Tag: Jhajjar

  • हरियाणा मंत्री के घर तैनात कांस्टेबल ने भतीजे की शादी विवाद के कारण आत्महत्या की, सात लोगों पर मामला दर्ज

    हरियाणा मंत्री के घर तैनात कांस्टेबल ने भतीजे की शादी विवाद के कारण आत्महत्या की, सात लोगों पर मामला दर्ज

    गुरुग्राम में हरियाणा के मंत्री राव नरबीर सिंह के घर के बाहर तैनात एक पुलिस कांस्टेबल जगबीर सिंह द्वारा कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। कांस्टेबल के भतीजे ने समगोत्र में विवाह किया था। इसके बाद गांव ने सामाजिक बहिष्कार कर दिया था, जिससे परेशान होकर कांस्टेबल ने जान दी। इस मामले में पुलिस ने गांव के सरपंच ने सात लोगों के खिलाफ आतंकवादियों के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया है।

    पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, जगबीर सिंह अपने भतीजे की शादी को लेकर परेशान थे। ग्राम पंचायत ने उनके परिवार का बहिष्कार कर दिया था, क्योंकि उनके भतीजे ने समान गोत्र की महिला से शादी की थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, जगबीर सिंह (49) सोमवार देर रात करीब ढाई बजे मंत्री के घर के बाहर बने गार्ड रूम में अचेत अवस्था में मिले। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिंह के परिवार के अनुसार कांस्टेबल परेशान थे। क्योंकि उनके भतीजे की समान गोत्र की महिला से शादी के बाद ग्राम पंचायत ने उनके परिवार का बहिष्कार कर दिया था।

    हरियाणा मंत्री के घर तैनात कांस्टेबल ने भतीजे की शादी विवाद के कारण आत्महत्या की, सात लोगों पर मामला दर्ज

    झज्जर जिले के भूरावास गांव निवासी जगबीर सिंह पहले सेना की जाट रेजीमेंट में कार्यरत थे और रिटायर होने के बाद 2014 में हरियाणा पुलिस में शामिल हुए थे। पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल को 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद राव नरबीर सिंह के मंत्री बनने के बाद उनके सिविल लाइंस स्थित आवास पर सुरक्षा कर्मी के रूप में तैनात किया गया था।

    पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल सोमवार रात ड्यूटी पर थे और अगली सुबह जब अन्य पुलिसकर्मी ड्यूटी बदलने के समय पहुंचे तो उन्होंने सिंह को अचेत पाया और एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां उनके मौत की पुष्टि की गई। पुलिस ने कहा कि सिंह के परिवार ने अपनी ग्राम सरपंच के पति और अन्य पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।

    परिवार के सदस्यों ने कहा कि जगबीर सिंह का भतीजा चार महीने पहले अपने गोत्र की एक लड़की के साथ गायब हो गया था और इस वजह से गांव वालों ने पंचायत बुलाकर परिवार का बहिष्कार कर दिया था। इसके बाद से सिंह तनाव में थे। उन्होंने कहा कि सिंह पर गलत नाम से नौकरी पाने के आरोप में भी मामला चल रहा था और वह परेशान थे। पुलिस ने कहा कि सरपंच के पति समेत सात लोगों के खिलाफ सिविल लाइन्स थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। सिविल लाइन्स थाने के प्रभारी कृष्णन कुमार ने कहा कि हमने आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया। जांच जारी है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

  • अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    भारतीय राष्ट्रीय लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार बनने के पीछे कांग्रेस पार्टी का हाथ है। उनका कहना है कि कांग्रेस ने हमेशा भाजपा का समर्थन किया है, लेकिन आज राज्य के किसान भाजपा की नीतियों से नाराज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यवासियों के सामने असली सच्चाई 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली विशाल रैली में सामने आएगी।

    लैडपुर में रैली का आमंत्रण

    अभय चौटाला झज्जर के लैडपुर गांव पहुंचे और वहां रैली में शामिल होने के लिए लोगों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह रैली पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती के अवसर पर आयोजित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर तीखे हमले किए और कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने किसानों के अधिकारों का हनन किया है और उनकी जमीन और संसाधनों पर कब्जा किया।

    अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    कांग्रेस और भाजपा पर निशाना

    अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से भाजपा के साथ रही है और अब भी इसका असर हरियाणा की राजनीति में देखने को मिलता है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता में आते ही किसानों की अनदेखी की और उनकी समस्याओं को हल करने में कोई कदम नहीं उठाया। चौटाला ने कहा कि यह रैली किसानों के लिए एक मजबूत संदेश होगी और उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक करेगी।

    किसानों और ग्रामीणों से अपील

    उन्होंने ग्रामीणों और किसानों से अपील की कि वे रैली में ऐतिहासिक संख्या में पहुंचें। चौटाला ने कहा कि यह रैली हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित होगी। उनका कहना है कि रैली के माध्यम से जनता को यह संदेश मिलेगा कि सत्ता में बैठे लोग उनके हितों के प्रति कितने गंभीर हैं। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

    हरियाणा की राजनीति में संभावित बदलाव

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस रैली के बाद हरियाणा की राजनीति में बदलाव की संभावना है। किसान और ग्रामीण जनता अपनी असंतोषजनक भावनाओं को सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर सकते हैं। अभय सिंह चौटाला की अपील और रैली का व्यापक प्रभाव राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है। यह रैली न केवल किसानों की समस्याओं को उजागर करेगी बल्कि हरियाणा की राजनीति में नई बहस और विमर्श को भी जन्म देगी।

  • हरियाणा में मानसून का आखिरी झोंका! 19 सितंबर तक लगातार बारिश और गर्मी से मिलेगी राहत

    हरियाणा में मानसून का आखिरी झोंका! 19 सितंबर तक लगातार बारिश और गर्मी से मिलेगी राहत

    हरियाणा में मानसून अब अपने अंतिम दौर में है। अपनी विदाई से पहले मानसून तीन दिन हरियाणा में अच्छी बारिश करेगा। जाते हुए मानसून के सक्रिय होने से मौसम विभाग ने आज पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, कैथल, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर तक लगातार बारिश होगी। 20 सितंबर से मानसून की विदाई हो सकती है। मानसून सीजन में अभी तक सामान्य से 39 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। यमुनानगर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने कहा कि मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, रोहतक, सियोनी, राजनंदगांव होते हुए उत्तरपूर्व बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने के कारण नमी वाली हवाएं तराई वाले क्षेत्रों की तरफ चलने से राज्य में 19 सितंबर तक बारिश की संभावना है।

    हरियाणा में मानसून का आखिरी झोंका! 19 सितंबर तक लगातार बारिश और गर्मी से मिलेगी राहत

    खीचड़ ने बताया कि 19 सितंबर तक अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, सोनीपत में आंशिक बादलवाई व कहीं कहीं हवाओं व गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पश्चिमी क्षेत्र के जिलों सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, रोहतक, झज्जर और दक्षिणी क्षेत्र के जिलों महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद, पलवल में हल्की बारिश की संभावना है।

    बीती शाम को भी हरियाणा के कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई थी। आज की बारिश से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। अभी मौसम दिन में गर्म और रात में हल्की ठंड वाला है।

    बारिश के कारण 15 दिनों से हिसार में स्टेट व नेशनल हाईवे डूबे हुए हैं। हिसार-चंडीगढ़ नैशनल हाइवे के साथ-साथ हांसी से बरवाला, हिसार से राजगढ़, हिसार से तोशाम और हिसार से भादरा रोड पर पानी भरा है इसके कारण कई गांवों के रूट डायवर्ट हो चुके हैं। प्रशासनिक टीमें लगातार जलभराव वाले क्षेत्रों का जायजा ले रही हैं। लेकिन राहत की बात यह है कि आज हिसार जिले में बारिश की संभावना नहीं है।

  • हरियाणा में भारी बारिश से 10,000 करोड़ का नुकसान, 27 मौतें और लाखों एकड़ फसल बर्बाद

