Tag: Transparency

  • हरियाणा सरकार के कर्मचारियों को लेकर बड़े फैसले! 2 साल से ज्यादा नहीं मिलेगी एक्सटेंशन, हड़ताल के दौरान का मिलेगा वेतन

    हरियाणा सरकार के कर्मचारियों को लेकर बड़े फैसले! 2 साल से ज्यादा नहीं मिलेगी एक्सटेंशन, हड़ताल के दौरान का मिलेगा वेतन

    हरियाणा सरकार ने युवाओं को महत्व देने के लिए आने वाले समय में रिटायर होने वाले कर्मचारियों को रि-अपॉइंटमेंट नहीं देने का फैसला किया है। केवल विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 2 साल के लिए रिअप्वाइंटमेंट की जा सकेगी।

    सरकार ने एक साथ कई ऐसे फैसले किए हैं, जिनका सीधा असर सरकारी कर्मचारियों पर पड़ेगा। इनमें कहीं राहत है तो कहीं सख्ती दिखाई दे रही है। री-इम्पलॉयमेंट पर सरकार ने सीमाएं तय कर दी हैं। अनुबंध (कांट्रेक्ट) कर्मचारियों के लिए डिजिटल सुरक्षा का रास्ता खोल दिया है। छुट्टियों पर समिति के जरिए पारदर्शिता लाई जा रही है और हड़ताल पर गए लिपिकों को भी बड़ी राहत दी है।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से इन फैसलों को लेकर प्रशासनिक सचिवों व विभाग प्रमुखों को पत्र जारी करके हिदायतें दी गईं। इन फैसलों के जरिये सरकार ने जहां एक तरफ प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता लाने की कोशिश की है। वहीं दूसरी ओर, कर्मचारियों का भरोसा जीतने की भी कोशिश साफ दिख रही है। री-इम्पलॉयमेंट पर लगाम से जहां नई पीढ़ी के लिए अवसर बढ़ेंगे। वहीं अनुबंध कर्मचारियों को डिजिटल पोर्टल और लिपिकों को हड़ताल अवधि की मान्यता राहत का अहसास दिलाएगी।

    हरियाणा सरकार के कर्मचारियों को लेकर बड़े फैसले! 2 साल से ज्यादा नहीं मिलेगी एक्सटेंशन, हड़ताल के दौरान का मिलेगा वेतन

    प्रदेश में अक्सर यह शिकायत रहती थी कि सेवानिवृत्ति के बाद भी अधिकारी-कर्मचारी लंबे समय तक कुर्सी पर जमे रहते हैं। सरकार ने अब इसे सख्ती से सीमित कर दिया है। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक 58 साल की उम्र पूरी करने के बाद केवल दो साल तक ही री-इम्पलॉयमेंट मिलेगी। वह भी सिर्फ असाधारण परिस्थितियों में। सरकार का कहना है कि यह फैसला कनिष्ठ कर्मचारियों की पदोन्नति को रास्ता देने के लिए जरूरी है।

    छुट्टियों पर भी नियमबद्धता

    राज्य में अक्सर किसी दिन को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग उठती रहती है। अब इसके लिए एक स्थायी समिति बनाई गई है। इस समिति की अध्यक्षता राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के वित्तायुक्त करेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के एसीएस और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव इसमें सदस्य होंगे। यह समिति आमजन या जनप्रतिनिधियों से आने वाले प्रस्तावों पर भी विचार करेगी और फिर सरकार को अपनी सिफारिश भेजेगी।

    हरियाणा के अनुबंध कर्मचारी लंबे समय से सेवा सुरक्षा को लेकर असमंजस में रहते थे। अब सरकार ने उनकी समस्या का समाधान करने के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल बनाने का निर्णय लिया है। इस पोर्टल के माध्यम से सभी आवेदन हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम, 2025 के तहत किए जाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि यह कदम उनकी नौकरी में सुरक्षा और स्थायित्व की उम्मीद को मजबूत करेगा।

