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  • चार IPS सहित 10 पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट का नोटिस – 18 नवंबर तक जवाब देने का आदेश

    चार IPS सहित 10 पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट का नोटिस – 18 नवंबर तक जवाब देने का आदेश

    पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचकूला पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर करते हुए चार आईपीएस, दो एचपीएस और तीन इंस्पेक्टरों सहित कुल 10 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना कार्रवाई शुरू कर दी है। अवमानना नोटिस जिन अधिकारियों को जारी किया गया है, उनमें राकेश कुमार आर्य (पूर्व पुलिस आयुक्त, पंचकूला- वर्तमान में आईजीपी क्राइम), सिवाश कविराज (पुलिस आयुक्त पंचकूला), हिमाद्री कौशिक और मनप्रीत सिंह (पूर्व डीसीपी पंचकूला), विक्रम नेहरा और सुरेंद्र सिंह (एसीपी पंचकूला), इंस्पेक्टर हितेंद्र सिंह, कमलजीत सिंह तथा एसआई प्रकाश चंद (आर्थिक अपराध शाखा पंचकूला) शामिल हैं।

    इन पुलिस अधिकारियों पर आठ माह तक धोखाधड़ी व ठगी के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन माना गया है।

    चार IPS सहित 10 पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट का नोटिस – 18 नवंबर तक जवाब देने का आदेश

    जस्टिस हरप्रीत कौर जीवन ने स्वयं संज्ञान लेते हुए इन सभी अधिकारियों को 18 नवंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। यह कार्रवाई जस्टिस सुमित गोयल द्वारा एक सितंबर को दिए आदेश के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने मामले को चीफ जस्टिस के पास संदर्भित किया था। चीफ जस्टिस ने नौ सितंबर को अवमानना कार्रवाई की अनुमति दी थी।

    हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2014) फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यदि संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है तो एफआईआर तुरंत दर्ज करना अनिवार्य है। प्रारंभिक जांच सात दिन से अधिक नहीं हो सकती और यदि देरी हो तो उसका कारण सामान्य डायरी में दर्ज होना चाहिए। यह मामला एफआईआर नंबर 265, दिनांक 19 जून 2025, थाना चंडीमंदिर, पंचकूला से संबंधित है।

    शिकायतकर्ता मलकीयत सिंह ने आरोप लगाया कि 23 जनवरी 2024 को ईडी की छापेमारी के बाद कुछ लोगों ने खुद को मोहाली जिले के एक विधायक के पीए के रूप में प्रस्तुत कर एक करोड़ रुपये मांगे और एफआईआर दर्ज नहीं होने का आश्वासन दिया। बाद में उन्होंने रकम हड़प ली और अतिरिक्त आठ करोड़ रुपये की मांग कर शिकायतकर्ता व उसके परिवार को धमकाया।

    शिकायत 23 अक्टूबर 2024 को दी गई थी, लेकिन एफआईआर आठ माह बाद 19 जून 2025 को दर्ज की गई। पुलिस द्वारा 30 जुलाई 2025 को दाखिल हलफनामे में देरी का कोई संतोषजनक कारण नहीं बताया गया। इस पर जस्टिस गोयल ने पुलिस की कार्यप्रणाली को अड़ियल और हठी बताते हुए चीफ जस्टिस से अवमानना कार्रवाई की सिफारिश की थी। अब सभी आरोपी पुलिस अधिकारियों को अदालत में जवाब दाखिल करना होगा।

  • सिरसा में भयानक सड़क हादसा! बस और ट्रैक्टर की टक्कर में दो की मौत, दर्जनों घायल

    सिरसा में भयानक सड़क हादसा! बस और ट्रैक्टर की टक्कर में दो की मौत, दर्जनों घायल

    सिरसा के एलनाबाद में शनिवार सुबह एक गंभीर सड़क हादसा हुआ। सुबह लगभग 9:15 बजे हनुमानगढ़ रोड पर बाजीगरों की ढाणी के पास हरियाणा रोडवेज की बस और एक ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर हो गई। इस टक्कर के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई। ट्रॉली में सवार महिलाएं और पुरुष सड़क पर गिर पड़े। हादसे में मौके पर ही 2 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए।

    गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती

    हादसे में घायल लोगों में चार महिलाओं को गंभीर चोटें आई हैं, जिनके कंधे, हाथ और सिर में चोटें आई हैं। सभी घायल मरीजों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ट्रैक्टर का चालक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद सड़क पर भारी जाम लग गया। फिलहाल रोडवेज बस और ट्रैक्टर ट्रॉली को सड़क के किनारे स्थानांतरित किया जा रहा है।

    सिरसा में भयानक सड़क हादसा! बस और ट्रैक्टर की टक्कर में दो की मौत, दर्जनों घायल

    हादसा किस वजह से हुआ

    जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर में सवार किसान ममेड़ा कालान रोड के गांव से रम्पुरा गांव जा रहे थे। उनका उद्देश्य खेत में कपास की फसल को उठाने के लिए मजदूरों को ले जाना था। मृतक दोनों लोग ममेड़ा कालान की ढाणी के निवासी बताए जा रहे हैं। बस सिरसा की ओर आ रही थी और सभी यात्री सुरक्षित रहे। यह हादसा सड़क पर गति और ट्रैक्टर की स्थिति के कारण हुआ माना जा रहा है।

    स्थानीय लोगों में दहशत

    हादसे ने एलनाबाद और आसपास के इलाकों में सनसनी फैला दी। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद सड़क पर अफरातफरी मच गई। लोग घायल लोगों की मदद के लिए दौड़े और तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को बुलाया। ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया। स्थानीय प्रशासन ने सड़क पर स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को अस्पताल भेजा।

    सुरक्षा और चेतावनी

    इस हादसे ने सड़क सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है। किसानों और यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि ट्रैक्टर या अन्य वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। साथ ही, रोडवेज बस और अन्य बड़े वाहन चलाने वालों को गति नियंत्रित करने और सड़क नियमों का पालन करने की आवश्यकता है। प्रशासन ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है।

  • 30 करोड़ रुपए के घोटाले में BDPO Pooja Sharma की गिरफ्तारी सिर्फ दिखावटी, पूजा शर्मा को मिली सुविधाजनक पोस्टिंग पर उठे सवाल

    30 करोड़ रुपए के घोटाले में BDPO Pooja Sharma की गिरफ्तारी सिर्फ दिखावटी, पूजा शर्मा को मिली सुविधाजनक पोस्टिंग पर उठे सवाल

    BDPO Pooja Sharma: पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने आज 30 करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उनका कहना था कि यह बड़ी हैरानी की बात है कि जिस मामले में वे वर्ष 2021 से लगातार सरकार को पत्राचार कर रहे थे और विधानसभा सत्र में आवाज उठा चुके थे, उसके बावजूद भ्रष्टाचार की जांच में सरकार ने केवल लीपा पोती की कार्रवाई की है।

    नीरज शर्मा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी पुलिस, विजिलेंस सहित सरकार के हर विभाग को पत्र लिखकर इस मामले की जांच विजिलेंस से करवाने की मांग की थी। बावजूद इसके अब विजिलेंस को जांच सौंप दी गई, लेकिन एडीसी साहब की रिपोर्ट में ब्रह्मपाल, हरिंदर, जोगिंदर, पूजा शर्मा व अन्य के खिलाफ करीब 20 करोड़ रुपए के ऐसे लेनदेन सामने आए हैं, जिनके रिकॉर्ड आज तक गायब हैं।

    30 करोड़ रुपए के घोटाले में BDPO Pooja Sharma की गिरफ्तारी सिर्फ दिखावटी, पूजा शर्मा को मिली सुविधाजनक पोस्टिंग पर उठे सवाल

    पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने सवाल उठाया कि वर्तमान सरकार नोटबंदी की वजह से एक साल में 2 लाख से ज्यादा का लेनदेन नहीं होने की बात कहती है, तो ऐसे में कोरोना संकट के समय, जब आमजन जीने के लिए संघर्ष कर रहे थे, यह लोग आपदा को अवसर बनाकर करोड़ों रुपए की लूट में लगे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि 5 साल बाद ऐसे रिकॉर्ड कैसे मिलेंगे और जनता का हड़प लिया गया 30 करोड़ रुपए किस प्रकार वसूल किए जाएंगे।

    नीरज शर्मा ने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ एडीसी रिपोर्ट व संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई की जाए। दोषी अधिकारियों की सम्पत्ति जब्त की जाए और जनता का हक ग्राम पंचायतों के खातों में पुनः डलवाया जाए। साथ ही दोषियों को ऐसी सजा दी जाए, जिससे भविष्य में कोई भी अधिकारी इस प्रकार के भ्रष्टाचार की सोचे भी नहीं।

    पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने यह भी कहा कि बीडीपीओ पूजा शर्मा काफी समय से फरार है, और फरार होने के बावजूद उसे अच्छी पोस्टिंग दी गई है। इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि किन नेताओं की सिफारिश पर यह सुविधा दी गई थी।

  • मुंबई में नौसेना क्षेत्र में घुसा नकली यूनिफॉर्म वाला शख्स, राइफल और 40 कारतूस लेकर हुआ फरार

    मुंबई में नौसेना क्षेत्र में घुसा नकली यूनिफॉर्म वाला शख्स, राइफल और 40 कारतूस लेकर हुआ फरार

    मुंबई में भारतीय नौसेना के रिहायशी क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात नौसेना के एक अग्निवीर के पास से उसकी ड्यूटी खत्म होने के नाम पर एक संदिग्ध व्यक्ति ने राइफल और 40 जिंदा कारतूस छीन लिए। इस व्यक्ति ने नौसेना का यूनिफॉर्म पहन रखा था। बाद में पता चला कि यह व्यक्ति नौसेना का कर्मी नहीं था बल्कि एक अज्ञात शख्स था। अब भारतीय नौसेना और मुंबई पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हैं।

    नौसेना प्रवक्ता ने दी जानकारी

    इस घटना के बारे में नौसेना प्रवक्ता ने जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि “06 सितंबर 2025 की रात मुंबई के नौसेना के रिहायशी क्षेत्र में एक पोस्ट से राइफल और गोला-बारूद गायब होने की रिपोर्ट मिली है। ड्यूटी पर तैनात एक जूनियर नाविक को एक अन्य व्यक्ति, जो नौसेना का यूनिफॉर्म पहने था, ने ड्यूटी से मुक्त कर दिया। उसने दिखाया कि उसे भी वही ड्यूटी करने के लिए भेजा गया है। बाद में उस व्यक्ति को उसके पोस्ट से राइफल और गोला-बारूद के साथ गायब पाया गया।”

    मुंबई में नौसेना क्षेत्र में घुसा नकली यूनिफॉर्म वाला शख्स, राइफल और 40 कारतूस लेकर हुआ फरार

    खोज अभियान जारी

    नौसेना प्रवक्ता ने आगे बताया कि “गायब हुई चीजों को खोजने के लिए मुंबई पुलिस के सहयोग से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस घटना के कारणों की जांच के लिए एक जाँच बोर्ड का गठन किया गया है। अन्य सरकारी एजेंसियां भी इस मामले की जांच कर रही हैं। भारतीय नौसेना इस प्रयास में सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है।”

