Haryana News: अंबाला सिटी कांग्रेस भवन एक बार फिर रोशनी से जगमगा उठा है। पिछले 10 साल से कांग्रेस भवन का बिजली कनेक्शन बकाया बिल की वजह से कटा हुआ था। लेकिन जैसे ही कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिला, वैसे ही कांग्रेस भवन में भी नई उम्मीदों की किरण जग गई। नए अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने पद संभालते ही सबसे पहले बिजली विभाग का लंबित बिल 1 लाख 90 हजार रुपये चुकाया। इसके बाद कांग्रेस भवन को नया बिजली मीटर मिल गया और एक दशक बाद यहां लाइटें जल उठीं।
10 साल से अंधेरे में डूबा था कांग्रेस भवन
बताया जा रहा है कि करीब 10 साल से कांग्रेस भवन का बिजली कनेक्शन काटा हुआ था। बकाया बिल बढ़ते-बढ़ते लाखों में पहुंच गया था और किसी ने इसे भरने की जिम्मेदारी नहीं उठाई। नए अध्यक्ष बनने के बाद पवन अग्रवाल ने सबसे पहले इस मुद्दे को सुलझाया। जैसे ही नया मीटर लगा और लाइट आई, वैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई।

टूटती-गिरती इमारत बनी सवाल
हालांकि बिजली कनेक्शन मिलने के बाद भी कांग्रेस भवन की असल तस्वीर कुछ और ही कहानी कह रही है। इमारत जगह-जगह से टूट चुकी है और प्लास्टर झड़ रहा है। लंबे समय से किसी ने मरम्मत की तरफ ध्यान नहीं दिया, जिससे भवन जर्जर हालत में पहुंच गया है। अब सवाल यह है कि क्या बिजली आने के बाद इस इमारत की किस्मत भी बदलेगी या फिर यह भवन ऐसे ही अपनी बदहाली की गवाही देता रहेगा।
अध्यक्ष ने दिए मरम्मत के संकेत
कांग्रेस के नए अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने कहा है कि जैसे बिजली का बकाया बिल कार्यकर्ताओं के सहयोग से भरा गया, उसी तरह सभी के सहयोग से कांग्रेस भवन की मरम्मत भी कराई जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस भवन सिर्फ एक इमारत नहीं है बल्कि यह कार्यकर्ताओं की पहचान है। अब समय आ गया है कि इसे फिर से उसी शान से खड़ा किया जाए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद
भवन में बिजली लौटने से कार्यकर्ताओं में भी नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि यह सिर्फ बिजली कनेक्शन नहीं है, बल्कि कांग्रेस की कार्यशैली में नई रोशनी का प्रतीक है। अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या वाकई कांग्रेस भवन की जर्जर हालत सुधरेगी या फिर यह सिर्फ बिजली तक ही सीमित रहेगा।

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