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  • Rao Narendra बनेंगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष का पद, सब कुछ तय, वीरवार को बिहार में लगेगी मोहर

    Rao Narendra बनेंगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष का पद, सब कुछ तय, वीरवार को बिहार में लगेगी मोहर

    Rao Narendra: हरियाणा कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पार्टी दक्षिण हरियाणा से नया प्रदेश अध्यक्ष चुन सकती है। नारनौल के पूर्व मंत्री राव नरेंद्र सिंह को अचानक दिल्ली बुलाया गया है और उन्हें बिहार में होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में विशेष आमंत्रण मिला है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी बिहार में होने वाली कांग्रेस कार्य समिति की बैठक का आमंत्रण मिला है। उनके नाम पर नेता प्रतिपक्ष के रूप में मोहर लगने की उम्मीद है। चौंकाने वाली बात यह है कि राव नरेंद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, दोनों ही CWC के सदस्य नहीं हैं, इसके बावजूद उन्हें बैठक में बुलाया गया है। बैठक में हरियाणा से सांसद कुमारी शैलजा और रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद रहेंगे।

    चर्चा है कि कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने हुड्डा का नाम CLP लीडर के लिए आगे बढ़ाया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में हुड्डा को CLP लीडर और राव नरेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर मुहर लग सकती है।

    विधानसभा चुनाव को लगभग 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक नेता प्रतिपक्ष का ऐलान नहीं हुआ है। ऐसे में इस बैठक को हरियाणा कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा है।

    Rao Narendra बनेंगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष का पद, सब कुछ तय, वीरवार को बिहार में लगेगी मोहर

    कौन है राव नरेंद्र सिंह

    नारनौल के वरिष्ठ नेता राव नरेंद्र सिंह हरियाणा की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं। वे 3 बार विधायक रह चुके हैं। 1996 और 2000 में अटेली से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे, जबकि 2009 में नारनौल से विधायक बने। इसी कार्यकाल में 2009 से 2014 तक हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्य किया। राव नरेंद्र सिंह ने अपना राजनीतिक सफर हरियाणा जनहित कांग्रेस (HJC) से शुरू किया था और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। उनके पिता राव बंसी सिंह भी 3 बार विधायक और राज्य में पंचायत मंत्री रह चुके हैं।

    कैसे उभरा नाम

    रणदीप सुरजेवाला की भूमिका: दिल्ली से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, राव नरेंद्र सिंह की नजदीकियां हाल के दिनों में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ बढ़ी हैं। यही वजह है कि उनकी दावेदारी और मजबूत हो गई है। हालांकि इस तरह की भी खबरें हैं कि राव नरेंद्र सिंह की सीधे राहुल गांधी तक भी पहुंच बनी हुई है। खबरें यह हैं कि नेतृत्व ने राव नरेंद्र सिंह के नाम पर लगभग सहमति जता दी है। पार्टी इस बार दक्षिण हरियाणा से और बैकवर्ड क्लास से प्रदेश अध्यक्ष देना चाहती थी ऐसे में कुछ नाम पर चर्चा थी इसी बीच राव नरेंद्र सिंह ने रणदीप सुरजेवाला के माध्यम से अपनी दावेदारी को मजबूत करने का काम किया। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि प्रदेशाध्यक्ष पद पर बैकवार्ड नेता को तवज्जो देकर कांग्रेस चुनावी समीकरण साधना चाहती है। खासतौर से दक्षिण हरियाणा में जहां राव नरेंद्र सिंह का अच्छा प्रभाव माना जाता है।

    कार्यकारी अध्यक्षों का फॉर्मूला फिर लागू: सूत्रों की मानें तो कांग्रेस इस बार भी प्रदेशाध्यक्ष के साथ दो से तीन कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का फॉर्मूला लागू कर सकती है। बवानीखेड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रदीप नरवाल और तेलूराम जांगड़ा के नाम संभावित कार्यकारी अध्यक्षों की सूची में शामिल हैं। माना जा रहा है कि कार्यकारी अध्यक्षों के साथ पार्टी जातीय संतुलन साधने का काम करेगी।

    हुड्डा खेमे की मजबूती

    राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष बनाकर पार्टी उनके खेमे को भी खुश रखना चाहती है। हुड्डा का नेता प्रतिपक्ष बनना उनके खेमे के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है।

  • हरियाणा कांग्रेस ने तय किया प्रदेश अध्यक्ष का नाम,किसी महिला को मिल सकता है नेता प्रतिपक्ष का पद

    हरियाणा कांग्रेस ने तय किया प्रदेश अध्यक्ष का नाम,किसी महिला को मिल सकता है नेता प्रतिपक्ष का पद

    हरियाणा प्रदेश कांग्रेस में अध्यक्ष पद पर किसकी ताजपोशी होगी यह लगभग हो चुका है। वह नेता प्रतिपक्ष को लेकर भी नाम लगभग फाइनल है लेकिन आपको यह बता दे कि इन दोनों पदों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा या उनके साहबजादे दीपेंद्र हुड्डा में से किसी को भी मौका नहीं मिल पाएगा आपको बता दें कि प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के पद पर आने वाले चेहरों को देखकर हर कोई हैरान और परेशान रह जाएगा तो चलिए आज इस पर ही चर्चा करेंगे।

