, भीड़ ने केवल पत्थर ही नहीं फेंके बल्कि हवा में गोलियां भी चलाईं। स्थिति अचानक बिगड़ने पर पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया। इसके बाद तनाव और बढ़ गया। पुलिस ने बताया कि पत्थरबाजी और फायरिंग के बाद गश्त बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके। गाँव में शांति बहाल करने के लिए लगातार निगरानी जारी है।

    13 लोग गिरफ्तार, भारी पुलिस बल तैनात

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शौकीन, यूनुस, जावेद, नासिर, हाफिज, रिहान, मुश्ताक, अज़रुद्दीन, यूसुफ, वाजिद, नायमा, शाहिना और नजमा को गिरफ्तार किया। गाँव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर शांति बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। बिचोर पुलिस थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर जसवीर के अनुसार सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

    स्थानीय सुरक्षा और भविष्य की रणनीति

    इंडाना गाँव में हुई यह हिंसक घटना स्थानीय प्रशासन के लिए चेतावनी है। पुलिस ने स्थिति पर पूरी नजर रखी और सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता और गश्त लगातार जारी रहेगी। जनता से अपील की गई है कि किसी भी तरह की हिंसा या अवैध गतिविधियों में शामिल न हों और पुलिस की मदद करें।

  • Haryana में नशा मुक्त हुई आधी से ज्यादा आबादी, पुलिस ने किए बड़े दावे, जानें पूरा हाल

    Haryana में नशा मुक्त हुई आधी से ज्यादा आबादी, पुलिस ने किए बड़े दावे, जानें पूरा हाल

    Haryana : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस ने नशे के खिलाफ जंग को एक आंदोलन का रूप दे दिया है। पुलिस की माने तो आधे से ज्यादा हरियाणा अब तक दशा मुक्त हो चुका है। जनवरी से अगस्त 2025 तक राज्य ने ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज की हैं। 4233 गांव और 910 शहरी वार्ड नशामुक्त घोषित हो चुके हैं, जबकि तस्करों की करोड़ों की अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं। पुलिस की सख्ती और न्यायिक प्रक्रिया की तेजी ने हरियाणा को देश में नशा उन्मूलन का मॉडल स्टेट बना दिया है।

    पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने दावा किया है कि नशा मुक्त हरियाणा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि जब प्रशासन, पुलिस और समाज मिलकर काम करें तो बदलाव संभव है। गांवों और वार्डों को नशामुक्त बनाने का अभियान इस बात का सबूत है कि सख्त कानून प्रवर्तन और समुदाय की सक्रियता से राज्य को नशे की जंजीरों से मुक्त कराया जा सकता है।

    Haryana में नशा मुक्त हुई आधी से ज्यादा आबादी, पुलिस ने किए बड़े दावे, जानें पूरा हाल

    उनका कहना है कि राज्य के 7354 गांवों में से 4233 गांव अब तक नशामुक्त घोषित किए जा चुके हैं। 1956 शहरी वार्डों में से 910 वार्ड इस सूची में शामिल हो चुके हैं। कुरुक्षेत्र जिले ने नशा मुक्ति अभियान में सबसे आगे रहते हुए 410 गांव नशामुक्त किए हैं, जबकि नूंह जिले में 310 और कैथल जिले में 232 गांवों को इस श्रेणी में शामिल किया। पुलिस ने सीआईडी और नारकोटिक्स कंट्रोल बयूरो की ट्रिपल लेयर सत्यापन प्रणाली लागू की है, जिससे नशामुक्त गांवों की स्थिति का निष्पक्ष आकलन हो सके।

    जनवरी से जुलाई 2025 के बीच 67 कमर्शियल क्वांटिटी मामलों का निपटारा हुआ, जिनमें 42 मामलों में आरोपियों को दोषी करार दिया गया। सजा दर 62.68 प्रतिशत रही। पिछले साल यह 71.53 प्रतिशत थी। जो पिछले साल की तुलना में बहुत कम है। हिसार, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद और सिरसा जैसे जिलों में 100 प्रतिशत दोषसिद्धि दर्ज की गई। इस प्रकार बाकी हरियाणा में यह 50% दोषसिद्धि दर्ज की गई है।

    हरियाणा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत तस्करों पर आर्थिक प्रहार किया। इस साल अब तक 1.75 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त और फ्रीज की जा चुकी है। 32.18 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि तस्करों के अवैध धन को खत्म करना उनके नेटवर्क को कमजोर करने का सबसे कारगर तरीका है।

