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  • Haryana News: मानेसर में सियासी उलटफेर! राव नरवीर ने मारी बाजी, राव इंद्रजीत को करारा झटका

    Haryana News: मानेसर में सियासी उलटफेर! राव नरवीर ने मारी बाजी, राव इंद्रजीत को करारा झटका

    Haryana News: हरियाणा की राजनीति में मानेसर नगर निगम चुनाव ने हलचल मचा दी है। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के चुनाव में कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को जोरदार शिकस्त दी है। दोनों पदों पर निर्विरोध चुनाव कराकर भाजपा खेमा मजबूत स्थिति में दिखाई दिया, जबकि इंद्रजीत समर्थक पार्षदों और मेयर ने चुनाव का बहिष्कार किया।

     निर्विरोध चुने गए भाजपा समर्थक

    इस चुनाव में प्रवीण यादव (वार्ड 12) को सीनियर डिप्टी मेयर और रीमा चौहान (वार्ड 2) को डिप्टी मेयर बनाया गया। दोनों ही राव नरवीर खेमे से आते हैं और बिना विरोध के निर्वाचित हुए। यह रणनीति स्पष्ट तौर पर यह दिखाती है कि भाजपा ने इस बार पूरी तैयारी और एकजुटता के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया था।

    Haryana News: मानेसर में सियासी उलटफेर! राव नरवीर ने मारी बाजी, राव इंद्रजीत को करारा झटका

     राव इंद्रजीत का गिरता राजनीतिक प्रभाव

    इस चुनाव परिणाम को राव इंद्रजीत सिंह के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उन्होंने मानेसर के मेयर पद पर निर्दलीय जीतकर भाजपा को चुनौती दी थी, लेकिन अब उसी नगर निगम में उनके समर्थकों को किनारे कर दिया गया है। यह घटना भाजपा के अंदर चल रहे आंतरिक सत्ता संघर्ष को भी उजागर करती है।

    गुरुग्राम में अगला मुकाबला

    अब सभी की निगाहें अगले सप्ताह गुरुग्राम नगर निगम में होने वाले डिप्टी मेयर चुनाव पर टिकी हैं, जहां एक बार फिर दोनों राव आमने-सामने होंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर गुरुग्राम में भी राव इंद्रजीत को शिकस्त मिलती है, तो उनका भाजपा में प्रभाव और कमजोर हो सकता है।

    हरियाणा की अहीरवाल राजनीति में नया मोड़

    इस चुनावी घटना ने हरियाणा के अहीरवाल क्षेत्र की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। राव नरवीर ने इस जीत के जरिए अपने नेतृत्व को मजबूती दी है और यह साबित किया है कि भाजपा संगठन अब निर्दलीय प्रत्याशियों के दबाव में नहीं आने वाला। वहीं राव इंद्रजीत को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।

  • Manesar Municipal Corporation Election: मेयर चुनाव में मिली हार का बदला चुकाने के लिए राव नरबीर कुछ भी करने को तैयार!  सियासी घमासान में फंसी भाजपा की अंदरूनी जंग

    Manesar Municipal Corporation Election: मेयर चुनाव में मिली हार का बदला चुकाने के लिए राव नरबीर कुछ भी करने को तैयार! सियासी घमासान में फंसी भाजपा की अंदरूनी जंग

    Manesar Municipal Corporation Election: गुरुग्राम के मानेसर नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव 5 अगस्त को होना है। तीन दिन बाद होने वाले चुनाव के लिए मानेसर निगम कमिश्नर आयुष सिन्हा इस संबंध में आदेश जारी कर चुके हैं। आज और कल को चुनाव की तैयारी की जाएगी। इसलिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के हेडक्वार्टर छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। मानेसर नगर निगम के कमिश्नर आयुष सिन्हा ने इसकी पुष्टि की। अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाएंगे।

    सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर भाजपा में भी बड़ा सियासी खेल शुरू हो गया है। यहां से 12 पार्षदों को नेपाल के काठमांडू भेज दिया गया है। इनके साथ भाजपा का एक रणनीतिकार भी है। माना जा रहा है कि इसके पीछे केंद्रीय राज्यमंत्री और गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत को झटका देने की कोशिश की जा रही है। पार्षदों को काठमांडू भेजने के पीछे प्रदेश की भाजपा सरकार के ही मंत्री राव नरबीर को माना जा रहा है। हालांकि इस मामले में कोई खुलकर कुछ नहीं कह रहा है।

    इसी साल मार्च महीने में प्रदेश में 10 नगर निगमों के मेयर और पार्षदों का चुनाव हुआ था। भाजपा ने 9 निगमों में मेयर का चुनाव जीता लेकिन मानेसर नगर निगम के पहले ही चुनाव में हार गई। यहां से निर्दलीय डॉ. इंद्रजीत कौर मेयर चुन ली गईं। उन्होंने चुनाव में खुलकर कहा कि वह केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत की करीबी हैं।

    Manesar Municipal Corporation Election: मेयर चुनाव में मिली हार का बदला चुकाने के लिए राव नरबीर कुछ भी करने को तैयार!  सियासी घमासान में फंसी भाजपा की अंदरूनी जंग

    20 पार्षद वाले इस निगम में भाजपा के 7 पार्षद जीते थे। मानेसर निगम से मेयर चुनाव हारने का सबसे बड़ा झटका प्रदेश सरकार में मंत्री राव नरबीर को लगा। उन्होंने भाजपा के मेयर उम्मीदवार सुंदर लाल के लिए खूब प्रचार भी किया था। हालांकि मेयर पद गंवाने के बाद नरबीर ने सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर अपने समर्थक पार्षदों को बिठाने की रणनीति तेज कर दी। चुनाव के बाद उन्होंने 7 निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ मिला लिया। जिसके बाद भाजपा के पास 20 में से 14 पार्षदों का समर्थन हो गया।

    राव नरबीर के इस दांव को देखकर राव इंद्रजीत का खेमा भी एक्टिव हो गया। उन्होंने पार्षदों को राव इंद्रजीत के प्रभाव से बचाने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी। इसके बाद पिछले महीने 12 पार्षदों को गुवाहाटी और गोवा की सैर कराई। हालांकि पार्षदों का कहना था कि वह अपने मर्जी से घूमने गए हैं। जब वे वापस लौटे तो राव इंद्रजीत खेमा फिर उनसे संपर्क करने लगा। जिसके बाद उन्हें नेपाल भेज दिया गया। राव नरबीर खेमे का दावा है कि 14 पार्षद साथ होने के बाद 2 और पार्षद उनके संपर्क में हैं। उनके लिए भी काठमांडू जाने की एयर टिकट बुक कराई जा रही है। माना जा रहा है कि राव नरबीर चाहते हैं कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के जरिए वह निगम में दबदबा बनाए रखें।

    8 जुलाई को मानेसर की मेयर इंद्रजीत यादव का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वो हयातपुर में भरी पंचायत में फूट-फूट कर रो रहीं थी। उन्होंने मंत्री राव नरबीर पर गंभीर आरोप लगाए थे। मेयर ने आरोप लगाया कि मारपीट की एक एफआईआर में जानबूझ उनके पति राकेश यादव का नाम लिखवा दिया, जबकि वो मौके पर मौजूद भी नहीं थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार के दबाव में पुलिस उनके पति को परेशान कर रही है।

    राव इंद्रजीत और राव नरबीर, दोनों अहीरवाल क्षेत्र के बड़े नेता हैं। नरबीर को राव इंद्रजीत का धुर विरोधी माना जाता है। 2019 के विधानसभा चुनाव में राव नरबीर की टिकट भी कट गई थी। जिसके पीछे राव इंद्रजीत को ही माना गया। हालांकि 2024 के चुनाव में राव नरबीर सीधे दिल्ली गए और अमित शाह से मिलकर टिकट ले आए। इसके बाद बादशाहपुर से चुनाव जीते।

