Tag: PM10

  • Bihar Assembly Elections: क्या बिहार में बिना विपक्ष के होंगे चुनाव? तेजस्वी यादव की धमकी से बदलेगा सियासी खेल?

    Bihar Assembly Elections: क्या बिहार में बिना विपक्ष के होंगे चुनाव? तेजस्वी यादव की धमकी से बदलेगा सियासी खेल?

    Bihar Assembly Elections नजदीक हैं और इसी बीच वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे इस रिवीजन पर विपक्षी दलों ने गंभीर आपत्ति जताई है। खासकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इसे धांधली करार देते हुए कड़ा विरोध जताया है। तेजस्वी का कहना है कि अगर ऐसी गड़बड़ियां चलती रहीं तो विपक्ष चुनाव का बहिष्कार कर सकता है। यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

    तेजस्वी यादव की धमकी से बढ़ी बेचैनी

    तेजस्वी यादव ने साफ तौर पर कहा है कि उनकी पार्टी और महागठबंधन चुनाव का बहिष्कार करने पर विचार कर सकते हैं। उनका आरोप है कि वोटर लिस्ट में जानबूझकर छेड़छाड़ की जा रही है ताकि सत्ता पक्ष को फायदा हो। उन्होंने यह भी इशारा किया कि विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर जल्द ही बैठक हो सकती है। इस धमकी से सत्तारूढ़ एनडीए खेमे में हलचल मच गई है और आम जनता भी असमंजस में है कि चुनाव सही तरीके से होंगे या नहीं।

    Bihar Assembly Elections: क्या बिहार में बिना विपक्ष के होंगे चुनाव? तेजस्वी यादव की धमकी से बदलेगा सियासी खेल?

     क्या होगा अगर विपक्ष चुनाव नहीं लड़े?

    अगर वाकई विपक्ष चुनाव का बहिष्कार करता है तो यह स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। बिहार जैसे बड़े राज्य में अगर सिर्फ एक गठबंधन मैदान में होता है तो लोकतंत्र की आत्मा को ठेस पहुंच सकती है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर और मिजोरम में चुनाव बहिष्कार के मामले देखे गए हैं लेकिन वहां भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव को अवैध नहीं माना था। ऐसे में एनडीए के लिए यह चुनाव बिना मुकाबले की जीत जैसा हो सकता है।

     तेजस्वी यादव की सियासी रणनीति

    तेजस्वी यादव इस समय विपक्ष की सबसे मजबूत आवाज बनकर उभरे हैं। उनके चुनाव बहिष्कार की चेतावनी को कई लोग एक सियासी दांव के रूप में भी देख रहे हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह दबाव बनाने की कोशिश है ताकि चुनाव आयोग और सत्तापक्ष पर नैतिक दबाव बने। वहीं कुछ लोग इसे उनके चुनावी भविष्य से जोड़कर देख रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि अगर तेजस्वी खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे तो मुख्यमंत्री बनने का सपना कैसे पूरा करेंगे।

    लोकतंत्र की परीक्षा या सियासी चाल?

    बिहार की राजनीति इस समय एक नए मोड़ पर है जहां चुनाव से पहले ही लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रियाएं सवालों के घेरे में हैं। एक तरफ तेजस्वी यादव जैसे नेता चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने की मांग कर रहे हैं तो दूसरी ओर एनडीए खेमे में इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दिखाई दे रही। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष चुनाव बहिष्कार की राह पर जाता है या रणनीतिक बदलाव करता है।

  • Haryana News: बधरा विधायक के व्यंग्य से सियासत गरमाई, श्रुति चौधरी पर अप्रत्यक्ष हमला

    Haryana News: बधरा विधायक के व्यंग्य से सियासत गरमाई, श्रुति चौधरी पर अप्रत्यक्ष हमला

