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सरकार कोरोना महामारी की लड़ाई लडऩे में पूरी तरह असफल: रणदीप सुरजेवाला

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सत्यखबर सफीदों, (महाबीर)

कोरोना महामारी से लडऩे में देश और प्रदेश की सरकार पूरी तरह से असफल रही है। यह बात कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कही। वे मंगलवार को सेवा ही संकल्प अभियान के दूसरे चरण के तहत सरकारी व प्राईवेट अस्पतालों में डॉक्टरों को पी.पी.ई. किट, एन-95 मास्क, हैंड सैनिटाईजर व सोडियम हाईपोक्लोरॉइट वितरण करने के उपरांत पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बी.जे.पी.-जे.जे.पी. गठबंधन सरकार इस कोरोनाकाल में जनता को पीठ दिखाकर भाग खड़ी हुई है और जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया है। इस महामारी के दौरान कांग्रेस पार्टी तो सेवा के कार्य कर रही है लेकिन बी.जे.पी.-जे.जे.पी. गठबंधन सरकार बैठकर सत्ता का मेवा खाने में मस्त है। देश व प्रदेश की सरकार के इन्ही हालातों के चलते कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या के मामले में भारत पूरी दुनिया में दूसरे पायदान पर है और स्थिति तो यह लग रही है कि जल्द ही यह पहले स्थान पर होगा। अगर हरियाणा की ही बात करें तो आज हरियाणा में 8000 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं जोकि पूरे देश में पांचवे स्थान पर है। अगर यही हाल रहा तो 30 नवंबर तक यह संख्या एक करोड़, 30 दिसंबर तक 1 करोड़ 40 लाख और उसके उपरांत स्थिति ओर अधिक भयावह हो जाएगी। कांग्रेस पार्टी सवाल करती है कि आखिर सरकार क्या कर रही है और वह कहां गुम हो गई है। सरकार ने कोरोना को लेकर 310 करोड़ रूपया इक_ा किया है। सरकार ने वह धन कोरोना से लडऩे में क्यों नहीं ख्खर्च किया और वह धन आखिर कहां पर चला गया। सरकार ने जनता को पी.पी.ई. किट, सोडियम हाइपोक्लोराइट, मास्क व चार्ली टोरंटो मशीन क्यों नहीं उपलब्ध करवाई।

उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि खुद इस प्रदेश के सी.एम. मनोहर लाल खट्टर एवं उनके मंत्रियों को सरकारी अस्पतालों पर भरोसा नहीं है। ऐसा लगता है कि सी.एम. और उनके मंत्रियों ने सरकारी अस्पतालों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास किया हुआ है। हाल ही में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को कोरोना संक्रमण हुआ तो उन्होंने प्रदेश के खानपुर, करनाल, फरीदाबाद, गुडग़ांव व रोहतक के बड़े-बड़े पी.जी.आई. तक को दरकिनार करके प्राइवेट अस्पताल की शरण लेकर वहां अपना इलाज करवाया। ठीक उन्हीं की राह पर चलते हुए उनकी सरकार के कोरोना संक्रमित मंत्री व विधायक प्राइवेट अस्पतालों में दाखिल हो रहे हैं। जब प्रदेश के मुखिया और उनके मंत्रियों को सरकारी अस्पतालों पर विश्वास नहीं है तो आम जनता कहां पर जाए। उन्होंने कहा कि इस महामारी में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, पत्रकार, पुलिस, सफाई कर्मचारी, फायर ब्रिगेड, पानी व बिजली महकमों के कर्मचारी कोरोना यौद्धा हैं लेकिन सरकार ने इन लोगों तक कोई भी सुविधाएं नहीं पहुंचाई। इसके अलावा पिछले 6 महीने से दुकानें बंद हैं तथा दुकानों के अंदर व्यापारियों का माल पड़ा-पड़ा सड़ रहा है लेकिन सरकार ने उन्हें बिजली-पानी के बिलों, कर्ज के ब्याज या किराए में कोई रिआयत प्रदान नहीं की। प्रदेश में बेरोजगार युवा धक्के खाते फिर रहे हैं, किसानों की फसलें लूट रही है और परीक्षाओं के पेपर बाजारों में बिक रहे हैं। दरअसल सरकार का ध्यान जनता के मुद्दों पर नहीं शराब, धान, रजिस्ट्री व गेंहू घोटालों पर अधिक है। वहीं सरकार लोगों को रोजगार देना तो दूर सरकारी कर्मचारियों को रोजगार से हटाने पर तुली हुई है। पिछले 15 सालों से सेवाएं दे रहे 6500 पी.टी.आई. अध्यापकों जिन्होंने प्रदेश के अच्छे से अच्छे खिलाड़ी प्रदान किए उनको हटा दिया। इसके अलावा सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 10000 कर्मचारियों व 5500 कंप्यूटर ऑपरेटरों को उनकी नौकरियों से बर्खास्त कर दिया। वहीं 11000 गेस्ट टीचरों पर भी लगातार तलवार लटकी रहती है। अगर यूं कहें तो भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह सरकार नौकरी बर्खास्तगी की दुकान है। निजीकरण पर बोलते हुए सुरजेवाला ने कहा कि यह देश को बेचने का एक षड्यंत्र है और यही स्थिति रही तो यह सरकार एक दिन सब कुछ बेच देगी और देश कंगाली के मुहाने खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सफीदों विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने यहां पर कांग्रेस के उम्मीदवार को जितायाख्, जिसकी वजह से सरकार इस क्षेत्र के साथ लगातार भेदभाव कर रही है। बड़ौदा उपचुनाव पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बड़ौदा सीट कांग्रेस पार्टी की रही है और तीन बार से कांग्रेस वहां से जीतती आ रही है। निश्चित तौर पर बड़ौदा सीट कांग्रेस पार्टी ही जीतेगी।

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