आज सुबह से इस बात की चर्चा है कि क्या प्रदेश के परिवहन, श्रम एवं ऊर्जा मंत्री Anil Vij ने हरियाणा मंत्रीमंडल से इस्तीफा दे दिया है? असल में इस चर्चा के पीछे कारण है कि अनिल विज ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर उनके नाम के आगे से ‘मिनिस्टर’ शब्द हटाया गया है। अब मिनिस्टर की जगह ‘अम्बाला कैंट’ ही लिखा है। इसे लेकर देर रात मंत्री से बातचीत का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। विज ने 12 सितंबर को इसी एक्स हैंडल पर लिखा था, ‘अम्बाला छावनी में कुछ लोग समानांतर भाजपा चला रहे हैं, जिनको ऊपर वालों का आशीर्वाद भी प्राप्त है। कमेंट बॉक्स में लिखें कि हम क्या करें? पार्टी का बहुत नुकसान हो रहा है।’ उनका यह बयान काफी चर्चा में रहा था।
बता दें कि Anil Vij अंबाला कैंट विधानसभा क्षेत्र से लंबे समय से विधायक रहे हैं और भाजपा के दिग्गज नेताओं में आते हैं। वह पिछली खट्टर सरकार में गृहमंत्री थे, लेकिन जब हरियाणा में नायब सिंह सैनी को नया मुख्यमंत्री बनाया गया तो वह नाराज हो गए। तब वह मंत्री पद की शपथ लेने भी नहीं गए थे। हालांकि, मीडिया के सामने विज पार्टी से नाराज ना होने की बातें लगातार कहते रहे हैं, लेकिन उनकी नाराजगी साफ नजर आ जाती है।
जानकारी के अनुसार, यह बदलाव बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे हुआ है। पहले विज ने X पर अपने नाम के साथ मिनिस्टर हरियाणा, इंडिया लिखा हुआ था। इस बदलाव की वजह फिलहाल सामने नहीं आई है, लेकिन इसके बाद से सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से विज की नाराजगी बढ़ी है। इसकी कई वजह हैं। ताजा वजह है भाजपा के पूर्व कोषाध्यक्ष आशीष तायल की सीएम नायब सैनी से मुलाकात। 11 सितंबर को आशीष तायल अंबाला कैंट के इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल को लेकर चंडीगढ़ में सीएम नायब सैनी से मिले थे। तायल ने मुलाकात के फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर किए थे। इसके बाद 12 सितंबर को ही अनिल विज ने अपने X अकाउंट पर अंबाला में समानांतर भाजपा चलाने वाली टिप्पणी की। तायल वही पूर्व भाजपाई हैं, जिनकी विज ने सीएम नायब सैनी के साथ फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर गद्दार का ठप्पा लगाया था।
इस ताजा विवाद पर आशीष तायल ने कहा था- मैं तो सिर्फ एक उद्योगपतियों के डेलीगेशन के साथ सीएम से मुलाकात करने चंडीगढ़ गया था। अंबाला छावनी के इंडस्ट्रियल एरिया में पानी की निकासी और आगे पानी न आए, इसे लेकर हमने सीएम को ज्ञापन दिया है। मुझे इस बारे में जानकारी नहीं कि विज की पोस्ट का इशारा किसकी ओर है।
सीएम और प्रदेशाध्यक्ष के खिलाफ टिप्पणी पर BJP ने शोकॉज नोटिस जारी किया था BJP ने सीएम नायब सैनी और BJP के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के खिलाफ बयानबाजी करने पर विज को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें 3 दिन में जवाब मांगा गया था। इसके बाद उन्होंने 8 पन्ने में अपना जवाब भेजा था। हालांकि, उसके बाद विज और बड़ौली, दोनों ने इस पूरे मामले को लेकर सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों की लिस्ट में नहीं था विज का नाम स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण कार्यक्रमों की सूची में भी विज का नाम शामिल नहीं किया गया था। उन्हें अंबाला में राज्यपाल के साथ लगाया गया था। जब यह मामला तूल पकड़ने लगा तो बाद में लिस्ट में संशोधन किया गया। सदन में जासूसी का आरोप लगाकर भी विज ने राजनीतिक हलचल मचा दी थी। विपक्ष ने इसे हवा देते हुए सरकार पर तीखे वार किए थे।


















