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  • अहिल्यानगर में ‘I Love Mohammed’ विवाद से उपजी हिंसा, 30 लोग हिरासत में, पुलिस ने शहर में कड़ी सुरक्षा की

    अहिल्यानगर में ‘I Love Mohammed’ विवाद से उपजी हिंसा, 30 लोग हिरासत में, पुलिस ने शहर में कड़ी सुरक्षा की

    महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से बड़ी खबर सामने आई है। शहर में “I Love Mohammed” का स्लोगन लिखे जाने को लेकर हिंसा भड़क गई। पुलिस के अनुसार, कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने एक रांगोली में यह स्लोगन बनाया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इसे पैगंबर मोहम्मद के अपमान के रूप में लिया और बड़ी संख्या में कचहरी पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करने जुट गए।

    पुलिस की कार्रवाई और स्थिति नियंत्रण

    पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए रांगोली बनाने वालों की पहचान की और दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इनमें से एक आरोपी पुलिस हिरासत में है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ स्थानों पर हल्के बल का इस्तेमाल किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को समझाया कि पूरे मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। इसके बावजूद, कुछ उग्र तत्व अशांति फैलाते रहे।

    अहिल्यानगर में ‘I Love Mohammed’ विवाद से उपजी हिंसा, 30 लोग हिरासत में, पुलिस ने शहर में कड़ी सुरक्षा की

    सुरक्षा व्यवस्था और गिरफ्तारी

    पुलिस ने शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों को अफवाहों पर विश्वास न करने की सलाह दी। अब तक 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और विभिन्न स्थानों पर पुलिस टीमों की गश्त जारी है।

    प्रारंभिक जानकारी और घटनाक्रम

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ अज्ञात लोगों ने अहिल्यानगर की सड़क पर “I Love Mohammed” शब्द लिखे। यह कार्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया। इसके बाद सैकड़ों मुस्लिम समुदाय के लोग कोतवाली पुलिस स्टेशन के सामने इकट्ठा हुए और प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन सतर्क है और जांच जारी है।

    देश में नया विवाद और प्रतिक्रिया

    यह घटना “I Love Mohammed” और “I Love Mahadev” पोस्टरों को लेकर देश में नए विवाद को जन्म दे रही है। कई स्थानों पर लोग सड़कों पर उतरकर इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिकारियों ने जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • पलवल पुलिस ने जासूसी के आरोप में युवक तौफिक को पकड़ा, पाकिस्तान को भेजी संवेदनशील सैन्य जानकारी

    पलवल पुलिस ने जासूसी के आरोप में युवक तौफिक को पकड़ा, पाकिस्तान को भेजी संवेदनशील सैन्य जानकारी

    केंद्रीय जांच एजेंसियों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर अपराध जांच शाखा (सीआईए) पलवल पुलिस ने जासूसी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आलीमेव गांव निवासी तौफिक (35) के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ देशद्रोह समेत कई धाराओं में शहर थाना में केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी की पुष्टि सीआईए प्रभारी पी/एसआई दीपक ने की है। युवक पर भारतीय सैन्य गतिविधियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान उच्चायोग को भेजने का आरोप लगा है।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, तौफिक भारतीय सेना की गतिविधियों और रक्षा तैयारियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां वॉट्सऐप के जरिए साझा करता था। संवेदनशील जानकारी दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात एक कर्मचारी को भेजता था। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल से देशद्रोह से जुड़े कई सबूत भी बरामद किए हैं।

    पलवल पुलिस ने जासूसी के आरोप में युवक तौफिक को पकड़ा, पाकिस्तान को भेजी संवेदनशील सैन्य जानकारी

    सीआईए को मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी तौफिक साल 2022 में अपनी रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान गया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात पाकिस्तान दूतावास में कार्यरत एक कर्मचारी से हुई थी। इसके बाद दोनों वॉट्सऐप पर लगातार बातचीत करने लगे। तौफिक पिछले लंबे समय से सैन्य जानकारी भेज रहा था। इसके साथ ही लोगों को पाकिस्तान भेजने के लिए वीजा लगवाने का काम भी करता था। उसने कई लोगों का वीजा लगवाकर उन्हें पाकिस्तान भेजने की बात भी स्वीकार की है।

