फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया के युवक अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दोनों युवा रूस-यूक्रेन युद्ध में जीरो लाइन पर हैं, परिवार उनकी सकुशल रिहाई का प्रयास कर रही है। इसी बीच एक बड़ी खबर आ रही है कि सितंबर के शुरुआत में रूस की एक एजेंसी ने दोनों के खातों में क्रमश लगभग चार लाख और साढ़े चार लाख रुपये जारी किए थे। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही दोनों खाते सीज कर दिए गए।
दोनों युवाओं के परिजनों ने रोहतक में विश्वकर्मा रैली में मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला है।

अंकित के भाई रघुवीर ने बताया कि परिवार ने मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास को मेल और दस्तावेज भेजकर दोनों युवकों को वापस भारत भेजने की मांग की थी जिस पर दूतावास ने उत्तर में बताया कि वे रूसी अधिकारियों के संपर्क में हैं और जैसे ही कोई सूचना मिलेगी, परिवार को सूचित किया जाएगा।
बता दें कि पिछले सात दिन से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इस बीच परिवार के रिश्तेदार लगातार युवाओं के परिजनों का मनोबल बढ़ाने आ रहे हैं। अंकित की बुआ संतोष भादरा और पिता रामप्रताप की बुआ धापा देवी कुम्हारिया में आई हुई है। अंकित की मां सुशीला पिछले सात दिनों से बेटे से संपर्क न होने के कारण बेहद परेशान हैं और रो रही हैं।
इस बीच अंकित जांगड़ा के परिवार ने 11 देवी-देवताओं और एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम की सवामणी बोली है।

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