    साल 2023 में हुई लिपिकों की हड़ताल को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उस दौरान की अवधि को अब ‘अर्जित अवकाश’ माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों का वेतन नहीं कटेगा और न ही इसे सेवा में रुकावट माना जाएगा। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक बार की विशेष व्यवस्था होगी और भविष्य में इसकी नजीर पेश नहीं की जाएगी।

  • Haryana News: मुख्यमंत्री को भेंट की गई काव्य भावनाओं से भरी पुस्तक! डॉ. अनुज नरवाल की तीसरी किताब ‘कुछ तो सुना यार पपीहे’ ने बटोरी सराहना

    Haryana News: मुख्यमंत्री को भेंट की गई काव्य भावनाओं से भरी पुस्तक! डॉ. अनुज नरवाल की तीसरी किताब ‘कुछ तो सुना यार पपीहे’ ने बटोरी सराहना

    Haryana News: चंडीगढ़ में आयोजित हुए एक विशेष संवाद कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. अनुज नरवाल रोहतकी ने अपनी नई पुस्तक ‘कुछ तो सुना यार पपीहे’ भेंट की। यह पुस्तक काव्य भावनाओं से भरी हुई है और सामाजिक संवेदनाओं को गहराई से छूती है। मुख्यमंत्री ने इसे सराहते हुए कहा कि ऐसे साहित्यिक प्रयास समाज में सकारात्मक सोच को जन्म देते हैं।

    डिजिटल पत्रकारों से हुई खास मुलाकात

    इस संवाद कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए फेसबुक और यूट्यूब आधारित सोशल मीडिया न्यूज़ चैनलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर डिजिटल पत्रकारिता, फेक न्यूज़, स्वतंत्र रिपोर्टिंग और युवाओं की भूमिका जैसे मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी के सुझावों को गंभीरता से सुना और भविष्य में सहयोग का आश्वासन दिया।

    Haryana News: मुख्यमंत्री को भेंट की गई काव्य भावनाओं से भरी पुस्तक! डॉ. अनुज नरवाल की तीसरी किताब ‘कुछ तो सुना यार पपीहे’ ने बटोरी सराहना

    लेखक डॉ. अनुज नरवाल की तीसरी पुस्तक

    डॉ. अनुज नरवाल रोहतकी की यह तीसरी प्रकाशित पुस्तक है। इससे पहले उनका ग़ज़ल संग्रह ‘वो जैसा भी है मेरा है’ और ‘इंक टू पिक्सल’ नामक डिजिटल पत्रकारिता पर आधारित पुस्तक भी काफी चर्चा में रही हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक चेतना, आत्ममंथन और मानवीय भावनाओं की गहराई साफ़ झलकती है। उनकी इस नई पुस्तक ने एक बार फिर पाठकों और समीक्षकों का ध्यान खींचा है।

    युवाओं की भागीदारी को सराहना

    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने डिजिटल पत्रकारिता में युवाओं की बढ़ती भागीदारी की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अब तेजी से मीडिया और संवाद के नए रूपों को अपना रही है। यह एक सकारात्मक संकेत है जो समाज में जागरूकता और पारदर्शिता लाने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस दिशा में आवश्यक सहयोग देने को तत्पर है।

    साहित्य और संवाद की अनोखी पहल

    यह कार्यक्रम न केवल संवाद का माध्यम बना बल्कि साहित्य और पत्रकारिता के बीच सेतु जैसा साबित हुआ। जहां एक ओर मीडिया प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी वहीं दूसरी ओर एक साहित्यिक रचना मुख्यमंत्री को भेंट कर सामाजिक सोच को नई दिशा देने की कोशिश की गई। यह पहल साबित करती है कि साहित्य, पत्रकारिता और शासन अगर साथ आएं तो समाज में बड़ा बदलाव संभव है।

  • Haryana News: हरियाणा को मिले 15 नए IAS अफसर, HCS अधिकारियों को मिली पदोन्नति की सौगात

    Haryana News: हरियाणा को मिले 15 नए IAS अफसर, HCS अधिकारियों को मिली पदोन्नति की सौगात

