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  • विश्व आतंकवादी विरोधी दिवस पर डीसी सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली आतंकवाद मिटाने की शपथ

    विश्व आतंकवादी विरोधी दिवस पर डीसी सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली आतंकवाद मिटाने की शपथ

    डीसी अशोक कुमार गर्ग विश्व आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर आतंकवाद विरोधी दिवस की शपथ दिलाने से पहले अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम सभी आज यह प्रण व संकल्प लें कि हम न तो बेवजह किसी से दबेंगे और न ही किसी को दबाएंगे और इसकी शुरुआत हमें अपने घरों से करनी होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है।

     

    उन्होंने कहा कि देश का जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हम सभी को मानवता के लिए हर प्रकार के आतंकवाद का विरोध करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों व आमजन से अपील की कि यदि किसी को कहीं पर भी कोई आतंकी गतिविधि होती दिखाई दे तो वे इसकी सूचना तुरंत पुलिस व प्रशासन को दें, ताकि उस पर उसी वक्त रोक लगाई जा सके।

     

    विश्व आतंकवादी विरोधी दिवस के अवसर पर जिला सचिवालय परिसर में अधिकारियों, कर्मचारियों व आमजन को सभी प्रकार के आंतकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करने, मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शांति, सामाजिक सद्भाव तथा सूझबूझ कायम करने और मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुंचाने वाली और विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की शपथ दिलवाई।

  • डीसी अशोक कुमार गर्ग ने शुक्रवार को रेवाड़ी तहसील का किया औचक निरीक्षण

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने शुक्रवार को रेवाड़ी तहसील का किया औचक निरीक्षण

    डीसी अशोक कुमार गर्ग शुक्रवार को तहसील रेवाड़ी का औचक निरीक्षण करते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी जनता की सेवा के लिए हैं और आम पब्लिक के कार्य करने के लिए ही सरकार ने हमें यह दायित्व व जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी व कर्मचारी समयानुसार कार्यालय में आएं ताकि आमजन को अपने कार्य करवाने के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े।

     

    उन्होंने औचक निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार को तहसील परिसर में साफ-सफाई, आमजन के लिए बैठने व पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करवाने, सभी विंडो पर नंबर, कार्य से संबंधित फीस व क्या-क्या कार्य होते हैं बारे जानकारी लिखवाने के निर्देश दिए। उन्होंने नायब तहसीलदार को तहसील कार्यालय में टूट-फूट की मरम्मत करवाने के भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने तहसील कार्यालय के सभी प्राईवेट शौचालयों पर ताले लगवाने के निर्देश देते हुए पब्लिक टॉयलेट में प्रतिदिन नियमित तौर पर साफ-सफाई करवाने के निर्देश दिए।

    डीसी जब स्वयं बने कम्प्यूटर ऑपरेटर :

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने तहसील रेवाड़ी कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान वेब हैलरिस पोर्टल पर जमाबंदी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। डीसी ने स्वयं कम्प्यूटर ऑपरेटर की सीट पर बैठकर कम्प्यूटर स्क्रीन पर बारीकी से सम्पूर्ण जमाबंदी, इंतकाल व अन्य प्रक्रिया की जांच की और जानकारी ली। उन्होंने इस दौरान जमाबंदी प्रक्रिया को सिस्टमेटिक बनाने और रिकॉर्ड प्रोपर तरीके से मेंटेन करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्चा रजिस्टर की जांच करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी तहसील कार्यालय में कार्य कराने के लिए आने वाले नागरिकों को सरकार की ओर से निर्धारित समय-सीमा में बेहतरीन सेवाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि सरकार पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक त्वरित समय में सेवाएं पहुंचाने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने टोकन काउंटर सहित अन्य काउंटर पर जाकर कर्मचारियों से उनके कार्य के बारे में जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए।

     

    आमजन के लिए की जाए पेयजल व बैठने की समुचित व्यवस्था :

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने औचक निरीक्षण के दौरान वाटर कूलर व पेयजल की टूंटी का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्वयं टूंटी चलाकर वाटर कूलर में पानी होने की जांच की। उन्होंने निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार को वाटर कूलर की साफ-सफाई करवाने, आरओ सिस्टम ठीक करवाने व आमजन को पीने के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने आमजन की शिकायतें सुनते हुए मौके पर ही संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों को समस्याओं का निराकरण कराने के निर्देश दिए।

  • पद्म पुरस्कारों के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन ही होंगे स्वीकार

    पद्म पुरस्कारों के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन ही होंगे स्वीकार

    पूर्ण रूप से भरे हुए नामांकन ई-मेल आईडी politicalbranch-cse@hry.gov.in व devinder.kapil-hry@.hry.gov.in पर भिजवाए जा सकते हैं। डीसी अशोक कुमार गर्ग ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/अनुशंसाएं केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल

    https://awards.gov.in पर केवल ऑनलाइन ही प्राप्त की जाएंगी। पद्म पुरस्कार (पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री) देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। उन्होंने बताया कि साल 1954 में शुरू किए गए इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इन पुरस्कारों के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के विशिष्ट कार्य या योगदान को सराहा जाता है।

     

     

    ये पुरस्कार सभी क्षेत्रों/विषयों जैसे कि कला, साहित्य व शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान व इंजीनियरिंग, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग, इत्यादि में विशिष्ट व असाधारण उपलब्धियों/सेवा के लिए दिए जाते हैं। जाति, पेशा, पद या महिला-पुरुष के आधार पर भेदभाव किए बिना ही सभी व्यक्ति ये पुरस्कार पाने के पात्र हैं। डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को छोड़ सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत लोगों सहित समस्त सरकारी कर्मचारी पद्म पुरस्कार पाने के पात्र नहीं हैं।

