Winter Session of Parliament: सर्द सत्र का बड़ा तूफान! संसद में आज गरजेगा विपक्ष सरकार भी पूरी तरह अलर्ट माहौल में बढ़ी हलचल

Satyakhabarindia

Winter Session of Parliament: संसद का सर्द सत्र आज से शुरू हो रहा है। पहला दिन एक दिसंबर और आखिरी दिन उन्नीस दिसंबर रखा गया है। पूरे सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। हालत ऐसे बन रहे हैं कि विपक्ष टकराव की तरफ बढ़ सकता है। माना जा रहा है कि विपक्ष SIR को लेकर जोरदार हंगामा कर सकता है। हालांकि सरकार ने सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाकर माहौल शांत रखने की कोशिश की है। सभी दलों के नेताओं ने आश्वासन दिया है कि सत्र शांति से चलाया जाएगा।

सर्वदलीय बैठक में बड़ी मौजूदगी

सर्वदलीय बैठक में छत्तीस दलों के पचास नेता शामिल हुए। सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मौजूद रहे। विपक्ष की ओर से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी और कोडिकुन्निल सुरेश टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन सपा के रामगोपाल यादव डीएमके के तिरुची शिवा और अन्य नेता शामिल हुए। बैठक के बाद लोकसभा और राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटियों की बैठक भी हुई जिसमें विपक्ष ने चुनाव सुधारों पर व्यापक चर्चा की मांग रखी। सरकार ने कहा कि वह जल्द इस पर अपना पक्ष बताएगी।

'सतलुज' फिल्म पर पंजाब में सियासत तेज, अकाली दल ने पूरे राज्य में दिखाने का किया ऐलान
‘सतलुज’ फिल्म पर पंजाब में सियासत तेज, अकाली दल ने पूरे राज्य में दिखाने का किया ऐलान

Winter Session of Parliament: सर्द सत्र का बड़ा तूफान! संसद में आज गरजेगा विपक्ष सरकार भी पूरी तरह अलर्ट माहौल में बढ़ी हलचल

सत्र में टकराव की संभावना

सरकार का कहना है कि संसद को सुचारू रूप से चलना चाहिए। इसलिए वह विपक्ष के साथ बातचीत जारी रखेगी। बैठक के बाद किरेन रिजिजू ने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह सर्द सत्र है इसलिए सबको ठंडे दिमाग से काम लेना चाहिए। लेकिन विपक्ष SIR के मुद्दे पर आक्रामक दिखा और उसने दिल्ली धमाकों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की मांग की। इससे साफ है कि सत्र के दौरान कई बार गर्म माहौल देखने को मिल सकता है।

आज 9 जुलाई 2026 का पंचांग और राशिफल

मुद्दों की लंबी फेहरिस्त

विपक्ष ने हवा प्रदूषण विदेश नीति किसानों की स्थिति महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी जोरदार तरीके से उठाए हैं। इन विषयों पर चर्चा की मांग सीधी चुनौती की तरह है क्योंकि इन मुद्दों पर जनता भी ध्यान लगाए हुए है। ऐसे में सरकार को विपक्ष के सवालों का सामना मजबूती से करना होगा ताकि सत्र बिना रुकावट आगे बढ़ सके।

सत्र से उम्मीदें और चुनौतियां

सर्द सत्र हर साल महत्वपूर्ण होता है क्योंकि साल के अंतिम महीनों में कई नीतिगत फैसले लिए जाते हैं। सरकार चाहती है कि विकास से जुड़े विधेयकों पर चर्चा हो और उन्हें पारित किया जाए। विपक्ष चाहता है कि जनता से जुड़े मुद्दों पर ठोस जवाब मिले। इसलिए इस सत्र से उम्मीदें भी बड़ी हैं और चुनौतियां भी। अब देखना यह है कि संसद में सर्दी बनी रहती है या फिर गरमागरमी बढ़ती है।

प्रधानमंत्री के 17 जुलाई के प्रस्तावित जींद दौरे को लेकर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top