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  • Haryana News: जींद CIA पुलिस पर हरिद्वार में फायरिंग, SI को लगी गोली, आरोपी सुनील कपूर को पकड़ने गई थी टीम

    Haryana News: जींद CIA पुलिस पर हरिद्वार में फायरिंग, SI को लगी गोली, आरोपी सुनील कपूर को पकड़ने गई थी टीम

    Haryana News: जींद में एसपी पर यौन शोषण के आरोपों की चिट्ठी वायरल मामले में फरार चले रहे आईटी एक्ट के आरोपी सुनील कपूर को पकड़ने गई जींद सीआईए पुलिस पर आरोपी ने फायरिंग कर दी। इसमें एसआई सुरेंद्र को गोली लगी है और उसे ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया गया है। आरोपी सुनील कपूर फायरिंग के बाद फरार हो गया।

    जींद सीआईए पुलिस को सुनील कपूर की हरिद्वार की लोकेशन मिली थी। इस पर पुलिस बस अड्डे के आसपास उसे ढूंढ रही थी। तभी एसआई सुरेंद्र को सुनील कपूर दिखा तो उसने उसका पीछा किया तो सुनील कपूर ने सुरेंद्र की तरफ फायरिंग कर दी। इसमें सुरेंद्र को गोली लग गई और वह गिर गया तो सुनील कपूर वहां से फरार हो गया। साथी पुलिस कर्मी उसे नजदीकी अस्पताल लेकर गए और वहां से उसे ऋषिकेश रेफर कर दिया। हरिद्वार पुलिस के सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने गोली चलने की पुष्टि की है।

    जींद में एसपी रहे सुमित कुमार के खिलाफ ईमेल के माध्यम से दुष्प्रचार करने के मामले में अशरी गेट निवासी सुनील कपूर फरार चल रहा है। जींद पुलिस लगातार उसकी तलाश में थी। शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि वह हरिद्वार आया हुआ है। इसके बाद टीम ने रोडवेज बस अड्डे पर उसे घेर लिया। अचानक सुनील ने पिस्तौल निकाल कर पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी और अफरा-तफरी के बीच मौके से फरार हो गया।

    Haryana News: जींद CIA पुलिस पर हरिद्वार में फायरिंग, SI को लगी गोली, आरोपी सुनील कपूर को पकड़ने गई थी टीम

    एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि आईटी एक्ट और धोखाधड़ी के मामले में फरार सुनील कपूर ने पुलिस SI पर फायरिंग कर दी थी। इसमें एसआई सुरेंद्र को गोली लगी है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस अधीक्षक जींद कुलदीप सिंह IPS ने सूचना मिलने पर तुरंत हरिद्वार पुलिस अधीक्षक व अन्य उच्च अधिकारियों से संपर्क किया तथा घायल उप निरीक्षक का हालचाल जाना हरिद्वार पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने कहा कि पुलिस बल के सम्मान और आमजन की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    घटना की सूचना मिलते ही हरिद्वार पुलिस भी सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंच आसपास क्षेत्र में नाकाबंदी कर सर्च अभियान चलाया लेकिन हमलावर बदमाश का सुराग नही लगा। पुलिस पूरे बस अड्डे और आसपास के इलाकों में तलाशी ली जा रही है। साथ ही बदमाश की धरपकड़ के लिए शहर में चौक, चौराहों पर नाकेबंदी भी कर दी गई है।

  • Haryana: हुस्न का ऐसा जाल कि बन आई जिंदगी पर, हरियाणा के दो युवकों के रशियन आर्मी में भर्ती होने का मामला

    Haryana: हुस्न का ऐसा जाल कि बन आई जिंदगी पर, हरियाणा के दो युवकों के रशियन आर्मी में भर्ती होने का मामला

    Haryana: भारत से रूस में पढ़ाई करने के लिए जाने वाले बच्चों को रशियन भाषा बिल्कुल नहीं आती है और अब जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है और रूस बड़ी संख्या में युवाओं को सेना में भर्ती कर रहा है तो ऐसे में रशियन सुंदरिया अपने हुस्न के जाल में भारतीय युवाओं को फंसा कर उन्हें मोटी कमाई का लालच देकर उनकी जिंदगी दांव पर लगा रही हैं।