    पुलिस का कहना है कि जनवरी से अगस्त 2025 तक कमर्शियल मामलों में 307 एफआईआर दर्ज हुईं। 783 आरोपियों को नामजद किया गया, जिनमें से 437 मौके पर ही दबोच लिए गए। 346 गिरफ्तारियां बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक के आधार पर हुईं। पिछले साल की तुलना में मौके पर गिरफ्तारी की दर और अधिक बढ़ गई है। यह बताता है कि खुफिया तंत्र और पुलिस की त्वरित कार्रवाई पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी हो गई है।

  • सोनीपत में 12 एकड़ जमीन पर 10 फर्जी मदन मोहन की अजीबोगरीब साजिश का खुलासा

    सोनीपत में 12 एकड़ जमीन पर 10 फर्जी मदन मोहन की अजीबोगरीब साजिश का खुलासा

    सोनीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक ऐसा मामला उजागर किया जिसने सभी को चौंका दिया। 12 एकड़ जमीन की रियल मालिकाना हक़दारी के लिए दस लोगों ने खुद को फर्जी मदन मोहन घोषित किया। यह जमीन सुल्तानपुर गांव में दिल्ली रोड पर स्थित थी। असली मालिक अमृतसर निवासी मदन मोहन थे, जिनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे नरेंद्र अग्रवाल को भी इस जमीन का पता नहीं था। इस स्थिति का फायदा उठाकर कई लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के साथ खुद को मदन मोहन बताया और जमीन हड़पने की साजिश रची।

    फर्जी मदन मोहनों की गिरफ्तारी

    ACB ने जनवरी 2021 से इस मामले की जांच शुरू की। अब तक नौ फर्जी मदन मोहन पकड़े जा चुके थे। हाल ही में दसवें फर्जी मदन मोहन और उनके साथी को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली निवासी राजेश जैन और गोहाना निवासी राजेश कुमार शामिल हैं। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया और दो दिन की रिमांड पर लिया गया ताकि अन्य आरोपी भी पकड़े जा सकें।

    सोनीपत में 12 एकड़ जमीन पर 10 फर्जी मदन मोहन की अजीबोगरीब साजिश का खुलासा

    सरकारी अफसरों की मिलीभगत का शक

    जांच में पता चला कि आरोपी राजेश जैन ने मदन मोहन का फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनवाए। इन दस्तावेजों के आधार पर उसने खुद को असली मदन मोहन बताया। आरोप है कि सरकारी अफसरों की मिलीभगत से उसने यह जमीन अपने नाम कराई और इसे अन्य लोगों को बेचने की कोशिश की। ACB इस मामले में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

    जमीन पर खेती जारी

    अभी यह 12 एकड़ जमीन असली वारिस नरेंद्र अग्रवाल के पास है। उन्होंने इसे गांव चौहान जोशी के दीपक को खेती के लिए पट्टे पर दे दिया है। दीपक नियमित रूप से इस जमीन पर खेती कर रहा है। जमीन के मामले में अब तक कई नाम सामने आए हैं और जांच में और खुलासे होने की संभावना है।

    जांच और कार्रवाई तेज

    ACB की टीम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कोर्ट परिसर की सड़क पर घूम रहे थे जब उन्हें पकड़ लिया गया। इससे पहले गिरफ्तार नौ आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। दसवें फर्जी मदन मोहन की गिरफ्तारी के बाद जांच को और तेज कर दिया गया है और कई अन्य नाम सामने आने की संभावना है।

  • फिरोजपुर झिरका में पार्किंग विवाद ने बढ़ाई दो गांवों में हिंसा की आग! पार्किंग विवाद बना हिंसा का कारण, पुलिस ने दर्ज किया मामला और शुरू की जांच

    फिरोजपुर झिरका में पार्किंग विवाद ने बढ़ाई दो गांवों में हिंसा की आग! पार्किंग विवाद बना हिंसा का कारण, पुलिस ने दर्ज किया मामला और शुरू की जांच

    मुंडाका गांव, फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र, नूह जिले में मंगलवार शाम को पार्किंग को लेकर एक मामूली विवाद हिंसक रूप ले गया। झगड़ा केवल धक्कामुक्की तक सीमित नहीं रहा बल्कि पत्थरबाजी और हाथापाई में बदल गया। दोनों समुदायों के लोग लाठियों और डंडों का इस्तेमाल करने लगे। इस झगड़े में लगभग 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