    Haryana News: बधरा से विधायक ने झोझू कलां में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की जनसभा के दौरान मंच से जो कहा, उसने पूरे माहौल को हल्का बना दिया, लेकिन राजनीतिक हलकों में गर्मी पैदा कर दी। विधायक ने जल संकट की बात करते हुए कहा कि जब उन्होंने सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी को पानी की कमी की शिकायत की तो बहन जी ने कहा कि “भगवान से प्रार्थना करो”। इस पर विधायक ने मंच से व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि “भगवान ने मेरी सुन ली, अब बहन जी से कहो कि पानी को हाथ में रखें।” इस बात पर मौजूद जनता ने ठहाके लगाए और “विधायक ज़िंदाबाद” के नारे लगाने लगे।

    श्रुति चौधरी पर सीधा नहीं, लेकिन तीखा निशाना

    हालांकि विधायक ने सीधे-सीधे श्रुति चौधरी का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारों में यह व्यंग्य स्पष्ट रूप से सिंचाई मंत्री पर ही था। श्रुति चौधरी मंच पर मौजूद थीं, और यह टिप्पणी उनके सामने ही हुई। खास बात यह है कि विधानसभा चुनाव के दौरान श्रुति चौधरी की मां और राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने खुद बधरा विधायक के लिए प्रचार किया था। ऐसे में यह तंज एक नई राजनीतिक बहस को जन्म देने वाला बन गया।

    Haryana News: बधरा विधायक के व्यंग्य से सियासत गरमाई, श्रुति चौधरी पर अप्रत्यक्ष हमला

    पहले डिनर पार्टी, अब व्यंग्य… बढ़ती राजनीतिक दूरी?

    बधरा विधायक पहले ही केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की डिनर पार्टी में शामिल होकर विवादों में आ चुके हैं। उस समय से ही उनके बीजेपी में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में झोझू कलां की जनसभा में उन्होंने न तो अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया और न ही कोई सफाई दी। उल्टा श्रुति चौधरी पर व्यंग्य कर उन्होंने अपनी पार्टी के भीतर ही असहज स्थिति पैदा कर दी है।

    श्रुति चौधरी ने विकास योजनाओं का दिया ब्योरा

    श्रुति चौधरी ने इस अवसर पर जनता का धन्यवाद किया और बधरा क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माकड़ानी गांव में ₹32 करोड़ की लागत से झील बनेगी, जिससे आसपास के कई गांवों को लाभ होगा। इसके अलावा ₹40 करोड़ की लागत से बधवाना माइनर का पुनर्निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि अब तक चर्खी दादरी जिले में सिंचाई विभाग द्वारा ₹125 करोड़ के प्रोजेक्ट स्वीकृत किए जा चुके हैं।

    धरमबीर सिंह ने सीएम से की विकास कार्यों की मांग

    इस मौके पर सांसद धरमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि दादरी जिले की दोनों सीटों पर बीजेपी की जीत ने सीएम की साख को और ऊँचा किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जिले के सभी 10-12 स्टेडियमों में ट्रैक निर्माण की मांग की ताकि युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बधरा क्षेत्र की वीरता और किसान भावना की भी सराहना की।

  • Aditya Devi Lal: लडक़ी से छेड़छाड़ में अंडर ट्रायल चल रहे विकास बराला को BJP ने लॉ ऑफिसर किया नियुक्त

    Aditya Devi Lal: लडक़ी से छेड़छाड़ में अंडर ट्रायल चल रहे विकास बराला को BJP ने लॉ ऑफिसर किया नियुक्त

    चंडीगढ़। इनेलो विधायक Aditya Devi Lal ने कहा है कि जो भाजपा प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए बिना खर्ची-बिना पर्ची और मेरिट पर नौकरी देने के झूठे दावे करके अपना बखान करती है। उन दावों की लगातार पोल खुल रही है। भाजपा की बेशर्मी का आलम यह है कि पोल खुलने के बाद भी जनता से झूठ बोलने से बाज नहीं आ रही।

    अदित्य ने भाजपा द्वारा एडवोकेट जनरल ऑफिस में नियुक्त किए गए 92 लॉ ऑफिसर पर सवलिया निशान उठाते हुए कहा कि एक तो विकास बराला जिसके उपर लडक़ी के साथ छेड़ छाड़ का मुकदमा चल रहा है, दूसरा आधे से ज्यादा बाहर के प्रदेशों के लोगों को लगाया गया है और तीसरा लगभग 35 ऐसे लोगों को नियुक्ति दी है जो भाजपा नेताओं के रिश्तेदार हैं। प्रदेश के लगभग ढाई हजार लोगों ने आवेदन किया था।