    इस मामले में शहर थाना में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 और देशद्रोह की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी के तार सीमा पार बैठे खुफिया एजेंटों से भी जुड़े हो सकते हैं।

    पहले भी पकड़े गए थे जासूस

    इससे पहले हरियाणा में अनेक जगहों से जासूसों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें हिसार कैथल और नूंह जिले से भी पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इन मामलों ने प्रदेश के कई जिलों में खुफिया एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी है।

  • जींद के रधाना गांव में अवैध पटाखों का भंडाफोड़! रधाना गांव में पुलिस ने पकड़े 116 किलो पटाखे, आरोपी फरार, मामला दर्ज

    जींद के रधाना गांव में अवैध पटाखों का भंडाफोड़! रधाना गांव में पुलिस ने पकड़े 116 किलो पटाखे, आरोपी फरार, मामला दर्ज

    जींद के राधना गाँव में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 116 किलो से अधिक अवैध बम और पटाखे बरामद किए। एवीटी स्टाफ इंचार्ज कमल सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने त्योहारों के मौसम में अवैध बम, पटाखे और ज्वलनशील पदार्थों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य सुरक्षा बनाए रखना और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।

    पुलिस की सतर्कता और सूचना

    मुख्य आरक्षक जितेन्द्र के नेतृत्व में पुलिस की टीम राधना थाने में मौजूद थी। सूचना मिली कि राधना गाँव का दीपक अपने चाचा राजेश के खलिहान में बम और पटाखे छिपाकर दशहरा और दीवाली के लिए अवैध रूप से तस्करी कर रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राजेश के खलिहान पर छापा मारा।

    जींद के रधाना गांव में अवैध पटाखों का भंडाफोड़! रधाना गांव में पुलिस ने पकड़े 116 किलो पटाखे, आरोपी फरार, मामला दर्ज

    बरामदगी और साक्ष्य

    छापे के दौरान पुलिस ने कई डिब्बों में पटाखे और बम पाए, जिनका कुल वजन 116.100 किलो था। दीपक और उसके परिवारजन जब पूछताछ के लिए बुलाए गए तो वे किसी भी प्रकार का वैध परमिट या लाइसेंस पेश नहीं कर पाए। इसके बाद सदर पुलिस स्टेशन में दीपक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अब दीपक की तलाश कर रही है, जो छिपा हुआ है।

    जिलाधिकारी का संदेश और सुरक्षा

    जिले में पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान बम और पटाखों की बिक्री न केवल अवैध है बल्कि यह लोगों की जान और संपत्ति के लिए भी खतरा है। दिवाली के समय पटाखों और पराली जलाने से प्रदूषण का स्तर भी काफी बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    त्योहारों में सुरक्षा के महत्व पर जोर

    इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया कि सुरक्षा और कानून का पालन सभी के लिए जरूरी है। पुलिस और प्रशासन अवैध गतिविधियों पर नजर रखकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। दीपक जैसे लोग अवैध मुनाफे के लिए जोखिम भरे काम कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उनका नेटवर्क तेजी से पकड़ा जा रहा है। जनता से भी अपील की गई है कि वे अवैध पटाखों की बिक्री या खरीद में शामिल न हों और सुरक्षित त्योहार मनाएं।

  • Haryana News: मेवात में बड़ा हादसा, दो बच्चियां तालाब में डूबीं, बचाने के चक्कर में उनकी माओं की भी मौत

    Haryana News: मेवात में बड़ा हादसा, दो बच्चियां तालाब में डूबीं, बचाने के चक्कर में उनकी माओं की भी मौत

    Haryana News: नूंह जिले के सालाहेडी गांव में शनिवार दोपहर बाद एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार यह घटना दोपहर 2:00 बजे के बाद गांव के एक खेत के पास बने जोहड़ में हुई, जहां मिट्टी की खुदाई के कारण जलभराव हो गया था।