    हरियाणा में भारी बारिश से 10,000 करोड़ का नुकसान, 27 मौतें और लाखों एकड़ फसल बर्बाद

    हरियाणा में बाढ़ के कारण 10,000 करोड रुपए से ज्यादा का नुकसान होने की संभावना है। अब तक प्रदेश में वर्षा की वजह से 27 लोग जान गंवा चुके हैं और 138 मकान जलभराव से ढह चुके हैं। अभी तक आठ लाख 66 हजार 927 एकड़ कृषि भूमि पर फसल नष्ट होने का डाटा पोर्टल पर दर्ज हुआ है।

    हरियाणा में इस बार मानसून के मौसम में सामान्य से 48 प्रतिशत अधिक बरसात हुई है। राज्य के 12 जिले भारी बारिश, बाढ़ की स्थिति और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। इनमें फतेहाबाद, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल रखा है।

    हरियाणा में भारी बारिश से 10,000 करोड़ का नुकसान, 27 मौतें और लाखों एकड़ फसल बर्बाद

     

    इस क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से 2,687 गांवों में होने वाले नुकसान को दर्ज किया जाएगा। किसानों अभी तक आठ लाख 66 हजार 927 एकड़ कृषि भूमि पर फसलों के नुकसान की जानकारी दी गई है। 15 सितंबर तक नुकसान तीन से चार गुणा तक दर्ज होने की संभावना है।

    हरियाणा सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत उपायों के लिए 3.06 करोड़ रुपये की आरक्षित निधि स्वीकृत की है। हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी और विभाग के मंत्री विपुल गोयल और अधिकारी बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

  • हरियाणा में डेंगू का कहर! 367 मामले और पानीपत में पहली मौत की पुष्टि, सावधानी जरूरी!

    हरियाणा में डेंगू का कहर! 367 मामले और पानीपत में पहली मौत की पुष्टि, सावधानी जरूरी!

    हरियाणा में इस साल डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 31 अगस्त 2025 तक राज्य में कुल 367 डेंगू के मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, पन्नीपत जिले में डेंगू से पहली मौत भी हुई है। मृतक एक बच्चा था, जो उत्तर प्रदेश के शामली जिले का निवासी था। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

    पिछले साल की तुलना में मामलों में वृद्धि

    पिछले साल 3 सितंबर 2024 तक राज्य में केवल 212 मामले दर्ज किए गए थे। इस बार 11 दिन में मामले 390 तक पहुँच गए। उस समय पंचकुला डेंगू का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन गया था, जहाँ 15 सितंबर 2024 तक 390 मामले दर्ज किए गए। इस साल भी प्रशासन सतर्क है और डेंगू पर काबू पाने के लिए कड़े कदम उठा रहा है।

    हरियाणा में डेंगू का कहर! 367 मामले और पानीपत में पहली मौत की पुष्टि, सावधानी जरूरी!

    प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारी

    राज्य में डेंगू से निपटने के लिए 50 से अधिक कर्मचारियों की टीमें सक्रिय हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे जांच और उपचार के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करें। अधिकारियों के अनुसार, डेंगू फैलाने वाली एडिस मच्छर केवल 400 मीटर तक उड़ सकती है, लेकिन वाहन या लोगों के जरिए यह दूर-दराज के इलाकों तक फैल सकती है। यह मच्छर दिन और दोपहर के समय काटती है और घर के अंधेरे और ठंडे स्थानों जैसे कोनों या कारों में छिप जाती है।

    जिलेवार डेंगू के मामले

    31 अगस्त 2025 तक जिलों में डेंगू के मामले इस प्रकार हैं: रेवाड़ी-106, गुरुग्राम-51, करनाल-29, सोनीपत-25, रोहतक-23, झज्जर-15, पंचकुला-18, पन्नीपत-14, यमुनानगर-14, चरखी दादरी-9, हिसार-9, कैथल-8, फरीदाबाद-8, महेन्द्रगढ़-8, नूह-7, कुरुक्षेत्र-5, अंबाला-4, सिरसा-3, फतेहाबाद-2। रेवाड़ी और गुरुग्राम सबसे अधिक प्रभावित जिले बन चुके हैं।