    पुलिस ने दर्ज की FIR

    मुंबई पुलिस ने भी इस पूरे मामले पर बयान जारी किया है। पुलिस के अनुसार, नौसेना अधिकारी की शिकायत पर कफ़ परेड थाना में FIR दर्ज की गई है। अभी तक उस संदिग्ध व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। राइफल और जिंदा कारतूस भी बरामद नहीं हुए हैं। पुलिस और नौसेना मिलकर इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।

    सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

    इस घटना ने नौसेना के सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। एक अज्ञात व्यक्ति का नौसेना का यूनिफॉर्म पहनकर ड्यूटी पर तैनात जवान से हथियार छीन लेना चिंता का विषय है। यह मामला न केवल नौसेना बल्कि सामान्य नागरिकों के बीच सुरक्षा के प्रति भी सतर्कता बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से न केवल सैन्य प्रतिष्ठा को खतरा होता है बल्कि सुरक्षा तंत्र को भी मजबूत करने की आवश्यकता सामने आती है।

  • लाल किले की सुरक्षा में लगी फिर सेंध, एक करोड रुपए कीमत का प्राचीन कलश चोरी

    लाल किले की सुरक्षा में लगी फिर सेंध, एक करोड रुपए कीमत का प्राचीन कलश चोरी

    दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले से चोरों ने एक करोड रुपए कीमत का कीमती प्राचीन सोने का कलश चुरा लिया है। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यह बड़ा चोरी कांड सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंगलवार को आयोजित जैन धर्म के धार्मिक कार्यक्रम से हीरे-माणिक और पन्नों से जड़ा सोने का कलश चोरी हो गया। इसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    लाल किले में हुई चोरी की इस घटना से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि धार्मिक आयोजन में 760 ग्राम सोने का कलश शामिल किया गया था, जिसमें लगभग 150 ग्राम हीरे और कीमती रत्न जड़े थे। इसी दौरान भीड़-भाड़ का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने कलश पर हाथ साफ कर दिया। कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी मौजूद थे।

    लाल किले की सुरक्षा में लगी फिर सेंध, एक करोड रुपए कीमत का प्राचीन कलश चोरी

    जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कलश लंबे समय से चोरों की नजर में था और उन्हें सही मौके का इंतजार था। भीड़भाड़ के दौरान सुरक्षा चूक का फायदा उठाते हुए इस बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया।

    लाल किला देश की सबसे संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी वाली जगहों में गिना जाता है, जहां सीआईएसएफ के जवान 24 घंटे तैनात रहते हैं और पूरे परिसर में सीसीटीवी लगे हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी होना सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • मीरा-भयंदर पुलिस का ड्रग्स माफिया पर बड़ा वार, 12 हजार करोड़ की फैक्ट्री का भंडाफोड़, 13 गिरफ्तार!

    मीरा-भयंदर पुलिस का ड्रग्स माफिया पर बड़ा वार, 12 हजार करोड़ की फैक्ट्री का भंडाफोड़, 13 गिरफ्तार!

    मीरा-भयंदर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में तेलंगाना में एक विशाल ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कारखाने से पुलिस ने लगभग 32 हजार लीटर कच्ची MD ड्रग्स बरामद की, जिसका अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित मूल्य लगभग 12 हजार करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इस मामले में 13 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने इस मामले की जांच की शुरुआत सिर्फ 200 ग्राम ड्रग्स की बरामदगी से की थी, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये आंकी गई थी।

    गहरी जांच से सामने आया बड़ा नेटवर्क

    जांच के दौरान मीरा-भयंदर पुलिस को इस ड्रग्स नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने का मौका मिला। कारखाने से बरामद की गई ड्रग्स और रसायन को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए नेटवर्क का बड़ा कनेक्शन पूरे देश और विदेश में फैला हुआ है। यह कार्रवाई मीरा-भयंदर पुलिस के ड्रग्स माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।

    मीरा-भयंदर पुलिस का ड्रग्स माफिया पर बड़ा वार, 12 हजार करोड़ की फैक्ट्री का भंडाफोड़, 13 गिरफ्तार!

