केंद्रीय पर्यवेक्षक भेजेंगे हाईकमान को 6 नाम का पैनल, हाईकमान करेगी अंतिम फैसला
सत्य खबर हरियाणा
New Process for Selection of District President : हरियाणा कांग्रेस में जिला अध्यक्ष और संगठन में बाकी नियुक्तियों के लिए नया प्रयोग शुरू किया जा रहा है। इस नई प्रक्रिया के लिए पायलट जिले के रूप में हिसार को चुना गया है। हिसार में नई प्रक्रिया के तहत जिला अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। हिसार शहरी जिला अध्यक्ष बजरंगदास गर्ग इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि आधा दर्जन से ज्यादा जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां की जानी है लेकिन पार्टी सबसे पहले हिसार में इस प्रयोग को देखकर बाद में इसी प्रयोग के आधार पर बाकी जिलों में भी नियुक्तियां करने पर विचार कर रही है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में सबसे पहले इस प्रयोग को करने वाले हैं। नई व्यवस्था के तहत जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों से तीन पन्नों का प्रोफार्मा भरवाया जाएगा, जिसमें 20 से अधिक सवाल होंगे।
इन सवालों में दावेदार से पूछा जाएगा कि वह कांग्रेस से कब जुड़ा, क्या कभी पार्टी छोड़कर किसी अन्य दल में गया, अब तक संगठन या पार्टी में किन-किन पदों पर जिम्मेदारी निभाई और उसका राजनीतिक एवं संगठनात्मक अनुभव क्या रहा।
प्रोफार्मा में दावेदार की जाति और उपजाति, इंटरनेट मीडिया पर सक्रियता एवं दक्षता समेत अन्य संगठनात्मक जानकारियां भी मांगी जाएंगी। इसका मकसद केवल नामों का पैनल तैयार करना नहीं, बल्कि दावेदारों की राजनीतिक पृष्ठभूमि और संगठन में उनकी सक्रियता का तुलनात्मक आकलन करना माना जा रहा है।
नई प्रक्रिया के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षक दावेदारों की जानकारी जुटाने के बाद छह नामों का पैनल तैयार करेंगे। यह पैनल कांग्रेस हाईकमान को भेजा जाएगा और अंतिम फैसला केंद्रीय स्तर पर होगा। यानी स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली नेताओं की सिफारिश के बजाय तय प्रक्रिया और हाईकमान के आकलन को प्राथमिकता मिलने की संभावना है।
बता दें कि हिसार शहरी जिला अध्यक्ष बजरंगदास गर्ग ने पिछले दिनों इस्तीफा दे दिया था। इसलिए सबसे पहले पार्टी यहीं पर इस प्रयोग को देखना चाहती है और इसके सफल होने के बाद इसे दूसरे जिलों में भी प्रयोग करने के मूड में है। हांसी पिछले दिनों प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिला बन चुका है। पार्टी को यहां भी जिला अध्यक्ष नियुक्त करना है। फरीदाबाद के जिला प्रधान बलजीत कौशिक को केंद्रीय पर्यवेक्षक ने पद से हटाने की घोषणा की है। पंचकूला और फरीदाबाद में भी शहरी और ग्रामीण संगठन के लिए जिलाध्यक्षों का चयन किया जाना है। इसके अलावा पांच ऐसे जिलाध्यक्षों को बदले जाने की तैयारी है, जिनका संगठनात्मक प्रदर्शन अपेक्षित नहीं माना गया है। प्रदेश प्रभारी संजय सतीशचंद्र दत्त इन पांचों जिलाध्यक्षों की रिपोर्ट केंद्रीय चयन समिति को अपनी संस्तुति के साथ भेज चुके हैं। बताया गया है कि पार्टी ने प्रदेश प्रभारी को इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
हरियाणा कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर पार्टी हाईकमान ने सिफारिश और गुटबाजी के प्रभाव को सीमित करने के लिए इस नई प्रक्रिया को अपनाने का फैसला किया है। जिलाध्यक्ष की नियुक्ति के लिए नेताओं को अब केवल राजनीतिक पकड़ और वरिष्ठ नेताओं की पैरवी के भरोसे नहीं रहना होगा, बल्कि तय प्रक्रिया के तहत अपनी योग्यता और संगठनात्मक अनुभव का ब्योरा देना होगा।
प्रदेश में जिला कांग्रेस अध्यक्षों के चयन और संगठन की समीक्षा के लिए कांग्रेस ने चार केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू , आंध्र प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डा. एन रघुवीरा रेड्डी, महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर, मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार शामिल हैं।
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