अंतिम गेंद पर छक्का मार सकते हैं सिद्धू दंपति
सत्य खबर राष्ट्रीय
Navjot Singh Sidhu : पंजाब में 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर बढ़ती सरगर्मियों के बीच नवजोत सिंह सिद्धू की राजनीति से दूरी न केवल उनके समर्थकों की बेचैनी बढ़ाने वाली है, बल्कि विरोधियों के लिए भी यह परेशानी का सबब बन रही है।

बीजेपी ने शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन की अटकलें के उलट राज्य की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है तो वहीं दूसरी सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी अपने किले को मजबूत करने में जुटी है, लेकिन 2022 के चुनावों में कांग्रेस के संगठन की कमान संभालने वाले नवजोत सिंह सिद्धू अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं। पिछला चुनाव कांग्रेस ने नवजोत सिंह सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी की अगुवाई में लड़ा था। नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थक वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू अभी भी अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं।
2022 के चुनाव में कांग्रेस हाईकमान ने चुनाव से ठीक पहले चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री पद का आधिकारिक चेहरा घोषित किया था। संगठन का नेतृत्व नवजोत सिंह सिद्धू के हाथों में रहा था जबकि कैंपेन कमेटी के प्रमुख सुनील जाखड़ रहे थे। अब जाखड़ बीजेपी में हैं। चन्नी का अमरिंदर सिंह राजा वडिंग से टकराव चल रहा है। इस सब के बीच नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थक और चाहने वाले टकटकी लगाएं हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू अपने पत्ते कब खोलेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पंजाब की पॉलिटिक्स में नवजोत सिंह सिद्धू बड़ा नाम है। क्रिकेटर और कामेडियन और राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी नवजोत सिंह सिद्धू अंतिम वक्त पर भी चौंका सकते हैं। क्रिकेट की भाषा में कहें तो वह आखिरी गेंद पर छक्का मार सकते हैं।
लंबे वक्त से नहीं हैं सक्रिय
नवजोत सिंह सिद्धू ने आखिरी बार 21 नवंबर, 2024 को अमृतसर में अपने घर पर एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था। इसमें उन्होंने अपनी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के स्टेज 4 मेटास्टैटिक कैंसर से सफल लड़ाई पर बात की थी। उन्होंने पत्नी की प्रेरणादायक कहानी साझा की थी। तब यह माना गया था कि साथ ही उन्हें चिकित्सकीय रूप से कैंसर-मुक्त घोषित किया। नवजोत सिंह सिद्धू अब राजनीति में लौट आएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
कांग्रेस नेतृत्व से बना रखी है दूरी
नवजोत सिंह सिद्धू लंबे वक्त से कांग्रेस में अपने फेवरेट नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी नहीं मिले हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने आखिरी बार 6 अप्रैल, 2023 को नई दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। यह मुलाकात नवजोत सिंह सिद्धू के पटियाला जेल से रिहा होने के कुछ समय बाद हुई थी। सिद्धू ने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं थी, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को अपना मार्गदर्शक बताया और 1988 के रोड-रेज मामले में 10 महीने की जेल की सजा के बाद पंजाब के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर चर्चा की।
चौंका सकते हैं नवजोत सिंह सिद्धू
पंजाब में चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ अभी नवजोत सिंह सिद्धू भले ही सक्रिय नहीं है लेकिन पूर्व क्रिकेटर द्वार सरप्राइज देने की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता। सिद्धू का राजनीतिक सफर हमेशा उतार-चढ़ाव भरा रहा है। भाजपा से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने के बाद वह कांग्रेस में शामिल हुए और पंजाब की राजनीति में एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे। हालांकि पार्टी के अंदर मतभेदों और राजनीतिक परिस्थितियों के चलते उनकी सक्रियता कम होती गई।
समर्थकों की बढ़ रही बैचेनी
पंजाब में उनके चाहने वालों के मन में बस एक सवाल है कि क्या नवजोत सिंह सिद्धू 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले फिर से मैदान में उतरेंगे या राजनीति से दूरी बनाए रखेंगे? ऐसी संभावना है कि आने वाले समय में सिद्धू की भूमिका पंजाब की चुनावी तस्वीर को प्रभावित कर सकती है। अगर वह सक्रिय राजनीति में वापसी करते हैं तो यह देखना दिलचस्प होगा कि वह किस रणनीति और किस राजनीतिक मंच के साथ आगे बढ़ते हैं। नवजोत सिंह सिद्धू अब तक 3 बार लोकसभा सांसद, 1 बार राज्यसभा सांसद और 1 बार विधायक रह चुके हैं। ऐसे में उनका राजनीतिक कद काफी बड़ा है।
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