सितंबर में कम रह सकती है मानसून की बारिश, बढ़ी किसानों की चिंता
सत्य खबर हरियाणा
Haryana Weather Update : इस साल प्रदेश में मानसून उम्मीद से काफी कम बरस रहा है। बारिश को लेकर मौसम विभाग के अनुमान भी ठीक नहीं बैठ रहे हैं।
पिछले 24 घंटों में हिसार में 8.3 मिमी, फतेहाबाद में 3.0 मिमी, सादलपुर में 2.5 मिमी और पंचकूला में 2.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। जींद में बूंदाबांदी से लोगों को कुछ देर के लिए उमस से राहत मिली। हवा में नमी के कारण लोगों को दिनभर उमस का सामना करना पड़ा। गुरुग्राम में शाम के समय तेज बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। मानसून टर्फ की अक्षय रेखा में बदलाव और राजस्थान पर बने साइक्लोनिक सरकुलेशन के कारण प्रदेश में मानसूनी हवाओं की सक्रियता बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने आज राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों के 4 जिलों अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा करनाल, कैथल और आसपास के जिलों में तेज बारिश हो सकती है। हिसार, जींद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी में मध्यम बारिश के आसार बने हुए हैं।
आज और कल बारिश होगी
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार 13 अगस्त रात्रि से 15 अगस्त के दौरान प्रदेश में मानसूनी हवाओं की सक्रियता बढ़ने से ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है।
16 अगस्त से मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने से मानसूनी गतिविधियों में कमी आएगी। इस दौरान बीच-बीच में बादल छाए रहने से दिन के तापमान में हल्की गिरावट, लेकिन रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
यूरोप के मौसम मॉडल ECMWF के ताजा अनुमान के अनुसार सितंबर में देश के कई हिस्सों में मॉनसून कमजोर पड़ सकता है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश होने का संकेत मिला है। यह अनुमान सितंबर के लिए जारी किया गया है। अगर ऐसा होता है तो खेती, जलाशयों और पानी की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। हालांकि यह सिर्फ एक मौसम मॉडल का अनुमान है। मौसम की स्थिति बदलने पर इसमें बदलाव भी हो सकता है।
सितंबर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का आखिरी महीना होता है। इसी दौरान कई राज्यों में खरीफ फसलों को आखिरी दौर की बारिश मिलती है। ऐसे में अगर इस महीने बारिश सामान्य से कम रहती है तो किसानों की चिंता बढ़ सकती है। मौसम वैज्ञानिक भी लगातार नए आंकड़ों और अलग-अलग मॉडल के आधार पर मॉनसून की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
प्रदेश में अधिकतम तापमान
प्रदेश में गुरुवार को औसत अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री का उछाल देखा गया। प्रदेश में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2.0 डिग्री अधिक रहा। सबसे अधिक तापमान फरीदाबाद में 37.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा अंबाला में 37.7, रोहतक में 37.3, करनाल में 36.2, भिवानी में 36.5, चरखी दादरी में 34.7, फतेहाबाद में 33.3, गुरुग्राम और पंचकूला में 34.2, हिसार में 35.0, झज्जर में 34.9, जींद में 34.8, कैथल और कुरुक्षेत्र में 35.8, सोनीपत में 35.2, नारनौल में 33.5, नूंह और पलवल में 37.1, पानीपत में 36.0, रेवाड़ी में 34.3 और सिरसा में 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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