    आपको बता दें कि प्रदेश कांग्रेस में अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के पद पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा मजबूती से अपनी दावेदारी कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष वह अपने किसी चहेते को बनाना चाहते हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष के पद को वह अपने लिए रिजर्व मानकर चल रहे हैं। आपको याद हो या ना हो लेकिन हम आपको एक बार फिर से बता दे की हरियाणा सरकार की तरफ से नेता प्रतिपक्ष को लेकर जो कोठी अलॉट होती है, आज भी उस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का ही कब्जा है हालांकि नेता प्रतिपक्ष के पद पर उनके नाम की घोषणा न होने के बाद भी वह इस सरकारी कोठी पर अपना ही कब्जा किए हुए हैं।

    हरियाणा कांग्रेस ने तय किया प्रदेश अध्यक्ष का नाम,किसी महिला को मिल सकता है नेता प्रतिपक्ष का पद

    लगभग एक साल होने को आया है हरियाणा सरकार द्वारा कोठी खाली करने के लिए दिए गए तमाम नोटिस के बाद भी श्री हुड्डा ने एक साल बाद भी कोठी खाली नही की हालांकि ऐसे कोठी न खाली करने पर सरकार की तरफ से कई गुना अधिक किराया वसूला जाता है।लेकिन हैरत की बात है कि श्री हुड्डा ने आज भी इस उम्मीद में कोठी खाली नही की, कि एक न एक दिन उन्हें नेता प्रतिपक्ष के पद पर नियुक्ति जरूर मिलेगी।

    लेकिन हैरनी की बात है कि जब एक साल बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की उम्मीद बरकरार है। वहीं कांग्रेस हाई कमान उनकी उम्मीदों पर कोई ध्यान नहीं देना चाहता कारण भी साफ है कि हरियाणा में चुनाव हारने के बाद से राहुल गांधी हुड्डा परिवार से खासे नाराज है। परंतु हुड्डा परिवार यह बात समझने को तैयार ही नहीं है और वह अपनी जिद पर अड़े हुए हैं, लेकिन अब सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता कहे जाने वाले चौधरी वीरेंद्र सिंह या फिर उनके पूर्व सांसद पुत्र विजेंद्र सिंह का नाम फाइनल हो सकता है खबर है कि दोनों बाप बेटों में से किसी एक के नाम पर पार्टी हाई कमान सहमत बताए जाते हैं।

    बीजेपी में सांसद रहे विजेंद्र सिंह पूर्व में आईएएस ऑफिसर भी रहे हैं।इन दिनों वह दो बड़े मुद्दों को लेकर खासी चर्चा में है एक तो अपने विधानसभा क्षेत्र उचाना को लेकर भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री के खिलाफ हाई कोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई चल रही है विजेंद्र सिंह की यह याचिका प्रदेश भर में खूब सुर्खियां भी बटोर रही है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश नेता चौधरी वीरेंद्र सिंह परिवार के नाम पर अपनी सहमति जता चुके हैं। अब दूसरा बड़ा मुद्दा है, विजेंद्र सिंह हरियाणा में कांग्रेस के प्रचार को लेकर यात्रा निकाल रहे हैं। समूचे प्रदेश में उनकी यात्रा को ठीक-ठाक समर्थन भी मिल रहा है, इसलिए भी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर उनके नाम की कुछ ज्यादा ही चर्चाएं हो रही है। अब बात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की तो इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट की विधायक और पूर्व मंत्री गीता भुक्कल के नाम की खबरें खूब सामने आ रही है।

    यदि गीता भुक्कल को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाता है, तो उससे भी हुड्डा गुट को मजबूती मिलेगी और उनका कोठी पर कब्जा भी बरकरार रहेगा। जबकि प्रदेश अध्यक्ष के पद पर यदि एस सी या ओबीसी समुदाय से किसी को जिम्मेदारी दी जाती है, तो फिर कांग्रेस के पास दो बड़े नाम है एस सी समुदाय से सांसद और कांग्रेस की बड़ी नेता कुमारी शैलजा की दावेदारी सामने आती है, जबकि ओबीसी समाज से रामकिशन फौजी का नाम लिया जा रहा है, हालांकि इसका फैसला तो हाई कमान द्वारा किया जाना है। लेकिन जहां तक पार्टी के सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने दोनों नाम फाइनल कर लिए है। बस घोषणा होना बाकी है तो चलिए अब देखते हैं कि कांग्रेस हरियाणा की भाजपा सरकार को टक्कर देने के लिए किन मजबूत चेहरों पर दाव खेलती है इस पर न केवल सभी राजनीतिक दलों की नजरे हैं बल्कि प्रदेश की जनता भी कांग्रेस की भाभी रणनीति पर टकटकी लगाए हुए हैं तो चलिए दोस्तों अब कांग्रेस की भावी रणनीति को लेकर आपका क्या सोचा है कृपया इस पर अपने विचार जरूर शेयर करें।