जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले से बड़ी खबर सामने आई है। लाल चौक के पास पुलिस दल पर हुए आतंकी हमले में एक हेड कॉन्स्टेबल शहीद हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा बल हमलावरों की तलाश में व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं।
लाल चौक के पास पुलिस टीम पर हमला
पुलिस के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 12:35 बजे अनंतनाग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के कोतवाल गली, लाल चौक इलाके में अज्ञात आतंकियों ने पुलिस पार्टी पर अचानक फायरिंग कर दी। हमले में इंडियन रिजर्व (IR) की तीसरी बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने लाल चौक और आसपास के क्षेत्रों की घेराबंदी कर दी। हमलावर घटनास्थल से फरार हो गए, जिनकी तलाश के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं।

TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
अधिकारियों के मुताबिक, शहीद हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। TRF का गठन वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद हुआ था और इसे लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन माना जाता है।
अनंतनाग का सबसे व्यस्त इलाका है लाल चौक
जिस स्थान पर हमला हुआ, वह अनंतनाग का सबसे व्यस्त बाजार क्षेत्र माना जाता है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और खरीदार पहुंचते हैं। यह इलाका राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए भी जाना जाता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां घटना को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं।
हाल के दिनों में बढ़ी आतंकी गतिविधियां
इससे पहले राजौरी जिले के तारकुंडी फॉरवर्ड इलाके में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास घुसपैठ की कोशिश के दौरान सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। वहीं, हाल ही में शोपियां में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष कमांडर को भी मार गिराया था। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी है।
अनंतनाग में पुलिस दल पर हुआ यह हमला एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करता है। फिलहाल सुरक्षा बल हमलावरों की तलाश में जुटे हैं और पूरे इलाके में तलाशी अभियान जारी है। मामले की जांच के बाद ही हमले से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।