Haryana News: हरियाणा में भाजपा (BJP) सरकार को सत्ता संभाले हुए करीब 6 महीने का वक्त हो चुका है। इस दौरान बजट सत्र (Budget Session) भी सम्पन्न हो चुका है और निकाय चुनाव (Municipal Elections) भी हो चुके हैं। ऐसे में अब सरकार की अगली रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा बन चुकी हैं राजनीतिक नियुक्तियां (Political Appointments)। अंदरखाने की खबरें बताती हैं कि अब भाजपा नेतृत्व बोर्डों, निगमों और मार्कीट कमेटियों में चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की नियुक्तियों पर तेजी से काम कर रहा है।
लंबे समय से खाली हैं राजनीतिक पद
हरियाणा में दर्जनों बोर्ड और निगम ऐसे हैं जिनके चेयरमैन की कुर्सियां अभी तक खाली हैं। वहीं मार्कीट कमेटियों (Market Committees) के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के पद भी वर्षों से खाली चल रहे हैं। ऐसे में भाजपा के नेता और कार्यकर्ता जो लंबे समय से मेहनत कर रहे थे अब सरकार से किसी न किसी रूप में ‘एडजस्ट’ होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
सियासी पंडित भी मानते हैं कि कोई भी राजनीतिक पार्टी जब सत्ता में आती है तो कार्यकर्ताओं को सम्मान और पद देने की परंपरा बन जाती है। भाजपा में भी अब यही प्रक्रिया शुरू होने वाली है। पार्टी हाईकमान से लेकर मुख्यमंत्री तक इस बात को लेकर गंभीर हैं कि ग्रासरूट स्तर के कार्यकर्ताओं को कैसे सम्मानित किया जाए।
OSD की नियुक्तियों की तैयारी
सूत्रों की मानें तो हरियाणा सरकार आने वाले हफ्तों में बोर्ड और निगमों में चेयरमैन की नियुक्तियों की घोषणा कर सकती है। इसके अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में भी नई नियुक्तियों की चर्चा है। खासकर OSD (Officer on Special Duty) की नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि 1 या 2 नए OSD बनाए जा सकते हैं जो मुख्यमंत्री नायब सैनी (Naib Saini) की नई टीम का हिस्सा होंगे।
मुख्यमंत्री सचिवालय में बदलाव की चर्चा
सीएम ऑफिस (CM Office) में भी नई रणनीति पर मंथन चल रहा है। वर्तमान में आधा दर्जन से ज्यादा राजनीतिक नियुक्तियां मुख्यमंत्री सचिवालय में की गई हैं जिनमें विशेष कार्याधिकारी (Special Officers) शामिल हैं। लेकिन अब चर्चा है कि जल्द कुछ पदों पर फेरबदल किया जाएगा। इसके तहत मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव (Principal Secretary), अतिरिक्त प्रधान सचिव (Additional Principal Secretary), उप-प्रधान सचिव (Deputy Principal Secretary) जैसे पदों पर भी नई नियुक्तियां हो सकती हैं।
यह बातें इसलिए भी सुर्खियों में हैं क्योंकि मुख्यमंत्री अब रिलैक्स मोड में हैं और उनका ध्यान अब पार्टी स्ट्रक्चर को मजबूत करने और 2024 की रणनीति को जमीन पर उतारने पर है।
अफसरशाही में भी तबादलों की आहट
जहां एक ओर राजनीतिक नियुक्तियों की तैयारी है वहीं दूसरी ओर अफसरशाही (Bureaucracy) में भी बड़े स्तर पर तबादलों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। लंबे समय से कई जिलों के उपायुक्त (Deputy Commissioners) और पुलिस अधीक्षक (SPs) अपने पदों पर जमे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि अब जल्द ही इन पदों पर बदलाव हो सकता है।
आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS), एचसीएस (HCS) और एचपीएस (HPS) अधिकारियों की तबादला सूची भी तैयार की जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ सीनियर अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग दी जाएगी, वहीं कुछ को चंडीगढ़ स्थित विभागों में भेजा जाएगा।
सख्त रवैया बना चर्चा का कारण
मुख्यमंत्री नायब सैनी के सख्त फैसले भी इन तबादलों की वजह माने जा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कई लापरवाह और भ्रष्ट अधिकारियों को चार्जशीट (Chargesheet) किया कुछ को सस्पेंड (Suspend) किया और कुछ पर भारी जुर्माना भी लगाया।
यही कारण है कि अब अफसरशाही में भी हलचल तेज है और सभी अधिकारी अलर्ट मोड में हैं। सरकार अब उन अधिकारियों को मौका देना चाहती है जो जनहित में काम करने के लिए तत्पर हैं और फील्ड में जाकर जनता से सीधा संवाद कर सकते हैं।
भाजपा की पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी में नियुक्तियां अहम
इन सभी घटनाक्रमों से साफ है कि भाजपा अब अपनी पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी (Political Strategy) को जमीन पर उतारने की तैयारी में है। इससे एक ओर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक मशीनरी को भी चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा।
विधानसभा की 6 महीने की अवधि पूरी हो चुकी है बजट सत्र और निकाय चुनाव भी सम्पन्न हो चुके हैं। ऐसे में अब सरकार को पूरी तरह राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर फोकस करने का मौका मिल गया है।

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