Haryana Weather: हरियाणा से मानसून के विदा होने की तारीख का ऐलान कर दिया गया है। मौसम विभाग की मानें तो हरियाणा से मानसून 22 सितंबर को विदा हो जाएगा। मौसम विभाग ने आज हरियाणा के आठ जिलों में बारिश की संभावना व्यक्त की है। IMD चंडीगढ़ के अनुसार, रविवार को पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत में कुछ एरिया में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इसके अलावा बाकी जिलों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार 22 सितंबर के आसपास हरियाणा से मानसून की रवानगी हो जाएगी। इस बार मानसून पिछले साल की तुलना में 10 दिन पहले विदा हो जाएगा। इससे पहले राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना कि मानसून की रवानगी के बाद भी बारिश हुई तो इस बार सर्दी की दस्तक समय से पहले हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 16 से 17 सितंबर के बीच पहाड़ों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक निम्न हवा का दबाव क्षेत्र भी बनेगा। इसके प्रभाव से 17 से 19 सितंबर के बीच हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।

इसके बाद मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी। इसकी शुरुआत राजस्थान से होगी है। राजस्थान से मानसून की रवानगी 17 सितंबर के आसपास होने वाली है। पिछले साल हरियाणा में मानसून की विदाई दो अक्तूबर को हुई थी।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा में इस बार मानसून की बारिश सामान्य से ज्यादा हुई है। राज्य में अब तक 564.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है जो सामान्य से 42 फीसदी अधिक है। मानसून सीजन में हुई बारिश ने इस बार 27 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि 17 से 19 सितंबर के बीच बारिश के आसार दिख रहे हैं। उसके बाद मानसून हरियाणा से चला जाएगा। उन्होंने बताया कि मानसून के चले जाने के बाद मौसमी सिस्टम सक्रिय हो सकते हैं। इनकी वजह से बारिश हुई तो सर्दी की दस्तक जल्द हो सकती है। वहीं, हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 22 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई होगी।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह लाठर ने बताया कि जलभराव से धान की अगेती फसल को पहले से ही 15-20 फीसदी नुकसान हो चुका है। यदि अब बारिश हुई तो जो फसल पक गई है उसे भी 10-15 फीसदी नुकसान होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई शुरू होने की संभावना है।










