Haryana: हरियाणा सरकार की 152डी हाईवे के साथ 12,000 एकड़ में एक टाउनशिप और औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है, जिससे इस क्षेत्र में विकास को बढ़ावा मिलेगा। 152डी हाईवे, जिसे ट्रांस-हरियाणा एक्सप्रेसवे भी कहा जाता है, हरियाणा में एक महत्वपूर्ण राजमार्ग है। यह अंबाला से नारनौल तक फैला है और 227 किलोमीटर लंबा है। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से न केवल आवागमन आसान हुआ है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ाने में सहायक हुआ है। 12,000 एकड़ में टाउनशिप और औद्योगिक क्षेत्र के विकास से इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। यह विकास 152डी हाईवे के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

इस विकास से संबंधित कुछ मुख्य बातें:
टाउनशिप: 12,000 एकड़ में एक आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी, जिसमें आवासीय, वाणिज्यिक और मनोरंजक सुविधाएं होंगी।
औद्योगिक क्षेत्र: इस क्षेत्र में एक औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किया जाएगा, जिससे विभिन्न उद्योगों को आकर्षित किया जा सके और रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।
बुनियादी ढांचा: इस विकास के साथ-साथ, क्षेत्र में सड़कों, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे का भी विकास किया जाएगा।
आर्थिक विकास: यह विकास क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा और लोगों के जीवन स्तर में सुधार करेगा।
प्रदेश में 10 नये औद्योगिक शहर बसाने का सपना लेकर चल रही सरकार ने आइएमटी बनाने पर फोकस शुरू कर दिया है। औद्योगिक शहर बसाने की प्रक्रिया में अभी समय लग रहा है, लेकिन तब तक सरकार आईएमटी बनाने जा रही है। अंबाला, नारायणगढ़, जींद, रेवाड़ी और फरीदाबाद में पांच नई आइएमटी बनेंगी। जींद में एनएच 152डी और दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे के किनारे आइएमटी बनाने के लिए अमरावली खेड़ा, ढाठरथ, जामनी, खरकगादियां, मंडी खुर्द, मोहम्मद खेड़ा, अलेवा, दिल्लूवाला, हसनपुर, खांडा, खेड़ी नगूरां, और नगूरां में किसानों से 12 हजार एकड़ जमीन मांगी है