    वाहनों और दुकानों में आग, माहौल हुआ तनावपूर्ण

    घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। गुस्साए लोग मौके पर खड़ी तीन वाहनों में आग लगा दी। जलते वाहनों और दुकानों से उठता धुआं पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार यह झगड़ा राजस्थान के हाजीपुर गांव और हरियाणा के मुंडाका गांव के लोगों के बीच हुआ।

    फिरोजपुर झिरका में पार्किंग विवाद ने बढ़ाई दो गांवों में हिंसा की आग! पार्किंग विवाद बना हिंसा का कारण, पुलिस ने दर्ज किया मामला और शुरू की जांच

    पार्किंग विवाद के कारण बढ़ी हिंसा

    जानकारी के अनुसार, यह हिंसा सिर्फ पार्किंग को लेकर शुरू हुई। मुंडाका गांव के एक व्यक्ति ने सड़क पर खड़े ट्रकों को हटाने के लिए कहा, तो ट्रक चालक और कंडक्टर ने उस पर ठंडा ड्रिंक की बोतल से हमला कर दिया, जिससे गहरी चोट आई। इसके बाद परिवार और गांव के लोग मौके पर जुट गए और विवाद हिंसक रूप ले लिया। पत्थरबाजी और आगजनी के दौरान दुकानों और बाइक्स को नुकसान पहुंचा।

    पुलिस और प्रशासन ने किया नियंत्रण

    सूचना मिलते ही फीरोजपुर झिरका पुलिस और अन्य थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को काबू में किया और लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों में रोका। Superintendent of Police राजेश कुमार ने बताया कि अब क्षेत्र में स्थिति शांत है। दिल्ली-अलवर मार्ग पर वाहनों का आवागमन सामान्य रूप से जारी है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की।

    घायल और गिरफ्तारी, कानूनी कार्रवाई शुरू

    झगड़े में चोटिल चुन्नीलाल, गोपाल, लेखराज, वीर सिंह, फूलचंद, हंसराज, खुर्शीद, फरहान और शाहबाज को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने लगभग 24 नामजद और 30-40 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कुछ आरोपी हिरासत में लिए गए हैं। आगे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • 15 अगस्त 1947 को नहीं आजाद हुआ था जींद! देश की आजादी के 202 दिन बाद 5 मार्च 1948 को आजाद हुआ जींद

    15 अगस्त 1947 को नहीं आजाद हुआ था जींद! देश की आजादी के 202 दिन बाद 5 मार्च 1948 को आजाद हुआ जींद

    देश आजादी की 78वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। इस आजादी के बहुत मायने हैं। लेकिन बात अगर हरियाणा के जींद की की जाए तो जींद 15 अगस्त 1947 को आजाद नहीं हुआ था। भले ही जींद इस दिन आजाद न हुआ हो, लेकिन यहां के लोगों ने उस समय जश्न मनाया था जब देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने तिरंगा फहराया।

    असल में अंग्रेजों ने भारत को आजाद करते समय रियासतों को इस बात की छूट दी कि वह चाहें तो भारत में शामिल हो जाएं और चाहें तो अपना अलग अस्तित्व बनाकर रखें। उस समय जींद रियासत थी। जींद के राजा रणबीर सिंह ने अपना अलग अस्तित्व बनाए रखने का फैसला किया।

    जींद के लोग राजा के इस फैसले से खुश नहीं थे और उन्होंने प्रजामंडल का गठन कर दिया। जींद से दादरी तक फैली जींद रियासत का हर व्यक्ति राजा के फैसले से दुखी था और इसके बाद राजा ने यहां के लोगों पर अत्याचार करने शुरू कर दिए जिससे लोगों में दिन प्रतिदिन गुस्सा बढ़ता चला गया। जींद रियासत के चौधरी निहाल सिंह तक्षक को जनवरी 1947 में संविधान सभा का सदस्य भी बनाया गया था।

    15 अगस्त 1947 को नहीं आजाद हुआ था जींद! देश की आजादी के 202 दिन बाद 5 मार्च 1948 को आजाद हुआ जींद

    निहाल सिंह तक्षक की संविधान सभा के सदस्य होने के नाते सरदार वल्लभभाई पटेल से लगातार मुलाकात होती रहती थी और सरदार वल्लभभाई पटेल की सलाह के बाद फरवरी 1948 में दादरी में जींद प्रजामंडल की बैठक हुई और फैसला लिया गया कि दादरी को जींद रियासत से अलग करके हिसार जिले में मिला दिया जाए। इतिहास के जानकार लोग बताते हैं की प्रजामंडल में इस का प्रस्ताव पास होने के बाद एक जुलूस निकाला गया जिसमें 10000 लोग शामिल हुए।