    डीसी ने बताया कि गृह मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों, भारत रत्न और पद्म विभूषण पुरस्कार विजेताओं, उत्कृष्टता संस्थानों से उन प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने के लिए ठोस प्रयास करने का अनुरोध किया है, जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांगजनों के बीच सराहे जाने के योग्य हैं और जो नि:स्वार्थ भाव से समाज की सेवा कर रहे हैं।

     

    800 शब्दों में भेजना है विवरण नामांकन/अनुशंसा में वे सभी संबंधित विवरण शामिल होने चाहिए जो उपर्युक्त पद्म पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट किए गए हैं, जिसमें एक विवरणात्मक या अनुशंसित उद्धरण (अधिकतम 800 शब्द) भी शामिल होना चाहिए। इसके साथ ही अनुशंसित व्यक्ति द्वारा अपने संबंधित क्षेत्र/विषय में हासिल की गई विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए। इस संबंध में विस्तृत विवरण गृह मंत्रालय की वेबसाइट

    https://mha.gov.in पर और पद्म पुरस्कार पोर्टल https://padmaawards.gov.in पर पुरस्कार और पदक शीर्षक के तहत उपलब्ध है।

  • डीसी ने सरल केंद्र की व्यवस्थाओं और सचिवालय परिसर में बने पब्लिक टॉयलेट का किया निरीक्षण

    डीसी ने सरल केंद्र की व्यवस्थाओं और सचिवालय परिसर में बने पब्लिक टॉयलेट का किया निरीक्षण

    डीसी अशोक कुमार गर्ग गुरूवार को सरल केंद्र के औचक निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आमजन को बेहतर सेवाएं समयबद्ध तरीके से प्रभावी रूप से मुहैया हों इसके लिए कर्मचारी पूरी निष्ठा व ईमानदारी से कार्य करें। उन्होंने टोकन काउंटर सहित अन्य काउंटर पर जाकर कर्मचारियों से उनके कार्य के बारे में जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए।

     

    आमजन के लिए की जाए पेयजल की व्यवस्था :

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने सीटीएम को सरल केंद्र में आमजन के लिए जो भी सूचनाएं लिखी हुई है उनका सरलीकरण करते हुए हिंदी भाषा में कम शब्दों में पुन: लिखवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सीटीएम को कर्मचारियों द्वारा क्या-क्या कार्य किए जाते हैं उससे संबंधित बैनर लगवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सरल केंद्र में उपस्थित नागरिकों से बातचीत करते हुए उनसे पूछा कि आप किस कार्य के लिए यहां आए हैं क्या वह हुआ है या नहीं। इस पर उपस्थित युवाओं ने बताया कि उनका कार्य ठीक से हो रहा है। उन्होंने सरल केंद्र के बाहर आमजन के लिए बैठने के स्थान के नजदीक वाटर कूलर लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सरल केंद्र में बनाए गए कोविड-19 कंट्रोल को बंद करवाने तथा यहां पर नियुक्त कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में भेजने के निर्देश दिए।

    इसके पहले डीसी अशोक कुमार ने सचिवालय परिसर में स्थापित पब्लिक शौचालयों का निरीक्षण करते हुए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शौचालयों में सफाई का विशेष तौर पर ध्यान दिया जाए और उनकी नियमित तौर पर साफ-सफाई की जाए। उन्होंने कहा कि शौचालयों में पानी व लाईट आदि की पर्याप्त व्यवस्था हो ताकि आमजन को परेशानी न आए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला सचिवालय में स्थित सभी विभागों के कार्यालयों/ब्रांचों पर विभाग का नाम व कमरा नंबर लिखवाना सुनिश्चित करें ताकि आने वाले लोगों को विभाग के बारे में आसानी से पता चल सके। उन्होंने जिला खजाना अधिकारी को निर्देश दिए कि वे खजाना कार्य में आने वाले लोगों व कर्मचारियों की सुविधाओं के लिए विंडो पर होने वाले कार्य से संबंधित जानकारी व विंडो नंबर लिखवाने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था करवाने के निर्देश भी जिला खजाना अधिकारी को दिए।

  • सूक्ष्म, लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार दे रही पांच लाख की राशि,देखे क्या है योजना

    सूक्ष्म, लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार दे रही पांच लाख की राशि,देखे क्या है योजना

    आजादी अमृत महोत्सव के तहत सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्योग हरियाणा द्वारा 2016-17, 2017-18, 2018-19, 2019-2020, 2020-21 वित्तीय वर्षों के लिए राज्य पुरस्कार हेतु आवेदन मांगे गए है जिसकी अंतिम तिथि 27 मई 2022 है।
     

    डीसी अशोक कुमार गर्ग ने यह जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत विभिन्न श्रेणीयों में पांच लाख की राशि के राज्य पुरस्कार दिए जा रहे हैं, जिनके लिए कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, ऑटों मोबाईल, ऑटों पार्टस, कपड़ा उद्योग, फार्मा उद्योग, आई0 टी0, फुटवियर एवं रक्षा आदि श्रेणीयों में काम करने वाले उद्यम योग्य होगें।

     

    इच्छुक उद्यम विभाग के वेब पोर्टल    https://haryanaindustries.gov.in  पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कोई भी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए जिला एमएसएमई केन्द्र रेवाड़ी से संपर्क कर सकते हैं।