    डेंगू से बचाव के उपाय

    डेंगू से बचाव के लिए पानी का ठहराव न होने दें। कूलर, गमले और अन्य पानी जमा होने वाली जगहों को नियमित रूप से साफ करें। दिन और दोपहर में मच्छरों से बचने के लिए लंबे हाथों की कपड़े पहनें। जागरूकता और सावधानी बरतने से डेंगू के संक्रमण को रोका जा सकता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक कर रहे हैं।

  • झज्जर में पत्नी बनी पति की हत्या की मुख्य साजिशकर्ता, 70 दिन बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

    झज्जर में पत्नी बनी पति की हत्या की मुख्य साजिशकर्ता, 70 दिन बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

    झज्जर जिले के गांव छोची में 10 जून 2025 को व्यवसायी विकास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। 70 दिन बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी पूजा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि महिला ने अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। इससे पहले दो आरोपी, विकास के व्यवसायी साथी अक्षय और जेसीबी ऑपरेटर शालू राम को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    मृतक का शव दलदली गड्ढे में मिला

    विकास, जो गांव सम्सापुर माजरा का निवासी था, का शव ईंट भट्ठे के पास एक दलदली गड्ढे में मिला। शव मिलने के बाद ग्रामीणों और परिवार ने उसके व्यापारिक साझेदारों अक्षय और शालू राम पर हत्या का शक जताया। मृतक की माता कुसुमलता ने भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

    झज्जर में पत्नी बनी पति की हत्या की मुख्य साजिशकर्ता, 70 दिन बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

    पत्नी बनी मुख्य साजिशकर्ता

    पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान पता चला कि मृतक और उसके व्यवसायिक साथी के बीच पुरानी दुश्मनी थी। अब पुलिस ने मृतक की पत्नी पूजा को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि महिला का आरोपी अक्षय के साथ गुप्त संबंध भी था।

    हत्या का भयानक तरीका

    पुलिस के अनुसार, अक्षय ने विकास को हथौड़े से सिर पर मारकर मारा और जेसीबी ऑपरेटर शालू राम ने जेसीबी की बाल्टी से वार किया। घटना उस दिन सुबह 9 बजे हुई जब विकास घर से काम पर जाने के लिए निकला था। उसके बाद अक्षय ने विकास की मौत की जानकारी फोन पर पत्नी पूजा को दी थी।

    पुलिस की जांच और गिरफ्तारी

    पुलिस की एफएसएल टीम ने मौके से सबूत जुटाए और पूरी जांच की। झज्जर सीआईए इंस्पेक्टर विवेक ने बताया कि पुलिस की कड़ी कार्रवाई के बाद मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया। वहीं, पहले ही अक्षय और शालू राम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

  • बागपत के पास GAIL पाइपलाइन फटने से बहादुरगढ़, झज्जर और सोनीपत में CNG की किल्लत, आने वाले दिनों में भी जारी रह सकती है समस्या

    बागपत के पास GAIL पाइपलाइन फटने से बहादुरगढ़, झज्जर और सोनीपत में CNG की किल्लत, आने वाले दिनों में भी जारी रह सकती है समस्या

    बहादुरगढ़, झज्जर और सोनीपत के CNG पंपों पर पिछले चार दिनों से ड्राइवरों को गैस नहीं मिल रही है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य वजह Gail कंपनी की गैस पाइपलाइन का बागपत के पास शुक्रवार को फटना है। इस घटना के बाद से CNG की आपूर्ति बाधित हो गई है।

    पाइपलाइन फटने से हुई परेशानी

    Gail India की पाइपलाइन फटने के कारण बहादुरगढ़, झज्जर और सोनीपत के पंपों के अलावा दिल्ली के कुछ CNG पंपों पर भी गैस नहीं मिल रही है। बहादुरगढ़ के CNG पंप खाली पड़े हैं जबकि दिल्ली के पंपों पर लंबी-लंबी गाड़ियों की कतारें लगी हुई हैं। बहादुरगढ़ में प्रतिदिन लगभग एक लाख किलो CNG गैस की खपत होती है।

