आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का पुलिस भर्ती में सामान्य वर्ग में समायोजन अंतिम परिणाम के समय ही संभव : हिम्मत सिंह

Satyakhabarindia

 

सत्य खबर हरियाणा

Haryana Police Recruitment : हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा प्रदेश में 5500 पुलिस कर्मचारी की भर्ती की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। यह प्रक्रिया जिस तेजी से आगे बढ़ रही है अनुमान है कि इस साल के आखिर तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमला, पुलिस हेड कॉन्स्टेबल शहीद; TRF ने ली जिम्मेदारी
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमला, पुलिस हेड कॉन्स्टेबल शहीद; TRF ने ली जिम्मेदारी

आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह के अनुसार आरक्षित वर्ग के ऐसे अभ्यर्थी, जो मेरिट के आधार पर सामान्य वर्ग की कटआफ से अधिक अंक प्राप्त करते हैं, उन्हें सामान्य श्रेणी में समायोजित करने का निर्णय अंतिम परिणाम घोषित करते समय ही लिया जाएगा।

आयोग के चेयरमैन ने बताया कि शारीरिक माप परीक्षण (पीएमटी) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीएसटी) के बाद ज्ञान परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की श्रेणीवार शार्टलिस्टिंग की जाती है। आरक्षित और अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आयु, लंबाई और सीने के मापदंड अलग-अलग निर्धारित हैं।

हिम्मत सिंह के अनुसार 25 जून 1997 के सरकारी निर्देशों में यह प्रावधान है कि मेरिट के आधार पर चयनित आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सामान्य वर्ग की सीटों पर समायोजित किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए उन्हें सामान्य वर्ग के सभी पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे।

चेयरमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं में उच्च न्यायालय ने केवल कुछ याचिकाकर्ताओं को अस्थायी राहत देते हुए भर्ती प्रक्रिया में प्रोविजनल भागीदारी की अनुमति दी थी। न्यायालय ने न तो आयोग की शार्टलिस्टिंग प्रक्रिया पर कोई आपत्ति जताई और न ही उसे निरस्त किया।

हरियाणा में 17.24 लाख परिवार आयुष्मान भारत योजना के दायरे में

हिम्मत सिंह ने इस संबंध में पूर्व के न्यायिक फैसलों का भी हवाला दिया। ‘परमिला बनाम हरियाणा सरकार’ मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आठ जनवरी 2024 को फैसला सुनाया था। इसके खिलाफ दायर एलपीए संख्या 329/2024 को भी नौ अप्रैल 2025 को खारिज कर दिया गया था। हालांकि, बाद में हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी संख्या 38804/2025) में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के प्रभाव पर रोक लगा दी।

चेयरमैन ने सुप्रीम कोर्ट के नौ सितंबर 2025 के ‘यूनियन आफ इंडिया बनाम सजीब राय’ फैसले का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि यदि भर्ती नियमों में स्पष्ट प्रतिबंध हो और आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार किसी प्रकार की छूट का लाभ लेकर पात्र बना हो, तो उसे सामान्य वर्ग की सीट पर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता।

आयोग के चेयरमैन के अनुसार कई बार ऐसा होता है कि आरक्षित वर्ग का कोई अभ्यर्थी सामान्य वर्ग की कटआफ से अधिक अंक प्राप्त कर लेता है, लेकिन उसने लंबाई, सीने के माप या आयु सीमा में आरक्षित वर्ग को मिली छूट का लाभ लिया होता है। यदि ऐसे उम्मीदवार को भर्ती प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही सामान्य वर्ग में स्थानांतरित कर दिया जाए तो चयन प्रक्रिया में कानूनी और प्रशासनिक जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।

इसी कारण आयोग अंतिम परिणाम घोषित करने से पहले यह सुनिश्चित करता है कि संबंधित उम्मीदवार सामान्य वर्ग के सभी मानदंडों को पूरा करता है या नहीं। इसके बाद ही उसे सामान्य श्रेणी की सीट पर समायोजित किया जाता है।

CJP याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, तत्काल सुनवाई से इनकार
CJP याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, तत्काल सुनवाई से इनकार

#HaryanaPolice #RecruitmentNews #ReservedCategory #GeneralCategory #HimmatSingh #PoliceRecruitment #FinalResults #EqualOpportunities #JusticeForAll #DiversityInPolice #HaryanaUpdates #GovernmentJobs #CareerOpportunities #LawEnforcement #SocialJustice #Meritocracy #PublicService #HaryanaGovernment #CandidateRights #EmploymentEquity

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top