    निहाल सिंह तक्षक कि यह बगावत राजा से सहन नहीं हुई और उसने 21 फरवरी 2048 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तीन दिन बाद चौधरी दलसिंह, मेजर मीर सिंह और चौधरी लहरी सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जींद के राजा की इस मनमानी का विरोध करने के लिए मेहताब सिंह, लाला रामकिशन गुप्ता, पंडित श्योकरण, चौधरी हीरा सिंह चिनारिया की आवाज पर एक सभा आयोजित की गई जिसमें करीब 35000 महिला और पुरुषों ने भाग लिया और इसमें सरस्वती से फैसला किया गया कि जींद रियासत के समानांतर सरकार बना दी जाए।

    इसमें चौधरी महताब सिंह को नया राजा घोषित कर दिया गया और किले के अंदर सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों के लिए खाने-पीने की सामग्री के अलावा कुछ भी नहीं जाने देने का फैसला किया गया। इसके साथ ही लोगों ने बाढ़डा के थाने को भी लोगों ने घेर लिया। अब जिद के राजा को लगने लगा था की हालत उसके नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं और लोगों की बगावत का सामना करना उसके वश की बात नहीं है। ऐसे में राजा ने अपना प्रतिनिधि भारत सरकार के पास भेज कर आत्म समर्थन का प्रस्ताव रखा और 5 मार्च 1948 को राजा रणबीर सिंह ने आत्मसमर्पण कर दिया।

    इसके साथ ही भारत सरकार ने उसी दिन सात रियासतों जींद, पटियाला, नाभा, मलेरकोटला, कपूरथला, नालागढ़ और फरीदकोट को तोड़कर पंजाब एंड ईस्ट पंजाब स्टेट यूनियन अर्थात पेप्सी का गठन किया गया। जींद को अलग जिला बना दिया गया। जींद रियासत के हिस्से रहे दादरी को महेंद्रगढ़ जिले में मिला दिया गया।

    पेप्सू करने के बाद निहाल सिंह तक्षक, हरनाम सिंह दल सिंह राम राय पेप्सू की पहली विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। जींद रियासत होने के चलते यहां के लोगों ने हालांकि बहुत ज्यादा लड़ाई तो अंग्रेजों से नहीं लड़ी है लेकिन फिर भी कुछ लोग ऐसे जरूर थे जो रियासत से अलग देश की आजादी में अपनी भूमिका निभा रहे थे। यही वह लोग भी थे जिन्होंने देश की आजादी के बाद जींद रियासत को तोड़ने के लिए प्रजामंडल का गठन किया और साथ ही जींद के राजा के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने का काम किया। इन लोगों में वैद्य देवीदयाल का नाम भी प्रमुख है।

    जब देश आजाद हुआ और 15 अगस्त को आजादी के पहले जश्न की तैयारी हो रही थी उस समय जींद भले ही आजाद नहीं हुआ था, लेकिन लोगों का उत्साह इतना था कि लोग दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और जब दिल्ली के लिए ट्रेन आई तो वह 2 मिनट में ही खचाखच भर गई और इसमें पांव रखने की भी जगह नहीं बची लोग ट्रेन की खिड़कियों पर लटक कर दिल्ली जाने को तैयार थे।

  • फिर सिर उठाने लगा बब्बर खालसा! स्वतंत्रता दिवस पर आतंक फैलाने की साजिश, 86पी हैंड ग्रेनेड के साथ पांच गिरफ्तार

    फिर सिर उठाने लगा बब्बर खालसा! स्वतंत्रता दिवस पर आतंक फैलाने की साजिश, 86पी हैंड ग्रेनेड के साथ पांच गिरफ्तार

    स्वतंत्रता दिवस से पहले मंगलवार को पंजाब पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया है। राजस्थान के टोंक और जयपुर जिलों से बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के 5 गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 86पी हैंड ग्रेनेड, .30 बोर पिस्तौल, जिंदा कारतूस और खाली खोखे बरामद हुए हैं।

    डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस, जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह ऑपरेशन चलाया। गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान में बैठे कुख्यात आतंकी हरविंदर रिंदा के इशारे पर काम कर रहे थे। इन्हें विदेशी संचालकों मन्नू अगवान, गोपी नवाशहरिया और जीशान अख्तर से सीधे निर्देश मिलते थे।