    Haryana News: हरियाणा राज्य में प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देते हुए केंद्रीय लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 15 हरियाणा सिविल सेवा (HCS) अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति की मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार की ओर से भेजे गए कुल 27 नामों में से फिलहाल 15 अधिकारियों को ही IAS का दर्जा दिया गया है। इस फैसले से राज्य में कार्यरत IAS अधिकारियों की कुल संख्या 169 से बढ़कर 184 हो गई है।

    9 अधिकारियों को मिली प्रोविजनल पदोन्नति, कोर्ट केसों का है इंतज़ार

    उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने जिन 27 अधिकारियों के नाम पदोन्नति के लिए भेजे थे, उनमें से 9 अधिकारियों को प्रोविजनल पदोन्नति दी गई है। इन अधिकारियों के विरुद्ध अदालत में मामले लंबित हैं, जिसके चलते अंतिम निर्णय लंबित है। जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इनकी नियुक्ति अस्थायी मानी जाएगी। यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायसंगत बनी रहे।

    Haryana News: हरियाणा को मिले 15 नए IAS अफसर, HCS अधिकारियों को मिली पदोन्नति की सौगात

    ये हैं हरियाणा के नए IAS अधिकारी

    जिन अधिकारियों को IAS में प्रमोट किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
    विवेक पदम सिंह, डॉ. मुनीष नागपाल, महेंद्र पाल, सतपाल शर्मा, सुशील कुमार (प्रथम), वर्षा खनगवाल, वीरेंद्र सिंह सहरावत, सत्येंद्र दूहन, मनिता मलिक, सतबीर सिंह, अमृता सिंह, योगेश कुमार, वंदना दिसौदिया, जयदीप कुमार और समवर्तक सिंह खनगवाल।
    इन सभी अधिकारियों का प्रशासनिक अनुभव राज्य के विभिन्न विभागों में रहा है, और अब इनका अनुभव IAS स्तर पर भी योगदान देगा।

    प्रशासनिक मजबूती की ओर एक और कदम

    हरियाणा में यह निर्णय ऐसे समय आया है जब राज्य को कुशल और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों की ज़रूरत है। इन नए IAS अधिकारियों के आने से शासन व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन को नया बल मिलेगा। साथ ही, ग्रामीण और शहरी विकास योजनाओं को बेहतर गति देने में भी ये अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    भविष्य के लिए संकेत: योग्य अधिकारियों को मिलेगा सम्मान

    इस पदोन्नति प्रक्रिया से स्पष्ट संकेत मिला है कि योग्य, अनुशासित और मेहनती अधिकारियों को समय पर उनका हक दिया जाएगा। यह न केवल अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाता है बल्कि सेवाओं में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना को भी बढ़ावा देता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि बाकी बचे HCS अधिकारियों का क्या भविष्य तय होता है, जिनके नाम फिलहाल लंबित हैं।

  • Kumari Selja का सरकार पर निशाना! 10 वर्षों में 80 से अधिक परीक्षाओं में धांधली, 85 लाख से अधिक युवाओं का भविष्य प्रभावित

    Kumari Selja का सरकार पर निशाना! 10 वर्षों में 80 से अधिक परीक्षाओं में धांधली, 85 लाख से अधिक युवाओं का भविष्य प्रभावित

    हरियाणा के सिरसा से सांसद Kumari Selja ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एसएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में बार-बार गड़बड़ियां सामने आना इस बात का सबूत है कि भाजपा सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को इन विफलताओं की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।

    परीक्षा केंद्रों की अराजकता ने बढ़ाई परेशानियां

    सैलजा ने हाल ही की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कई अभ्यर्थियों को 400 से 500 किलोमीटर दूर के परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया। वहां पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि परीक्षा रद्द कर दी गई है। इसे तकनीकी गड़बड़ी नहीं बल्कि एक असंवेदनशील और लापरवाह प्रशासनिक रवैया कहा जाना चाहिए। इससे ना केवल शारीरिक और मानसिक परेशानी होती है बल्कि छात्रों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