    मुंबई पुलिस की हालिया सफलता

    इससे पहले जुलाई 2025 में मुंबई पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता हासिल की थी। मुंबई पुलिस ने लगभग 400 करोड़ रुपये मूल्य के ड्रग्स की एक बड़ी खेप जब्त की थी। इस कार्रवाई के दौरान मुंबई पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर में भी ड्रग्स के मामले में रेड की थी। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बताया कि उन्होंने मैसूर कमिश्नरेट को सख्त निर्देश दिए हैं और पूरे राज्य में हर SP को सचेत किया गया है ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

    देश में ड्रग्स सिंडिकेट का खतरा

    देश में ड्रग्स सिंडिकेट बहुत बड़ा है और समय-समय पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाती रहती है। लेकिन इसे जड़ से खत्म करना बेहद जरूरी है। यह सिंडिकेट विशेषकर भारत के युवाओं को निशाना बना रहा है, जबकि युवा ही देश की असली ताकत हैं। इसके खिलाफ कड़ी और लगातार कार्रवाई आवश्यक है ताकि देश के भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।

    पुलिस और प्रशासन की भूमिका

    इस तरह की बड़ी कार्रवाइयों से पुलिस और प्रशासन का कड़ा संदेश जाता है कि ड्रग्स माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। आगे की जांच से नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को भी तोड़ा जाएगा। युवा और समाज को सुरक्षित रखने के लिए ऐसी कार्रवाइयां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इससे यह भी साफ होता है कि पुलिस देश में ड्रग्स के कारोबार को खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

  • Haryana News: भिवानी कोर्ट में चली गोलियां, एक घायल, कोर्ट में पेशी पर आया था घायल युवक

    Haryana News: भिवानी कोर्ट में चली गोलियां, एक घायल, कोर्ट में पेशी पर आया था घायल युवक

    Haryana News: भिवानी कोर्ट परिसर में गुरुवार की दोपहर फायरिंग में गोली लगने से एक युवक घायल हो गया। इसकी सूचना मिलते ही एसपी सुमित कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। इससे पहले कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों ने तुरंत ही घायल को उठाकर ऑटो से अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है।

    गोली लगने से घायल की पहचान रोहतक के गांव मोखरा निवासी लवजीत के रूप में हुई है। उस पर गोली चलाने वाले हमलावर कौन थे, इसका अभी पता नहीं चल सका है। फिलहाल, बड़ी संख्या में कोर्ट परिसर में पुलिस फोर्स पहुंच चुकी है। मामले की जांच कर रही है बताया जा रहा है कि हमलावरों ने कई राउंड फायर किए, जिससे कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। फायरिंग करने के बाद हमलावर तुरंत वहां से भाग गए।

    Haryana News: भिवानी कोर्ट में चली गोलियां, एक घायल, कोर्ट में पेशी पर आया था घायल युवक

    शुरुआती जानकारी के अनुसार, गांव मोखरा निवासी लवजीत​​ गुरुवार की सुबह को भिवानी कोर्ट में पेशी पर आया था। उसके साथ कुछ लोग और भी थे। सभी कोर्ट परिसर में ही मौजूद थे और आपस में बातचीत कर रहे थे। ​​​​बताया जा रहा है कि ​दोपहर करीब डेढ़ बजे करीब दो-तीन युवक उनके पास पहुंचे और कुछ देर खड़े रहे।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों-तीनों युवक कुछ देर तक लवजीत को देखते रहे, फिर अचानक तमंचे निकालकर उस पर फायरिंग कर दी। हमलावरों ने 4 राउंड फायरिंग की। गोली लगने से लवजीत चीखते हुए वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा। इतना कोर्ट परिसर में मौजूद लोग कुछ समझ पाते, हमलावर तेजी से वहां से भाग गए।

