प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार की नवीनतम कैबिनेट निर्णय भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करेंगे और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में “एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन” और “क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर एक्सपोर्टर्स” को मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “‘मेड इन इंडिया’ की पहचान विश्वभर में और मजबूत हो, इसके लिए कैबिनेट ने एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन को मंजूरी दी है। यह योजना भारत के निर्यात को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी और एमएसएमई, नए तथा श्रम-सघन क्षेत्रों को मजबूत करेगी।”
एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन से निर्यात बढ़ाने का होगा लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह मिशन सभी हितधारकों को एक साथ लाएगा और एक परिणाम-आधारित प्रभावी तंत्र का निर्माण करेगा। इस योजना के तहत भारत के निर्यातकों को आधुनिक और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे वैश्विक बाजारों में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत कर सकें। इसके अलावा, “क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर एक्सपोर्टर्स” के जरिए निर्यातकों को बिना किसी जमीनी संपत्ति के भी कर्ज लेने की सुविधा मिलेगी, जिससे उनके व्यापार में सुगमता आएगी और वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बेहतर तरीके से भाग ले सकेंगे।

महत्वपूर्ण खनिजों पर रॉयल्टी दरों में भी किया गया संशोधन
कैबिनेट ने ग्रेफाइट, सीसियम, रुबिडियम और जिरकोनियम जैसे खनिजों की रॉयल्टी दरों को भी संशोधित किया है, जो हरित ऊर्जा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह निर्णय स्थिरता और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करेगा। इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। यह कदम भारत के ऊर्जा क्षेत्र में स्वच्छ और टिकाऊ तकनीकों के विकास में मददगार साबित होगा।
अमित शाह ने इन योजनाओं को बताया ऐतिहासिक निर्णय
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी इन नई योजनाओं की सराहना की और कहा कि ₹45,000 करोड़ की ये दो योजनाएं भारतीय निर्यातकों के लिए राहत की सौगात साबित होंगी। उन्होंने बताया कि ₹25,060 करोड़ की एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन योजना युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगी और भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएगी। वहीं ₹20,000 करोड़ की क्रेडिट गारंटी योजना से एमएसएमई क्षेत्र को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी, जिससे वे बिना किसी गिरवी के कर्ज ले सकेंगे। अमित शाह ने कहा कि इन योजनाओं से भारत के $1 ट्रिलियन निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
आत्मनिर्भर भारत की ओर एक मजबूत कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार निरंतर भारत को आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक बाजारों में उसकी पकड़ मजबूत करने के लिए कार्यरत है। इन नई योजनाओं से न केवल भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों को भी मजबूत किया जाएगा। यह कदम भारत के उद्योगों को विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा और देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। आने वाले वर्षों में ‘मेड इन इंडिया’ की चमक विश्व के हर कोने में दिखाई देगी, और यह भारत की आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।