    मिली जानकारी के मुताबिक, 2 महिलाएं कपड़े धोने के लिए इस जोहड़ पर गई थीं, आपस में दोनों महिलाएं देवरानी जेठानी थी। उनके साथ दो बच्चे भी थे। अचानक बच्चे गहरे पानी में डूबने लगे, जिन्हें बचाने की कोशिश में दोनों महिलाएं भी कूद गईं। इस हादसे में दोनों महिलाओं और दोनों बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई, जिससे गांव में मातम छा गया।

    Haryana News: मेवात में बड़ा हादसा, दो बच्चियां तालाब में डूबीं, बचाने के चक्कर में उनकी माओं की भी मौत

    स्थानीय लोगों ने बताया कि जोहड़ का किनारा असुरक्षित था और मिट्टी की खुदाई के कारण पानी की गहराई बढ़ गई थी। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। शवों को जोहड़ से निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए नूंह के सिविल अस्पताल भेजा गया।

    मृतकों की पहचान जमशीदा पत्नी नसीम 38 वर्ष व उसकी देवरानी मदीना पत्नी समीम (35 वर्ष) अपनी बच्चियां सुमैया (10 वर्ष) व सोफिया (11 वर्ष) के रूप में हुई है।

    ग्रामीणों के अनुसार दोनों महिलाएं शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अपनी बच्चियों के साथ खेत में कपड़े धोने गई थीं। इसी दौरान बच्चियों का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में डूबने लगीं। उन्हें बचाने के लिए दोनों महिलाएं भी पानी में कूद पड़ीं, लेकिन ज्यादा पानी होने के कारण चारों की डूबकर मौत हो गई।

    शाम करीब साढ़े 7 बजे गांव का एक व्यक्ति खेत से गुजर रहा था, तभी उसने पानी में तैरते हुए शव देखे। सूचना मिलते ही परिवारजन और ग्रामीण वहां पहुंचे और शव बाहर निकाले। वहीं पुलिस का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मामला डूबने से मौत का है या इसमें कोई अन्य वजह जुड़ी है। फिलहाल शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है।

    पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल का दौरा कर जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर हादसे की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें शवों को निकालने का दृश्य दिख रहा है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बच्चे और महिलाएं अकेले जोहड़ या तालाबों के पास न जाएं।

  • हरियाणा मंत्री के घर तैनात कांस्टेबल ने भतीजे की शादी विवाद के कारण आत्महत्या की, सात लोगों पर मामला दर्ज

    हरियाणा मंत्री के घर तैनात कांस्टेबल ने भतीजे की शादी विवाद के कारण आत्महत्या की, सात लोगों पर मामला दर्ज

    गुरुग्राम में हरियाणा के मंत्री राव नरबीर सिंह के घर के बाहर तैनात एक पुलिस कांस्टेबल जगबीर सिंह द्वारा कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। कांस्टेबल के भतीजे ने समगोत्र में विवाह किया था। इसके बाद गांव ने सामाजिक बहिष्कार कर दिया था, जिससे परेशान होकर कांस्टेबल ने जान दी। इस मामले में पुलिस ने गांव के सरपंच ने सात लोगों के खिलाफ आतंकवादियों के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया है।

    पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, जगबीर सिंह अपने भतीजे की शादी को लेकर परेशान थे। ग्राम पंचायत ने उनके परिवार का बहिष्कार कर दिया था, क्योंकि उनके भतीजे ने समान गोत्र की महिला से शादी की थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, जगबीर सिंह (49) सोमवार देर रात करीब ढाई बजे मंत्री के घर के बाहर बने गार्ड रूम में अचेत अवस्था में मिले। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिंह के परिवार के अनुसार कांस्टेबल परेशान थे। क्योंकि उनके भतीजे की समान गोत्र की महिला से शादी के बाद ग्राम पंचायत ने उनके परिवार का बहिष्कार कर दिया था।

    हरियाणा मंत्री के घर तैनात कांस्टेबल ने भतीजे की शादी विवाद के कारण आत्महत्या की, सात लोगों पर मामला दर्ज