    Kumari Selja का सरकार पर निशाना! 10 वर्षों में 80 से अधिक परीक्षाओं में धांधली, 85 लाख से अधिक युवाओं का भविष्य प्रभावित

    सवाल दोहराए गए और बच्चों को कहा गया ‘सरप्राइज़’

    सांसद सैलजा ने कहा कि परीक्षा के दौरान पुराने प्रश्न दोहराए गए जिससे छात्रों ने आपत्ति जताई। इसके जवाब में एसएससी ने कहा कि छात्र “सरप्राइज़” हो जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या परीक्षा की गंभीरता और जिम्मेदारी इस तरह निभाई जाती है। अगर आयोग से कोई गलती हुई है तो उसे मानते हुए युवाओं के साथ न्याय किया जाना चाहिए।

    सरकार की गलती फिर भी छात्रों से वसूली

    सैलजा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब प्रश्न गलत होते हैं और छात्र उन्हें चुनौती देते हैं तो उनसे शुल्क लिया जाता है। जबकि गलती आयोग या सरकार की होती है। यह साफ अन्याय है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में 80 से ज्यादा परीक्षाओं में धांधली हुई है। केवल 2025 में 85 लाख छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ा है।

    युवा अब चुप नहीं बैठेगा

    कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार को एसएससी सहित सभी राष्ट्रीय परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। परीक्षा केंद्रों की प्रणाली को स्थिर और भरोसेमंद बनाया जाए। पेपर लीक और गलत प्रश्नों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और छात्रों से लिया जाने वाला आपत्ति शुल्क पूरी तरह खत्म किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अब देश का युवा चुप नहीं बैठेगा और हर मंच पर अपनी आवाज बुलंद करेगा।

  • Haryana News: नूंह के SHO पर अवैध वसूली का आरोप! हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई FIR

    Haryana News: नूंह के SHO पर अवैध वसूली का आरोप! हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई FIR

    Haryana News: नूंह जिले में ओवरलोडेड डंपरों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। कुछ डंपर मालिकों ने आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी अमन यादव हर महीने उनसे पैसे वसूलता था। इसके बदले में उन्हें अपने ओवरलोडेड वाहनों को बेरोकटोक चलाने की छूट दी जाती थी। यह लेन-देन महीने दर महीने चलता रहा और किसी ने कुछ नहीं कहा। लेकिन जब हदें पार हुईं तो मामला आखिरकार अदालत तक पहुंचा।

    हाईकोर्ट की सख्ती से टूटी चुप्पी

    डंपर मालिकों ने जब देखा कि पुलिस विभाग खुद इस भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है तो उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में स्पष्ट आरोप लगाए गए कि SHO अवैध वसूली करता है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया और FIR दर्ज करने के आदेश दे दिए। इससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया।

    Haryana News: नूंह के SHO पर अवैध वसूली का आरोप! हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई FIR

     अमन यादव समेत कई पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज

    हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस को मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी। फिरोजपुर झिरका थाना के तत्कालीन प्रभारी अमन यादव समेत अन्य पुलिसकर्मियों और दलालों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के तहत केस दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है।

    टायर फाड़कर भड़की आग

    मामला उस समय और गर्मा गया जब 5 अप्रैल की रात SHO अमन यादव ने एक डंपर के सामने जानबूझकर कांटे डाल दिए जिससे उसके टायर फट गए। इस घटना ने डंपर मालिकों में आक्रोश भर दिया और उन्होंने मीडिया व अधिकारियों के सामने पूरी कहानी रख दी। लेकिन जब पुलिस ने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की तो मजबूरी में मामला हाईकोर्ट में ले जाया गया।

    अब जांच और सजा की उम्मीद

    इस मामले के सामने आने के बाद नूंह जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नई चेतना जगी है। स्थानीय लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस विभाग भी अब गंभीरता से जांच में जुट गया है और उम्मीद की जा रही है कि इस बार दोषियों को कानून का डर जरूर दिखेगा।

  • Padma Awards के लिए नामांकन का आखिरी मौका बढ़ा! जानिए कैसे 15 अगस्त तक ऑनलाइन नामांकन करे

