Chaudhary Inder Singh Nain passes away: बरवाला की मिट्टी में समाया जनसेवा का योद्धा! चौधरी इंद्र सिंह नैन की अंतिम विदाई

Chaudhary Inder Singh Nain passes away: बरवाला की मिट्टी में समाया जनसेवा का योद्धा! चौधरी इंद्र सिंह नैन की अंतिम विदाई

Chaudhary Inder Singh Nain passes away: चौधरी इंद्र सिंह नैन का नाम हरियाणा की राजनीति में एक सादगीपूर्ण और ईमानदार छवि के रूप में लिया जाता है। वे 1982 से 1987 तक हिसार जिले की बरवाला विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के विधायक रहे थे। उनकी राजनीति का मकसद हमेशा जनसेवा रहा और वे आम जनता की आवाज को विधानसभा तक पहुंचाने के लिए जाने जाते थे। अपने कार्यकाल में उन्होंने विकास कार्यों पर विशेष जोर दिया और किसानों तथा गरीब तबके के लिए कई योजनाओं को आगे बढ़ाया।

92 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

चौधरी इंद्र सिंह नैन लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बीमारी के चलते उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और 92 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका निधन पूरे क्षेत्र के लिए एक गहरा आघात है। लोगों में शोक की लहर है क्योंकि उन्होंने नैन को न केवल एक नेता बल्कि एक मार्गदर्शक और सामाजिक चिंतक के रूप में देखा था। उम्र के इस पड़ाव में भी वे सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहते थे और युवाओं को प्रेरित करते थे।

Chaudhary Inder Singh Nain passes away: बरवाला की मिट्टी में समाया जनसेवा का योद्धा! चौधरी इंद्र सिंह नैन की अंतिम विदाई

हसनगढ़ गांव में होगा अंतिम संस्कार

उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव हसनगढ़ (हिसार) में शनिवार सुबह 11 बजे किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र भर से लोग पहुंच रहे हैं। उनके समर्थकों के साथ साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे हैं। गांव में शोक की स्थिति है और सभी की आंखें नम हैं। ग्रामीणों के अनुसार वे हमेशा गांव के विकास के लिए चिंतित रहते थे और अपनी विधायक निधि का अधिकतर भाग गांवों की समस्याओं के समाधान में लगाते थे।

राजनीति के साथ सामाजिक जीवन भी रहा सक्रिय

राजनीति में रहते हुए चौधरी इंद्र सिंह नैन ने समाज सेवा को कभी नहीं छोड़ा। वे शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सक्रिय रूप से योगदान देते रहे। उन्होंने कई स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। उनके लिए राजनीति केवल सत्ता का साधन नहीं थी बल्कि समाज की सेवा का माध्यम थी। उनके काम करने के तरीके और व्यवहार में हमेशा विनम्रता दिखाई देती थी जिससे वे सभी वर्गों में लोकप्रिय रहे।

हरियाणा की राजनीति में एक युग का अंत

चौधरी इंद्र सिंह नैन के निधन के साथ ही हरियाणा की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है। उन्होंने जिस तरह से जनसेवा को प्राथमिकता दी वह आज की राजनीति के लिए एक मिसाल है। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता और नई पीढ़ी के नेताओं को उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उनकी सादगी और विचारशीलता उन्हें आज भी लोगों के दिलों में जीवित रखेगी।

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