दिल्ली में संसद मार्च के दौरान एक ओर सड़क पर प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में रही, वहीं दूसरी ओर CJP प्रतिनिधियों की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात ने घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। इस बीच विपक्ष ने भी प्रदर्शन और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
संसद मार्च के दौरान बढ़ी हलचल
सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च शुरू हुआ। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर तनाव की स्थिति बनी रही। इसी बीच CJP के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे, जिससे पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक नजरें टिक गईं।
जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद क्या कहा?
मुलाकात के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने और आशुतोष रांका ने अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन केंद्रीय मंत्री को सौंपा है। उनके अनुसार, सरकार की ओर से आगे बातचीत का आश्वासन दिया गया है और पार्टी अब उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर काम कर रही है।

अभिजीत दीपके को लेकर CJP का दावा
इसी दौरान सौरव दास ने सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया कि पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उन्होंने सभी सांसदों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की और आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। इस दावे पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई।
प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शन को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए और छात्रों की चिंताओं को सुना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग क्यों किया जा रहा है और सरकार को संवाद के जरिए समाधान तलाशना चाहिए।
आगे क्या होगा?
संसद मार्च, सरकार से बातचीत के संकेत और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं के बीच यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और आंदोलन को लेकर क्या नया घटनाक्रम सामने आता है।
दिल्ली में जारी प्रदर्शन अब केवल सड़क तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है। एक ओर संवाद की संभावना दिखाई दे रही है, तो दूसरी ओर विरोध और राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। आने वाले दिनों में इस पूरे मामले की दिशा सरकार और प्रदर्शनकारियों के अगले कदम तय करेंगे।