    फिर सिर उठाने लगा बब्बर खालसा! स्वतंत्रता दिवस पर आतंक फैलाने की साजिश, 86पी हैंड ग्रेनेड के साथ पांच गिरफ्तार

    सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क ने हाल ही में एसबीएस नगर में एक शराब की दुकान पर हमले की योजना बनाई थी। स्वतंत्रता दिवस पर इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देने का टास्क दिया गया था। गिरफ्तारी के दौरान एक आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग भी की, जिसमें जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    इस ऑपरेशन से पहले खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला था कि पाकिस्तान से संचालित मॉड्यूल संवेदनशील दिनों में हमला करने की फिराक में है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों और सप्लाई चैन का पता लगाने में जुटी है।

    इस मामले में बताया गया है कि टोंक और जयपुर से गिरफ्तारी हुई। हथगोले, पिस्तौल, कारतूस बरामद किए गए हैं। पाकिस्तान से निर्देश प्राप्त हो रहे थे। इन्हें इनके आकाओं से स्वतंत्रता दिवस पर हमले का टास्क दिया गया था।

    बता दें कि बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है, जो 1980 के दशक में पंजाब में सक्रिय हुआ। संगठन के कई सदस्य विदेशों में बैठे हैं और पाकिस्तान के जरिए भारत में हथियार व विस्फोटक पहुंचाने की कोशिश करते हैं। हाल के वर्षों में इस संगठन के कई मॉड्यूल पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में पकड़े गए हैं।

  • Gurugram के किन्नरों का थाने में हंगामा! डायल-112, राइडर की गाड़ी तोड़ी, पुलिसकर्मियों पर संबंध बनाने के आरोप

    Gurugram के किन्नरों का थाने में हंगामा! डायल-112, राइडर की गाड़ी तोड़ी, पुलिसकर्मियों पर संबंध बनाने के आरोप

    Gurugram । यहां सोमवार को किन्नरों ने थाने में हंगामा किया। गुस्साए किन्नरों ने पुलिस की डायल 112, राइडर की गाड़ी भी तोड़ दी। इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प भी हो गई। DLF फेज-2 थाने में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। 9 किन्नरों को गिरफ्तार किया गया है।

    किन्नर शगुन ने आरोप लगाया कि रात को हम लोग MG रोड पर मौजूद थे। वहां पर कुछ पुलिसकर्मियों ने संबंध बनाने का दबाव बनाया। जब हम लोगों ने मना कर दिया तो हमारे कपड़े फाड़े गए। साथ ही थाने में ले जाकर मारपीट भी की। पुलिस प्रवक्ता ने संबंध बनाने की बात को नकारते हुए कहा कि टीम ने किन्नरों को रोड से हटाया तो इन्होंने उन पर हमला कर दिया।

    जिस DLF फेज-2 थाने में किन्नरों ने हंगामा किया, यह शहर का सबसे पॉश इलाका है। यहां पर कई बड़े फिल्म स्टार, कारोबारियों और नेताओं की कोठियां हैं। रात के हंगामे का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें पुलिसकर्मी वीडियो बनाता हुआ दिख रहा है। उसका वीडियो किन्नर रिकॉर्ड कर रहे हैं।

    Gurugram के किन्नरों का थाने में हंगामा! डायल-112, राइडर की गाड़ी तोड़ी, पुलिसकर्मियों पर संबंध बनाने के आरोप

    शगुन ने बताया कि सोनाली, शिवी और रिया MG रोड पर मेट्रो स्टेशन पर खड़े थे। रात को साढ़े 3 बजे पुलिस राइडर वहां आए और भगाने लगे। उन्होंने गलत काम करने को भी कहा। किन्नरों ने पुलिसकर्मियों का विरोध किया। कुछ देर बाद मैं और हमारे अन्य साथ मौके पर आ गए। उसने बताया कि पुलिस कर्मचारियों ने हमारे साथ मारपीट की और थाने में ले आए। रात को थाने में कोई भी महिला कर्मचारियों मौजूद नहीं थी। 12 लोगों ने 3 किन्नरों के साथ बेरहमी से मारपीट की। ये कहां का इंसाफ है। वहां पर CCTV कैमरे भी लगे हुए हैं, आप लोग चेक कर सकते हैं।

    शगुन ने कहा कि पुलिस ने 8 लोगों को पकड़कर बाकी सभी को थाने से बाहर निकाल दिया। अंदर उन लोगों को पानी तक नहीं दिया गया। अगर हम जैसे लोगों के साथ ऐसा होगा तो आम जनता के साथ ये लोग पता नहीं क्या करेंगे। हम उन लोगों को लिए बिना यहां से नहीं जाएंगे। ये लोग हमें अब केस दर्ज करने की धमकी दे रहे हैं।