    Padma Awards के लिए नामांकन का आखिरी मौका बढ़ा! जानिए कैसे 15 अगस्त तक ऑनलाइन नामांकन करे

    भारत सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए Padma Awards के नामांकन की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2025 से बढ़ाकर अब 15 अगस्त 2025 कर दी है। यह फैसला उन लोगों के लिए राहतभरा है जो किसी असाधारण व्यक्ति के योगदान को सम्मानित कराना चाहते थे लेकिन समय पर नामांकन नहीं कर पाए थे। इस फैसले से लाखों लोगों को और दो हफ्ते का अतिरिक्त समय मिल गया है ताकि वे सही तरीके से नामांकन प्रक्रिया पूरी कर सकें।

     केवल ऑनलाइन पोर्टल से होगा नामांकन

    पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन अब केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर ही स्वीकार किए जा रहे हैं। इच्छुक लोग https://awards.gov.in वेबसाइट पर जाकर अपने नामांकन या सिफारिश जमा कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जा रही है जिससे पारदर्शिता बनी रहे और हर नागरिक को बराबर का मौका मिले। यह पोर्टल उपयोग में सरल है और इसमें जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।

    Padma Awards के लिए नामांकन का आखिरी मौका बढ़ा! जानिए कैसे 15 अगस्त तक ऑनलाइन नामांकन करे

     किन क्षेत्रों में दिए जाते हैं पद्म पुरस्कार

    पद्म पुरस्कार भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। यह पुरस्कार कला शिक्षा उद्योग साहित्य विज्ञान खेल चिकित्सा समाज सेवा और सार्वजनिक मामलों जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को दिया जाता है। हर साल गणतंत्र दिवस पर यह पुरस्कार घोषित किए जाते हैं और राष्ट्रपति द्वारा भव्य समारोह में इन्हें प्रदान किया जाता है।

    कोई भी कर सकता है नामांकन

    सबसे खास बात यह है कि पद्म पुरस्कार के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को नामांकित कर सकता है। इसके लिए नामांकित व्यक्ति की जाति धर्म लिंग या राष्ट्रीयता कोई मायने नहीं रखती। नामांकन के लिए उस व्यक्ति के योगदान का विवरण देना होता है साथ ही यह भी बताना होता है कि वह क्यों इस सम्मान का हकदार है। यह पहल भारत सरकार की ‘जनभागीदारी’ की सोच को दर्शाती है।

    पहचानें छिपे हुए रत्नों को

    पद्म पुरस्कार केवल प्रसिद्ध हस्तियों तक सीमित नहीं हैं बल्कि सरकार की कोशिश रहती है कि समाज में चुपचाप क्रांतिकारी काम करने वाले अनसुने और अनदेखे हीरे भी सम्मानित हों। ऐसे लोगों को सामने लाने के लिए आम नागरिकों की भूमिका बेहद अहम है। यदि आपके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है जिसने समाज के लिए अविस्मरणीय कार्य किया है तो अब आपके पास उसे पहचान दिलाने का सुनहरा मौका है।

  • Safidon Murder Case: SIT की जांच में बड़ा खुलासा होगा? मुठभेड़ में घायल आरोपी से पूछताछ में जुटी पुलिस

    Safidon Murder Case: SIT की जांच में बड़ा खुलासा होगा? मुठभेड़ में घायल आरोपी से पूछताछ में जुटी पुलिस

    Safidon Murder Case: सफीदों में निजी अस्पताल संचालित करने वाले विकास शर्मा की हत्या की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व डीएसपी सफीदों को सौंपा गया है। एसआईटी में थाना शहर सफीदों के प्रभारी, सीआईए सफीदों प्रभारी और सीआईए जींद प्रभारी को शामिल किया गया है।

    एसआईटी इस हत्याकांड से जुड़े सभी तथ्यों की गहराई से जांच करेगी। इस मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी जयसिंहपुरा गांव वासी प्रदीप को राउंडअप कर लिया है, जो मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली लगने से घायल होने पर इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