    Aditya Devi Lal: लडक़ी से छेड़छाड़ में अंडर ट्रायल चल रहे विकास बराला को BJP ने लॉ ऑफिसर किया नियुक्त

    उन सभी को रिजेक्ट करके भाजपा सरकार को सिर्फ अंडर ट्रॉयल विकास बराला, भाजपा नेताओं के रिश्तेदार और हरियाणा से बाहर के लोग ही योग्य मिले हैं? हरियाणा के बच्चे जो पीएचडी और एमएससी हैं और हर लिहाज से ए और बी कैटेगरी के अधिकारी लगने के योग्य हैं, भाजपा उन्हें सरकारी दफ्तरों में झाड़ू पोचा करने के लिए चपड़ासी लगा रही है। लॉ ऑफिसर की नियुक्ति के लिए क्या योग्यताएं और अनुभव रखे गए थे उन सभी मानदंडों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

    ताकि जिन लोगों ने लॉ ऑफिसर के लिए आवेदन किए थे उनको पता चल सके कि उनका चयन क्यों नहीं किया गया। जिन योग्य लोगों ने इस उम्मीद में आवेदन किया था कि लॉ ऑफिसर बन के वो हाईकोर्ट में प्रेक्टिस करेंगे, उनको बहुत मायुसी हाथ लगी है। हम मांग करते हैं कि इन सभी की नियुक्ति रद्द की जाए। और जिन्होंने आवेदन किए हैं उनमें से पारदर्शी तरीके से योग्य लोगों को लॉ ऑफिसर नियुक्त किए जाएं।

  • ऑपरेशन सिंदूर पर Donald Trump का दावा या सियासी चाल? कांग्रेस बोली- संसद में चाहिए सीधा जवाब

    ऑपरेशन सिंदूर पर Donald Trump का दावा या सियासी चाल? कांग्रेस बोली- संसद में चाहिए सीधा जवाब

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया बयान ने भारत की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के दौरान पांच फाइटर जेट गिराए गए थे और उन्होंने ही सीजफायर रुकवाया था। ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से बात की थी और तनाव को खत्म कराया। यह बयान सामने आते ही कांग्रेस ने इस पर सरकार से जवाब मांग लिया है।

    कांग्रेस के तीन तीखे सवाल

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने पूछा कि क्या ट्रम्प का यह दावा सच है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोका। दूसरा सवाल यह उठाया गया कि क्या ट्रम्प ने भारत को व्यापार संबंधी धमकी देकर संघर्ष खत्म करवाया। तीसरा और सबसे चौंकाने वाला सवाल था कि आखिर पांच फाइटर जेट किसके गिरे थे।

    ऑपरेशन सिंदूर पर Donald Trump का दावा या सियासी चाल? कांग्रेस बोली- संसद में चाहिए सीधा जवाब

    संसद में चाहिए पीएम का जवाब

    कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अब इस मुद्दे पर केवल रक्षा मंत्री या विदेश मंत्री की सफाई नहीं चलेगी। पार्टी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद संसद में आकर स्पष्ट करना होगा कि ट्रम्प के दावे में कितनी सच्चाई है। जयराम रमेश ने कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा यह गंभीर मुद्दा है और जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है।

    विदेश मंत्रालय का जवाब अभी बाकी

    सरकार की तरफ से अब तक ट्रम्प के इन दावों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। विदेश मंत्रालय या रक्षा मंत्रालय ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और विपक्ष सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है। लोगों में भी इस बयान को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

    क्या था ऑपरेशन सिंदूर का सच

    ट्रम्प के बयान का सीधा संबंध ऑपरेशन सिंदूर से जोड़ा जा रहा है। यह वही दौर था जब बालाकोट एयरस्ट्राइक और विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई जैसे मामले सामने आए थे। उस समय भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था। अब ट्रम्प के इस बयान ने उस दौर को फिर से चर्चा में ला दिया है।