    भाजपा ने अहीरवाल बेल्ट में पावर बैलेंस रखने के लिए नरबीर को मंत्री भी बना दिया। वहीं राव इंद्रजीत का अहीरवाल में दबदबा है। वह गुरुग्राम से 6 बार सांसद हैं। पार्टी बदलने के बावजूद वह चुनाव जीतते आ रहे हैं। इसके अलावा वह लगातार केंद्र की मोदी सरकार में तीसरी बार केंद्रीय राज्य मंत्री बने हैं।

  • Haryana News: आरती राव के बयान से हरियाणा की राजनीति में हलचल! क्या राव परिवार है हरियाणा में भाजपा की असली ताकत

    Haryana News: आरती राव के बयान से हरियाणा की राजनीति में हलचल! क्या राव परिवार है हरियाणा में भाजपा की असली ताकत

    Haryana News: आरती राव जो कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी और स्वास्थ्य मंत्री हैं उन्होंने कोसली में एक जनसभा के दौरान कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार बनना किसी के लिए कल्पना से परे था लेकिन उन्होंने और उनके परिवार ने यह सोच बनाई और हवा दी जिससे भाजपा की सरकार बनी। उनके इस दावे से राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि वे सिर्फ सरकार का हिस्सा नहीं बल्कि उसकी मुख्य कड़ी मानी जा रही हैं।

    जनता से सीधी बातचीत और खुले दरवाजे की बात

    आरती राव ने अपने भाषण में कहा कि सरकार उनकी है और अगर किसी को कोई काम हो तो रामपुरा में दफ्तर चलता है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि अब चंडीगढ़ और दिल्ली में भी उनके ऑफिस हैं और रेवाड़ी और डहीना में भी काम हो रहा है। यह बात उन्होंने इस अंदाज में कही जिससे ये साफ हो गया कि वे क्षेत्र की जनता को बताना चाह रही थीं कि उनके काम के लिए अब कई रास्ते खुले हैं और वे हर स्तर पर सक्रिय हैं।

    Haryana News: आरती राव के बयान से हरियाणा की राजनीति में हलचल! क्या राव परिवार है हरियाणा में भाजपा की असली ताकत

    पारिवारिक राजनीति की नई रणनीति

    इस बयान से पहले उनके पिता राव इंद्रजीत सिंह भी लगातार अपने राजनीतिक प्रभाव का प्रदर्शन करते रहे हैं। उन्होंने एक रैली में सीएम नायब सैनी को यह कहकर साफ संकेत दिया था कि अगर हमने सरकार बनाई है तो हमारे काम प्राथमिकता में होने चाहिए। ऐसे बयानों से यह साफ है कि राव परिवार प्रदेश की सत्ता में अपनी हिस्सेदारी को मजबूती से जताना चाहता है और यह कोशिश लगातार हो रही है।

    डिनर डिप्लोमेसी से बनी नई चर्चा

    राव इंद्रजीत ने हाल ही में चंडीगढ़ में अपनी बेटी आरती राव के घर पर दक्षिण हरियाणा के 12 विधायकों को डिनर पर बुलाया था। इस ‘डिनर डिप्लोमेसी’ को राजनीतिक हलकों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे एक बड़ी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है जहां वे यह दिखाना चाहते हैं कि उनके पास विधायकों का समर्थन है और भविष्य की राजनीति में उनकी स्थिति मजबूत है।

    भाजपा के भीतर उठते अंतर्विरोध के संकेत

    आरती राव और उनके पिता के बयान यह संकेत भी देते हैं कि भाजपा के भीतर क्षेत्रीय नेताओं के बीच प्रभाव को लेकर खींचतान जारी है। एक तरफ मुख्यमंत्री विकास का समान वादा करते हैं तो दूसरी तरफ राव परिवार अपने प्रभाव और योगदान को लेकर स्पष्ट रूप से बयान देता है। यह स्थिति भविष्य में पार्टी के भीतर गुटबाजी या दबाव की राजनीति को जन्म दे सकती है।

  • Haryana News: रेलवे से राजनीति तक किरण चौधरी का खुला वार, रेलवे से राजनीति तक सब पर रखी साफ राय

    Haryana News: रेलवे से राजनीति तक किरण चौधरी का खुला वार, रेलवे से राजनीति तक सब पर रखी साफ राय

