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  • फसल अवशेषों को जलाने और आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

    फसल अवशेषों को जलाने और आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

    डीसी ने कहा कि जिला रेवाड़ी में सर्वोच्च न्यायालय, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की पूरी तरह से पालना सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन सजग एवं सतर्क है। उन्होंने कहा कि खरीफ फसल की कटाई के बाद खेत में फसलों के बचे हुए अवशेष जिसे पराली कहा जाता है।

    इसे नष्ट करने के बाद ही किसान खेत में अगली फसल की तैयार करना शुरू करते हैं। पराली को नष्ट करने के लिए ज्यादातर किसान इन्हें जलाने की फिराक में रहते हैं। सरकार ने पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ सख्त आदेश जारी किए हैं। यदि कोई भी किसान पराली जलाते पाया जाता है, तो उसके ऊपर भारी जुर्माने का प्रावधान है।

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि  वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) व एनजीटी के साथ-साथ जिला प्रशासन फसल अवशेष जलाकर पर्यावरण प्रदूषण करने वालों से सख्ती से निपटेगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे हुए उनके चालान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पराली जलाने को लेकर सरकार किसानों को जागरूक भी कर रही है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये  कि कोई भी व्यक्ति फसल अवशेष न जलाएं इसके लिए विशेष निगरानी रखें ,तथा इसकी नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें।

  • सराहनीय पहल : अब मूक और बधिर भी दर्ज करा सकेंगे डायल 112 पर शिकायत, सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ 24 घंटे रहेंगे उपलब्ध

    सराहनीय पहल : अब मूक और बधिर भी दर्ज करा सकेंगे डायल 112 पर शिकायत, सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ 24 घंटे रहेंगे उपलब्ध

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र, पंचकूला में वीडियो कॉल और मैसेजिंग ऐप सुविधा से लैस मूक-बधिर लोगों के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। संकट के समय पर मूक और बधिर व्यक्ति या तो खुद डायल 112 पर संपर्क साध सकता है या फिर संबंधित क्षेत्र की पुलिस की मदद से अपनी बात कह सकता है।

    उन्होंने बताया कि डायल 112 की यह अनूठी पहल है और इससे सुनने और बोलने में असमर्थ भी अपनी बात यहां रख सकते हैं। सरकार द्वारा की गई इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। टीम का प्रयास है कि ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई हो और पीड़ितों को न्याय मिल सके।

  • रेवाड़ी को कल मिलेगी 97.84 करोड़ रूपए की विकास परियोजनाओं की सौगात,मुख्यमंत्री करनाल से वर्चुअल माध्यम से करेंगे उद्घाटन व शिलान्यास

    रेवाड़ी को कल मिलेगी 97.84 करोड़ रूपए की विकास परियोजनाओं की सौगात,मुख्यमंत्री करनाल से वर्चुअल माध्यम से करेंगे उद्घाटन व शिलान्यास

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार, 4 सितंबर को करनाल से वर्चुअल माध्यम से प्रदेश भर में करोड़ों रुपए की विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। इसी श्रृंखला में मुख्यमंत्री मनोहर लाल रेवाड़ी जिला की 97 करोड़ 84 लाख 36 हजार रुपए की लागत की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। सीएम रेवाड़ी जिला की करीब 69.88 करोड़ रुपए की लागत से तीन योजनाओं का उद्घाटन व करीब 27.95 करोड़ रुपए की लागत से पांच परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के वर्चुअल कार्यक्रम को लेकर रेवाड़ी जिला मुख्यालय पर तैयारियां को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के करनाल के ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाले कार्यक्रम का लघु सचिवालय के सभागार में लाइव टेलीकास्ट होगा जिसमें हरियाणा सरकार में सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे तथा कोसली के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे।

    मुख्यमंत्री इन तीन योजनाओं का करेंगे उद्घाटन :