    यहां पर से अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया में से अंकित जांगड़ा के पिता रामप्रसाद बताते हैं कि रूस के मॉस्को शहर में रेलवे स्टेशन पर उनके बेटे को एक महिला मिली, जिसने सिक्योरिटी गार्ड या ड्राइवर की जॉब लगवाने की बात कही। उसने कहा कि तीन महीने की ट्रेनिंग होगी। इसके बाद 15 से 20 लाख रुपए मिलेंगे। फिर हर महीने डेढ़ से दो लाख रुपए मिलेंगे। अंकित और विजय ने सोचा कि इससे घरवालों की और अच्छी मदद कर पाएंगे। मगर, उस महिला ने रूस की आर्मी में जबरन भर्ती करवा दिया। एग्रीमेंट साइन करवा दिया। इसके बाद उन्हें बंद कंटेनर में रूस से यूक्रेन के शहर सोलीडेव के जंगलों में ले जाया गया, जहां बंकर जैसे कमरे में छोड़ दिया। अब तो पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नायब सैनी से यही आस है कि बेटे को वहां से छुड़वाकर सुरक्षित घर पहुंचा दें। इसके बाद बेटे को कहीं नहीं भेजेंगे।

    हरियाणा के दो युवक खूबसूरती के जाल में फँसकर रूस पहुँचे

    ऐसा नहीं है कि अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया रूस में काम नहीं कर रहे थे। वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ काम कर रहे थे और हर महीने घर 70 से 80 हजार रुपए महीना भेज भी रही थी लेकिन रशियन सुंदरी के मोटी कमाई के लालच में वह ऐसे फंसे कि उनकी जिंदगी अब गांव पर लग गई है। परिवार से उनका संपर्क पूरी तरह से कट गया है और अब परिवार को केवल प्रदेश और केंद्र सरकार से ही कोई मदद की उम्मीद है। इसी चमत्कार की उम्मीद में परिवार ने बच्चों के सुरक्षित आने पर 11 देवी देवताओं और नरेंद्र मोदी की सवामणी लगाने की बात कही है।

    अंकित के पिता रामप्रसाद ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति कुछ सुधरे, इस उम्मीद में बेटे को रूस भेजा था। वह फरवरी 2025 में मॉस्को गया था। वहां वह पढ़ाई के साथ-साथ काम करने लगा। पहले रेस्टोरेंट में हेल्पर का काम किया। हर महीने 70-80 हजार रुपए भेज रहा था। इससे घर का अच्छा गुजारा चल रहा था। मकान भी नया बनाना शुरू कर दिया था। अभी घर का कंस्ट्रक्शन का काम बाकी पड़ा है। घर में लगातार ग्रामीण आकर हौसला बढ़ा रहे हैं।

    भारत सरकार ने दिल्ली और मॉस्को दोनों जगहों पर रूसी अधिकारियों के सामने भी यह मामला उठाया है। सरकार ने रूस से अनुरोध किया है कि इस प्रथा को समाप्त किया जाए। हमारे नागरिकों को वापस भेजा जाए। केंद्र प्रभावित भारतीय नागरिकों के परिवारों के संपर्क में भी हैं।

  • Haryana में बड़ा फैसला! चरस बेचने वाले दो आरोपी को 12 साल जेल और 2.40 लाख जुर्माना

    Haryana में बड़ा फैसला! चरस बेचने वाले दो आरोपी को 12 साल जेल और 2.40 लाख जुर्माना

    Haryana: फर्स्ट एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज और स्पेशल जज एनडीपीएस संजीव कुमार की कोर्ट ने हरियाणा के दो आरोपियों को हशिश (चरस) की बिक्री के मामले में 12 साल की कठोर सजा और 2.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो अतिरिक्त एक साल की सजा भी भुगतनी होगी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि दोषियों ने युवाओं को हशिश बेचकर उन्हें शारीरिक रूप से कमजोर किया और सामाजिक तौर पर हानिकारक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया। इस गंभीर और समाज-विरोधी अपराध के लिए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

    हशिश की बरामदगी का मामला

    सहायक जिला सरकारी अभियोजक क्रिमिनल पूजा साह के अनुसार, 24 फरवरी 2021 को भिमताल के तत्कालीन एसएचओ रमेश सिंह बोहरा पुलिसकर्मियों के साथ टीआरएच चौराहे पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मल्लीताल से पैदल आ रहे दो लोगों को रोका गया। उनके बैग की तलाशी लेने पर पुलिस को 1.517 किलो हशिश आरोपी सुमित (पिता राज कवाड़, ग्राम नक्लोई, पोस्ट विघलान, थाना सदर, खड़कड़ा, सोनीपत) और 1.5 किलो हशिश आरोपी आनंद सिंह (पिता चांडुप, निवासी उपरोक्त स्थान) के पास से बरामद हुई। हशिश का वजन पुलिस सर्किल ऑफिसर की मौजूदगी में किया गया और दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।