    Haryana News: राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई अमृत भारत स्टेशन योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर है बल्कि इससे रेलवे स्टेशनों को भारतीय सांस्कृतिक पहचान भी मिल रही है। इस योजना से देश के एक कोने को दूसरे कोने से जोड़ने वाली भारतीय रेलवे की भूमिका और सशक्त हो रही है।

    भिवानी सिटी स्टेशन की अनदेखी पर उठेगा सवाल

    किरण चौधरी ने बताया कि भिवानी सिटी रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों के ठहराव को लेकर वह राज्यसभा में मुद्दा उठाएंगी। उन्होंने कहा कि भिवानी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को ट्रेनों की सीधी सुविधा से वंचित रखना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे जल्द दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने रेलवे मंत्रालय से इस पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

    Haryana News: रेलवे से राजनीति तक किरण चौधरी का खुला वार, रेलवे से राजनीति तक सब पर रखी साफ राय

    कांग्रेस की कार्यकारिणी और नेतृत्व को लेकर दो टूक बयान

    जब किरण चौधरी से कांग्रेस पार्टी की राज्य कार्यकारिणी के गठन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि “कांग्रेस में डेटलाइन्स आती हैं और जाती हैं।” इससे साफ झलकता है कि वह पार्टी की वर्तमान स्थिति से संतुष्ट नहीं हैं और संगठन में सुधार की आवश्यकता महसूस कर रही हैं।

     राव दान सिंह पर साधा निशाना, बोलीं – ऐसा हुआ तो बचेगी क्या कसर?

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में राव दान सिंह के नाम को लेकर उठी चर्चाओं पर किरण चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति करोड़ों रुपये के घोटाले में शामिल रहा हो अगर वही कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष बन जाए तो रही-सही साख भी खत्म हो जाएगी। यह बयान पार्टी के अंदर उथल-पुथल को दर्शाता है।

    दिग्विजय चौटाला पर करारा जवाब

    दिग्विजय चौटाला द्वारा राव इंद्रजीत सिंह और खुद किरण चौधरी पर की गई टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि दिग्विजय के पास कोई पद नहीं है और वे जिम्मेदारी वाली बातें नहीं करते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “उनके लिए अंगूर अभी खट्टे हैं”। वहीं अभय सिंह चौटाला को मिली धमकी के मामले में उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताया और भरोसा जताया कि पुलिस और मुख्यमंत्री इस पर उचित कार्रवाई करेंगे।

  • Delhi Jaipur Expressway: दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे होगा जाम फ्री, धौलाकुआं से लेकर गुरुग्राम के मानेसर तक बनेगा एलिवेटेड रोड

    Delhi Jaipur Expressway: दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे होगा जाम फ्री, धौलाकुआं से लेकर गुरुग्राम के मानेसर तक बनेगा एलिवेटेड रोड

    Delhi Jaipur Expressway: दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे को जाम फ्री (Delhi Jaipur Expressway traffic Free) करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए दिल्ली के धौलाकुआं से लेकर हरियाणा के गुरुग्राम जिले के मानेसर तक एलिवेटेड रोड के निर्माण की DPR अगले तीन महीने में बन जाएगी।

    जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिए है। जिसमें कहा गया है कि मौजूदा फ्लाईओवार को इस एलिवेटेड रोड से किस तरह और कहां पर कनेक्ट जा सकता है। इसकी योजना को DPR में शामिल किया जाए।

    खबरों की मानें, तो केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने सोमवार को मुलाकात की है। इस दौरान राव इंद्रजीत सिंह ने नितिन गडकरी के सामने दिल्ली-गुरुग्राम के बीच रोजाना लग रहे ट्रैफिक जाम की समस्या को रखा और जल्द ही समाधान करने का आग्रह किया।

    खबरों की मानें, तो गडकरी ने इस बात को माना कि रोजाना सुबह और शाम के समय ट्रैफिक जाम लग जाता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और गुरुग्राम को आपस में कनेक्ट कर रही मुख्य सड़कों को चौड़ा करने की प्लानिंग कर रहे हैं। इस सिलसिले में दिल्ली की सरकार से भी बातचीत की जा रही है। गडकरी ने बताया कि महिपालपुर फ्लाईओवर पर जाम खत्म करने की लिए अगले एक हफ्ते के अंदर प्लानिंग कर ली जाएगी।

