कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने कहा कि पीएम का मणिपुर जाना ठीक है, लेकिन असली मुद्दा ‘वोट चोरी’ का है। उन्होंने बार-बार केंद्रीय सरकार पर मणिपुर में हिंसा की गंभीरता के बावजूद मौन रहने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि मणिपुर की स्थिति सामान्य करने के लिए उन्होंने कौन-कौन से कदम उठाए हैं। उनका कहना है कि सिर्फ दौरा करना समस्या का हल नहीं है।
पीएम के दौरे को ‘प्रतीकात्मक और अपमानजनक’ बताया गया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने पीएम मोदी के दौरे की आलोचना करते हुए कहा कि 3 घंटे का दौरा न तो शोक व्यक्त करने वाला है और न ही पीड़ितों के लिए संवेदना दिखाने वाला। उन्होंने इसे ‘प्रतीकात्मक और अपमानजनक’ करार दिया। खर्गे ने पीएम से पूछा कि उनके अपने शब्दों में ‘राजधर्म’ कहां है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार मणिपुर के लोगों की तकलीफों को नजरअंदाज कर रही है।

दो साल बाद दौरा, समय पर न आने की निंदा
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पीएम के मणिपुर दौरे पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दो साल बाद जाना ठीक है, लेकिन यह बहुत देर हो गई। प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि केंद्र ने इतने लंबे समय तक वहां जो कुछ भी हुआ उसे रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए। उनका कहना था कि इस समय तक मणिपुर में जो हालात बने, उस पर केंद्र की चुप्पी निराशाजनक है।
विकास परियोजनाओं पर प्रधानमंत्री की नजर
प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर दौरे के दौरान चुराचंदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें मणिपुर शहरी सड़कें, जल निकासी और संपत्ति प्रबंधन सुधार परियोजना 3,600 करोड़ रुपये की, पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं 2,500 करोड़ रुपये की, मणिपुर इन्फोटेक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नौ स्थानों पर कामकाजी महिलाओं के लिए होस्टल शामिल हैं। इसके अलावा, पीएम इम्फाल में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।
विकास और राजनीति का संगम
प्रधानमंत्री का दौरा मणिपुर में विकास योजनाओं के उद्घाटन का संदेश दे रहा है। वहीं कांग्रेस नेताओं की आलोचना इसे राजनीति और प्रतीकात्मक कदम मान रही है। इस दौरे के साथ ही मणिपुर की समस्या और वोट चोरी के मुद्दे भी केंद्र में उठते रहे हैं। विकास और राजनीति का यह संगम राज्य में एक नई बहस को जन्म दे रहा है और इसे लेकर समाज में उत्सुकता बढ़ रही है।







