Manisha death mystery: भिवानी में महिला शिक्षिका मनीषा (19) की मौत की जांच कर रही CBI एक सप्ताह बाद फिर से भिवानी आ रही है। इस बार दिल्ली एम्स से मनीषा के शव की विसरा रिपोर्ट और मोबाइल कॉल डिटेल लेकर आ रही है। इस केस में CBI टीम अहम सबूत जुटा रही है। CBI ने क्राइम स्पॉट की फोरेंसिक रिपोर्ट भी हासिल कर ली है। इसके अलावा मौके के गवाहों, परिजन, स्कूल, नर्सिंग कॉलेज संचालकों व दवा विक्रेता से 2 से 4 बार पूछताछ हो चुकी है।
मृतका के पिता संजय ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण के तार खाद-बीज विक्रेता और नर्सिंग कॉलेज से जुड़े हैं। उनका कहना है कि वे न्याय के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने खाद-बीज विक्रेता पर झूठे बयान देकर घटना को आत्महत्या साबित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। संजय ने दावा किया कि दुकान के सामने लगे CCTV फुटेज से यह स्पष्ट हो चुका है कि उनकी बेटी ने न तो कोई हस्ताक्षर किए और न ही कीटनाशक खरीदा। उन्होंने पहले भी कहा था कि न तो कोई सुसाइड नोट मिला है और न ही उनकी बेटी ने आत्महत्या की, बल्कि उसकी हत्या हुई है।
मनीषा के पिता संजय ने बताया कि CBI अफसरों का फोन आया था। जिन्होंने बताया कि अब सभी रिपोर्ट के साथ आ रहे हैं। मनीषा के पिता संजय के अनुसार सीबीआई की टीम अब बिसरा की रिपोर्ट लेकर वापस आएगी। उसके आधार पर जांच की जाएगी। सीबीआई की टीम ने बिसरा सैंपलों की लैब में जांच करवाई है। CBI रिपोर्ट मिलने के बाद भिवानी आएगी। उम्मीद है कि सीबीआई की टीम शुक्रवार को भिवानी आए। मनीषा के पिता संजय कुमार ने बताया कि सीबीआई के अधिकारियों से बातचीत हुई है। जिसमें सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि मनीषा की कॉल डिटेल भी निकाली है। जिसके आधार पर सीबीआई जांच करेगी। उससे भी कुछ सुराग मिलने की संभावना है। मनीषा के शव के पास से मोबाइल बिखरी हालत में मिला था। उसकी बैटरी अलग पड़ी थी।

मनीषा के शव का 3 बार पोस्टमॉर्टम हुआ। पहली बार भिवानी के सिविल अस्पताल में, फिर रोहतक पीजीआई में और आखिरी बार दिल्ली एम्स में। एम्स की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद डॉक्टर्स ने विसरा सैंपल भिवानी पुलिस को सौंप दिए थे। पुलिस ने इन्हें सुनारिया लैब में प्रिजर्व रखा और बाद में CBI को सौंपा था। इन्हीं सैंपलों की जांच एम्स में करवाई गई, जिसकी रिपोर्ट अब आ रही है।
13 अगस्त को गांव सिंघानी के खेतों से शव मिलने के बाद से परिजन मर्डर का अंदेशा जता रहे हैं। पुलिस ने पहले मर्डर की धारा में केस दर्ज किया। हालांकि बाद में दावा किया कि यह सुसाइड केस है। परिजनों ने शव का संस्कार करने से मना कर दिया था। उनकी 2 मांग थी, केस की जांच सीबीआई से कराई जाए और एम्स में पोस्टमॉर्टम हो। 20 अगस्त को मनीषा के शव का एम्स में पोस्टमॉर्टम हुआ था। उसके बाद 25 अगस्त को करीब CBI टीम भिवानी पहुंच गई थी। लगातार 23 दिन भिवानी में रहकर जांच की।
इस मामले में CBI मनीषा के परिजनों से 3 बार पूछताछ कर चुकी है। इनके अलावा जिन दो लोगों ईश्वर व सत्यपाल ने सबसे पहले शव देखा था, उनसे 2 बार पूछताछ हुई है। जिस प्ले वे स्कूल में मनीषा एक महीने से पढ़ा रही थी, उसके संचालक रोहित दहिया व स्टाफ से 4 बार पूछताछ हुई। आइडियल नर्सिंग कॉलेज के संचालकों व स्टाफ, कीटनाशक विक्रेता से भी पूछताछ हो चुकी है।
CBI ने दिल्ली से स्पेशल फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम घटनास्थल पर बुलाकर जांच कराई थी। क्राइम सीन भी क्रिएट किया गया था। FSL की रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है। हालांकि अभी यह रिपोर्ट सीबीआई को मिली है या नहीं, इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।