मंगलवार तक सरकार ने नहीं दी टी तो प्रधानमंत्री से मुलाकात की करेंगे कोशिश, कर्नाटक में लगी छह टी का दिया हवाला
सत्य खबर हरियाणा
Chainnat Villagers agitation : हांसी जिले के चैनत गांव में भाखड़ा नहर की शहरी पाइपलाइन से टी-कनेक्शन के जरिए पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। यह धरना आज सोमवार को अपने 58वें दिन में प्रवेश कर गया। धरना समिति ने सरकार को पहले से ही चेतावनी दे रखी है कि अगर 14 जुलाई तक उनकी मांग को नहीं माना गया तो वह 17 जुलाई को जींद में प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे। धरना समिति का कहना है कि अगर मंगलवार तक सरकार ने गांव को टी देने की उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया तो वह खाप नेताओं के साथ मिलकर सा 17 जुलाई को जींद में प्रधानमंत्री से मुलाकात करने का हर संभव प्रयास करेंगे।

इस बीच धरना समिति ने अमृत-2 योजना से जुड़े दस्तावेज मीडिया के सामने प्रस्तुत किए। समिति का दावा है कि इन दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को भी पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। दस्तावेजों में कर्नाटक के सात गांवों को अमृत-2 योजना के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का उल्लेख किया गया है।
धरना समिति की ओर से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता विजय कुमार ने बताया कि, “हमारी टीम हाल ही में कर्नाटक गई थी। पहले सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दस्तावेज मांगे थे, लेकिन भविष्य में सरकार या अदालत की ओर से किसी भी जवाब-तलब की संभावना को देखते हुए हमने मौके पर जाकर पूरे मामले का अध्ययन किया। टीम ने योजना के क्रियान्वयन और तकनीकी प्रक्रिया की भी जानकारी जुटाई।”
अधिवक्ता विजय कुमार ने कहा कि, “उनकी टीम कर्नाटक के बीदर जिले के ओरद शहर के निकट स्थित ब्याहली गांव पहुंची। वर्ष 2023 में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर अमृत-2 योजना की पाइपलाइन के बीच पड़ने वाले छह गांवों को टी-कनेक्शन देकर पेयजल उपलब्ध कराया गया। ओरद शहर तक करीब 42 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है और उसके बीच आने वाले गांवों को भी योजना का लाभ दिया गया।”
विजय कुमार ने कहा कि, “कर्नाटक दौरे के दौरान मुलाकात इंजीनियर शिव कुमार से हुई। इंजीनियर ने बताया कि यदि प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए तो अमृत-2 योजना के तहत पाइपलाइन के बीच आने वाले गांवों को भी पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। योजना लागू करने से पहले तकनीकी टीम तय करती है कि किन क्षेत्रों और गांवों को इसमें शामिल किया जाएगा।”
अधिवक्ता विजय कुमार ने बताया कि, “संबंधित अधिकारियों से बातचीत के बाद आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए। इन दस्तावेजों से यह साबित होता है कि अमृत-2 योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को भी पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था संभव है। यदि कर्नाटक में बीच के गांवों को टी-कनेक्शन देकर पानी दिया जा सकता है तो हरियाणा के चैनत गांव को यह सुविधा क्यों नहीं मिल सकती?”
अधिवक्ता विजय कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि, “हरियाणा सरकार की मंशा चैनत और आसपास के गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने की नहीं है। धरना समिति अपना आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी तरीके से जारी रखेगी तथा ग्रामीणों को उनका अधिकार दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।”
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