    Haryana में बड़ा फैसला! चरस बेचने वाले दो आरोपी को 12 साल जेल और 2.40 लाख जुर्माना

    जांच और साक्ष्य

    जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट-1985 के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। अभियोजक पूजा साह ने मामले को साबित करने के लिए नौ गवाहों और पांच अन्य साक्ष्यों को कोर्ट में पेश किया। अभियोजन पक्ष ने यह दिखाया कि आरोपियों का कार्य केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं बल्कि समाज विरोधी था, क्योंकि उन्होंने न केवल हशिश बेची बल्कि युवाओं को इसके नशे में डुबोकर सामाजिक अस्थिरता बढ़ाई।

    कोर्ट का फैसला और सजा

    कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों के कृत्य को समाज-विरोधी करार दिया। अदालत ने उन्हें 12 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई और 2.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो दोनों को अतिरिक्त एक साल जेल में रहना होगा। कोर्ट के फैसले के बाद दोनों आरोपियों को तुरंत जेल भेज दिया गया और इस सख्त सजा से नशे की रोकथाम और समाज की सुरक्षा के प्रति संदेश देने की कोशिश की गई है।

  • Haryana Crime: बिहार से खरीद कर लाई जा रही नाबालिक लड़कियां, हरियाणा में करवाई जा रही शादियां, गर्भवती होने पर हो रहे पोक्सो एक्ट में मामले दर्ज

    Haryana Crime: बिहार से खरीद कर लाई जा रही नाबालिक लड़कियां, हरियाणा में करवाई जा रही शादियां, गर्भवती होने पर हो रहे पोक्सो एक्ट में मामले दर्ज

    Haryana Crime: हरियाणा में मानव तस्करी के जरिए बिहार के कई गांवों से नाबालिग लड़कियों को खरीदकर लाया जाता है और उनका प्रदेश में विवाह करा दिया जाता है। गर्भवती होने पर अवैध गर्भपात तक कराया जा रहा है। बाद में ऐसे मामलों में पोक्सो एक्ट सहित कई दूसरी धाराओं में मामले दर्ज किया जा रहे हैं।

    बवानीखेड़ा क्षेत्र से मानव तस्करी और बाल विवाह का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बिहार के मधुबनी जिले की 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का डेढ़ लाख रुपये में सौदा कर एक युवक से शादी करा दी गई। मामला तब उजागर हुआ जब किशोरी 5 माह की गर्भवती हो गई।

    पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने बताया कि लगभग 8-9 महीने पहले उसकी जबरन शादी कराई गई थी। गर्भवती होने के बाद गांव की आशा वर्कर ने ससुराल वालों से मिलकर उसका सरकारी अस्पताल में गर्भपात करा दिया। महिला चिकित्सक की ओर से दी गई सूचना के बाद पुलिस ने नाबालिग को रेस्क्यू कर जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। फिलहाल उसे वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है।

    Haryana Crime: बिहार से खरीद कर लाई जा रही नाबालिक लड़कियां, हरियाणा में करवाई जा रही शादियां, गर्भवती होने पर हो रहे पोक्सो एक्ट में मामले दर्ज

    जिला बाल कल्याण समिति ने इसे गंभीर मामला बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। समिति के सदस्य सतेंद्र संवर ने कहा कि यह मामला न केवल बाल विवाह, बल्कि मानव तस्करी और अवैध गर्भपात से भी जुड़ा हो सकता है। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सूई के मेडिकल ऑफिसर डॉ. विनीत ने बताया कि लड़की का गर्भपात अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में हो गया था। आशा वर्कर पर लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

    बवानीखेड़ा थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि किशोरी की शिकायत पर आरोपी पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। आशा वर्कर की भूमिका भी सामने आई है, जिसकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

    यह कोई पहला मामला नहीं है हरियाणा में इससे पहले भी कई मामले इस प्रकार के सामने आ चुके हैं। पिछले दिनों जींद में भी इसी प्रकार का एक मामला सामने आया था जिसमें बिहार की एक लड़की के गर्भवती होने पर मामला पुलिस तक पहुंचा था। यह अलग बात है कि इस मामले में आरोपी युवक भी बिहार का रहने वाला था। उचाना थाना पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर बिहार भेज दी थी।