    बागपत के पास GAIL पाइपलाइन फटने से बहादुरगढ़, झज्जर और सोनीपत में CNG की किल्लत, आने वाले दिनों में भी जारी रह सकती है समस्या

    आपूर्ति में देरी की संभावना

    CNG स्टेशन ऑपरेटरों ने जब हरियाणा सिटी गैस कंपनी के अधिकारियों से बात की, जो बहादुरगढ़ में गैस सप्लाई करती है, तो पता चला कि आने वाले कुछ दिनों तक गैस की आपूर्ति पूरी तरह से नहीं होगी। इसका मतलब है कि वाहन चालकों को अगले दिनों भी CNG गैस पाने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

    ड्राइवरों की मुश्किलें बढ़ीं

    CNG न मिलने के कारण ड्राइवरों की परेशानियां बढ़ गई हैं। लोग समय पर अपनी गाड़ियों को CNG नहीं भरवा पा रहे हैं। इससे उनके काम-काज और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। कुछ लोग लंबी कतारों में घंटों खड़े होकर गैस पाने की कोशिश कर रहे हैं।

    समाधान के लिए इंतजार

    अभी तक Gail कंपनी और हरियाणा सिटी गैस कंपनी ने पाइपलाइन की मरम्मत और सप्लाई बहाल करने का कोई निश्चित समय नहीं बताया है। ऐसे में वाहन चालकों और आम लोगों को धैर्य रखने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आपूर्ति शुरू करने के प्रयास जारी हैं।

  • 18 वर्षीय अध्यापिका मनीषा हत्याकांड की हत्या के मामले में भिवानी जिले की मंडियों में बाजार बंद, लोगों ने निकाली कैंडल मार्च

    18 वर्षीय अध्यापिका मनीषा हत्याकांड की हत्या के मामले में भिवानी जिले की मंडियों में बाजार बंद, लोगों ने निकाली कैंडल मार्च

    भिवानी। 18 वर्षीय टीचर मनीषा हत्याकांड अब जन आंदोलन बन गया है। मनीषा को न्याय दिलाने के लिए अनेक जगहों पर लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। वहीं सिंघानी गांव के लोग शनिवार सुबह से ही बाजार बंद करके पद यात्रा में निकलते हुए ढिगावा में चल रहे धरने में पहुंचे। इससे पहले बीती देर रात प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एसपी को तब दिल करते हुए चार पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया था और एक को बर्खास्त कर दिया था। इस मामले में आज दोपहर तक का समय सरकार को दिया गया था कि वह पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के साथ-साथ आरोपियों की गिरफ्तारी करने का काम करे।

    लोहारू, ढिगावा, बहल, ईश्वरवाल आदि कस्बों में आज बाजार पूरी तरह बंद रखकर दुकानदार भी मनीषा को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन में कूद गए। अनेक महिला संगठन ढिगावा धरने में पहुंचे हुए हैं। पूर्व मंत्री भाजपा नेता जेपी दलाल दोपहर तक धरने में पहुंचने वाले हैं।

    18 वर्षीय अध्यापिका मनीषा हत्याकांड की हत्या के मामले में भिवानी जिले की मंडियों में बाजार बंद, लोगों ने निकाली कैंडल मार्च

    इधर, टीचर मनीषा की मां का रो रोकर बुरा हाल बना हुआ है। उसने 13 अगस्त को अपनी बेटी की सिर कटी लाश मिलने के बाद से ही अन्न का एक दाना नहीं खाया। पिता सहित सभी परिवारजनों का कहना है कि हत्यारे रूपी जल्लादों को देखने के बाद ही वे खाना खाएंगे।

    पुलिस की ढीली कार्रवाई और लापरवाही पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एसपी मनबीर सिंह का तबादला करके सुमित कुमार को नया एसपी लगाया है। वहीं लोहारू थाने के एसएचओ अशोक, लेडी एएसआई शकुंतला, इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल के ईएसआई अनूप, कांस्टेबल पवन और एसपीओ धर्मेंद्र को सस्पेंड कर दिया है।

    उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त को मनीषा अपने प्ले स्कूल में पढ़ाने के बाद सिंघानी गांव के एक नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए गई थी। सीसीटीवी फुटेज में भी दोपहर दो बजे के आसपास मनीषा वहां जाते हुए दिखाई दी, लेकिन नर्सिंग कॉलेज में जाने के बाद से उसका कोई अता पता नहीं चला। शाम छह बजे उसने अपने भाई को फोन करके बातें करने की कोशिश की थी लेकिन तुरंत फोन कट गया था। उसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया।

    इसके दो दिन बाद उसकी गर्दन कटी हुई लाश इस नर्सिंग कॉलेज से कुछ ही दूर एक नहर के पास खेत में पड़ी हुई मिली थी। लाश को देखकर लोगों की रूह कांप गई थी। अंदेशा जताया जा रहा है कि दरिंदों ने उसके साथ गैंग रेप करने के बाद तेज धार हथियार से बहुत बेरहमी से उसकी गर्दन काट दी। चेहरे को बुरी तरह कुचल दिया गया ताकि पहचान न हो सके।

    इस पूरे मामले में जैसा अक्सर पुलिस का रवैया होता है, पुलिस ने गुमशुदगी के पहले दिन 11 अगस्त को परिजनों की मदद करने के बजाय बेटी के चरित्र पर छींटाकशी करके परिजनों को तोड़ने का काम किया।

    लोगों का कहना है कि यदि वारदात वाले दिन 11 अगस्त को ही पुलिस मामले को गंभीरता से ले लेती तो मनीषा के साथ ये वारदात नहीं होती। लोगों में पुलिस के प्रति काफी रोष पनपा हुआ है। दोषियों को पकड़कर बेनकाब किए जाने तक मनीषा के शव का अंतिम संस्कार नहीं किए जाने के निर्णय लिया हुआ है। सरकार और पुलिस प्रशासन लोगों के बीच पूरी तरह कठघरे में खड़े हैं।

    मनीषा के परिजन इस मामले में अब सरकार से तो कुछ हद तक संतुष्ट नजर आते हैं लेकिन पुलिस की कार्रवाई और डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि इस मामले में डॉक्टरों ने भी अपना काम ठीक से नहीं किया है।

  • स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली-हरियाणा सीमा सील, भारी वाहनों की एंट्री पर लगाई गई रोक, ड्रोन और सीसीटीवी से हर गतिविधि पर रहेगी नजर

    स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली-हरियाणा सीमा सील, भारी वाहनों की एंट्री पर लगाई गई रोक, ड्रोन और सीसीटीवी से हर गतिविधि पर रहेगी नजर

    स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के लिए दिल्ली-हरियाणा सीमा पूरी तरह सील कर दी गई है। इस दौरान दिल्ली में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। भारी वाहन अब कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के रास्ते डायवर्ट किए जा रहे हैं। वहीं निजी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश केवल सख्त जांच के बाद ही अनुमति दी जा रही है।

    दिल्ली और आस-पास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त

    दिल्ली और आसपास के गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। इसका मकसद किसी भी अप्रत्याशित घटना को रोकना है। दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को अजेय बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। गुरुग्राम में अकेले 4500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

    स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली-हरियाणा सीमा सील, भारी वाहनों की एंट्री पर लगाई गई रोक, ड्रोन और सीसीटीवी से हर गतिविधि पर रहेगी नजर

    दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर विशेष सतर्कता

    दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे को विशेष रूप से सुरक्षित बनाया गया है क्योंकि यह मुख्य मार्ग है और बड़ी संख्या में लोग इसी मार्ग से दिल्ली में प्रवेश करते हैं। दिल्ली पुलिस ने कई जगह बैरिकेड लगाए हैं, जहां हर वाहन की सख्त जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कदम संभावित खतरों से निपटने के लिए उठाया गया है।

