Haryana News: आरती राव जो कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी और स्वास्थ्य मंत्री हैं उन्होंने कोसली में एक जनसभा के दौरान कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार बनना किसी के लिए कल्पना से परे था लेकिन उन्होंने और उनके परिवार ने यह सोच बनाई और हवा दी जिससे भाजपा की सरकार बनी। उनके इस दावे से राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि वे सिर्फ सरकार का हिस्सा नहीं बल्कि उसकी मुख्य कड़ी मानी जा रही हैं।
जनता से सीधी बातचीत और खुले दरवाजे की बात
आरती राव ने अपने भाषण में कहा कि सरकार उनकी है और अगर किसी को कोई काम हो तो रामपुरा में दफ्तर चलता है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि अब चंडीगढ़ और दिल्ली में भी उनके ऑफिस हैं और रेवाड़ी और डहीना में भी काम हो रहा है। यह बात उन्होंने इस अंदाज में कही जिससे ये साफ हो गया कि वे क्षेत्र की जनता को बताना चाह रही थीं कि उनके काम के लिए अब कई रास्ते खुले हैं और वे हर स्तर पर सक्रिय हैं।

पारिवारिक राजनीति की नई रणनीति
इस बयान से पहले उनके पिता राव इंद्रजीत सिंह भी लगातार अपने राजनीतिक प्रभाव का प्रदर्शन करते रहे हैं। उन्होंने एक रैली में सीएम नायब सैनी को यह कहकर साफ संकेत दिया था कि अगर हमने सरकार बनाई है तो हमारे काम प्राथमिकता में होने चाहिए। ऐसे बयानों से यह साफ है कि राव परिवार प्रदेश की सत्ता में अपनी हिस्सेदारी को मजबूती से जताना चाहता है और यह कोशिश लगातार हो रही है।
डिनर डिप्लोमेसी से बनी नई चर्चा
राव इंद्रजीत ने हाल ही में चंडीगढ़ में अपनी बेटी आरती राव के घर पर दक्षिण हरियाणा के 12 विधायकों को डिनर पर बुलाया था। इस ‘डिनर डिप्लोमेसी’ को राजनीतिक हलकों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे एक बड़ी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है जहां वे यह दिखाना चाहते हैं कि उनके पास विधायकों का समर्थन है और भविष्य की राजनीति में उनकी स्थिति मजबूत है।
भाजपा के भीतर उठते अंतर्विरोध के संकेत
आरती राव और उनके पिता के बयान यह संकेत भी देते हैं कि भाजपा के भीतर क्षेत्रीय नेताओं के बीच प्रभाव को लेकर खींचतान जारी है। एक तरफ मुख्यमंत्री विकास का समान वादा करते हैं तो दूसरी तरफ राव परिवार अपने प्रभाव और योगदान को लेकर स्पष्ट रूप से बयान देता है। यह स्थिति भविष्य में पार्टी के भीतर गुटबाजी या दबाव की राजनीति को जन्म दे सकती है।

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