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल रेवाड़ी में राव बिरेंद्र सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलॉजी कॉलेज, जैनाबाद में 331.16 लाख रुपए की लागत से निर्मित वर्कशॉप, रघुनाथपुरा में 6602.40 लाख रुपए की लागत से नहर पर आधारित वाटर सप्लाई स्कीम जिसके तहत 25 गांवों व 3 ढाणी में पेयजल आपूर्ति होगी तथा उपमंडल कोसली के गांव भाकली में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से 55 लाख रुपए की लागत से निर्मित भूमि एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन करेंगे।

    इन पांच परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला :

    डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री गांव बोहतवास अहीर में 680 लाख रुपए की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण कार्य, गांव जखाला में 492.82 लाख रुपए, गांव लिलौढ़ में 591.36 लाख रुपए, सेक्टर-18 रेवाड़ी में 470.82 लाख रुपए व गांव भांड़ौर में 560.80 लाख रुपए की लागत से डीएचबीवीएन के 33 केवी सब स्टेशन के निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे।

  • पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग (ए) के आरक्षण से संबंधित जारी अध्यादेश,पढ़े विस्तार से

    पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग (ए) के आरक्षण से संबंधित जारी अध्यादेश,पढ़े विस्तार से

    वीसी में जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं डीसी अशोक कुमार गर्ग व अन्य संबंधित अधिकारियों ने अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल मलिक व मुख्यमंत्री हरियाणा के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर द्वारा दिए गए निर्देशों का ध्यानपूर्वक सुनते हुए उनकी अनुपालना करने का आश्वासन दिलाया।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल मलिक ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा पंचायती राज चुनाव में पिछड़ा वर्ग (ए) को आरक्षण संबंधित अध्यादेश पारित कर दिया गया तथा सभी जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को इस अध्यादेश को अच्छी तरह से ध्यानपूर्वक पढ़ना व समझना चाहिए ताकि पंचायत चुनाव के समय किसी प्रकार की कोई दिक्कत व परेशानी न आए। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान सरकार की ओर से जारी किए गए पिछड़ा वर्ग (ए) आरक्षण अध्यादेश के नियमों व गाइडलाइन की पूरी तरह से पालना सुनिश्चित की जाए।

    एक सप्ताह के अंदर-अंदर सुनिश्चित करें एससी वार्ड का आरक्षण : प्रधान सचिव

    प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने कहा कि खंड में कुल पंचायतों के 8 प्रतिशत के अनुसार बीसी-ए के सरपंच के लिए आरक्षण निर्धारित किया जाना है, जो ड्रा के माध्यम से निर्धारित होंगे। उन्होंने कहा कि जहां अभी तक अनुसूचित जाति से संबंधित वार्ड का आरक्षण नहीं किया गया है वहां एक सप्ताह के अंदर-अंदर जरूरी कार्यवाही करते हुए एससी वार्ड का आरक्षण करना सुनिश्चित करें ताकि बीसी-ए से संबंधित आरक्षण का कार्य समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार व हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव करवाने के लिए कृतसंकल्प है।

    फसल गिरदावरी का कार्य 15 सितंबर तक करें पूरा : वी. उमाशंकर

    प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने वीसी के दौरान उपायुक्तों को निर्देश दिए कि फसल खरीद प्रक्रिया के अंतर्गत किसी प्रकार की कोई परेशानी न आए इसलिए इससे संबंधित फसल गिरदावरी के कार्य को 15 सितंबर तक हर हाल में पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला में जो भी शिकायतें लंबित हैं उनका भी जल्द से जल्द समाधान करें। उन्होंने स्वामित्व योजना, प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित जो भी कार्य लंबित हैं उन्हें पूरा कराने के निर्देश भी दिए।

    रेवाड़ी में पिछड़ा वर्ग (ए) आरक्षण अध्यादेश के नियमों व गाइडलाइन की पालना की जाएगी सुनिश्चित  : जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत)

    जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं डीसी अशोक कुमार गर्ग ने वीसी में हरियाणा सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल मलिक व मुख्यमंत्री हरियाणा के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर को पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव बारे जिला प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों बारे जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान रेवाड़ी जिला में सरकार की ओर से जारी किए गए पिछड़ा वर्ग (ए) आरक्षण अध्यादेश के नियमों व गाइडलाइन की पूरी तरह से पालना सुनिश्चित की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से एससी वार्ड के आरक्षण से संबंधित लंबित कार्य को शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।  उन्होंने बताया कि रेवाड़ी जिला में 18 जिला परिषद सदस्यों, 143 पंचायत समिति सदस्यों, 365 सरपंचों व 3133 पंचों के चुनाव होने हैं, जिसके लिए जिले में 628 बूथ बनाए जाएंगे। इन बूथों पर 2 लाख 92 हजार 760 पुरुष व 2 लाख 66 हजार 960 महिला व एक अदर मतदाता हैं।

  • प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र के दायरे में पांच घरों में विकसित की जाएंगी पोषण वाटिका

    प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र के दायरे में पांच घरों में विकसित की जाएंगी पोषण वाटिका

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि महिलाओं व बच्चों के पोषण में बढ़ोतरी को लेकर देशभर में चलाए जा रहे पोषण अभियान में रेवाड़ी जिला अपने दायित्व व कर्तव्यों का निर्वहन बेहतर ढंग से करते हुए महती भूमिका निभाएगा। आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सितंबर माह के दौरान जिला, तहसील और आंगनवाड़ी केंद्रों पर 5वें राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जाएगा, जिसका गुरुवार से जिलाभर में आगाज हो चुका है।

    आंगनवाड़ी केंद्र के दायरे में पांच घरों में पोषण वाटिका की जाएगी विकसित

    डीसी गर्ग ने कहा कि इस बार प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र के दायरे में पांच घरों में पोषण वाटिका भी विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बीते सालों में महिलाओं और बच्चों में कुपोषण के स्तर को कम करने के लिए गंभीरता से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय पोषण मिशन के माध्यम से महिला और बच्चों में पोषण स्तर बेहतर करने का संकल्प लिया गया, जिसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे और महिलाओं व बच्चों में सुपोषण देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हम सबकी जिम्मेवारी बनती है कि इस कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर आयोजित करें। उन्होंने कहा कि जिला में सितंबर माह के पहले दिन से ही पोषण माह का आयोजन शुरू कर दिया गया है।

    डीसी ने कहा कि इस बार प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र के दायरे में पांच घरों में पोषण वाटिका स्थापित करने का संकल्प लिया गया है। पोषण वाटिका में हरी सब्जियों व फलों के पौधे लगाए जाएंगे। एक सितंबर को जिला स्तर पर पोषण एंथम, पोषण शपथ का आयोजन होगा।उन्होंने कहा कि कि खेलो और पढो अभियान के तहत स्तनपान व अतिरिक्त पोषक तत्वों की जागरूकता, स्वस्थ माता-स्वस्थ बालक अभियान के तहत गोष्ठी का आयोजन, महिलाओं में निजी स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान, पोषण के पांच सूत्र के तहत हरा भरा हरियाणा अभियान चलाया जाएगा, जिसमें आंगनवाड़ी केंद्र, विद्यालय और सरकारी भवनों में पोषण वाटिका स्थापित की जाएगी। पोषण माह के दौरान आंगनवाडी केंद्रों पर प्रभात फेरी भी निकाली जाएंगी, इसमें जल संरक्षण, मां की रसोई, विस्थापितों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर, नवजात बच्चों व दूध पिलाने वाली माताओं को पोषण स्तर बढ़ाने के लिए जागरूक किया जाएगा।

    महिला एवं बाल विकास विभाग

    महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी उर्मिल सिवाच ने पोषण माह से जुड़ी गतिविधियों को लेकर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पोषण माह के तहत आंगनवाडी केंद्रों पर महिला गोष्ठियों, नुक्कड नाटकों के माध्यम से बच्चों की विकास वृद्धि की निगरानी, खान-पान की अच्छी आदत व डाइट पर जागरूकता अभियान, लिंग भेद की खाई को पाटने, कुपोषित बच्चों को चिन्हित करते हुए स्वास्थ्य जांच शिविर, एनीमिया को खत्म करने के लिए आयुष विभाग के माध्यम से शिविरों का आयोजन और पोषण मेलों के माध्यम से स्थानीय पोषक खाने के प्रति जागरूकता लाने के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

