Haryana News: हरियाणा में गरीब परिवारों की हो गई मौज, सरकारी स्कूलों में खुलेंगे कोचिंग सेंटर
Haryana News: हरियाणा के गरीब परिवारों के लिए अच्छी खबर है। हरियाणा में बजट की घोषणा के बाद सीएम नायब सैी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शिक्षा विभाग में बजट के अनुरूप काम करना शुरु कर दिया है

Haryana News: हरियाणा के गरीब परिवारों के लिए अच्छी खबर है। हरियाणा में बजट की घोषणा के बाद सीएम नायब सैी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शिक्षा विभाग में बजट के अनुरूप काम करना शुरु कर दिया है। शिक्षा मंत्री ने हरियाणा प्रदेश में 2025 के समापन तक प्रदेश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने का संकल्प लिया है।
इन मुद्दों पर चल रहा काम
वहीं शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा में मॉडल संस्कृति स्कूल की संख्या 29 है, जिनको बढ़ाने का काम आगे चल रहा है। बजट के ऐलान के बाद मूलभूत ढांचे पर काम करना शुरु कर दिया गया है, जिसमें खाली पदों को भरना, कर्मचारियों का प्रमोशन करना, नए स्कूलों को बनाना और नई यूनिवर्सिटी पर चर्चा करने के बाद इस प्रकार से व्यवस्था करना कि जिससे बच्चों और को लाभ मिले। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को उच्च विभाग में लागू कर दिया गया है। एलिमेंट्री हायर सेकेंडरी में भी लागू कर दिया जाएगा।
2025 तक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू कर दिया जाएगा
उन्होंने बताया कि अभी 301 गोल हैं, जिन पर 200 गोल पर हो चुका है। बाकि 101 गोल पर अलग-अलग विभाग से बातचीत कर उनके साथ मिलकर काम किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि 2025 के समापन तक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कर दिया जाएगा।
महिपाल ढांडा ने पीएम मोदी और मॉडल संस्कृति स्कूल के हर ब्लॉक और लगभग 10 किलोमीटर में स्कूल देने का कार्य शुरू हो चुका है। तो वहीं पुराना बोर्ड को भी ज्यादा शक्तिशाली बनाया जा रहा है।
बच्चों के लिए कर रहे कोचिंग की व्यवस्था
शिक्षा मंत्री ने कहा कि दाखिला के बाद जनसंख्या के आधार पर प्रदेश के बच्चों के लिए पॉजिटिव कदम उठाए जा रहे हैं, जिसमें गरीब च्चों के लिए निजी कोचिंग सेंटर के आधार पर सरकारी स्कूलों में अच्छे शिक्षक को हायर कर कोचिंग सेंटर खोले जाएंगे ।
उन्होंने कहा की नई पहल और सुपर 100 से बच्चों को रोजगार मिल रहा है, जिससे हौसले बुलंद व अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। मंत्री ने कहा की हरियाणा का सरकारी स्कूल रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर हो चुका है. लोगों को बस सरकारी और निजी स्कूलों के भ्रम को मिटाने की जरूरत है।