    झज्जर जिले के भूरावास गांव निवासी जगबीर सिंह पहले सेना की जाट रेजीमेंट में कार्यरत थे और रिटायर होने के बाद 2014 में हरियाणा पुलिस में शामिल हुए थे। पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल को 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद राव नरबीर सिंह के मंत्री बनने के बाद उनके सिविल लाइंस स्थित आवास पर सुरक्षा कर्मी के रूप में तैनात किया गया था।

    पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल सोमवार रात ड्यूटी पर थे और अगली सुबह जब अन्य पुलिसकर्मी ड्यूटी बदलने के समय पहुंचे तो उन्होंने सिंह को अचेत पाया और एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां उनके मौत की पुष्टि की गई। पुलिस ने कहा कि सिंह के परिवार ने अपनी ग्राम सरपंच के पति और अन्य पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।

    परिवार के सदस्यों ने कहा कि जगबीर सिंह का भतीजा चार महीने पहले अपने गोत्र की एक लड़की के साथ गायब हो गया था और इस वजह से गांव वालों ने पंचायत बुलाकर परिवार का बहिष्कार कर दिया था। इसके बाद से सिंह तनाव में थे। उन्होंने कहा कि सिंह पर गलत नाम से नौकरी पाने के आरोप में भी मामला चल रहा था और वह परेशान थे। पुलिस ने कहा कि सरपंच के पति समेत सात लोगों के खिलाफ सिविल लाइन्स थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। सिविल लाइन्स थाने के प्रभारी कृष्णन कुमार ने कहा कि हमने आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया। जांच जारी है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

  • NIA ने गुरपतवंत सिंह पन्नू और SFJ पर नया केस किया दर्ज, भारत की अखंडता और संप्रभुता को सीधा खतरा

    NIA ने गुरपतवंत सिंह पन्नू और SFJ पर नया केस किया दर्ज, भारत की अखंडता और संप्रभुता को सीधा खतरा

    राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) ने खालिस्तानी संगठन Sikhs for Justice (SFJ) और आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ नया मामला दर्ज किया है। केंद्रीय सरकार ने बताया कि पन्नू की गतिविधियां भारत की संप्रभुता और अखंडता पर सीधा हमला हैं। NIA अब इस साजिश में और कौन शामिल है तथा नेटवर्क कितनी दूर तक फैला हुआ है, इसकी जांच करेगी।

    प्रधानमंत्री को निशाना बनाने की साजिश

    गुरपतवंत सिंह पन्नू ने किसी को 11 करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा की थी, जो 15 अगस्त को लाल किला पर प्रधानमंत्री द्वारा तिरंगा फहराने से रोक सके। 10 अगस्त 2025 को पन्नू ने पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब के “Meet the Press” कार्यक्रम के दौरान वीडियो लिंक से बयान दिया। उन्होंने एक नक्शा जारी किया जिसमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली को “Delhi Banega Khalistan” के हिस्से के रूप में दिखाया गया।

    NIA ने गुरपतवंत सिंह पन्नू और SFJ पर नया केस किया दर्ज, भारत की अखंडता और संप्रभुता को सीधा खतरा

    भारत के खिलाफ युद्ध की घोषणा

    SFJ ने “शहीद जत्था” (Martyr Jatha) का गठन किया और भारत के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। पन्नू के खिलाफ CrPC 2023 की धारा 61(2) और UAPA की धारा 10 और 13 के तहत मामला दर्ज किया गया। NIA अब यह पता लगाएगी कि इस साजिश में और कौन शामिल है और इस नेटवर्क का विस्तार कितना है।

    लाहौर प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस

    FIR के अनुसार, भारतीय सरकार को सूचना मिली कि गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 10 अगस्त को पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने वहां वीडियो लिंक के माध्यम से पत्रकारों से बात की और पंजाब की संप्रभुता को नकारते हुए खालिस्तान के गठन की जोरदार वकालत की। इस तरह की गतिविधियां भारत के खिलाफ गंभीर खतरा पैदा करती हैं।