  • Haryana: विदेश में बैठकर हरियाणा से रंगदारी वसूल रहे 50 गैंगस्टर, STF की रिपोर्ट से खुलासा

    Haryana: विदेश में बैठकर हरियाणा से रंगदारी वसूल रहे 50 गैंगस्टर, STF की रिपोर्ट से खुलासा

    Haryana: STF ने बड़ा खुलासा किया है कि विदेश में बैठकर 50 से अधिक गैंगस्टर प्रदेश के नामचीन लोगों से रंगदारी वसूल रहे हैं। STF की एक हालिया रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि इसके साथ ही फोन कॉल, हत्या और दूसरे संगीन अपराधों को भी अंजाम दे रहे हैं। STF की रिपोर्ट के अनुसार, ये गैंगस्टर और उनके गुर्गे फर्जी दस्तावेजों पर पासपोर्ट बनवाकर अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, थाईलैंड, कंबोडिया और खाड़ी देशों में छिपे हुए हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।

    STF का कहना है कि पहले गैंगस्टरों का नेटवर्क भारत की जेलों तक सीमित था, लेकिन अब यह ग्लोबल हो चुका है। ये अपराधी न सिर्फ विदेश में रहकर सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, बल्कि अपने नेटवर्क को भी आसानी से चला रहे हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात रोहित गोदारा, फरीदाबाद के नीरज फरीदपुरिया और हिमांशु भाऊ जैसे नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं।

    गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने पिछले महीने ही गुरुग्राम में यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी।

    रंगदारी विदेश में बैठे इन गैंगस्टरों का मुख्य हथियार है। ये बड़े कारोबारियों, बिल्डरों और यहां तक कि सामान्य लोगों को भी धमकी भरे फोन कॉल कर लाखों-करोड़ों रुपये की मांग कर रहे हैं। साल 2024 में हरियाणा में 99 लोगों को रंगदारी के लिए फोन किया गया था। इसके बाद एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए 310 लोगों को गिरफ्तार किया। इस अगस्त 2025 तक 55 से अधिक लोगों को रंगदारी के लिए फोन किया गया, जिसके बाद 225 लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह आंकड़े दिखाते हैं कि इन अपराधों को अंजाम देने के लिए गैंगस्टरों ने भारत में अपने गुर्गों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर रखा है। इसके अलावा 27 अपराधियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है।

    Haryana: विदेश में बैठकर हरियाणा से रंगदारी वसूल रहे 50 गैंगस्टर, STF की रिपोर्ट से खुलासा

    गैंगस्टर अब रंगदारी के पैसों को लेने के लिए पुराने तरीकों का इस्तेमाल नहीं करते। रंगदारी का पैसा इन तक दो तरीकों बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी और हवाला नेटवर्क से पहुंचता है। क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करना इनके लिए एक सुरक्षित तरीका है। हवाला का नेटवर्क बिना किसी बैंक या वित्तीय संस्था के पैसों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता है।

    विदेश में बैठे प्रमुख गैंगस्टर में हिमांशु भाऊ, लिपिन नेहरा, गोल्डी बराड़, फरीदपुरिया, नीरज, अनमोल बिश्नोई, सुनील सरधारनिया शामिल हैं।

    ऐसा नहीं है कि विदेश से सरकार ने प्रत्यार्पण के माध्यम से गैंगस्टर को काबू नहीं किया हो। ‌जोगेंद्र ग्योंग को फिलीपींस, राकेश उर्फ काला खैरमपुर को थाईलैंड, रोहित को थाईलैंड, नरेश नरसी को आर्मेनिया, राजू बसौदी को थाईलैंड, कुणाल जूल को कजाकिस्तान, विकास लगरपुरिया को दुबई, कौशल चौधरी को दुबई, मैनपाल बादली को कंबोडिया से प्रत्यार्पित कर लाया गया है।

    डार्क वेब के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दिला रहे

    गैंगस्टरों ने सिर्फ अपने ठिकाने ही नहीं बदले, बल्कि खुद को तकनीकी रूप से भी उन्नत बना लिया है। रिपोर्ट बताती है कि पुलिस को चकमा देने के लिए ये गैंगस्टर अपने गुर्गों को साइबर सिक्योरिटी और डार्क वेब के इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दिला रहे हैं। ये अपनी लोकेशन लगातार बदलते रहते हैं और डार्क वेब जैसे गुप्त इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं।

    अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

    सतीश बालन, आईजी एसटीएफ हरियाणा का कहना है कि ”एसटीएफ अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है। बीते दो सालों में डेढ़ हजार से ज्यादा बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक नौ गैंगस्टर को विभिन्न देशों से भारत लाया जा चुका है। विदेशों में बैठे गैंगस्टर के बारे में एसटीएफ के पास पूरी जानकारी है। एसटीएफ उन्हे ढूंढ निकालेगी।”

  • Haryana: कुरुक्षेत्र में रातभर चली गोलियों की गूंज, पुलिस मुठभेड़ में यूपी के दो बदमाश घायल होकर गिरफ्तार

    Haryana: कुरुक्षेत्र में रातभर चली गोलियों की गूंज, पुलिस मुठभेड़ में यूपी के दो बदमाश घायल होकर गिरफ्तार

    Haryana: रविवार देर रात कुरुक्षेत्र पुलिस ने दो बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों बदमाश यूपी के रहने वाले हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दोनों बदमाश घायल हुए हैं।

    सीआईए वन की पुलिस टीम और दो बदमाशों के बीच शहर के बिशनगढ़ रोड पर रविवार देर रात मुठभेड़ हो गई। इस गोलीबारी में सीआईए प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह को एक गोली छूते हुए निकली व दोनों बदमाशों यूपी के बागपत के रोहित और मेरठ के गांव हस्तिनापुर के मिथुन की बाईं टांग में गोली लगी।

    Haryana: कुरुक्षेत्र में रातभर चली गोलियों की गूंज, पुलिस मुठभेड़ में यूपी के दो बदमाश घायल होकर गिरफ्तार

    दोनों को पुलिस ने दबोच कर लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल करवाया है। सीआईए वन के प्रभारी सुरेंद्र ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दो बदमाश बिना नंबर प्लेट की बाइक पर हथियारों के साथ घूम रहे हैं। इसके आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी की और कीर्ति नगर से बिशनगढ़ गांव की ओर बढ़ी। वहां बिना नंबर प्लेट की बाइक पर दो युवक दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रोकने और तलाशी लेने की कोशिश की, तो बदमाशों ने पुलिस पर दो राउंड फायरिंग कर दी।

    पुलिस को उनके पास से दो अवैध रूप से तैयार देशी कट्टे, दो-दो जिंदा राउंड व घटनास्थल से दो खोल बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस दोनों बदमाशों के अपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

  • Haryana News: हरियाणा से लाई शराब बनी मौत का पैग, बरेली में दो की मौत, एक जिंदगी से जूझ रहा

    Haryana News: हरियाणा से लाई शराब बनी मौत का पैग, बरेली में दो की मौत, एक जिंदगी से जूझ रहा

    Haryana News: बरेली जिले में जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है। मामला अलीगंज क्षेत्र के तिगईदत्तनगर गांव का है, जहां तीन दोस्तों ने सुबह शराब पी थी। यह शराब हरियाणा से लाई गई थी। शराब पीने के कुछ घंटों बाद ही तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां दो लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि तीसरे की हालत नाजुक बताई जा रही है। इस घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है।

    दोस्ती बनी मौत का कारण

    पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान रामवीर और सूरजपाल के रूप में हुई है। दोनों की मौत जहरीली शराब पीने के कुछ ही घंटों बाद हो गई। वहीं, तीसरा युवक भगवानदास गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती है। बताया जा रहा है कि भगवानदास हरियाणा के फरीदाबाद में नौकरी करता है और गुरुवार की रात वह अपने घर लौटा था। उसके साथ ही शराब भी आई थी। शुक्रवार सुबह वह अपने दोस्तों रामवीर और सूरजपाल के साथ गांव के ट्यूबवेल पर बैठकर शराब पीने लगा। शाम होते-होते तीनों की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।

    Haryana News: हरियाणा से लाई शराब बनी मौत का पैग, बरेली में दो की मौत, एक जिंदगी से जूझ रहा

    अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग

    डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि शराब में जहरीले तत्व मौजूद थे, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। रामवीर और सूरजपाल को बचाया नहीं जा सका और उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, भगवानदास को डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में रखे हुए है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगर वह होश में आता है तो पुलिस को मामले की तह तक जाने में मदद मिलेगी। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच-पड़ताल जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब कहां से और कैसे लाई गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चल रहा है और कई बार लोग इसकी शिकायत भी कर चुके हैं। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जहरीली शराब की सप्लाई चैन को तोड़ने के लिए छापेमारी भी की जाएगी।

  • Bhiwani: लालच में घर, खेल और पति सब कुछ छोड़ा और अब जेल की सलाखों के पीछे, लालच, अहम में फंसकर जीवन बर्बाद करने की कहानी

    Bhiwani: लालच में घर, खेल और पति सब कुछ छोड़ा और अब जेल की सलाखों के पीछे, लालच, अहम में फंसकर जीवन बर्बाद करने की कहानी

    Bhiwani: पूर्व इंटरनेशनल खिलाड़ी भिवानी की संगीता कड़वासरा की जांच में कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। उसे 26 अगस्त को राजस्थान (राजगढ़, चूरू) के ओपीजेएस यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री बेचने के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

    संगीता साउथ एशियन फेडरेशन गेम्स (सैफ गेम्स) में भारतीय टीम का नेतृत्व कर वॉलीबॉल में गोल्ड ला चुकी है। हरियाणा का खेल पुरस्कार ‘भीम अवॉर्ड’ भी हासिल कर चुकी है। खेल के आधार पर ही इसे रेलवे की नौकरी मिली थी।

    आईजी एटीएस विकास कुमार ने बताया- इस केस में महत्वपूर्ण यह है कि संगीता कड़वासरा ने वॉलीबॉल में 10 से अधिक बार देश की टीम का नेतृत्व किया है। सैफ खेलों में दो बार गोल्ड मेडल और सिल्वर मेडल जीता है। स्पोट्‌‌र्स कोटे से रेलवे में नौकरी मिली। मोती लाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोट्‌र्स (सोनीपत, हरियाणा) में बोर्ड ऑफ ऑनर में नाम लिखा है। इतनी प्रतिष्ठा और नौकरी पाने के बाद एक व्यक्ति कैसे लालच, अहम में फंसकर अपना जीवन बर्बाद करता है, उसका यह बहुत बड़ा उदाहरण है।

    Bhiwani: लालच में घर, खेल और पति सब कुछ छोड़ा और अब जेल की सलाखों के पीछे, लालच, अहम में फंसकर जीवन बर्बाद करने की कहानी

    विकास कुमार ने बताया कि 2014 में संगीता ने नौकरी छोड़ी, खेल छोड़ा, घर छोड़ा, पति को छोड़ा और गलत संगती में आकर बेईमानी के धंधे में पड़ गई। इस तरीके के और भी आरोपी हैं। इनका टीम पीछा कर रही है।

    आईजी विकास कुमार के अनुसार, संगीता पर एसओजी ने 25 हजार का इनाम भी रखा था। संगीता ने चूरू के राजगढ़ स्थित OPJS यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री बांट कर बड़ा पैसा कमाया था। जब संगीता का भांजा बाहर जाता तो वह फ्लैट को ताला लगाकर जाता था। इस पर एटीएस की टीम ने फ्लैट की बिजली काटी। बिजली कटने पर संगीता ने भांजे को फोन कर कहा कि बिजली गई हुई है। इस पर भांजे ने केयर टेकर को बताया कि फ्लैट की बिजली नहीं आ रही। केयर टेकर और एटीएस की टीम फ्लैट में भांजे के साथ इलेक्ट्रीशियन बनकर गई। यहां पर एटीएस ने सर्च के दौरान संगीता को डिटेन किया।

  • Rewari में कुख्यात गैंगस्टर Rohit उर्फ़ Kalia पर घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग, पीठ में लगी गोली

    Rewari में कुख्यात गैंगस्टर Rohit उर्फ़ Kalia पर घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग, पीठ में लगी गोली

    शनिवार को Rewari के कुख्यात गैंगस्टर जीता गुर्जर गिरोह से जुड़े रोहित उर्फ कालिया के घर में घुसकर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। स्कूटी पर सवार होकर आए हमलावरों ने तीन राउंड फायर किए, जिनमें से एक गोली कालिया की पीठ में जा लगी। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। गोलियों की आवाज से पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी। घायल कालिया को तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    10 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप

    पुलिस जांच में सामने आया कि 39 वर्षीय रोहित उर्फ कालिया शहर के मोहल्ला भजन का बाग का निवासी है और लंबे समय से जीता गिरोह से जुड़ा हुआ है। उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। कालिया इसी साल फरवरी में 13 साल की लंबी सजा काटने के बाद जेल से बाहर आया था। जेल से छूटने के बाद भी उसका आपराधिक नेटवर्क थमा नहीं। उस पर एक प्रॉपर्टी डीलर से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगा, जिस पर उसे दोबारा जेल जाना पड़ा था। हालांकि कुछ समय बाद कोर्ट से जमानत मिलने पर वह फिर बाहर आ गया।

    Rewari में कुख्यात गैंगस्टर Rohit उर्फ़ Kalia पर घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग, पीठ में लगी गोली

    घर पर बैठे हुए बदमाशों का शिकार

    घटना के दिन शनिवार दोपहर करीब 3:40 बजे कालिया अपने घर में दो साथियों के साथ बैठा हुआ था। तभी चार युवक स्कूटी पर सवार होकर उसके घर के बाहर पहुंचे। जैसे ही कालिया हमलावरों की नजर में आया, बदमाशों ने गोलियां चला दीं। तीन राउंड फायरिंग में एक गोली कालिया की पीठ में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोग सहम गए और भगदड़ की स्थिति बन गई। इस बीच बदमाश वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।

    पुलिस की जांच जारी, अपराधियों की तलाश तेज

    वारदात की जानकारी मिलते ही थाना शहर पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। मौके से पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर हमलावरों की तलाश की जा रही है। घायल कालिया को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना आपसी गैंगवार या पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकती है। फिलहाल आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और बदमाशों की तलाश तेज कर दी गई है। इस गोलीकांड ने एक बार फिर रेवाड़ी में गैंगस्टरों की सक्रियता और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • पानीपत में CCTV कैमरा बना विवाद की वजह! गांव रिसालू में CCTV कैमरे लगाने पर दंपत्ति पर हमला, मारपीट और लूट का मामला दर्ज

    पानीपत में CCTV कैमरा बना विवाद की वजह! गांव रिसालू में CCTV कैमरे लगाने पर दंपत्ति पर हमला, मारपीट और लूट का मामला दर्ज

    पानीपत ज़िले के गांव रिसालू से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाने को लेकर एक दंपत्ति पर हमला कर दिया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पहले से ही ज़मीन को लेकर उनका विवाद चल रहा है और मामला अदालत में विचाराधीन है। इसी दुश्मनी के चलते आरोपियों ने कैमरे तोड़ने की धमकी दी और पति-पत्नी के साथ सरेआम मारपीट की।

    पीड़िता मनीषा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17 अगस्त की सुबह जब वह और उनके पति जगमोहन घर पर थे, तभी कुछ युवक सीसीटीवी लगाने आए थे। उसी दौरान आरोपी वहां पहुंच गए और गालियाँ देते हुए कैमरे तोड़ने की धमकी देने लगे। जब पति-पत्नी ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने दोनों को पकड़कर गली में पटक दिया और डंडों, मुक्कों व लातों से पीटना शुरू कर दिया।

    पानीपत में CCTV कैमरा बना विवाद की वजह! गांव रिसालू में CCTV कैमरे लगाने पर दंपत्ति पर हमला, मारपीट और लूट का मामला दर्ज

    मनीषा ने बताया कि इस घटना के दौरान उनके हाथ में पहनी सोने की अंगूठी भी आरोपियों ने जबरन छीन ली। सबसे खास बात यह रही कि मारपीट की यह पूरी वारदात पड़ोसी के कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। उन्होंने कहा कि उनके पति के पिता का निधन हो चुका है और जगमोहन ज़मीन के इकलौते वारिस हैं। लेकिन उनके चाचा और चचेरे भाई-बहन इस ज़मीन पर कब्ज़ा करना चाहते हैं। इसी विवाद को लेकर अदालत में केस चल रहा है और अदालत ने फिलहाल ज़मीन पर स्टे लगा रखा है।

    पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी उन्हें लगातार जान से मारने और बच्चों का अपहरण करने की धमकियाँ देते हैं। यहाँ तक कि बलात्कार करने की धमकी भी दी गई है। उन्होंने कहा कि परिवार की जान को गंभीर खतरा है और पुलिस को सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    शिकायत के आधार पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना की सभी बारीकियों की पड़ताल की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। इस घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग दहशत में हैं।