अंबाला सेंट्रल जेल से शनिवार दोपहर एक बंदी दिनदहाड़े फरार हो गया। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और लापरवाही बरतने पर हेड वार्डन दिलीप व वार्डन गौरव को निलंबित कर दिया गया है। मामले की आगे जांच की जा रही है।
फरार हुए बंदी की पहचान बिहार के जिला किशनगंज निवासी अजय कुमार के रूप में हुई है। वह पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में बंद था। यह घटना पिछले 45 दिनों में दूसरी बार हुई है जब अंबाला सेंट्रल जेल से कोई आरोपी भागने में सफल हुआ। इससे पहले अगस्त में भी एक कैदी इस जेल से फरार हो चुका है।
जानकारी के अनुसार शनिवार करीब 3 बजे जेल परिसर में चल रहे कारखाने को बंद करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान गिनती में पता चला कि अजय गायब है। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि उसने पहले कारखाने की छोटी दीवार फांदी, फिर 18 फुट ऊंचे बिजली के खंभे पर चढ़ा और तारों के सहारे मुख्य दीवार लांघकर बाहर निकल गया।

पावर कट की वजह हुआ भागने में कामयाब
जेल प्रशासन ने तुरंत सभी गेट बंद कर तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन बंदी हाथ नहीं आया। जेल पर लगातार हो रही बिजली कटौती का फायदा उठाकर कैदी अजय फरार हो गया। अधिकारियों ने माना कि यह सुरक्षा में गंभीर चूक है और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहला पकड़ नहीं गया दूसरा भाग गया
13 अगस्त को सेंट्रल जेल से पंचकूला का ही एक आरोपित जिस पर धार्मिक स्थल पर अश्लील हरकत करने का आरोप था वह फरार हुआ था। अभी तक जिला पुलिस सुखबीर कालिया का पता नहीं लगा पाई थी कि अब दूसरी वारदात हो गई। सुखबीर कालिया को 12 अगस्त को सेंट्रल जेल भेजा गया था। लेकिन अगली ही शाम, 13 अगस्त को गिनती के वक्त पता चला कि बंदी जेल से गायब है।
सुखबीर कालिया प्रकरण में दो कर्मियों को सस्पेंड भी किया गया था और डीएसपी का तबादला भी कर दिया गया था लेकिन सुरक्षा इसके बाद भी पुख्ता नहीं हुई।


