    काम में देरी पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

    खबरों की मानेंस तो  राव इंद्रजीत ने नितिन गडकरी को बताया कि गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी को कनेक्ट करने के लिए बनाए जा रहे नेशनल हाइवे 352WA का निर्माण भी धीमी गति से चल रहा है। दो बार इस नेशनल हाइवे के निर्माण की समयावधि को बढ़ाया जा चुका है। वहीं पटौदी बाईपास भी अभी शुरू नहीं हो पाया है। इसके बाद गडकरी ने अधिकारियों को आदेश दिया कि निर्माण में देरी पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

     

    15 अप्रैल को खोला जाएगा टेंडर 

    अधिकारियों ने गडकरी को बताया कि मानेसर एलिवेटेड फ्लाईओवर और बिलासपुर फ्लाईओवर का निर्माण पूरा करने के लिए दूसरी कंपनी को नए सिरे से टेंडर जारी किया जाएगा। इसके लिए टेंडर को 15 अप्रैल 2025 को खोला जाएगा। जून के पहले हफ्ते तक टेंडर आवंटित कर दिए जाएंगे।

  • कापड़ीवास के वार पर सुनील मूसेपुर का पलटवार, बोले राव के आशीर्वाद से ही कापड़ीवास पायें बन पाए थे विधायक

    कापड़ीवास के वार पर सुनील मूसेपुर का पलटवार, बोले राव के आशीर्वाद से ही कापड़ीवास पायें बन पाए थे विधायक

    सुनील मुसेपुर ने कहा कि ये जो लोग बीजेपी का सच्चा सिपाही बता रहे है. असल में बीजेपी का नुकसान यही कर रहे है. राव इन्द्रजीत सिंह और वो खुद पार्टी की सदस्यता बढ़ा रहे है. उनके जैसे काफी कार्यकर्ताओं की वजह से ही आज बीजेपी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है.

    सुनील  ने कहा कि 5 बार विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले कापड़ीवास केवल एक बार चुनाव जीत पाए, उनका यह आंकड़ा बताता है कि जनता में जनाधार विहीन नेता रहे है। 2014 में भी कापडीवास इसलिए जीत पाए क्योंकि राव इंदरजीत व उनके कार्यकर्ताओं ने घर -घर जाकर पार्टी के लिए वोट मांगने का कार्य किया था। राव इंद्रजीत का ही आशीर्वाद था कि कापडीवास विधानसभा का मुंह देख पाए।

    सुनील ने कहा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने उनके कार्य को देखते हुए 2019 में टिकट दी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें योग्य माना होगा तो ही उन्हें टिकट मिली। लेकिन पार्टी द्वारा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के सिद्धांतों का दम भरने वाले नेता ही सबसे पहले बगावत पर उतारू हो गए थे।

    इसलिए इन नेताओं को बताना चाहिए कि पार्टी के इतना सम्मान देने के बाद भी इन्होंने पार्टी की खिलाफत क्यों की !  इन नेताओं ने पार्टी को अपनी संपत्ति समझ रखा है कि केवल इन को ही टिकट मिले किसी आम कार्यकर्ता को नहीं। यह आरोप हम पर लगाने से पहले खुद अपने गिरेबान में झांके ।

    मुसेपुर ने कहां की विधानसभा चुनाव में पार्टी से गद्दारी करने वाले इन नेताओं का गठजोड़ आज भी जारी है।  इन नेताओं का एक साथ में आना और एक साथ राव के खिलाफ बोलना विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ गठजोड़ का आज भी प्रमाण है। नगर परिषद चुनाव में भी इन नेताओं का गठजोड़ पार्टी के विरोध में था। इन नेताओं ने विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री की अपील का विरोध  कर दिखाया था कि पार्टी के सिद्धांत उनके लिए कोई मायने नहीं रखते।