  • फार्म नंबर 6-बी भरकर वोटर कार्ड को आधार कार्ड से कराएं लिंक, पढ़े डिटेल

    फार्म नंबर 6-बी भरकर वोटर कार्ड को आधार कार्ड से कराएं लिंक, पढ़े डिटेल

    जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची को स्वच्छ, त्रुटिरहित व प्रमाणिकृत बनाने के लिए पहचान पत्र को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इससे कोई भी व्यक्ति अपना वोट दो जगह नहीं बनवा सकेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    डीसी अशोक कुमार गर्ग मंगलवार को मतदाता पहचान पत्र को आधार कार्ड से लिंक करने से संबंधित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों व एनजीओ के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने कार्यकर्ताओं के मतदाता पहचान पत्र आधार कार्ड से लिंक करवाएं तथा बीएलओ द्वारा किए जा रहे सर्वे में सहयोग करें।

    उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे अपने-अपने मतदाता पहचान पत्र को आधार से लिंक कराकर वेरीफाई कराएं। उन्होंने कहा कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 72-बावल में कुल 217952, 73-कोसली में कुल 240601 तथा 74-रेवाड़ी में कुल 241803 मतदाता हैं।

    फार्म नंबर 6-बी के माध्यम से कराएं लिंक :

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वोटर आर्डडी आधार नंबर से लिंक कराने के लिए फार्म नंबर 6-बी भरकर संबंधित अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाताओं द्वारा आधार उपलब्ध कराना स्वैच्छिक है। मतदाता आनलाइन माध्यम से भी अपना आधार नंबर फार्म 6-बी में भर सकते हैं।

    उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने के लिए फार्म नंबर 6, मतदाता सूची में शामिल नाम को डिलीट कराने के लिए फार्म नंबर 7 तथा नाम में संशोधन, निवास परिवर्तन आदि के लिए फार्म नंबर 8 भरा जाता है। उन्होंने बताया कि मतदाता अपने पहचान पत्र को वोटर हेल्प लाइन एप व गरूड एप के माध्यम से भी आधार कार्ड से लिंक कर सकते हैं।

    निर्वाचन आयोग ने अब दिए वोटर आईडी बनवाने के चार अवसर : डीसी

    जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि अब देश के नागरिकों को मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी कार्ड) बनवाने के लिए साल में एक नहीं चार अवसर मिलेंगे। आम नागरिक साल में एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई या एक अक्तूबर को 18 साल की आयु पूरी करने पर मतदाता के तौर पर पंजीकरण करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

    उन्होंने कहा कि 18 वर्ष के युवाओं को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अब एक जनवरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए वर्ष में चार मौके प्रदान किए जा रहे हैं।

    डीसी ने कहा कि अब तक एक जनवरी को 18 साल की आयु पूरी करने पर ही कोई नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का आवेदन कर सकता था। उन्होंने बताया कि एक जनवरी के बाद 18 वर्ष की आयु पूरी करने वालों को पूरे एक साल तक इंतजार करना पड़ता था। अब मतदाता सूची के रिवीजन फोटो इलेक्टोरल रोल में अपडेशन के लिए भी नए अपडेट फॉर्म का उपयोग किया जाएगा।

  • अब जरूरतमंदों को ऑनलाइन मिलेगी सीएम रिलीफ फंड की अनुदान राशि

    अब जरूरतमंदों को ऑनलाइन मिलेगी सीएम रिलीफ फंड की अनुदान राशि

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि आजादी अमृत महोत्सव की श्रृंखला में केंद्र व प्रदेश सरकार अंत्योदय की भावना के साथ काम करते हुए जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए उल्लेखनीय कदम बढ़ा रही हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जन कल्याणकारी निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली सहायता को अब ऑनलाइन कर दिया है। अब जरूरतमंद व्यक्ति मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत अनुदान के लिए ऑनलाइन स्वीकृति प्राप्त कर सकेंगे।