    एक किन्नर ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कर्मचारियों ने पहले हमारे साथ संबंध बनाए हैं। एक बार नहीं कई बार ये लोग हमारे साथ संबंध बना चुके हैं। मैं आप लोगों को ये भी बता सकती हूं कि ये लोग हमें कहां लेकर जाते हैं।

    विवाद पर पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि किन्नरों की तरफ से लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। यह लोग MG रोड पर खड़े होते हैं, इन्हें वहां से हटाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस की टीम पर इन्होंने हमला कर दिया। संबंध बनाने या इस तरीके की कोई डिमांड पुलिसकर्मी ने नहीं की, ये सब फेक बातें हैं। इसमें कोई भी सच्चाई नहीं है। पुलिस ने केस दर्ज करके 9 लोगों को गिरफ्तार किया है।

  • सीआईए रेवाड़ी ने कुख्यात महेश सैनी को अवैध हथियार के साथ किया गिरफ्तार

    सीआईए रेवाड़ी ने कुख्यात महेश सैनी को अवैध हथियार के साथ किया गिरफ्तार

    जांच अधिकारी एएसआई देवेन्द्र ने बताया कि सीआईए टीम को सूचना मिली थी कि महेश सैनी अवैध हथियार लेकर पैदल नारनौल फाटक की तरफ जा रहा है। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद सीआईए टीम ने महेश सैनी की गिरफ्तारी को लेकर जाल बिछाया और नारनौल फाटक के पास ही बेरली टी-पॉइंट पर नाकाबंदी कर दी। कुछ ही देर में एक युवक पैदल आता दिखाई दिया।

    पुलिस को देख युवक पीछे मुड़कर भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम पता सती कॉलोनी निवासी महेश सैनी बताया। उसकी तलाशी ली तो उसके कब्जे से देसी कट्‌टा बरामद हुआ, जिसमें एक जिंदा कारतूस भी मिला।

    पुलिस ने रामपुरा थाना में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज करके मामले में आरोपी सती कॉलोनी निवासी महेश सैनी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आज अदालत में पेश करके दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से हथियार उपलब्ध करवाने वाले के बारे में पूछताछ की जाएगी।

    आरोपी के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी मांगने, अपहरण करने व आर्म्स एक्ट के काफी मामले दर्ज हैं। फिलहाल आरोपी जमानत पर बाहर आया हुआ था। उसने चिरंजीलाल कॉलोनी में अपना मकान बनाया हुआ है। कुछ दिन पहले ही पुलिस ने चिरंजीलाल कॉलोनी में बने इसके मकान से 25 लोगों को हुड़दंग करते हुए पकड़ा था। यह सभी मकान में शराब पार्टी कर रहे थे। साथ ही अश्लील गाने बजाकर डांस भी कर रहे थे।

     

     

     

  • रेवाड़ी : पपला गैंग के नाम पर पिस्तौल दिखा धमकी देने का आरोपी गिरफ्तार

    रेवाड़ी : पपला गैंग के नाम पर पिस्तौल दिखा धमकी देने का आरोपी गिरफ्तार

    गांव आशियकी टप्पा जड़थल निवासी कृष्ण यादव ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया था कि मै फ्लाईलैक लॉजिस्टिक कंपनी गांव खिजुरी जिला रेवाड़ी मे मैनपावर वेंडर हुँ। मुझे कम्पनी ने लड़को की भर्ती करने के लिए बोला और मैंने कंपनी के आदेशानुसार भर्ती कराने का कार्य कर दिया। लड़के भर्ती करने पर मुझे कुछ लोकल लड़के मारने की धमकी देने लगे।

    उपरोक्त लड़के गगन गुर्जर और एक मुंडन वास से चांदु का भाई बता कर धमकी दे रहा है। गगन गुर्जर गांव संगवाडी का रहने वाला है। इन लोगों ने कल भी मुझे पिस्टल दिखाकर मारने की धमकी देते हुए कहा कि हम पपला गैंग के लड़के हैं। तुझे अब अपनी जाने से हाथ धोना पड़ेगा और आज सुबह से मुझे फोन करके धमकी दे रहे हैं।

    पुलिस ने कृष्ण यादव की शिकायत पर धमकी देने व शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके रविवार को मामले में एक आरोपी तेजपाल उर्फ गगन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आज अदालत में पेश करके एक दिन का पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।