    घटना 24 जुलाई की देर रात रामपुर रोड पर हुई, जब विकास शर्मा पर हमला करके उसकी हत्या कर दी गई। उस समय उनके साथ निजी अस्पताल संचालक अनिल और उनका साढ़ू यशपाल भी कार में सवार थे। हमले में वे दोनों भी घायल हो गए, जिन्हें बाद में पानीपत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    Safidon Murder Case: SIT की जांच में बड़ा खुलासा होगा? मुठभेड़ में घायल आरोपी से पूछताछ में जुटी पुलिस

    शहर थाना सफीदों पुलिस ने मृतक विकास के पिता शिवकुमार की शिकायत के आधार पर अनिल और यशपाल उर्फ़ हैप्पी को नामजद करते हुए आठ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है।

    पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने स्पष्ट किया है कि डॉ. विकास हत्याकांड की जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता और बिना किसी बाहिय दबाव के साथ की जा रही है। दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित पक्ष किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए सीधे पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर सकते हैं।

    जिला पुलिस जींद ने हत्याकांड का पर्दाफाश करने के निष्पक्ष जांच की जा रही है और अपराधियों को सख्त सजा दिलवाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक ने भरोसा दिलाया है कि न्याय की प्रक्रिया में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

  • Haryana News: भाजपा सरकार की गलत नीतियों के चलते हरियाणा से चावल उद्योग का हो रहा है पलायन- कुमारी सैलजा

    Haryana News: भाजपा सरकार की गलत नीतियों के चलते हरियाणा से चावल उद्योग का हो रहा है पलायन- कुमारी सैलजा

    Haryana News। प्रदेश में भाजपा सरकार की विफल और जनविरोधी औद्योगिक नीतियों के कारण प्रदेश से उद्योगों का बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा है, जिससे प्रदेश को दोहरी क्षति हो रही है, एक ओर युवाओं का रोजगार छिन रहा है और दूसरी ओर सरकार को भारी राजस्व घाटा उठाना पड़ रहा है। हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में हरियाणा से 90 से अधिक चावल मिलें मध्य प्रदेश में शिफ्ट हो चुकी हैं। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और प्रदेश के औद्योगिक भविष्य पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। सरकार को अपनी नीतियों पर चिंतन और मंथन करना होगा, हाल ही में बिजली की दरों में की गई वृद्धि से अनेक उद्योग पलायन की तैयारी में हैं।

    मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि देश में चावल निर्यात में हरियाणा की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत रही है जो अब घटकर 40 प्रतिशत रह गई है। इतना ही नहीं एक ओर जहां हर साल प्रदेश को कम से कम 100 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा वहीं हर साल 15 से 20 हजार रोजगार भी कम हो जाएंगे। तीन साल में हरियाणा के करनाल, कैथल, अंबाला, यमुनानगर, फतेहाबाद, सिरसा, तरावडी, चीका, घरौंडा, कुरूक्षेत्र, निसिंग, टोहाना और रतिया से करीब 90 राइस मिल का मध्य प्रदेश पलायन हो चुका हैै।

    Haryana News: भाजपा सरकार की गलत नीतियों के चलते हरियाणा से चावल उद्योग का हो रहा है पलायन- कुमारी सैलजा

    इसके साथ ही 20 से 30 उद्योगपतियों ने मध्य प्रदेश में नए राइस मिल और गोदाम बनाने के लिए जमीन तक खरीद ली है। राइस मिल मालिक काफी समय से सरकार से मार्केट फीस कम करने की मांग कर है साथ ही कुछ रियायतें भी मांग रहे है पर सरकार है कि कान में तेल डालकर बैठी हुई है। ऊपर से प्रदेश की भाजपा सरकार ने हाल ही में बिजली की दरों में वृद्धि की हैै जिसका उद्योगपतियों ने विरोध किया है और सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है ऐसा न होने पर उद्योगपतियों ने दूसरे राज्यों में पलायन की चेतावनी तक दी है।