    डीसी ने तहसीलदार व नायब तहसील को निर्देश दिए कि वे ऑनलाइन पोर्टल को लगातार चैक करते रहें और मुख्यमंत्री राहत कोष से संबंधित प्राप्त होने वाले आवेदनों पर अविलंब कार्यवाही करते हुए उनको जल्द से जल्द वेरीफाई करना सुनिश्चित करें ताकि आवेदनकर्ता को सीएम रिलीफ फंड के तहत निर्धारित समय अवधि में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष योजना का लाभ उठाने के लिए अब गरीब नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं व अन्य सहायता के लिए बिलों की स्वीकृति जिला स्तर पर डीसी के माध्यम से ही ऑनलाइन मिलेगी, जिससे उनके धन एवं समय की बचत होगी। उन्होंने कहा कि योजना के ऑनलाइन होने से जरूरतमंद व्यक्ति जरूरी दस्तावेज के साथ नजदीकी सीएससी या अंत्योदय सरल केंद्रों पर आवेदन कर सकते हैं।

    अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से मिल रहा है विभिन्न योजनाओं का लाभ :

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों को समयबद्ध तरीके से मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति तक मुख्यमंत्री राहत कोष योजना का जल्द एवं समयबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाने के लिए इसे अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद यह फार्म संबंधित जनप्रतिनिधि व डीसी के पास पहुंचेगा। इसके बाद यह आवेदन आनलाइन मोड में ही तहसीलदार व सिविल सर्जन से वेरिफिकेशन के बाद कमेटी के पास अंतिम निर्णय के लिए जाएगा और सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आवेदनकर्ता को राशि जारी कर दी जाएगी।

    अब मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं भेजने पड़ेंगे बिल : डीसी

    डीसी ने बताया कि पोर्टल पर पंजीकरण उपरांत ही आवेदन कर्ता को योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो बिल पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में भेजे जाते थे अब इन बिलों को जिला स्तर पर डीसी द्वारा ही स्वीकृति प्रदान की जाएगी। डीसी ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के ऐसे जरूरतमंद गरीब व्यक्ति जो गंभीर बीमारी से ग्रस्त है और वह अपनी बीमारी के इलाज का खर्च वहन नहीं कर सकते। ऐसे लोगों को पंजीकरण करवाते हुए उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से सहयोग किया जाए। उन्होंने सिविल सर्जन व सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे जरूरतमंद को शीघ्र लाभ मिले इसके लिए आवेदन ऑनलाइन करवाएं और शीघ्र ही जांच-पड़ताल करके आवेदनों को अंतिम रूप दें।

    सीएम रिलीफ फंड में लगभग दो दर्जन बीमारियों को किया गया शामिल :

    डीसी ने सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत सरकार द्वारा 25 बीमारियों को भी शामिल किया गया है, जो आयुष्मान योजना के अन्तर्गत नहीं आती हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष के अन्तर्गत लाभार्थियों को इन बीमारियों का भी लाभ प्रदान किया जाएगा जो आयुष्मान भारत योजना में कवर नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि सरकार जनसेवा को समर्पित होकर योजनाओं को लागू कर रही हैं और प्रशासन इसे प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर रहा है।

     

     

  • ई-श्रम योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाकर उठाएं योजना का लाभ

    ई-श्रम योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाकर उठाएं योजना का लाभ

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत पंजीकृत व्यक्ति का दो लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा मुफ्त होगा और स्थाई अंग-भंग होने पर उसे एक लाख रुपए तक की सहायता राशि प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस योजना में 16 से 59 वर्ष की आयु वर्ग के इनकम टैक्स नही भरने वाले और जिन्हे इपीएफओ एवं ईएसआईसी का लाभ नहीं मिल रहा है, ऐसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, कामगार तथा छोटे व मध्यम किसान आदि ही अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं और योजना का लाभ उठा सकते है।