    सिख समुदाय को भड़काने का प्रयास

    गुरपतवंत सिंह पन्नू SFJ के नेता हैं, जिसे भारत पहले ही आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है। NIA का आरोप है कि पन्नू ने कई ऐसे कार्य किए हैं जो भारत की एकता और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने सिख समुदाय के कुछ सदस्यों को भारत के खिलाफ भड़काने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ गंभीर अपराध के रूप में देखा जा रहा है।

  • प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर किया कड़ा प्रहार जींद-रोहतक मार्केटिंग बोर्ड के पांच अधिकारी सस्पेंड 10 करोड़ का विवाद

    प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर किया कड़ा प्रहार जींद-रोहतक मार्केटिंग बोर्ड के पांच अधिकारी सस्पेंड 10 करोड़ का विवाद

    प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की अपनी नीति पर चलते हुए जींद और रोहतक में मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ, जेई समेत 5 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। इनमें चार जींद के और एक रोहतक की एसडीई शामिल हैं। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में एक जींद की बड़ी भाजपा महिला नेत्री के पति हैं। सरकार ने अपनी ही महिला नेता के पति को सस्पेंड करके साफ संदेश दिया है कि वह करप्शन पर किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं करेगी।

    प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर किया कड़ा प्रहार जींद-रोहतक मार्केटिंग बोर्ड के पांच अधिकारी सस्पेंड 10 करोड़ का विवाद

    आरोप है कि जींद के कर्मचारियों ने सब यार्ड और सड़कों का काम पूरा किए बिना ही 10 करोड़ रुपए पेमेंट कर दी। इसकी जांच हुई तो मामले का खुलासा हुआ और इसके बाद हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड पंचकूला मुख्य प्रशासक कार्यालय की तरफ से पांच कर्मचारियों के सस्पेंशन ऑर्डर जारी हुए। हालांकि रोहतक मार्केटिंग बोर्ड की एसडीई सीमा के सस्पेंशन का कारण तत्काल नहीं पता चल पाया है।

    मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा जींद मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ रवि प्रकाश, एसडीई रोशन लाल, जेई नरेश कुमार, जेई सुरेंद्र कुमार और रोहतक मार्केटिंग बोर्ड की एसडीई सीमा को सस्पेंड किया है। इस मामले में एसडीओ रवि प्रकाश से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

    सस्पेंशन अवधि के दौरान एसडीओ रवि प्रकाश नैन और जेई नरेश कुमार का मुख्यालय हिसार एसई कार्यालय और एसडीई रोशन लाल व जेई सुरेंद्र कुमार का मुख्यालय रोहतक एसई कार्यालय रहेगा। वहीं रोहतक की एसडीओ सीमा का निलंबन के दौरान मुख्यालय जींद एसई कार्यालय रहेगा।

  • अंबाला GRP की कार्रवाई, राजस्थान से अपहरण किए बच्चे के साथ बाल तस्करी करने वाला युवक गिरफ्तार

    अंबाला GRP की कार्रवाई, राजस्थान से अपहरण किए बच्चे के साथ बाल तस्करी करने वाला युवक गिरफ्तार

    हरियाणा का अंबाला बच्चों की तस्करी का एक बड़ा स्थान बन गया है। पिछले दिनों भी यहां दर्जनों बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़वाया गया था लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि उन मामलों में किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया था।

    ताजा सनसनीखेज मामले में यहां के रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 11 साल का छोटा बच्चा स्टेशन पर खड़ा रो रहा था। जीआरपी तुरंत पास पहुंची और पूछा कि कौन हो, माता-पिता कहां हैं? किसके साथ हो और यहां अकेले क्यों खड़े हो? इस पर बच्चे ने कहा कि अंकल वो मुझे राजस्थान से किडनेप करके लाए हैं। जवाब सुन अधिकारियों के होश उड़ गए। तुरंत राजस्थान पुलिस को जानकारी दी गई। दरअसल, बच्चे का अपहरण किया गया था, मगर जीआरपी को देख किडनेपर बच्चे को छोड़ भाग खड़ा हुआ। हालांकि, बाद में तुरंत आरोपी को दबोच लिया गया। इस मामले में पुलिस अभी इसके साथियों और इस गिरोह के सरगना की तलाश कर रही है।