    सैलजा ने कहा है कि हरियाणा में चावल उद्योग पर 4 प्रतिशत मार्केट फीस हैे जबकि मध्य प्रदेश में 1.20 प्रतिशत है। उद्योगपतियों को बिजली के भारी फिक्स चार्ज और अनावश्यक नियमों का सामना करना पड़ रहा है। नीति निर्धारण में स्थायित्व और पारदर्शिता का अभाव है। राइस मिल मालिक एक ही बात कहते है कि अगर हरियाणा में सेला राइस मिल लगानी हो तो उस पर 14 से 15 करोड़ का खर्च आता है जबकि यही मिल मध्य प्रदेश में 07 से 08 करोड़ मेें लग जाती है।

    इतना ही नहीं एमपी में राइस मिल मालिक को प्लांट लगाने या गोदाम बनाने के लिए 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है जबकि हरियाणा में नहीं है, इसके साथ ही एमपी में नए उद्योगपति को पांच साल तक 05 करोड़ रुपये मार्केट फीस में छूट मिलती है। प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के चलते हर वर्ष करीब 15 से 20 हजार लोगों का रोजगार छिन रहा है, राज्य की चावल निर्यात में हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से घटकर अब मात्र 40 प्रतिशत रह गई है। सरकार को 100 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक राजस्व घाटा होने की आशंका है।

    सैलजा ने कहा कि यह पलायन भाजपा सरकार की उद्योग विरोधी नीतियों का परिणाम है। यदि सरकार ने समय रहते नीति में संशोधन नहीं किया, तो अन्य उद्योग भी प्रदेश छोड़ने को मजबूर होंगे। कुमारी सैलजा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मार्केट फीस और टैक्स की दरें पड़ोसी राज्यों के समतुल्य की जाएं, बिजली शुल्कों में व्यावहारिक संशोधन किया जाए, उद्योगपतियों के लिए अनुकूल और स्थिर औद्योगिक वातावरण तैयार किया जाए। कुमारी सैलजा ने हरियाणा के युवाओं के भविष्य, रोजगार और आर्थिक समृद्धि को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाना समय की मांग है।

  • Haryana News: 1 अगस्त को बदलने वाली थी जमीन की कीमतें लेकिन अचानक सरकार ने लिया यू-टर्न

    Haryana News: 1 अगस्त को बदलने वाली थी जमीन की कीमतें लेकिन अचानक सरकार ने लिया यू-टर्न

    Haryana News: हरियाणा में 1 अगस्त 2025 से नए कलेक्टर रेट लागू किए जाने की तैयारी चल रही थी। रेवेन्यू विभाग ने इसको लेकर एक आदेश भी जारी कर दिया था जिसमें राज्यभर में जमीन की नई कीमतें तय की गई थीं। लोगों को उम्मीद थी कि नए रेट के लागू होने से जमीन खरीदने और बेचने में पारदर्शिता आएगी।

     आदेश वापस लेने से मचा हड़कंप

    हाल ही में रेवेन्यू विभाग ने उस आदेश को वापस ले लिया है जिसमें 1 अगस्त से नए कलेक्टर रेट लागू करने की बात कही गई थी। इस फैसले ने कई जिलों में रजिस्ट्रियों से जुड़े कार्यों को प्रभावित किया है। लोग कन्फ्यूजन में हैं कि आखिर अब उन्हें किस रेट के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

    Haryana News: 1 अगस्त को बदलने वाली थी जमीन की कीमतें लेकिन अचानक सरकार ने लिया यू-टर्न

    अब आपत्तियों के बाद तय होंगे रेट

    रेवेन्यू विभाग ने साफ कर दिया है कि नए कलेक्टर रेट अब बिना आपत्तियां लिए लागू नहीं किए जाएंगे। अब लोगों से राय ली जाएगी और यदि किसी क्षेत्र के लोग रेट्स पर आपत्ति जताते हैं तो उनका समाधान किया जाएगा। इसके बाद ही अंतिम दरें तय होंगी और उन्हें लागू किया जाएगा।

