इस मौके पर राज्य चेयरमैन सुरेश लाठर ने कहा कि परिवहन विभाग में बसों की भारी कमी है। तकरीबन सभी बसें 10 साल पुरानी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि विभाग सरकारी बसों का बेड़ा बढ़ाए। निजी बसों की तरफ ध्यान देना बंद करें। सुरेश लाठर ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की कई मांग लंबे समय से लंबित हैं। विभाग के मंत्री और अधिकारियों से कई बार बात भी हो चुकी है, मगर समाधान नहीं हुआ। मंत्री की ओर से केवल आश्वासन ही दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को जानबूझ कर प्रताड़ित किया जाता है। ओवर टाइम पॉलिसी से बाहर जाकर सप्ताह में 48 घंटे की डयूटी व 1200 किलोमीटर से ज्यादा डयूटी लेकर चालकों परिचालकों का शोषण किया जाता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगे नहीं मानी गई तो रोडवेज कर्मचारी रोष प्रदर्शन कर विरोध जताएंगे।