    अंबाला GRP की कार्रवाई, राजस्थान से अपहरण किए बच्चे के साथ बाल तस्करी करने वाला युवक गिरफ्तार

    त्योहारी सीजन को देखते हुए जीआरपी रेलवे स्टेशन पर औचक चेकिंग अभियान चला रही थी। रविवार दोपहर को भी जब टीम जांच करते हुए प्लेटफार्म 6-7 पर लुधियाना साइड पर पहुंची तो 11 साल का बच्चा रो रहा था। जीआरपी ने पूछा कि क्या हुआ बेटा तो उसने बताया कि अंकल राजस्थान के दोसा से मुझे बहला-फुसलाकर कुछ लोग अपने साथ ले आए। यहां चेकिंग देखकर वो लोग डर गए और भाग गए।

    जीआरपी ने तुरंत जांच पड़ताल की और अंबाला रेलवे स्टेशन से ही काबू कर लिया। फिर किडनेपर से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसका ही बेटा है। फिर बोला भतीजा है। बार-बार बात बदलने पर जब बच्चे से काउंसलिंग के दौरान जानकारी हासिल की तो उसने बताया कि आरोपी ने उसे बेहोश कर दिया था और फिर उसे दोसा से अपने साथ ले आया, उसके साथ कुछ अन्य लोग भी थे जोकि गायब हो गए।

    जीआरपी ने तुरंत बच्चे के माता-पिता को जानकारी दी। उसके परिजन अपने बच्चे को लेने पहुंचे। इधर अपहरणकर्ता की पहचान आशु के तौर पर हुई है। किडनेपर आशु दिल्ली का रहने वाला है और उसको अरेस्ट कर लिया गया है और कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए एसपी रेलवे नितिका गहलोत के निर्देश पर चार टीमों का गठन किया गया है जोकि पंजाब सहित आसपास के क्षेत्रों में दबिश दे रही हैं।

    जीआरपी के थाना प्रभारी हरीश कुमार ने बताया कि SP के आदेश पर रात को ही टीमें लगी हुई थीं। सूचना मिली थी कि अंबाला शहर में एक अनजान व्यक्ति सोया हुआ है, जब टीम वहां बच्चे को लेकर पहुंची तो उसने अपहरणकर्ता को पहचान लिया।

    यह मामला सीधे तौर पर मानव तस्करी का नजर आ रहा है। यहां बता दें कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में बच्चों को तस्करी करके पंजाब और दूसरे राज्यों में भेजा जाता है। हाल फिलहाल में यह पहला मामला है जिसमें पुलिस के हत्थे कोई मानव तस्कर चढ़ा है।

  • 41 करोड़ की ठगी में MobiKwik का सॉफ्टवेयर फेल, पुलिस ने SIT गठित कर जांच शुरू

    41 करोड़ की ठगी में MobiKwik का सॉफ्टवेयर फेल, पुलिस ने SIT गठित कर जांच शुरू

    मोबाइल पेमेंट कंपनी MobiKwik की पेमेंट एप में तकनीकी खराबी का फायदा उठाकर मेवात के रहने वाले शातिर ठगों ने कंपनी को 40 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया। गुरुग्राम पुलिस को शिकायत मिलने के बाद मामले में बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस ने ठगी करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच इस मामले की जांच SIT गठित की गई है।

    41 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने बुधवार को जांच के लिए SIT गठित की। एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम जांच के बाद इसकी रिपोर्ट सौंपेगी। टीम में सेक्टर 53 और साइबर ईस्ट थाना प्रभारी भी शामिल हैं। सितंबर के पहले सप्ताह में मोबिक्विक एप में आई तकनीकी खामी का फायदा उठाकर बड़ी संख्या में लोगों ने एप के वॉलेट से रुपये अपने जानने वालों, दुकानदारों और अन्य लोगों के खाते में भेजकर कंपनी को करोड़ों रुपये का चूना लगाया।

