इंदौर पेंटहाउस आग हादसा, Pravesh Agarwal और परिवार की मौत, सुरक्षा और इमारत नियमों पर उठे सवाल

इंदौर के लसूदिया क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक तीन मंजिला व्यावसायिक-सह आवासीय इमारत में भयंकर आग लग गई, जिसमें Pravesh Agarwal, जो एक प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता के शो룸 के मालिक थे, अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ फंस गए। आग पेंटहाउस में लगी थी, जहां उनका परिवार रहता था। इस हादसे में प्रवीश अग्रवाल की मौत हो गई, जबकि उनकी बड़ी बेटी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। यह परिवार कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ था, और वरिष्ठ नेता कमलनाथ समेत अन्य पार्टी नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
आग कैसे लगी: प्रारंभिक जानकारी
पुलिस निरीक्षक नीतू सिंह ने बताया कि आग गुरुवार सुबह लगभग 5 बजे पेंटहाउस में लगी। इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर प्रवीश अग्रवाल का शो룸 था, जबकि तीसरे फ्लोर पर उनका परिवार रहता था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घर में मंदिर में जल रही अनंत दीपक (एटर्नल फ्लेम) से आग लगी। जैसे-जैसे आग फैलती गई, घर धुएं से भर गया और परिवार के सदस्यों को साँस लेने में कठिनाई होने लगी। हादसे के समय प्रवीश अग्रवाल, उनकी पत्नी और दो नाबालिग बेटियां सो रही थीं। शुरुआती नजरिए से प्रवीश अग्रवाल की मौत धुआँ के कारण दम घुटने से हुई प्रतीत होती है। उनका शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

बेटी की अस्पताल में भर्ती और पुलिस जांच
Pravesh Agarwal की बड़ी बेटी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टर उनकी हालत पर नजर रख रहे हैं। पुलिस घटना की विस्तृत जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पेंटहाउस में धुआँ निकालने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई और परिवार के सदस्य घुटन का शिकार हुए। अग्रवाल ने आग लगने के समय अपनी बेटियों को बाहर निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन खुद बेहोश हो गए। इस हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
अग्निशमन विभाग की प्रतिक्रिया और नुकसान का आकलन
अग्निशमन विभाग के एएसआई सुशील कुमार दुबे ने बताया कि सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। उन्होंने बताया कि आग की वजह से प्रवीश अग्रवाल पेंटहाउस में दम घुटने के कारण बेहोश हो गए। आग इतनी तीव्र थी कि उसे कंट्रोल करना चुनौतीपूर्ण था। हालांकि, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित वाहनों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। दुबे ने कहा कि यदि धुआँ निकलने की पर्याप्त व्यवस्था होती, तो हादसे में नुकसान कम हो सकता था। इस घटना ने इंदौर में आग सुरक्षा और इमारती व्यवस्था की अहमियत को उजागर कर दिया है।