     खरीदारों और विक्रेताओं पर असर

    इस बदलाव का सीधा असर जमीन के खरीदारों और विक्रेताओं पर पड़ेगा। जो लोग 1 अगस्त से पहले खरीदारी करने की योजना बना रहे थे वे अब असमंजस में हैं। बहुत से लोग उम्मीद लगाए बैठे थे कि नए रेट लागू होने से पहले खरीदारी कर ली जाए लेकिन अब स्थिति एकदम उलट हो गई है।

    सरकार की रणनीति और पारदर्शिता

    हरियाणा सरकार ने यह फैसला शायद इसलिए लिया ताकि जनता की भागीदारी बढ़े और कोई भी रेट मनमाने ढंग से तय न हों। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार पर लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा। हालांकि इस प्रक्रिया से थोड़ी देरी जरूर होगी लेकिन दीर्घकालिक रूप से यह फायदेमंद साबित हो सकता है।


  • OMR शीट में गलती हुई तो कौन जिम्मेदार होगा? जानिए HSSC की नई चेतावनी

    OMR शीट में गलती हुई तो कौन जिम्मेदार होगा? जानिए HSSC की नई चेतावनी

    हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) के चेयरमैन हिम्मत सिंह 26 और 27 जुलाई को होने वाली ग्रुप-C की भर्ती परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर लाइव आए। उन्होंने कैंडिडेट्स के सवालों के जवाब दिए और परीक्षा से जुड़े कुछ अहम दिशा-निर्देश साझा किए। लाइव सेशन में उन्होंने छात्रों को एग्जाम प्रक्रिया को लेकर जागरूक किया और बताया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं।

    अब खुद भरनी होगी OMR शीट की जानकारी

    हिम्मत सिंह ने बताया कि इस बार कैंडिडेट्स को OMR शीट में अपना नाम, पिता का नाम और रोल नंबर खुद भरना होगा। पहले यह सारी जानकारी OMR शीट पर पहले से प्रिंट रहती थी। इससे परीक्षा में गड़बड़ी की संभावना कम होगी और उम्मीदवारों को अपनी जिम्मेदारी से काम लेना होगा। इसके लिए उन्हें परीक्षा के समय पूरी सतर्कता बरतनी होगी।

    OMR शीट में गलती हुई तो कौन जिम्मेदार होगा? जानिए HSSC की नई चेतावनी

    बुकलेट सील जांचेंगे छात्र और शिक्षक दोनों

    एग्जाम हॉल में 24 बुकलेट्स का एक सेट होगा। सभी बुकलेट्स सील बंद होंगी। वहाँ मौजूद शिक्षक उम्मीदवारों को दिखाएंगे कि बुकलेट्स की सील खुली है या नहीं। अगर सील सही है तो कमरे में मौजूद कोई भी दो कैंडिडेट उस पर साइन करेंगे। लेकिन अगर सील पहले से खुली मिलती है तो उस पर साइन नहीं करना है बल्कि तुरंत आयोग को जानकारी देनी है। चेयरमैन ने भरोसा दिलाया कि ऐसी स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    परीक्षा का नया पैटर्न और हरियाणा का हिस्सा

    चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि इस बार एग्जाम का 25 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा राज्य से जुड़ा होगा। इसमें हरियाणा की सामान्य जानकारी, इतिहास, संस्कृति आदि शामिल होंगे। बाकी 75 प्रतिशत मार्क्स अन्य विषयों जैसे गणित, सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, विज्ञान और कंप्यूटर से पूछे जाएंगे। इससे यह भी साफ हो गया कि कंप्यूटर नॉलेज इस बार एग्जाम का अहम हिस्सा बनने जा रही है।

    यूट्यूबर और कोचिंग सेंटर को चेतावनी

    हिम्मत सिंह ने यूट्यूब और कोचिंग सेंटर चलाने वालों से अपील की कि वे परीक्षा का विश्लेषण तभी करें जब सभी चारों शिफ्ट के पेपर समाप्त हो जाएं। इससे पहले पेपर का एनालिसिस करना गलत होगा और इससे उम्मीदवारों में भ्रम फैलेगा। उन्होंने सभी को संयम और जिम्मेदारी से काम लेने को कहा ताकि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।