    41 करोड़ की ठगी में MobiKwik का सॉफ्टवेयर फेल, पुलिस ने SIT गठित कर जांच शुरू

    अकेले नूंह में ही 30 करोड़ आए मोबिक्विक एप के जरिए हुए 40 करोड रुपए का अवैध ट्रांजेक्शन में से अकेले नूंह में ही 30 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है। बाकी 10 करोड़ रुपए गुरुग्राम और पलवल जिले में गए।

    सबसे ज्यादा रकम नूंह जिले से निकाली गई। कंपनी ने नूंह के लघु सचिवालय के कमरा नंबर 428 में 23 सितंबर तक के लिए कैंप लगाया है। जिन लोगों ने वॉलेट से पैसे निकाले हैं, उनको एक मौका दिया है। रकम न लौटाने पर FIR दर्ज कराई जाएगी।

    शुरुआती जांच में सामने आया है कि सॉफ्टवेयर अपडेट करते वक्त गलती हुई। जिससे सिक्योरिटी चेक डिसेबल हो गया। कंपनी की वार्षिक मीटिंग होने वाली है, उसी को लेकर ऑडिट चल रहा था और तकनीकी टीम भी रात को काम कर रही थी। इसी दौरान सिस्टम फेल हुआ। कंपनी की टेक्निकल टीम जांच कर रही है।

  • उम्रकैद की सजा काट रहे पहलवान सुशील की नई मुश्किलें, शस्त्र अधिनियम के एक मामले में उलझे, पुलिस लाएगी प्रोटेक्शन वारंट

    उम्रकैद की सजा काट रहे पहलवान सुशील की नई मुश्किलें, शस्त्र अधिनियम के एक मामले में उलझे, पुलिस लाएगी प्रोटेक्शन वारंट

    सागर हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे दिल्ली के पहलवान सुशील की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। अब झज्जर पुलिस ने उन पर एक और गंभीर आरोप की परतें खोली हैं। पुलिस का दावा है कि सुशील ने झज्जर के एक खिलाड़ी को हथियार उपलब्ध कराए थे। इस सिलसिले में उन्हें प्रोटेक्शन वारंट पर लाने की तैयारी चल रही है। पुलिस पहलवान सुशील को प्रोटेक्शन वारंट पर लाकर उससे पूछताछ करेगी और उसके बाद उसे इस नए मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है।

    झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री ने बताया कि हाल ही में अपराध शाखा ने छुछकवास के पास एक युवक को संदिग्ध हालत में पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से इटली निर्मित बराटा पिस्टल और आधा दर्जन जिंदा कारतूस बरामद हुए। युवक की पहचान विशाल उर्फ चोटीवाला निवासी बहरोड़, जिला झज्जर के रूप में हुई।

    उम्रकैद की सजा काट रहे पहलवान सुशील की नई मुश्किलें, शस्त्र अधिनियम के एक मामले में उलझे, पुलिस लाएगी प्रोटेक्शन वारंट

    पूछताछ के दौरान विशाल ने बताया कि वह अंडर-19 नेशनल में खेल चुका है और 2014 में छत्रसाल स्टेडियम में कुश्ती सीखते समय उसकी मुलाकात सुशील से हुई थी। रिश्तेदारी के चलते उसका सुशील के घर आना-जाना भी था। आरोपी ने कबूल किया कि मई माह में रोहिणी कोर्ट पेशी के दौरान सुशील ने उसे एक गाड़ी से पिस्टल और बीस कारतूस लाने को कहा था। हथियार लेकर वह गांव पहुंचा और हवाबाजी में दर्जनभर गोलियां भी चला दीं। शेष कारतूस और पिस्टल उसके पास से बरामद हुए।

    गौरतलब है कि सुशील को दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 मार्च को जमानत दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 13 अगस्त को रद्द कर दिया। इसी बीच कोर्ट पेशी के दौरान हथियार सौंपने का आरोप सामने आने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कमिश्नर डॉ. राजश्री के अनुसार, सुशील को प्रोटैक्शन वारंट पर लाने के बाद ही इस पूरे मामले की असलियत का खुलासा संभव हो सकेगा। इस मामले में सुशील की भूमिका पाए जाने और विशाल का कबूलनामा सत्य होने पर पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है।