दीपेंद्र हुड्डा ने अपने बयान पर किया खेद व्यक्त, कहा उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया

Satyakhabarindia

बोले, सिख समाज से उनका पारिवारिक रिश्ता वह कभी उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात सोच भी नहीं सकते

सत्य खबर हरियाणा

Deependra Hooda : कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने 2 दिन से उनके एक बयान को लेकर चल रहे विवाद के बीच सफाई देते हुए बिना शर्त खेद व्यक्त किया है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में जोड़ा गया है और जो रोल मॉडल बताया जा रहा है वह शब्द उन्होंने प्रयोग किया ही नहीं। उन्होंने इसके बावजूद कहा कि अगर फिर भी किसी व्यक्ति की भावना को कोई ठेस पहुंची है तो वह उसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।

दीपेंद्र हुड्डा का यह बयान उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आज अपलोड किया गया है। दीपेंद्र हुड्डा की सफाई ऐसे समय आई है जब उनके बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हुई। उन्होंने विवाद को राजनीतिक बहस का विषय बनाने के बजाय अपने शब्दों की व्याख्या करते हुए कहा कि उनके बयान को संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उनके राजनीतिक संस्कार और व्यक्तिगत भावना का हिस्सा नहीं हो सकता। साथ ही, यदि उनके कथन से किसी की भावना आहत हुई है तो उन्होंने बिना शर्त खेद व्यक्त करते हुए संवाद का रास्ता खुला रखा। उन्होंने अंत में ‘वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह’ कहकर अपनी बात समाप्त की।

LAC पर तनाव घटाने की कोशिशों के बीच बीजिंग पहुंचेंगे अजीत डोभाल, सीमा विवाद पर होगी विशेष वार्ता
LAC पर तनाव घटाने की कोशिशों के बीच बीजिंग पहुंचेंगे अजीत डोभाल, सीमा विवाद पर होगी विशेष वार्ता

उन्होंने कहा कि सिख समाज देश का गौरवशाली समाज है। देश की आजादी की लड़ाई से लेकर आज तक देश के लिए सिख समाज ने जो कुर्बानियां दी हैं, उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। देश की सीमाओं की रक्षा हो या राष्ट्र के लिए कोई अन्य संघर्ष, सिख समाज का योगदान हमेशा प्रेरणादायी रहा है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि सिख समाज के साथ उनका रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि परिवार जैसा है। उन्होंने कहा कि जरूरत के समय छोटे-बड़े भाइयों की तरह दोनों समाज एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। यही सामाजिक और भावनात्मक रिश्ता उनकी राजनीति और सार्वजनिक जीवन की भी महत्वपूर्ण आधारभूमि रहा है।

दीपेंद्र हुड्डा ने अपने परिवार और सिख समाज के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह रिश्ता आज का नहीं है, बल्कि इसका इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन और किसान संघर्षों तक जाता है।

उन्होंने वर्ष 1908 के पंजाब के ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह के साथ उनके परदादा चौधरी मातूराम को भी काले पानी की सजा हुई थी। हुड्डा ने इस ऐतिहासिक प्रसंग के जरिए यह बताने का प्रयास किया कि उनके परिवार और सिख समाज के बीच संघर्ष और सहयोग का रिश्ता लंबे समय से रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौर से लेकर वर्तमान समय तक दोनों समुदायों के बीच आपसी सहयोग और भाईचारे की परंपरा कायम रही है।

किसान आंदोलन का भी किया जिक्र

CJP ने सरकार पर वादे से पीछे हटने का लगाया आरोप, 24 अगस्त को बैठक के बाद आंदोलन का संकेत
CJP ने सरकार पर वादे से पीछे हटने का लगाया आरोप, 24 अगस्त को बैठक के बाद आंदोलन का संकेत

दीपेंद्र हुड्डा ने किसान आंदोलन को भी अपने बयान का महत्वपूर्ण संदर्भ बनाया। उन्होंने कहा कि जब पंजाब से किसान भाई आंदोलन के लिए आए थे, तो वह स्वयं सबसे पहले उनके साथ पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि संघर्ष चाहे कोई भी रहा हो, उन्होंने हमेशा किसानों और सिख समाज के साथ खड़े होने का प्रयास किया है।

उनका कहना था कि किसानों के मुद्दों और उनके अधिकारों की लड़ाई में उनका जुड़ाव केवल राजनीतिक नहीं रहा, बल्कि उन्होंने इसे सामाजिक जिम्मेदारी के तौर पर भी देखा है। पंजाब से आए किसानों के साथ उनके खड़े होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने अपने पुराने संबंधों और राजनीतिक रुख को स्पष्ट करने की कोशिश की।

1984 के न्याय की लड़ाई में भी साथ होने का दावा

सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने वर्ष 1984 की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सिख समाज को न्याय मिलना चाहिए और न्याय की इस लड़ाई में वह उनके साथ हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई दोषी बचना नहीं चाहिए।

जींद में डॉक्टर को आया लॉरेंस बिश्नोई गैंग का धमकी भरा संदेश

‘हमेशा साथ खड़े रहे हैं और आगे भी रहेंगे’

अपने बयान के अंत में दीपेंद्र हुड्डा ने सिख समाज के प्रति सम्मान और भाईचारे की भावना दोहराई। उन्होंने कहा कि सिख समाज ने देश के लिए जो त्याग और बलिदान दिया है, उस पर पूरे देश को गर्व है। उन्होंने अपने परिवार के ऐतिहासिक संबंधों, किसान आंदोलन में सहभागिता और 1984 के न्याय की लड़ाई का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका रिश्ता सिख समाज के साथ परिवार जैसा है।

#DeependerHooda #HaryanaPolitics #PoliticalStatements #ContextMatters #PublicFigures #PoliticalRegret #HaryanaNews #Leadership #PoliticalCommunication #MediaInterpretation #Accountability #PoliticalDiscourse #HaryanaUpdates #CivicEngagement #PoliticalAnalysis #CurrentAffairs #HaryanaLeaders #PublicOpinion #PoliticalResponsibility #HaryanaVoices

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top