Haryana Crime News: BJP मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र नंबरदार हत्याकांड की फिर से होगी जांच, CM के आदेश पर बनी SIT

Haryana Crime: हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव जवाहरड़ा के बीजेपी के मुंडलाना मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र नंबरदार की हत्या के मामले में अब फिर से जांच शुरू की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेश पर इस हत्याकांड की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। शुरुआत में यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया गया था, लेकिन बाद में परिजनों ने इसे सरपंच चुनाव की रंजिश से जुड़ी साजिश बताया।
मनु ने मारी थी गोली, अब दोबारा पुलिस रिमांड पर
पुलिस ने इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी मनु को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, अब उसे दोबारा रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब उससे एक बार फिर पूछताछ करेगी। 15 मार्च की रात सुरेंद्र अपनी पत्नी कोमल के साथ पशुशाला से घर लौट रहे थे, तभी गांव के ही मनु ने गोली मारकर सुरेंद्र की हत्या कर दी थी। पहले कोमल ने इसे जमीन विवाद बताया था, लेकिन बाद में परिवार ने इसे राजनीतिक रंजिश का परिणाम कहा।
सरपंच चुनाव की रंजिश से जोड़ा गया मामला, मुख्यमंत्री ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन
बाद में पुलिस ने गांव के ही सचिन को भी गिरफ्तार किया, जो मनु को बाइक से लेकर गया था। इसके अलावा गांव कलखा के अंकुश को भी पकड़ा गया, जिसने हथियार मुहैया कराए थे। सुरेंद्र नंबरदार बीजेपी के मुंडलाना मंडल के अध्यक्ष थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 29 मार्च को सुरेंद्र के घर जाकर शोक जताया था। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर सिंह कल्याण भी उनके घर पहुंचे और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
SIT का गठन, नए सिरे से जांच में जुटी टीम
परिवार ने मुख्यमंत्री से मांग की थी कि सुरेंद्र की हत्या की जांच फिर से की जाए, क्योंकि इसे एक साजिश के तहत अंजाम दिया गया है। सुरेंद्र की पत्नी कोमल ने सरपंच चुनाव लड़ा था और वह मामूली अंतर से हार गई थीं। आरोप है कि राजनीतिक रंजिश के चलते विपक्षी पक्ष ने यह साजिश रची। मुख्यमंत्री के आदेश पर एसीपी अजीत सिंह के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया है, जिसमें CIA इंचार्ज अजय सिंह और साइबर क्राइम इंचार्ज को भी शामिल किया गया है। अब SIT इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी और आरोपी मनु से फिर से पूछताछ की जाएगी।
यह मामला अब सिर्फ जमीन विवाद का नहीं रहा, बल्कि राजनीति और साजिश की गहराई से जुड़ता नजर आ रहा है। परिवार को न्याय दिलाने और सच सामने लाने के लिए अब पुलिस की यह नई जांच अहम साबित हो सकती है।