    नही लगेगी कोई फीस

    डीसी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति को नजदीकी सीएससी सैंटर पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पोर्टल ईएसएचआरएएम.जीओवी.इन पर स्वयं भी  अपना व अपने परिवार के सदस्यों का रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फीस नहीं ली जाती है। ई-श्रम योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिकों की श्रेणी में छोटे और मध्यम किसान, खेतों में काम करने वाले मजदूर, मनरेगा योजना के श्रमिक, पशुपालन श्रमिक, सब्जी और फल रेहड़ी लगाने वाले, घरेलू कार्य करने वाले व्यक्ति, आशा वर्कर, रिक्शा या ऑटो रिक्शा ड्राइवर, लकड़ी का काम करने वाले, दूध विक्रेता, प्रवासी श्रमिक, ईंट या पत्थर का काम करने वाले व्यक्ति, भवन व अन्य निर्माण कार्य में लगे श्रमिक आदि आते हैं।

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि रजिस्ट्रेशन करवाने वाले व्यक्तियों को ई-श्रम कार्ड मिलेगा, जिससे अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी उन्हें मदद मिलेगी। ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का एकीकरण किया जाएगा और यह पोर्टल श्रमिकों को उनके कौशल के अनुसार रोजगार प्राप्त करने में सहायक होगा।

  • महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए मिल रहा 3 लाख रुपए का ऋण

    महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए मिल रहा 3 लाख रुपए का ऋण

    महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता से लेकर स्वरोजगार स्थापित करने में सहायता प्रदान की जाती है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार द्वारा आजादी अमृत महोत्सव की श्रृंखला में ऐसी ही एक योजना है हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना का लाभ महिलाओं को केवल तभी प्रदान किया जाएगा जब उनकी पारिवारिक आय 5 लाख या फिर इससे कम हो। यह योजना महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में की दिशा में बेहद कारगर सिद्ध होगी तथा योजना के माध्यम से महिलाओं के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।

    हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना का उद्देश्य

    डीसी ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध करवाना है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को 3 लाख तक का ऋण 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जाएगा। इस ऋण के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगी एवं दूसरे नागरिकों को भी रोजगार प्रदान कर सकेंगी। यह योजना देश की महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाएगी।

    हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना के लाभ तथा विशेषताएं :

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना महिलाओं के जीवन में नया बदलाव लेकर आएगी। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को अपना स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत स्वरोजगार स्थापित करने के लिए महिलाओं को ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा, योजना के तहत परिवार पहचान पत्र के माध्यम से महिलाओं को ₹300000 तक की लागत का उद्यम स्थापित करने के लिए 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा। इस योजना का लाभ महिलाओं को केवल तभी प्रदान किया जाएगा जब उनकी वार्षिक पारिवारिक आय परिवार पहचान पत्र डाटा अनुसार ₹500000 या फिर इससे कम होगी।

    मातृशक्ति उद्यमिता योजना की पात्रता :

    महिला हरियाणा की स्थाई निवासी होनी चाहिए, उसकी आयु 18 वर्ष से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए, वह पूर्व के किसी ऋण मामले में डिफाल्टर नहीं होनी चाहिए, महिला की पारिवारिक आय ₹500000 या इससे कम होनी चाहिए, आवेदक महिला का नाम परिवार पहचान पत्र में दर्ज होना अनिवार्य है।

    योजना के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज :
    महिलाओं को योजना का लाभ लेने के लिए परिवार पहचान पत्र, फैमिली आईडी, ट्रेनिंग प्रमाण पत्र यदि हो तो, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आयु का प्रमाण, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि लगाने होंगे। इस बारे में अधिक जानकारी हरियाणा महिला विकास निगम लिमिटेड पंचकूला से प्राप्त की जा सकती है।