Haryana IMC Project: औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (Industrial Manufacturing Cluster) एक ऐसा क्षेत्र होता है जहां पर कई सारी इंडस्ट्रीज को एक ही जगह पर बसाया जाता है। इसमें जमीन बिजली पानी सड़क ट्रांसपोर्ट (Transport) और दूसरी जरूरी सुविधाएं सरकार की तरफ से उपलब्ध कराई जाती हैं जिससे कंपनियों को बिजनेस सेटअप करने में आसानी होती है।
ये क्लस्टर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (Industrial Development) को तेजी देने का एक असरदार तरीका होता है। अब हरियाणा के हिसार (Hisar) में ऐसा ही एक मेगा प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है जिससे न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा बल्कि इन्वेस्टमेंट (Investment) भी भारी मात्रा में आएगा।
Hisar IMC से चमकेगा हरियाणा
हिसार में महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट (Maharaja Agrasen Airport) से फ्लाइट्स शुरू होने के बाद अब हरियाणा सरकार और नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NICDC) मिलकर एयरपोर्ट के नजदीक करीब 3000 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) तैयार करने जा रहे हैं। इसकी लागत लगभग 4680 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) और नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल (Vipul Goel) की मौजूदगी में एक हाई लेवल मीटिंग (High-Level Meeting) में इस मेगा प्रोजेक्ट की डिटेल्स पर चर्चा हुई।
दो फेज़ में होगा Hisar IMC का डेवलपमेंट
इस पूरे प्रोजेक्ट को दो चरणों (phases) में डेवलप किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक जब ये प्रोजेक्ट पूरी तरह से तैयार हो जाएगा तब इसमें लगभग 32 हजार करोड़ रुपये का निवेश (investment) आने की संभावना है और 10000 से ज्यादा लोगों को डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार (Employment) मिलने वाला है।
IMC में रोड वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (Water Treatment Plant) ड्रेनेज पावर सप्लाई और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी सभी जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटीज मिलेंगी। इसके लिए हरियाणा सरकार और NICDC के बीच एक MoU भी साइन किया जाएगा।
एयरपोर्ट के पास IMC से मिलेंगे खास फायदे
इस इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के एकदम करीब होगा। इससे आने-जाने और माल ट्रांसपोर्ट (Goods Transport) करने में कंपनियों को बड़ी आसानी होगी। यही वजह है कि सरकार इस प्रोजेक्ट के जरिए विदेशी कंपनियों (Foreign Companies) को भी इन्वेस्टमेंट के लिए अट्रैक्ट (Attract) करने की तैयारी कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी की जाएं ताकि इसका निर्माण कार्य जल्दी शुरू हो सके।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का सबसे बड़ा हिस्सा
इस IMC को अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के तहत डेवलप किया जाएगा। पूरे देश में इस कॉरिडोर के अंतर्गत सात राज्यों में छह इंडस्ट्रियल टाउनशिप्स (Industrial Townships) बनाई जाएंगी। इन सब में हिसार का IMC सबसे बड़ी और अहम परियोजना मानी जा रही है। CM ने बताया कि हिसार में चिह्नित 7200 एकड़ में से करीब 4212 एकड़ पर महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट है और बाकी 2988 एकड़ पर यह IMC बनेगा।
दो बड़े इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के फायदे
हिसार के अलावा हरियाणा को एक और मेगा प्रोजेक्ट का तोहफा मिला है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के तहत नांगल चौधरी (Nangal Chaudhary) में लगभग 886 एकड़ में एकीकृत मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब (Multi-Modal Logistic Hub) बनाया जा रहा है।
इसका मकसद है माल के ट्रांसपोर्ट को फास्ट और एफिशिएंट बनाना। इस तरह हरियाणा को दो बड़े इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का डायरेक्ट बेनिफिट (Benefit) मिलेगा जिससे स्टेट का आर्थिक विकास रफ्तार पकड़ेगा।

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