    ऑटो से घायल को अस्पताल पहुंचाया घायल युवक लवजीत को उसके साथ आए लोग तुरंत ही गोद में उठाकर कोर्ट परिसर के बाहर लाए और ऑटो से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि युवक को 2 गोलियां लगी है, उसकी हालात गंभीर बनी हुई। डॉक्टर उसका इलाज कर रहे है।

    पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे एसपी​​​​​​​ इसकी सूचना मिलते ही एसपी सुमित कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। एक टीम को अस्पताल भेजा गया, जो घायल युवक के साथ आए लोगों से जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने कोर्ट परिसर और उसके बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू कर दिए है, ताकि हमलावरों को पता लगाया जा सके।​​​​​​​

  • Police job scam: पुलिस भर्ती घोटाला मामला, शिकायतकर्ता ही बन गया आरोपी, हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत

    Police job scam: पुलिस भर्ती घोटाला मामला, शिकायतकर्ता ही बन गया आरोपी, हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत

    Police job scam: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 42 लाख रुपए के पुलिस नौकरी घोटाला मामले में दर्ज FIR रद्द करने से इनकार कर दिया। जस्टिस जसजीत सिंह बेदी की कोर्ट ने फैसला सुनाया कि गुरमीत, जो शुरू में मामले में शिकायतकर्ता था, लेकिन बाद में उसे आरोपी बनाया गया, के खिलाफ जांच और पूरक आरोप पत्र कानूनी रूप से सही हैं और इस स्तर पर हस्तक्षेप करने योग्य नहीं है। इस मामले में अब भ्रष्टाचार की धाराएं भी जुड़ेंगी।

    जनवरी 2017 में सिरसा के ऐलनाबाद थाने में गुरमीत की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। गुरमीत ने आरोप लगाया था कि छह लोगों ने कथित राजनीतिक और पुलिस संबंधों के ज़रिए उनके बेटे को चंडीगढ़ पुलिस में ASI की नौकरी दिलाने का वादा करके उनसे 42 लाख रुपए ऐंठ लिए। कुछ भुगतान के बाद, सौदा टूट गया और आरोपियों ने कथित तौर पर गुरमीत को धमकाया।

    Police job scam: पुलिस भर्ती घोटाला मामला, शिकायतकर्ता ही बन गया आरोपी, हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत

    कोर्ट ने अन्य अभियुक्तों के ख़िलाफ सिर्फ़ शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर आरोप तय करने को भी रद्द कर दिया और कहा कि आगे की जांच में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 के तहत अपराध को शामिल किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि निचली अदालत आरोप तय करते समय सभी रिपोर्टों, शुरुआती, पूरक और अंतिम पर विचार करे।

    कई वर्षों तक चली मुकदमेबाजी के बाद, इस साल की शुरुआत में SIT का गठन किया गया था। SIT ने घोटाले में गुरमीत की सक्रिय भूमिका का हवाला देते हुए उसे आरोपी बनाया। पूरक आरोपपत्र में IPC की धारा 120बी (आपराधिक षडयंत्र), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), 506 (आपराधिक धमकी) और 109 (उकसाने) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 भी लगाई गई।

    जस्टिस बेदी ने कहा कि गुरमीत के खिलाफ FIR या पूरक रिपोर्ट को रद्द करने का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता के संबंध में FIR संख्या 0016 दिनांक 18 जनवरी 2017 और अंतिम रिपोर्ट संख्या 1बी दिनांक 06 मार्च 2025 को रद्द करने का सवाल ही नहीं उठता और यह याचिका खारिज की जाती है।

    गुरमीत की इस दलील पर कि उसे आरोपी के रूप में नामित करना संविधान के अनुच्छेद 20(3) (आत्म-दोषसिद्धि के विरुद्ध संरक्षण) का उल्लंघन है, अदालत ने स्पष्ट किया कि यह संरक्षण तभी लागू होता है जब किसी व्यक्ति पर औपचारिक रूप से आरोप लगाया जाता है।

