ELI Scheme: केंद्र सरकार ने देश में युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ‘रोजगार लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम’ (ELI स्कीम) को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस स्कीम का मुख्य फोकस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर होगा और यह योजना दो हिस्सों में लागू की जाएगी। पहला हिस्सा नए काम शुरू करने वालों के लिए है और दूसरा हिस्सा उन लोगों को स्थायी रोजगार में बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन देगा।
पहली बार नौकरी पाने वालों के लिए खास योजना
इस योजना के तहत पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को एक महीने की सैलरी (अधिकतम ₹15,000 तक) सरकार की ओर से दी जाएगी। इसके अलावा जो कंपनियां नए लोगों को नियुक्त करेंगी, उन्हें दो साल तक इंसेंटिव दिया जाएगा। खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को इस योजना से काफी लाभ मिलेगा। सरकार ने बताया कि इस योजना की कुल लागत ₹99,446 करोड़ होगी और इससे दो साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।
2025 से 2027 के बीच मिलेगा लाभ
ELI स्कीम का लाभ अगस्त 2025 से जुलाई 2027 के बीच मिलने वाली नौकरियों पर मिलेगा। कुल 3.5 करोड़ नए रोजगार में से लगभग 1.92 करोड़ पहली बार काम करने वाले होंगे। इस योजना को केंद्र सरकार 2024-25 के बजट में औपचारिक रूप से घोषित करेगी। इसका एक बड़ा उद्देश्य देश की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करना और युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
अनुसंधान और नवाचार के लिए नई योजना
केंद्रीय मंत्री ने एक और बड़ी योजना की जानकारी दी जो अनुसंधान और नवाचार से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि ‘अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन’ (ANRF) को पहले ही प्रधानमंत्री द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है। इस योजना को इज़राइल, अमेरिका, सिंगापुर और जर्मनी जैसे देशों की योजनाओं से प्रेरणा लेकर तैयार किया गया है। इसका मकसद रिसर्च से लेकर उत्पाद निर्माण तक का एक स्पष्ट रोडमैप बनाना है जिससे भारत अनुसंधान और तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बन सके।
खेल और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने तमिलनाडु के रामनाथपुरम से धनुषकोडी तक फोर-लेन हाईवे बनाने की योजना को भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही ‘खेलो इंडिया नीति 2025’ को भी स्वीकृति मिल गई है जो राष्ट्रीय खेल नीति 2021 की जगह लेगी। यह नई नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से जोड़ी जाएगी और इसका मकसद ग्रामीण इलाकों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाना है। यह प्रधानमंत्री के 11 वर्षों के नेतृत्व में खेलों को मिले विशेष ध्यान को दर्शाता है।