    वाहनों और यात्रियों की जांच में कड़ा प्रबंध

    दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने अतिरिक्त चेकपोइंट लगाए हैं। इन चेकपोइंट पर वाहन, चालक की पहचान और सामान की जांच की जा रही है। भारी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगाकर KMP एक्सप्रेसवे के माध्यम से वैकल्पिक मार्ग उपयोग किया जा रहा है, जिससे दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव भी कम हो रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि जांच प्रक्रिया में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।

    स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विशेष सुरक्षा

    डीसीपी मुख्यालय के डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि संवेदनशील स्थानों, मॉल, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन और CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। लाल किला और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन और ध्वजारोहण कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि अपने वाहन के सभी दस्तावेज साथ रखें और जांच प्रक्रिया में सहयोग करें।

  • Earthquake in Haryana: झज्जर में फिर महसूस हुआ भूकंप! एक महीने में पांचवीं बार तेज झटके, भूकंप से बढ़ी लोगों में चिंता

    Earthquake in Haryana: झज्जर में फिर महसूस हुआ भूकंप! एक महीने में पांचवीं बार तेज झटके, भूकंप से बढ़ी लोगों में चिंता

    Earthquake in Haryana: झज्जर में रविवार दोपहर 4:10 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.1 मापी गई। यह पिछले एक महीने में झज्जर में महसूस किए गए भूकंप के पांचवें मामले हैं। इस बार भूकंप का एपिसेंटर झज्जर-बहादुरगढ़ रोड पर स्थित बीड सुनरवाला गांव रहा। यह भूकंप धरती की सतह से लगभग 10 किलोमीटर नीचे हुआ। भूकंप के एपिसेंटर का अक्षांश 28.63 और देशांतर 76.72 दर्ज किया गया।

    लोग महसूस कर रहे हैं भूकंप के झटके

    स्थानीय लोगों ने बताया कि भूकंप के झटके अचानक महसूस हुए और वे डर गए। मुकेश, जो शहर के निवासी हैं, ने बताया कि वे घर में कुर्सी पर बैठे थे तभी झटका महसूस हुआ। वहीं सुरेंद्र, जो अपनी दुकान पर बैठे थे, उन्होंने भी अचानक तेज झटके महसूस किए। झज्जर जिले में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं, जिससे इलाके में चिंता और डर बढ़ा है।

    Earthquake in Haryana: झज्जर में फिर महसूस हुआ भूकंप! एक महीने में पांचवीं बार तेज झटके, भूकंप से बढ़ी लोगों में चिंता

    पिछले एक महीने में पांच बार भूकंप के झटके

    झज्जर में भूकंप के झटके पिछले एक महीने से लगातार महसूस किए जा रहे हैं। 10 जुलाई को दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। पहली बार सुबह 9:04 बजे रिक्टर पैमाने पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था जिसका एपिसेंटर रामपुरा गांव था। इसके ठीक दो मिनट बाद 9:06 बजे एक हल्का भूकंप भी महसूस किया गया। इसके बाद 11 जुलाई को शाम 7:49 बजे 3.7 तीव्रता वाला भूकंप आया, जिसका केंद्र छ्हारा गांव था।

    छोटे और बड़े झटकों का सिलसिला जारी

    इसके बाद 17 जुलाई को दोपहर 12:34 बजे 2.5 तीव्रता वाला भूकंप भी झज्जर में महसूस किया गया। इन लगातार झटकों ने स्थानीय लोगों को सतर्क कर दिया है। भूकंप के इन झटकों की गहराई लगभग 10 किलोमीटर रही है, जिससे पता चलता है कि यह भूगर्भीय गतिविधि सतह के नीचे कहीं हो रही है।

    प्रशासन और वैज्ञानिकों की निगरानी

    झज्जर जिले में लगातार भूकंप के झटके महसूस होने के कारण प्रशासन और वैज्ञानिक भी सतर्क हो गए हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों को जागरूक किया है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करें। भूकंप की संभावित असर को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों की निगरानी भी शुरू कर दी है।