    जस्टिस बेदी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि जांच के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए गए किसी भी साक्ष्य का निश्चित रूप से उस व्यक्ति के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है, यदि उसने अभी तक आरोपी का दर्जा प्राप्त नहीं किया है, जो केवल तभी प्राप्त किया जा सकता है जब उसके खिलाफ औपचारिक आरोप हो।

    न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में, याचिकाकर्ता के खिलाफ औपचारिक आरोप तभी लगाया गया जब पूरक चालान प्रस्तुत किया गया, इसलिए, अभियुक्त का दर्जा प्राप्त करने से पहले याचिकाकर्ता द्वारा प्रदान की गई कोई भी सामग्री आत्म-दोषसिद्धि के बराबर नहीं होगी और इसलिए, वह अनुच्छेद 20(3) के तहत संरक्षण का दावा नहीं कर सकता। भ्रष्टाचार के आरोपों पर बोलते हुए, जस्टिस बेदी ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम की धारा 8 निजी व्यक्तियों को भी कवर करती है।

    पीसी अधिनियम के तहत अपराध या तो एक लोक सेवक या एक निजी व्यक्ति या दोनों के संयोजन द्वारा किया जा सकता है। विशेष न्यायालय के समक्ष मुकदमे का सामना करने के लिए एक लोक सेवक का अस्तित्व आवश्यक नहीं है और यहां तक ​​कि उसकी अनुपस्थिति में भी, मामले के तथ्यों के आधार पर, निजी व्यक्तियों पर ऐसे अपराधों के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है।

  • पंजाब का यूट्यूबर जसबीर सिंह पाकिस्तान के एजेंट बनकर भेज रहा था खुफिया जानकारी, पुलिस ने 1700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की

    पंजाब का यूट्यूबर जसबीर सिंह पाकिस्तान के एजेंट बनकर भेज रहा था खुफिया जानकारी, पुलिस ने 1700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की

    पुलिस ने पंजाब के रूपनगर जिले से गिरफ्तार यूट्यूबर जसबीर सिंह के खिलाफ गंभीर जासूसी के आरोप में अदालत में 1700 पृष्ठों की चार्जशीट पेश की है। चार्जशीट में खुलासा किया गया है कि जसबीर सिंह पर पाकिस्तान के लिए खुफिया जानकारी साझा करने का आरोप है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने भाखड़ा नांगल डैम, एक महत्वपूर्ण फाइटर एयरबेस और बड़े सैन्य ठिकानों की संवेदनशील तस्वीरें और जानकारी पाकिस्तान को भेजी। पुलिस जांच में सामने आए इन तथ्यों ने सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया।

    पाकिस्तान के साथ संपर्क और ISI एजेंट

    जांच में यह भी पता चला कि जसबीर सिंह का पाकिस्तान में लगभग 120 लोगों से संपर्क था, जिसमें कई ISI अधिकारी भी शामिल थे। वह लगातार पाकिस्तान के ISI एजेंट शाकिर से संपर्क में था, जिसका नंबर उसने अपने फोन में ‘जाट रंधावा’ नाम से सेव कर रखा था। पाकिस्तान की अपनी यात्राओं के दौरान उसने कई होटलों में ISI अधिकारियों से मुलाकात की। इसके अलावा जांच में यह भी पता चला कि जसबीर सिंह के पास दो पासपोर्ट थे और अब तक वह पाकिस्तान तीन बार जा चुका है।

    पंजाब का यूट्यूबर जसबीर सिंह पाकिस्तान के एजेंट बनकर भेज रहा था खुफिया जानकारी, पुलिस ने 1700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की

