केंद्रीय मंत्री ने संसद में बताया कैसे बढ़ाई जा रही MBBS और PG सीटें देशभर में

भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने हाल ही में संसद में एक अहम सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS और पोस्टग्रेजुएट सीटें बढ़ाने के पीछे मुख्य कारण क्या हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या सीटें बढ़ने के साथ कॉलेजों में शिक्षकों, इमारतों, लैब, और क्लीनिकल ट्रेनिंग की सुविधाओं में भी उसी अनुपात में सुधार किया गया है या नहीं। सांसद ने यह भी जानना चाहा कि क्या राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा कॉलेजों में नियमों और मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। इसके अलावा उन्होंने राज्यों और कम सुविधाओं वाले क्षेत्रों में मेडिकल शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी जानकारी मांगी।
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया नियम और प्रक्रिया
इस सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) हर साल नए मेडिकल कॉलेज खोलने और MBBS एवं PG सीटें बढ़ाने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगता है। आयोग मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, मूल्यांकन और रेटिंग से जुड़े 2023 के नियमों और न्यूनतम मानकों के अनुसार सभी संस्थानों की जांच करता है। जांच में मानक पूरे करने वाले संस्थानों को अनुमति पत्र (LOP) दिया जाता है और जिनकी योग्यता पूरी नहीं होती उन्हें अस्वीकृति पत्र (LOD) जारी किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेजों को वार्षिक प्रकटीकरण रिपोर्ट (ADR) जमा करनी होती है, जिसमें शिक्षकों, इमारतों, सुविधाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के अनुपालन का विवरण देना अनिवार्य होता है।

मेडिकल शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने पर केंद्र सरकार का जोर
अनुप्रिया पटेल ने बताया कि पिछले दस वर्षों में सरकार ने मेडिकल शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया है। इसका उद्देश्य यह है कि देश के अलग-अलग राज्यों में मेडिकल शिक्षा बराबरी से उपलब्ध हो सके। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय एक केंद्र प्रायोजित योजना चला रहा है, जिसके तहत उन जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, जहां पहले कोई सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज नहीं था। इस योजना के तहत अब तक देश के कुल 157 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा मौजूदा मेडिकल कॉलेजों को भी सुधार और विस्तार के लिए योजनाओं के तहत मजबूती दी जा रही है ताकि MBBS और PG सीटों की संख्या बढ़ाई जा सके।
मेडिकल शिक्षा में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और देशभर में पहुंच
इन योजनाओं के तहत अब तक देशभर के मेडिकल कॉलेजों में 4,977 नई MBBS सीटें और 8,058 पोस्टग्रेजुएट सीटें बढ़ाई जा चुकी हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के आंकड़ों के अनुसार, देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2013-14 में 387 थी, जो अब बढ़कर 818 हो गई है। MBBS सीटें 51,348 से बढ़कर 1,28,976 हो गई हैं, यानी 151.18 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं पोस्टग्रेजुएट सीटें 31,185 से बढ़कर 85,020 हो गई हैं, यानी इसमें 172.63 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से देश में मेडिकल शिक्षा तक पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है और इससे दूर-दराज़ के जिलों में भी युवा मेडिकल शिक्षा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।