    पाकिस्तान एंबेसी और सेना अधिकारियों से मुलाकात

    जसबीर सिंह ने यूट्यूबर नसीर ढिल्लों के माध्यम से पाकिस्तान एंबेसी से जुड़े अधिकारी दानिश से मुलाकात की। जसबीर और दानिश कई बार मिले। इसके अलावा जसबीर ने यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के साथ पाकिस्तान एंबेसी भी गए थे। ज्योति मल्होत्रा पहले ही पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हो चुकी हैं। जांच में यह भी सामने आया कि जसबीर ने एंबेसी में पाकिस्तान सेना के अधिकारियों से भी मुलाकात की।

    लैपटॉप और डेटा की सफाई

    जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जसबीर ने अपने लैपटॉप और मोबाइल से कई संवेदनशील डेटा डिलीट कर दिए थे। दानिश ने जसबीर से भारतीय सिम कार्ड की मांग की थी, लेकिन वह उसे प्रदान नहीं कर सका। इसके अलावा जसबीर ने अपने लैपटॉप को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के अधिकारी को सौंप दिया था। पुलिस की तकनीकी टीम अब डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है।

    गिरफ्तारी और जांच की प्रक्रिया

    जसबीर सिंह को जून में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी का कारण यह था कि वह यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से संपर्क में था, जिसे पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था। अब पुलिस ने चार्जशीट में सभी महत्वपूर्ण तथ्यों और सबूतों को अदालत में पेश किया है। सुरक्षा एजेंसियां जांच को और आगे बढ़ा रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि जसबीर ने पाकिस्तान को कितनी संवेदनशील जानकारी भेजी और किस हद तक जासूसी की योजना बनाई थी।

  • अंबाला कैंट में BJP नेता के घर लगी आग, मंत्री अनिल विज ने किया मौके पर हौसला अफजाई, प्रशासन को दिए तुरंत निर्देश

    अंबाला कैंट में BJP नेता के घर लगी आग, मंत्री अनिल विज ने किया मौके पर हौसला अफजाई, प्रशासन को दिए तुरंत निर्देश

    अंबाला कैंट, हरियाणा में रविवार शाम अचानक भाजपा मंडल सदर के अध्यक्ष रवि बुद्धिराजा के घर में आग लग गई। परिवार उस समय घर पर मौजूद नहीं था, जिससे किसी की जान जाने का खतरा टल गया। हालांकि, आग की लपटों ने उनके कई सामानों को राख कर दिया। पड़ोसियों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार का हौसला बढ़ाया और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि प्रशासन को सभी संभव मदद सुनिश्चित करनी चाहिए। इस दौरान SDM और थाना कैंट के SHO भी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।

    अंबाला कैंट में BJP नेता के घर लगी आग, मंत्री अनिल विज ने किया मौके पर हौसला अफजाई, प्रशासन को दिए तुरंत निर्देश

    आग कैसे लगी, अभी जांच जारी

    नॉमिनेटेड काउंसलर बी.एस. बिंद्रा ने बताया कि रवि बुद्धिराजा को इस आग से काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि आग कैसे लगी इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह शॉर्ट सर्किट के कारण हो सकती है। वहीं फायरमैन राजेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही वह तुरंत मौके पर पहुंचे। कुछ लोग पहले से ही आग बुझा रहे थे, जिससे स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।

    फायर ब्रिगेड और पड़ोसियों की तत्परता

    घटना के दौरान पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में मदद की। फायर ब्रिगेड की सक्रियता की वजह से बड़ा हादसा टल गया। मंत्री अनिल विज ने प्रशासन को निर्देश दिए और परिवार को सभी संभव मदद का आश्वासन दिया। SHO थाना सदर सुरेंद्र सिंह ने कहा कि आग में किसी की जान नहीं गई और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रण में लिया।

    भविष्य में सुरक्षा और सतर्कता

    हालांकि आग लगने के कारण की जांच अभी जारी है, प्रारंभिक रिपोर्ट में शॉर्ट सर्किट सबसे संभावित वजह माना जा रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा और अग्नि-रोकथाम के उपायों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोग इस आग की घटना से सकते में हैं और प्रशासन की तत्परता से राहत महसूस की जा रही है।